मां और मामा का आरोप बच्चों को घर में बंद कर दादी चली गई थी बाहर
घर से निकाले जाने के बाद चार साल से मायके में रह रही है मां
चार दिन से घर में बंद 8 साल के बच्चे की भूख प्यास से मौत!
बिजनौर। चार दिन से घर में बंद 8 साल के बच्चे की भूख प्यास से मौत हो गई! मृतक बच्चे के ननिहाल पक्ष के लोगों ने बच्चे की दादी पर कमरे में बंद कर कहीं जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर सीओ व शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत डाकघर चौराहे के समीप पामर गंज निवासी आरिफ की शादी 12 साल पहले मोहल्ला जुलाहान की शमा परवीन से हुई थी। दोनों के दो पुत्र हैं। बताया गया है कि 4 साल पहले आरिफ ने मारपीट कर शमा को घर से निकाल दिया था। तभी से शमा अपने मायके में रह रही है, जबकि उसके दोनों बच्चे समद (8 वर्ष) और अर्श (12 वर्ष) दादी और पिता के पास ही रह रहे थे। मृतक बच्चे की मां शमा परवीन और मामा शहनवाज ने बताया कि आरिफ दिल्ली में होटल पर नौकरी करता है और बच्चे अपनी दादी के पास रहते हैं। बच्चों के मामा शहनवाज ने आरोप लगाया कि दादी बुंदिया अक्सर कई दिन के लिए बच्चों को घर में बंद कर चली जाती है। दोनों बच्चे भूखे प्यासे घर में बन्द रहते हैं। चार दिन पहले भी दादी बच्चों को कमरे में बंद कर कहीं चली गई थी। बच्चे भूखे प्यासे थे, जिसके चलते 8 साल के समद की मौत हो गई है।

बच्चे के मामा ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उसका पिता आरिफ घर पर आया हुआ था, उसने और दादी ने बच्चे की पिटाई भी की थी! बच्चे की मौत की खबर सुनकर आसपास के काफी लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। वहीं मृतक बच्चे की दादी बुंदिया ने लोगों के पूछने पर सफाई दी कि बच्चा बेहोश हो गया था, उसे डॉक्टर के पास दिखाया गया था, तभी उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना पर सीओ सिटी अनिल सिंह, शहर कोतवाल जीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बच्चे के पिता को हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। शहर कोतवाल जीत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, मामले की जांच की जा रही है।
पिता ने ससुरालियों के आरोप को ठहराया झूठा

इस मामले में बच्चे के पिता आरिफ ने कहा कि वह दिल्ली में रहकर काम करता है। उसी के पैसों से घर का गुजारा चलता है। मंगलवार दोपहर समद की तबियत खराब हुई, तो उसकी मां बुंदिया (बच्चे की दादी) ने उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया और उसको भी सूचना दी। मंगलवार शाम उपचार के दौरान समद की मौत हो गई। आरिफ ने कहा कि उसके ससुराल वालों के सभी आरोप झूठे हैं। आरिफ का आरोप है कि समद और अर्श की मां चंद कदमों की दूरी पर अपने मायके में रहती है, लेकिन पिछले चार साल में बच्चों से मिलने तक नहीं आती थी। उसकी 65 वर्षीय मां ही बच्चों का ध्यान रखती थी।
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