कुठौंद पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
प्रतिबंध के बावजूद मछली का शिकार जारी
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जालौन। प्रतिबंध के बावजूद अधिकारियों की मिली भगत से मछली का शिकार जारी है।
कुठौंद पुलिस द्वारा पकड़ी कई कुंटल मछली के दोषियों पर मामूली धाराओं में कार्यवाही पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। इस बीच कानूनी रोक के बावजूद मछली का शिकार कराने वालों के साथ ही दोषी अधिकारियों आदि के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग तेज हो गई है।

गौरतलब है कि इन दिनों मछलियों के प्रजनन का समय होता है। इसके बावजूद पूरे जिले में प्रतिदिन क्विटंलों मछलियां पकड़ कर लोग खूब मुनाफा कमा रहे हैं। बताया गया है कि थाना कुठौंद पुलिस ने चेकिंग के दौरान माधौगढ़ तिराहे से शनिवार सुबह प्रतिबंधित मछली से भरी पिकअप को पकड़ लिया था। गाड़ी में 12 गत्तों में बर्फ में लगी मछली बरामद की गई। पुलिस ने गाड़ी में सवार बिजुआपुर निवासी आनंद निषाद, चालक कुटरा मुस्तिकल निवासी कन्हैलालाल को हिरासत में ले लिया था। वहीं सूचना पर पहुंचीं मत्स्य अधिकारी दीपमाला सिंह, डॉ. मुनीष, प्रभारी निरीक्षक अखिलेश द्विवेदी की देखरेख में मछली की नीलामी 25 हजार रुपए में भानू निषाद के नाम कर दी गई। वहीं पुलिस ने पकड़े गए लोगों का चालान मामूली धाराओं में कर दिया। इन्हीं दोनों बातों को लेकर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग तेज हो गई है।
विभागीय अधिकारियों पर ठेकेदार का आरोप
ठेकेदार गंभीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग की मिलीभगत से प्रजनन के समय भी प्रतिदिन क्विटंलों की संख्या में मछलियां पकड़ी जा रही है। जो रुपए देते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
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