जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने वसूली के वास्तविक देयकों के सापेक्ष वसूली करने, आरसी को लम्बित न रखने, वसूल कार्य के सत्यापन करने तथा पाक्षिक रूप से आरसी वसूली एवं अमीनों की कारगुजारी की समीक्षा करने के लिए उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को दिए निर्देश।
सूची तैयार कर बड़े बकायादारों से प्रभावी रूप से करें राजस्व वसूली: डीएम

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आरसी के प्रकरणों में सख्ती बरतें और संबंधित से शतप्रतिशत वसूली करना सुनिश्चित करें। उनके द्वारा बैठक में समस्त तहसीलदार एवं उप जिलाधिकारियों के साथ वसूली सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के निस्तारण पर चर्चा की गयी। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि वसूली कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी कर करेत्तर से संबंधित विभागीय लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करें और प्रर्वतन कार्य में गतिशीलता लाते हुए प्रभावी कार्य करें, ताकि किसी भी स्तर पर करापवंचन का कार्य किया जाना सम्भव न हो सके। उन्होंने उप जिलाधिकारी तथा विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़े बकायादारों की सूची तैयार करें और प्रभावी रूप से राजस्व वसूली की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागर में आयोजित राजस्व वसूली बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व वसूली का कार्य पूरी गंभीरता और सजगता के साथ सम्पादित किया जाए और लक्ष्य के सापेक्ष मासिक और वार्षिक प्रगति सुनिश्चित की जाए। किसी भी अवस्था में करापवंचन न होने पाए। उन्होंने राजस्व से संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी गंभीरता के साथ वसूली के लक्ष्य को शत प्रतिशत रूप से पूरा करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि कोई भी आरसी दबी हुई न पाई जानी चाहिए तथा राजस्व वसूली के वास्तविक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी आरसी की वसूली एवं अमीनों की कारगुजारी की पाक्षिक रूप नियमित समीक्षा करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो अमीन अपने लक्ष्य को पूरा न करे अथवा कार्य में शिथिलता बरतें उनके विरूद्व कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि निर्धारित दायरे के सापेक्ष न्यायिक कार्य करना सुनिश्चित करें और अनावश्यक रूप से कोई भी वाद लम्बित न रखें। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से न्यायिक कार्य न करने से एक ओर वाद लम्बित होते हैं, वहीं आमजन को न्याय न मिलने से असंतोष भी उत्पन्न होता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए प्रत्येक तहसीलदार दाखिल दफ़तर होने वाली पत्रावलियों का समयबद्वता के साथ निस्तारण करें और नियमित रूप से कोर्ट कार्य कर पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप वादों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वि/रा अरविन्द कुमार सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार तथा राजस्व से संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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