तकनीकी कमी आने के कारण कई बिजलीघरों के फीडरों की आपूर्ति बाधित
उपभोक्ताओं को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
बिजनौर। विद्युत कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। तकनीकी कमी आने के कारण कई बिजलीघरों के फीडरों की आपूर्ति बाधित हो गई। फील्ड स्टाफ भी हड़ताल पर होने से लाइनें सही नहीं हुई, जिस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति बिजनौर के बैनर तले कार्य बहिष्कार शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। हजारों विद्युतकर्मी आवास विकास स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां कर्मचारियों व अधिकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने पर वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते के क्रियान्वयन के प्रति ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के नकारात्मक एवं हठधर्मी रवैये के चलते बिजलीकर्मियों को आंदोलन को बाध्य होना पड़ा। बिजलीकर्मियों की प्रदेश के सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाले विद्युत उत्पादन निगम को ओबरा एवं अनपरा में 800-800 मेगा वाट की 2-2 इकाइयां प्रदान किया जाना मुख्य मांग है।

धरने में राजेंद्र प्रसाद, निरंजन कुमार सिंह, अरुण कुमार, वीरेंद्र कुमार, अमरीश कुमार, धर्मेंद्र आनंद, संदीप श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, सचिन रस्तोगी, नूतन प्रकाश, जितेंद्र सिंह, संजय सिंह यादव, आफताब आलम, सुनील कुमार, अमित गौड़, प्रमोद, मुकेश, नूतन प्रकाश, सचिन रस्तौगी आदि शामिल हुए।

टूटा खंभा तो चिंतित हुए लोग~ बिजनौर। आवास विकास बिजली घर से निकलने वाले फीडर का खंभा एक वाहन की टक्कर से टूट गया। 11 हजार की लाइन के खंभे पर एक व तीन फीडर की लाइन जा रही है। वहीं रात करीब 10 बजे खंभा टूटने से दोनों फीडर की आपूर्ति बंद हो गई। लोग परेशान हो उठे। लोगों ने समझा कि हड़ताल के कारण बिजली चली गई है किंतु बाद में पता चला कि खम्भा टूटने के कारण विद्युत सप्लाई प्रभावित हुई है। सूचना पर पहुंचे एसडीओ प्रथम प्रदीप कुमार ने फील्ड स्टाफ के साथ लगकर टूटे खंबे की जगह नया खंभा लगाने का काम शुरू कर दिया।
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