हजारों विद्युत कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार का समर्थन
कार्य बहिष्कार के समर्थन में आवास विकास पहुंचे जिले के हजारों विद्युतकर्मी
जिले के 18 सरकारी विभागों के संगठनों ने किया समर्थन
गिरफ्तारी पर अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ जेल भरो आन्दोलन की चेतावनी

बिजनौर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय, आवास विकास कालोनी, बिजनौर पर चल रहे बिजलीकर्मियों के कार्य बहिष्कार के समर्थन में जिले के लगभग 1000 विद्युतकर्मी सम्मिलित हुए। आज के कार्य बहिष्कार में 18 सरकारी विभागों के संगठन के जिला अध्यक्ष/सचिव द्वारा समर्थन दिया गया और धरना स्थल पर उपस्थित होकर सम्बोधित करने के साथ ही विद्युतकर्मियों को समर्थन देने हेतु पूर्ण आश्वासन दिया गया। लगभग समस्त विद्युत उपकेन्द्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि शान्तिपूर्ण आन्दोलन के दौरान किसी भी बिजलीकर्मी को गिरफ्तार किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ जेल भरो आन्दोलन शुरू कर दिया जाएगा। उप्र के बिजलीकर्मियों की 72 घण्टे की हड़ताल रात 10 बजे से प्रारम्भ होगी।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते के क्रियान्वयन के प्रति ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन के नकारात्मक एवं हठवादी रवैये के चलते बिजलीकर्मियों को आज रात 10 बजे से 72 घण्टे की सांकेतिक हड़ताल पर जाने हेतु बाध्य होना पड़ेगा। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रीसिटी इम्प्लॉइज एण्ड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) के आह्वान पर उप्र के बिजलीकर्मियों की हड़ताल के समर्थन में आज देश के सभी प्रान्तों में लाखों बिजलीकर्मी सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

एनसीसीओईईई के राष्ट्रीय संयोजक प्रशान्त चौधरी, ऑल इण्डिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल पी. रत्नाकर राव, ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी ने आज लखनऊ पहुंच कर बिजलीकर्मियों की सभा को सम्बोधित किया। एनसीसीओईईई के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण ढंग से आन्दोलन कर रहे बिजलीकर्मियों का किसी भी प्रकार से उत्पीड़न किया गया तो देश के अन्य प्रांतों के 27 लाख बिजलीकर्मी मूकदर्शक नहीं रहेंगे और ऐसे किसी भी दमनकारी कदम का देशभर में सशक्त प्रतिकार किया जायेगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने एक बार पुनः दोहराया कि ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन की हठवादिता के चलते बिजलीकर्मियों को हड़ताल पर जाने हेतु बाध्य होना पड़ रहा है। समझौते के कुछ प्रमुख बिन्दुओं में बनी सहमति के अनुसार ऊर्जा निगमों के चेयरमैन एवं प्रबन्ध निदेशक का चयन समिति के द्वारा किया जाना, पूर्व की तरह मिल रहे तीन पदोन्नति पदों के समयबद्ध वेतनमान के आदेश किया जाना, बिजली कर्मियों के लिए पावर सेक्टर इम्प्लॉईज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाना, पारेषण के विद्युत उपकेन्द्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण की आउटसोर्सिंग को बन्द करना, नये विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण पारेषण निगम से कराया जाना, निविदा / संविदा कर्मियों को अलग-अलग निगमों में मिल रहे मानदेय की विसंगति दूर कर समान मानदेय दिया जाना, भत्तों के पुनरीक्षण एवं वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाना प्रमुख है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाले विद्युत उत्पादन निगम को ओबरा एवं अनपरा में 800, 800 मेगा वाट की 2. 2 इकाईयां प्रदान किया जाना बिजलीकर्मियों की मुख्य मांग है।
संघर्ष समिति के मुख्य पदाधिकारियों राजेन्द्र प्रसाद, निरंजन कुमार सिंह, अरूण कुमार, वीरेन्द्र कुमार अमरीश कुमार विरेन्द्र पाठक, एके पाण्डेय, धर्मेन्द आनन्द, संदीप श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, मनोज शर्मा, दिनेश अग्रवाल, आरपी सिंह, दयाशंकर यादव, विक्रम सिंह, तरगं शर्मा, तुषार राय, विकास कुमार, संजय सिंह यादव, जोनित गुर्जर, बीएस यादव, रामकेश, मलखान सिंह, दीपक शर्मा, सचिन रस्तौगी, आफताब आलम, अरविन्द बिन्द, दिनेश कुमार गुप्ता, अभय कुमार सिंह, अजय शर्मा, रंजीत मौर्य, नूतन प्रकाश, लोकेन्द्र सिंह, सुनील कुमार, अमित गौड़, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, राज कुमार, प्रमोद, मुकेश एवं सतीश ने सभा को सम्बोधित किया।
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