यूपी निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की स्वीकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार समयबद्ध ढंग से नगरीय निकाय चुनाव कराने हेतु प्रतिबद्ध

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने निकाय चुनाव को लेकर योगी सरकार द्वारा बनाए गए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। साथ ही दो दिन के भीतर निकाय चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करने की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से निकाय चुनाव में ओबीसी के आरक्षण को बाधित करने के विपक्ष के मंसूबों को करारा झटका लगा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ओबीसी आयोग की रिपोर्ट स्वीकार कर ओबीसी आरक्षण के साथ नगरीय निकाय चुनाव कराने का आदेश स्वागत योग्य है। सीएम ने कहा कि सरकार ओबीसी आरक्षण हेतु प्रतिबद्ध थी एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये समय सीमा के भीतर ही सारी कार्यवाही कर ली। उन्होंने कहा कि विधि सम्मत तरीके से आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार समयबद्ध ढंग से नगरीय निकाय चुनाव कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

हाईकोर्ट ने बिना ओबीसी आरक्षण के तत्काल निकाय चुनाव कराने का निर्णय दिया था, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया था कि प्रदेश सरकार दलित, पिछड़ा समेत समाज के सभी वर्गों के लिए समर्पित है। बिना भेदभाव के सबका साथ-सबका विकास की भावना के साथ कार्य कर रही है। हम बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव नहीं कराएंगे। इसके बाद सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन किया और हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के तत्काल चुनाव कराने के आदेश पर रोक लगाते हुए ओबीसी आरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए गठित आयोग को 31 मार्च के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। आयोग ने 75 जिलों का दौरा और सर्वे के बाद नौ मार्च को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। वहीं आयोग की रिपोर्ट और सिफारिशों को सरकार ने 15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार्य कर लिया साथ ही ओबीसी आरक्षण के साथ निकाय चुनाव कराने की अनुमति दे दी।
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