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बरेली में बलवाई कावड़ियों पर लाठीचार्ज करने वाले एसएसपी प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफ़र कर दिया गया है, उन्होंने लाठीचार्ज के बाद बयान दिया था “कावड़ियों में कुछ लोग शराब के नशे में थे और उनके पास अवैध हथियार थे”

बरेली में कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के बाद SSP प्रभाकर चौधरी पर गिरी गाज, इंस्पेक्टर समेत दो निलंबित

सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया

बरेली (संजय सक्सेना)। शहर के जोगी नवादा में रविवार को कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के बाद शासन ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी को हटा दिया है। सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया है।

बरेली में पुराना शहर के मोहल्ला जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार को एक बार फिर बवाल हो गया था। पुलिस द्वारा कांवड़ियों पर लाठीचार्ज को शासन ने गंभीर मानते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी को हटा कर 32वीं पीएसी (लखनऊ) भेज दिया है। सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया है। वहीं बारादरी थाने के इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह और जोगी नवादा चौकी प्रभारी अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

बताया गया है कि रविवार सुबह से जारी रस्साकसी के बीच शाम पांच बजे एसएसपी प्रभाकर चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने पहले सख्ती दिखाते हुए भीड़ को बलपूर्वक हटाया, फिर लाठीचार्ज कर दिया। एसएसपी का दावा था कि अराजकतत्वों ने हवाई फायरिंग की, इस कारण लाठीचार्ज करना पड़ा। डीएम शिवाकांत द्विवेदी की मौजूदगी में हुए लाठीचार्ज में कांवड़ियों समेत कुछ महिलाएं भी घायल हुईं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर डीजे जब्त कर लिया गया।

मजूबर होकर चलवाई लाठी: एसएसपी
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि एक पक्ष को समझा दिया गया था। वह लोग गलियों में 150 मीटर अंदर चले गए थे। दूसरा पक्ष नई परंपरा शुरू करना चाहता था। मजबूरी में भीड़ को लाठी चलवाकर खदेड़ना पड़ा। पूरे घटनाक्रम का वीडियो व फुटेज मौजूद है। इसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

एक हफ्ते भी हुआ था बवाल:
जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा के दौरान पिछले रविवार को दो समुदाय के लोग आमने सामने आने के साथ ही पत्थरबाजी भी हुई थी। इस रविवार को चक महमूद से इसी इबादत स्थल के पास से होकर कांवड़ियों का जत्था निकालने की योजना थी। सुबह नौ बजे से ही तनातनी की माहौल बन गया। कांवड़िये डीजे के साथ इसी रास्ते से निकलने पर अड़े हुए थे तो दूसरे समुदाय ने नई परंपरा बताकर विरोध शुरू कर दिया। अधिकारी दोनों पक्षों को मनाने में जुटे रहे। बताया गया है कि शाम को दूसरे समुदाय के लोग इस बात पर राजी हो गए कि इबादत स्थल के पास डीजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कांवड़िये तैयार नहीं हुए। उनके साथ मौजूद महिलाओं ने पीलीभीत बाईपास पर धरना शुरू कर दिया। जाम लगने पर पहुंचे तो एसपी सिटी ने उन्हें मना भी लिया था। पुलिस ने जोगी नवादा की घटना के बाद मौके से कुछ कांवड़ियों व हंगामा करने वालों को हिरासत में लिया था। बारादरी थाने में करीब छह सात लोग पकड़ कर पूछताछ की जा रही थी। भाजपा सांसद गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल आदि ने उन्हें छुड़वा लिया था।

डीएम ने की अपील:
जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि बगैर अनुमति कांवड़िये जिस मार्ग से जत्था निकालना चाहते थे, उस पर दूसरा पक्ष सहमत नहीं था। समझाने पर दूसरा पक्ष बगैर डीजे बजाए जत्था निकालने पर मान गया था, पर कांवड़िये उसी मार्ग से डीजे बजाते हुए जाना चाहते थे। संगठन के पदाधिकारियों की बात भी नहीं मानी। अराजक होते माहौल में शांति व्यवस्था के लिए हल्का बल प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सावन शिव आराधना का पवित्र माह है। परंपरागत तरीके से धार्मिक आयोजन हों और जत्थे निकाले जाएं। प्रयास रहे कि किसी की भावनाएं आहत न हों।

दूसरे पक्ष से दरोगा इसरार व ललित ने की वार्ता

दरोगा इसरार अली व ललित कुमार ने दूसरे पक्ष के साथ बैठक की। पूर्व पार्षद शराफत अल्वी, सलीम अल्वी, साबिर और जुल्फिकार अल्वी आदि ने बताया कि इस तरह बड़ा जत्था और डीजे यहां से कभी नहीं निकला, हो सकता है कि कुछ लोग बाइक से कभी निकल गए हों या फिर बंद होकर डीजे चला गया हो। यह जत्था निकला तो नई परंपरा पड़ जाएगी जो इलाके की शांति व्यवस्था को प्रभावित करेगी।बाद में एसपी सिटी और सीओ तृतीय ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की। ।

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