newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

गाजियाबाद में लोहिया नगर निवासी मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत युवक हुआ शिकार

कार लोन कराने का झांसा देकर दो शातिरों ने ठगे पांच लाख रुपए

गाजियाबाद। बैंक ऑफ बड़ौदा से कार लोन कराने का झांसा देकर फाइनेंस कंपनी एजेंट बने दो शातिरों ने पांच लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगी का शिकार लोहिया नगर निवासी मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत एक युवक है। पीड़ित ने अपने साथ हुई ठगी की लिखित तहरीर साइबर सेल को दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सीसीटीवी में कैद गाजियाबाद के लोहिया नगर में पैदल जाते कथित फाइनेंस कंपनी एजेंट

साइबर सेल को दी शिकायत में गाजियाबाद के लोहिया नगर निवासी निखिल भटनागर ने बताया कि वह मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत है। उसने कार लेने के लिए शाइन हुंडई शोरूम में संपर्क किया था। वहां उसने कार बुक करने की फीस के एवज में 11 हजार रुपए जमा कर दिए। शोरूम स्टाफ ने कार लोन कराने की बात कही। वहां पर कार हैंडओवर होने में देरी के कारण उसने दूसरे शो रूम से संपर्क साधा, लेकिन वहां भी डिलिवरी में देरी की बात बताई गई। इस बीच 07 अप्रैल को एक व्यक्ति ने 8920394589 से निखिल के मोबाइल पर कॉल की। उसने अपना नाम महेश बताते हुए कहा कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा में फाइनेंस का काम देखता है और कार लोन करा देगा। निखिल के अनुसार उसे उक्त व्यक्ति पर किसी प्रकार का शक नहीं हुआ। 12 अप्रैल को उसी व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट मांगा, जो उसे भेज दिया गया।

पीड़ित के अनुसार 14 अप्रैल को दो लोग एड्रेस वेरिफिकेशन और डॉक्यूमेंट कलेक्ट करने के लिए गाजियाबाद के लोहिया नगर स्थित उसके घर आए। इसके बाद उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, सैलरी स्लिप और एचडीएफसी बैंक के तीन चैक लिए। इनमें से एक क्रॉस चैक था और बाकी दोनों में ढ़ाई ढ़ाई लाख रुपए की रकम भरी गई थी। इसके अलावा व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर एक एप डाउनलोड कराया। अगले दिन लोन अप्रूव होने की बात कहकर वो लोग चले गए।

बकौल निखिल भटनागर, 17 अप्रैल की सुबह उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। कस्टमर केयर से पता चला कि नंबर बार्ड हो गया है। शक होने पर अपना अकाउंट चैक किया तो मालूम हुआ कि उसके बैंक खाते से पांच लाख रुपए निकाले जा चुके हैं। इस पर कथित महेश के मोबाइल नंबर 8920394589 पर कॉल की तो वह स्विच ऑफ था। मामले की लिखित तहरीर गाजियाबाद कमिश्नरेट के साइबर सेल को दे दी गई। पुलिस एवं व्यक्तिगत रूप से की गई जांच में पता चला है कि उक्त पांच लाख रुपए की रकम राजस्थान के जयपुर स्थित आईसीआईसीआई बैंक की एक शाखा से निकाली जा चुकी हैं। पीड़ित के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में उक्त दोनों ठग पैदल ही कॉलोनी के बाहर की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं। अब अन्य सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालकर उनके द्वारा मौके से फरार होते समय प्रयोग में लाए गए वाहन की जानकारी जुटाई जा रही है।

सिर्फ क्रॉस चैक पर लिए थे साइन~ पीड़ित निखिल भटनागर ने बताया कि कथित महेश नामक ठग और उसके साथी की बातचीत के लहजे और पहनावे से उन पर बिल्कुल भी शक नहीं हुआ। उन लोगों ने मोबाइल पर किसी से कहा कि यह कार लोन वह करा रहे हैं। निखिल ने बताया कि उसने एक क्रॉस चैक पर अपने हस्ताक्षर किए थे। जिन दो चैक में ढ़ाई~ढ़ाई लाख रुपए की रकम भरी थी, उन पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

क्लोन कर लिया फोन? संभावना जताई जा रही है कि शातिर ठगों ने निखिल का मोबाइल क्लोन कर लिया। जयपुर के बैंक में जब चैक लगाने पर कंफर्मेशन कॉल आई होगी तो उन लोगों ने ही रिसीव की होगी। इसी तरह रकम निकासी का मैसेज भी ठगों के पास हो पहुंचा होगा।

लोन कराने की बात ठगों को कैसे पता? विचारणीय प्रश्न यह है कि कार खरीदने के लिए लोन कराने की बात ठगों को कैसे पता चली? संभावना जताई जा रही है कि शाइन हुंडई मोटर शोरूम के किसी कर्मचारी की मिलीभगत से इस धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया गया होगा? जब कार लेने वाले ने लोन कराने के लिए किसी बैंक से संपर्क ही नहीं किया तो उक्त ठगों को कैसे पता चला! फाइल शाइन हुंडई मोटर शोरूम पर ही बनी थी। हालांकि शोरूम वाले इस बात से पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस की कड़ी पूछताछ में पूरा षड्यंत्र खुल जायेगा।

Posted in , ,

Leave a comment