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कम उम्र में बाल सफेद होना एक समस्या: डॉ केके सैनी

बड़ों से ज्यादा हो रहे हैं बच्चों के बाल सफेद

अफजलगढ़। आजकल कम उम्र में ही बाल सफेद होना एक समस्या बन गई है। बहुत से लोग इस समस्या से परेशान हैं लेकिन किसी के पास सही जवाब नहीं है कि कम उम्र में सफेद बाल क्यों हो रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक बढ़ता पॉल्यूशन, खानपान में गड़बड़ी व तनाव बालों पर नेगेटिव असर डालते हैं। आमतौर पर बाल 50 की उम्र के बाद ही सफेद होते हैं लेकिन इन दिनों 20 से कम उम्र के बच्चों के बाल भी सफेद हो रहे हैं एक्सपर्ट का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ बालों के रोम छिद्र में रंग का उत्पादन कम हो जाता है, जिसकी वजह से ही इस तरह की परेशानी होती है।

डॉ. केके सैनी

बालों की समस्या को लेकर अफजलगढ़ (बिजनौर) स्थित फार्मा क्लीनिक एंड जच्चा बच्चा केंद्र के डॉ. केके सैनी ने बताया कि बालों के रोम वर्णक में यानी रंगों का उत्पादन करने वाली कोशिकाएं रहती है, ये मेलेनिन नाम का केमिकल बनाती हैं। यह केमिकल बालों को काला करने का काम करता है, जब उम्र बढ़ने लगती है तो ये कोशिकाएं भी मरने लगती है, मेलेनिन की कमी से बालों में प्रॉब्लम होने लगती है, इसी प्रॉब्लम से बाल सफेद या ग्रे होने लगते हैं। बाल कई कारणों से सफेद हो सकते हैं जैसे जेनेटिक कारण, विटामिल बी12 की कमी, न्यूरोफ्राइबोमेटोसिस, ऐसी बीमारियां जो आनुवांशिक तौर पर मिली हैं और नशा हड्डियों और स्किन को प्रभावित करती हैं। विटिलिगो की प्रॉब्लम, मतलब मेलानोसाइट्स का रंग खोना, एलोपेसिया एसरिडी की समस्या से बाल झड़ते हैं और सफेद होते हैं।

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