newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

अब हर तीन महीने पर गोपनीय जांच, 100 टीमें गठित 

बेसिक शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचारी बाबूओं और बीईओ की आय से अधिक संपत्ति की होगी जांच

25 खंड शिक्षा अधिकारियों व 6 लिपिकों के खिलाफ भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति की जांच

लखनऊ। परिषदीय स्कूलों में फर्जी शिक्षकों की भर्ती समेत, शिक्षकों को अवकाश, चयन वेतनमान को एसीपी का लाभ देने और स्कूलों को मान्यता देने में घूस लेने वाले 25 खंड शिक्षा अधिकारियों व 6 लिपिकों के खिलाफ भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति की जांच की जाएगी।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के एडीजी राजा श्रीवास्तव से महानिदेशक, स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने गोपनीय पत्र भेजकर जांच कराने की सिफारिश की है।
सूची में हरदोई के बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात बाबू अनुपम मिश्रा और प्रवीण मिश्रा पर भी आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। फर्जी शिक्षक भर्ती के दौरान इनके ही द्वारा हेरफेर कर अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे थे। साथ ही मैटरनिटी लीव से लेकर, एरियर या सैलरी बहाली के मामले में दोनों बाबूओं ने जमकर भ्रष्टाचार किया। इसकी शिकायत भी कई बार बीएसए से लेकर शासन तक की गई। जिसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने इस मामले को लेकर गंभीरता दिखाई। सरकार की जीरो टालरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के तहत परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों में काम कराने के लिए घूस न देनी पड़े। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से प्रत्येक ब्लाक में शिक्षकों से काल सेंटर के माध्यम से बात की गई। नाम गोपनीय रखा गया और उनसे फीडबैक लिया गया कि क्या विभागीय सेवाओं के नाम पर उनसे धन की अनुचित मांग की जाती है। क्या घूस न देने पर उनका शोषण किया जाता है और क्या सेवाओं में कटौती की जाती है। शिक्षकों के आरोपों को क्रास चेक करने के लिए विभाग ने गोपनीय जांच की तो उसमें भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई। साथ ही इनकी संपत्ति आय से कहीं अधिक है।

“भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की जोरो टालरेंस नीति को सख्ती से लागू कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मृतक आश्रितों की नियुक्ति से संबंधित सारा कार्य अनलाइन माध्यम से किए जाने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। शिक्षकों व कर्मियों का अनावश्यक शोषण और उनसे घूस लेने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।”

विजय किरन आनंद, महानिदेशक स्कूल शिक्षा

ये हैं वो होनहार भ्रष्टाचारी बीईओ और लिपिक~

जिन 25 बीईओ पर भ्रष्टाचार के आरोप की जांच होगी उनमें अंबेडकर नगर के हरि गोविंद सिंह, अमेठी के शैलेन्द्र सिंह, आजमगढ़ के संतोष कुमार तिवारी व राजेश कुमार, बागपत के विजेन्द्र कुमार, बरेली के अवनीश कुमार व शशांक शेखर मिश्रा, भदोही के आशीष मिश्रा, गौतमबुद्ध नगर के अजहर आलम व प्रवीन, गोरखपुर के प्रभात श्रीवास्तव, चंद्र शेखर चौरसिया व श्रीनारायण मिश्रा, जौनपुर के अविनाश सिंह, कुशीनगर के अनिल कुमार मिश्रा, मथुरा की नीतू, मऊ के बलिराम, गाजीपुर के सावन दुबे, मेरठ के राहुल धामा, प्रयागराज के कैलाश सिंह, विनोद मिश्रा, राजीव प्रताप सिंह व राजेश यादव और मथुरा के जितेन्द्र सिंह शामिल हैं।

जिन छह लिपिकों पर घूस लेने का आरोप है उनमें हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अनुपम मिश्रा व कनिष्ठ लिपिक प्रवीन मिश्रा, महाराजगंज बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ सहायक यशवंत सिंह, प्रयागराज में बेसिक शिक्षा निदेशालय के कनिष्ठ सहायक अभ्युदय शुक्ला, बीएसए लखीमपुर कार्यालय के वरिष्ठ सहायक संतोष वर्मा और सहारनपुर के जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के कनिष्ठ सहायक परिश्रम सैनी शामिल हैं।

अब हर तीन महीने पर गोपनीय जांच, 100 टीमें गठित

परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों से अवकाश, बाल्यकाल अवकाश, चयन वेतनमान के साथ-साथ स्कूलों को मान्यता देने के कार्य में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद सख्ती और बढ़ा दी गई है। 25 खंड शिक्षा अधिकारियों व छह लिपिकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन से जांच की सिफारिश किए जाने के बाद अब हर तीन महीने पर गोपनीय जांच का निर्णय लिया गया है। 100 टीमें इसके लिए गठित की गई हैं।


प्रत्येक टीम में दो-दो सदस्य हैं और इनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से शिक्षकों से फीडबैक लेने की व्यवस्था को और प्रभावी तरीके से लागू कराया जाएगा। हर ब्लाक में काल सेंटर की मदद से शिक्षकों से सवाल-जवाब के माध्यम से चिह्नित किए गए अधिकारियों व कर्मचारियों की इन टीमों की मदद से गोपनीय जांच कर सत्यता का पता लगाया जाएगा। घूस लेने के आरोपितों आय व संपत्ति के ब्योरे के आधार पर उन पर शिकंजा कसा जाएगा। शिक्षकों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन से जांच कराई जाएगी और आय से अधिक संपत्ति जब्त होगी।

Posted in ,

Leave a comment