उधार के पांच लाख रुपए वापस मांगने पर मुकेश को गंवानी पड़ी थी अपनी जान
मुकेश हत्याकांड: मुख्य अभियुक्त के भाई- बहन भी गिरफ्तार
वसीम व दो अन्य लोगों के अलावा उसका भाई व बहन भी थे मुकेश हत्याकांड की प्लानिंग में शामिल
Report by~shahid raja khan

बिजनौर। बढ़ापुर के किराना व्यापारी मुकेश कुमार हत्याकांड में पुलिस ने दो और गिरफ्तारियां करते हुए हत्या के मुख्य अभियुक्त के भाई- बहन को गिरफ्तार कर हत्या की योजना में शामिल होने के आरोप मे उनका चालान कर दिया है।
गौरतलब है कि गांव जमालपुर ढीकली निवासी मुकेश कुमार नगर मे थोक किराना व्यापारी था। गत 21 मार्च को वह अचानक लापता हो गया था। अगले दिन 22 मार्च को उसका शव बढ़ापुर- शाहअलीपुर मार्ग पर गगन ईट भट्टे के पास खेत में पड़ा हुआ मिला था। पुलिस ने घटना की जांच के 12 घंटे बाद ही स्थानीय मुहल्ला लाल सराय निवासी वसीम अहमद पुत्र तस्लीम व उसके ईट भट्टे पर काम करने वाले दो मजदूरों को गिरफ्तार मुकेश कुमार की हत्या करने के आरोप में उनका चालान कर दिया था। घटना का खुलासा करते हुए स्थानीय पुलिस ने कहा था कि हत्या के मुख्य अभियुक्त वसीम अहमद ने मृतक मुकेश कुमार से 5 लाख रुपए उधार लिए थे। रुपए वापस करने का तकादा किए जाने पर वसीम अहमद ने 21 मार्च को मुकेश कुमार को रुपए वापस करने व दावत के बहाने घर पर बुलाकर ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूरों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद उसके शव को स्विफ्ट डिजायर कार में लादकर एक खेत में फेंक आया था। पुलिस ने हत्या के मुख्य अभियुक्त वसीम व ईट भट्टे पर काम करने वाले दो मजदूरों का चालान कर दिया था। शनिवार को पुलिस ने हत्या के मुख्य अभियुक्त वसीम के छोटे भाई आमिर तथा बहन शाजिया को गिरफ्तार कर दोनों का चालान कर दिया है। आमिर व शाजिया की गिरफ्तारी के संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार तोमर ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि मुकेश कुमार हत्याकांड में वसीम व दो अन्य लोगों के अलावा वसीम का भाई आमिर व बहन शाजिया भी हत्या की प्लानिंग में शामिल थे।

21 मार्च को लापता कारोबारी का शव अगले दिन थाना क्षेत्र के एक गांव से मिलने के बाद पुलिस ने चंद घंटों में ही हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर ढिकली निवासी पूर्व ग्राम प्रधान कुंवर रामकुमार सिंह का पुत्र मुकेश कुमार नगर के मोहल्ला हरिजन बस्ती स्थित अपनी किराना दुकान बंद कर गया था। इसके बाद से वह लापता था। अगले दिन मुकेश की बाइक नकटा नदी के समीप एक नाले से बरामद होने के बाद देर शाम पुलिस ने थाना क्षेत्र के गांव अब्दुल्लापुर कुरेशी के पास मुकेश का शव बरामद कर लिया था।

अपर पुलिस अधीक्षक राम अर्ज ने विशेष रणनीति बनाते हुए पुलिस को निर्देश दिए। पुलिस ने देर रात मोहल्ला लाल सराय निवासी वसीम पुत्र तसलीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। बताया गया कि वसीम के ऊपर मुकेश का क़रीब 5 लाख रुपया बकाया था। इस कारण मुकेश व वसीम के बीच पैसों को लेकर गाली गलौज हुई थी। खिन्न होकर वसीम ने मुकेश की हत्या का प्लान तैयार कर लिया औऱ मुकेश को अपने घेर पर दावत के बहाने बुला लिया। वहीं पर भट्टे पर काम करने वाले हिसामुद्दीन पुत्र निसार निवासी ग्राम गंगोला थाना दातागंज जनपद बदायूं व हसिनुल पुत्र जैनुद्दीन निवासी ग्राम पुरैनी थाना दातागंज जनपद बदायूँ के साथ मिलकर मुकेश की हत्या कर दी। मुकेश की हत्या का खुलासा करने वाली टीम में शामिल थाना प्रभारी निरीक्षण अनुज कुमार तोमर, उपनिरीक्षक शीशपाल सिंह, ब्रजराज सिंह, हेड कॉन्स्टेबल सोबरन, दीनदयाल, सुमित पंवार, गौरव पुंडीर, चिंटू कुमार आदि की फौरी कार्रवाई की सभी ने तारीफ की।
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