मुख्यमंत्री के गृह जनपद से मानवता को शर्मसार करती खबर
मध्य प्रदेश में सीहोर जिले की विधानसभा बुधनी का मामला
पोस्टमॉर्टम कराने कचरा गाड़ी से ले जाना पड़ा पत्नी का शव
सीहोर, मध्य प्रदेश (एजेंसियां)। शव वाहन नहीं मिलने पर एक पति को अपनी पत्नी को कचरा ढोने वाली गाड़ी से पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाना पड़ा। इस घटना के साथ ही एक बार फिर सीहोर जिला चर्चा में आ गया है। इस मामले में नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि उनके पास शव वाहन नहीं हैं। इसलिए इस तरह की असुविधा होती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि सीएम के क्षेत्र के हालात ऐसे हैं तो अन्य जिलों की क्या स्थिति होगी। यहां के लोगों का कहना है कि जब जिंदा लोगों के लिए नि:शुल्क एम्बुलेंस की व्यवस्था है, तो फिर मौत के बाद लाश की इतनी बेइज्जती क्यों? सीहोर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है। मामला सुर्खियों में तब आया जब किसी ने कचरा गाड़ी में शव ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
एक साल पहले की थी लव मैरिज
सीहोर जिले के बुधनी निवासी पुरुषोत्तम केवट ने बताया कि वह अपनी पत्नी काजल के साथ किराए के घर में रहते थे। साल भर पहले ही दोनों ने लव मैरिज की थी। प्राइवेट कंपनी में कार्यरत काजल का शव 25 मई को फंदे पर लटका मिला था। काजल के शव को बुधनी नगर परिषद की कचरा गाड़ी से पोस्टमार्टम कराने अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसके बाद लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं। इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बुधनी शशांक गुर्जर का कहना है कि नवविवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। शाहगंज की रहने वाली युवती की शादी करीब दो साल पहले हुई थी, लेकिन वर्तमान में बुधनी में रह रही थी।
चेयरपर्सन पति की बेतुकी दलील!
इस मामले में बुधनी नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता मालवीय के पति अर्जुन मालवीय कहते हैं कि इस क्षेत्र के लोग खुद अपनी ही गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए शव वाहन की जरूरत नहीं पड़ती। नगर परिषद की तरफ से ट्रॉली की व्यवस्था करा दी जाती है, लेकिन लोग मना कर देते हैं। हालांकि, जल्द ही शव वाहन की व्यवस्था हो जाएगी, क्योंकि स्वीकृति मिल चुकी है।

नई बात नहीं कचरा वाहन से शव ले जाना
पिछले साल 2022 में भी एक युवक ने ऑनलाइन गेम में पैसे हार जाने के बाद फांसी लगा ली थी। बताया गया है कि तब भी शव को नगर परिषद की कचरा गाड़ी में डालकर पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया था।
पीएम हाउस में बिजली नहीं, बाहर गंदगी का अंबार
डॉक्टर्स बताते हैं कि बिजली नहीं होने से पोस्टमॉर्टम करना मुश्किल हो जाता है। यहां किसी भी तरह की सुविधा नहीं है, लेकिन हम लोग भी लाचार हैं। पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर गंदगी का अंबार है और यहां आने तक कोई पक्की सड़क भी नहीं है। बारिश के दिनों में कीचड़ में घुसकर 200 मीटर तक जाना पड़ता है।
बुधनी से 5 बार विधायक चुने गए हैं शिवराज
सीहोर बुधनी से सीएम शिवराज सिंह चौहान 5 बार विधायक चुने जा चुके हैं। सबसे पहले वह 1990 में यहां से विधानसभा चुनाव जीते। इसके बाद 2005, 2008, 2013 और 2018 में वह यहीं से विधायक चुने गए। बुधनी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, मध्य प्रदेश राज्य के 230 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह विदिशा लोकसभा क्षेत्र का एक हिस्सा है। बुधनी (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 156) सीहोर जिले में स्थित 4 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है।
15 साल से सरकार में, लेकिन व्यवस्थाएं शून्य
कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संजय शर्मा कहते हैं कि पिछले 15 साल से सरकार में होने के बावजूद शिवराज सिंह बुधनी के विकास के मामले में उदासीन रहे हैं। अगर आप कमलनाथ या दिग्विजय सिंह के क्षेत्र में जाएंगे, तो वहां जितना विकास दिखेगा, वो इसके सामने न के बराबर है। अब वे नया अस्पताल खोल रहे हैं। मगर, क्या फायदा जब डॉक्टर ही नहीं होगा?
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