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बॉर्डर नजदीक होने के कारण नेपाल जाकर भारतीय खरीद रहे हैं सस्ती सब्जियां और टमाटर

25 रुपए प्रति किलो टमाटर ख़रीदने के लिए दौड़े लोग

नई दिल्ली (एजेंसी)। आजकल भारत में टमाटर की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं, तो उसके विपरीत नेपाल में सामान्य हैं। इसीलिए, नेपाल का सस्ता टमाटर पिथौरागढ़ से चम्पावत तक के लोगों और व्यापारियों को बहुत भा रहा है।

पूरे भारत में पिछले एक महीने से टमाटर की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। कई जगहों पर टमाटर के दाम 200 रुपए के पार चले गए हैं। ऐसे में नेपाल बॉर्डर नजदीक होने के कारण भारत के लोग वहां जाकर सस्ती सब्जियां और टमाटर खरीद रहे हैं। वहीं नेपाल के सब्जी कारोबारी इस मौके का फायदा उठाकर अपने देश के मुकाबले भारत के लोगों को थोड़ी महंगी बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। उसके बाद भी भारत के लोगों को नेपाल से भारत के मुकाबले सस्ता सामान मिल रहा है।

भारतीय बाजारों में बढ़ी टमाटर की कीमतें


नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में खेती के मामलों में अधिक संसाधन होने की वजह से, भारतीयों को कई सस्ती चीजें खरीदने को मिलती हैं। मौजूदा समय नेपाल में टमाटर की कीमत 25 से 30 रुपए प्रति किलो है, जबकि भारत के पिथौरागढ़ शहर में यह ग्रेडिंग के आधार पर 100 से 120 रुपए प्रति किलो है। भारत के दूरस्थ इलाकों में इस कीमत को 150 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने के पीछे बारिश की वजह से बिगड़ी हुई सड़कों और महंगाई को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वहीं नेपाल में, टमाटर की कीमत ग्रेडिंग के अनुसार केवल 25 से 35 रुपए प्रति किलो है।

नेपाली टमाटर की बढ़ी मांग

नेपाल के बाजार में टमाटर 25 से 30 रुपए प्रति किलो है। अधिकांश भारतीय व्यापारी नेपाल से टमाटर खरीद कर बेच रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं जो नेपाल नहीं जाते हुए भी वहां का सस्ता टमाटर खरीद रहे हैं। झूला घाट व्यापार संघ के महासचिव हरी बल्लभ भट्ट ने बताया कि अब हालात बदल गए हैं। पहले नेपाल भारत से टमाटर का आयात करता था, लेकिन अब नेपाल से भारत में हर दिन करीब 5 टन टमाटर का निर्यात हो रहा है।

टमाटर की कीमतों का तुलनात्मक विवरण

मिल रहे हैं टमाटर आधी कीमत पर

बॉर्डर के करीब धारचूला और बनबसा के रहने वाले लोग टमाटर के लिए नेपाल जा रहे हैं, जिनकी कीमत भारत में मौजूदा कीमत से लगभग आधी है। भारत में टमाटर 120 रुपए से 130 रुपए प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि इनकी कीमत लगभग 100 रुपए से 110 रुपए नेपाली रुपए (भारत में 62 रुपए से 69 रुपए) है। कुल मिलाकर नेपाल के कारोबारी सब्जियों से दोगुनी आय कमा रहे हैं। वहां के किसानों को पता है कि मानसून आमतौर पर भारत में सब्जियों की कीमतें बढ़ा देता है।

नेपाल सरकार की योजना

पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने किसानों को ‘अपनी फसलों में विविधता लाने’ के लिए प्रोत्साहित किया। लोगों से अनाज के बजाय सब्जियां उगाने के लिए कहा। नेपाल सरकार ने किसान ग्रुप बनाए, उन्हें बीज, उर्वरक और पॉलीहाउस उपलब्ध कराए और उन्हें कई कृषि सब्सिडी दी। अब, कई नेपाली किसान टमाटर सहित मौसमी और गैर-मौसमी सब्जियां उगाते हैं और अब भारत में फसल की ऊंची कीमतों से लाभान्वित हो रहे हैं। ये किसान फूलगोभी और पालक उगा रहे हैं और जब भी कमी होती है या कीमत बढ़ती है तो भारतीय बाजारों में सप्लाई करते हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में सीमा पार व्यापार आम बात है, जो नेपाल बॉर्डर के करीब हैं। दोनों तरफ के लोग दूसरे देश के बाजारों में जाने के लिए पुल पार करते हैं।

थोक में खरीदे जा रहे हैं टमाटर

पिथौरागढ़ के झूलाघाट व्यापारी संघ के प्रमुख सुरेंद्र कुमार ने कहा कि रेजिडेंट्स के अलावा, व्यापारियों ने भी नेपाल से टमाटर खरीदना शुरू कर दिया है। कुछ स्थानीय व्यापारियों ने हाल ही में 40 रुपए प्रति किलोग्राम की थोक दर पर थोक में टमाटर खरीदे। आम तौर पर आलू, प्याज आदि भारत से नेपाल भेजे जाते हैं क्योंकि हम इनकी अधिक खेती करते हैं।टमाटर खरीदने के लिए नेपाल जा रहे भारतीयो से नेपाली व्यापारी भारतीय रुपए में कारोबार करना पसंद करते हैं क्योंकि उनके लिए यह वैल्यू ज्यादा रखता है। पिथौरागढ़ की डीएम रीना जोशी ने कहा कि दोनों तरफ के लोग आमतौर पर बॉर्डर पार करते हैं और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदते हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन सामान की जांच करती हैं।

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