केस 1. बकायदा अर्थी सजाकर शमशान ले जाते हैं शराब निर्माण का सामान। चिता जलाकर बनाते हैं शराब।
केस 2. सायरन बजाती एंबुलेंस को नहीं रोकती पुलिस। बीमार बन कर लेटी रहती है महिला तस्कर।
कहीं एंबुलेंस से स्मग्लिंग तो कहीं चिता पर शमशान में बन रही शराब
नई दिल्ली। अवैध शराब निर्माण और तस्करी करने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कहीं शराब निर्माण का सामान बकायदा अर्थी सजाकर शमशान ले जाया जा रहा है तो कहीं एंबुलेंस की आड़ में शराब तस्करी हो रही है। बिहार और उत्तराखंड पुलिस ने ऐसे दो अलग अलग हैरतअंगेज मामलों का पर्दाफाश किया है।

केस 1. पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में शराब बनाने की सनसनीखेज रणनीति का खुलासा पुलिस ने किया है। मुजफ्फरपुर में सदर थाना पुलिस गुप्त सूचना पर एक शमशान में पहुंची तो दंग रह गई। शमशान में चिता जला रहे लोग भागने लगे। पास जाने पर पता चला किसी से दूर से लोग जिसे चिता समझ रहे थे, वह शराब की भट्टी थी। माफिया चिता की आड़ में नशे की दवा तैयार कर रहे थे। मामला सदर थाना क्षेत्र के माधोपुर सुस्ता श्मशान घाट की है।
रोज विधि विधान के साथ लेकर जाते हैं लाश और पूरी रात रहते हैं शमशान में

पुलिस को 29 मार्च को गुप्त सूचना मिली कि शमशान में कुछ निश्चित लोग रोज विधि विधान के साथ लाश लेकर जाते हैं और पूरी रात वहीं रहते हैं। पुलिस को किसी साजिश की आशंका हुई। शराब की भट्टी से अनजान पुलिस दल बल के साथ शमशान में पहुंची तो लोग भागने लगे। पास जाने पर पता चला शराब माफिया शमशान का उपयोग दारू भट्टी के रूप में कर रहे हैं। पुलिस ने तत्काल मौके से शराब बनाने के सामानों को जब्त कर लिया। अगले दिन में फिर से सदर थाना पुलिस शमशान पहुंची और भारी मात्रा में छिपाई गई तैयार देसी शराब और उसकी सामग्री बरामद की गई। सदर थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि लोगों को चकमा देकर माफिया देसी शराब बना रहे थे। मौके से दो गैस सिलेंडर, चूल्हा, स्टीम बर्तन, पाइप, घोल जब्त किया गया है। पुलिस ने बताया कि किसी को शक नहीं हो इसलिए माफिया चिता की शक्ल में शराब बनाने की सामग्री ले जाते थे और अपना धंधा चलाते थे। पुलिस आस-पास के गांव में छापेमारी कर रही है। गांव से कई लोग फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने कारोबारियों को चिन्हित कर लिया है।
केस 2. उत्तराखंड में भी रानीपोखरी थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जोकि एंबुलेंस की आड़ में शराब तस्करी कर रहा था। एंबुलेंस में महिला को लिटाकर ले जाया जा रहा था। जब एंबुलेंस की चेकिंग की गई तो उसमें 20 पेटी शराब बरामद हुई। पुलिस ने महिला सहित चार को गिरफ्तार कर लिया है।
सायरन बजाते हुए पहुंची एंबुलेंस को रोका तो हुआ खुलासा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि 30 मार्च की रात को रानीपोखरी के थानाध्यक्ष शिशुपाल राणा पुलिस पार्टी सहित वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एंबुलेंस सायरन बजाते हुए पहुंची। एंबुलेंस को रुकने का इशारा कर बिना वजह सायरन बजाने का कारण पूछा तो चालक पुलिस को देख घबरा गया। एंबुलेंस की चेकिंग की गई तो उसमें से एक महिला लेटी हुई दिखी, जोकि संदिग्ध लग रही थी। एंबुलेंस की तलाशी के दौरान उसमें से 20 पेटी शराब बरामद हुई। शराब देहरादून से ऋषिकेश ले जाई जा रही थी।
पुलिस से बचने को एंबुलेंस का इस्तेमाल

आरोपितों की पहचान रवीना भटनागर निवासी कुमारवाड़ा आदर्श ग्राम ऋषिकेश, अभिषेक निवासी वाल्मीकि बस्ती रेलवे रोड ऋषिकेश, प्रिंस निवासी बापूग्राम ऋषिकेश और सनी निवासी वीरभद्र ऋषिकेश के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष रानीपोखरी शिशुपाल राणा ने बताया कि आरोपित रवीना भटनागर के खिलाफ पहले भी शराब तस्करी के मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह लंबे समय से शराब तस्करी के धंधे से जुड़े हुए हैं। एंबुलेंस को पुलिस बहुत कम रोकती है, इसलिए उन्होंने एंबुलेंस का सहारा लिया था।
पहले गांजे की तस्करी करती थी रवीना
बताया जा रहा है कि महिला रवीना की पहले अपनी एंबुलेंस थी, जिससे वह गांजे की तस्करी करती थी। कुछ लोगों ने उसे गांजा तस्करी में पकड़ा और एंबुलेंस तोड़ दी। इसके बाद उसने एंबुलेंस चालक अभिषेक से संपर्क किया, और उसकी एंबुलेंस से शराब तस्करी शुरू करने की योजना बनाई।
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