कोतवाली देहात से रेहड़ तक 12 टीम तैनात, हर टीम में होंगे 12 सदस्य
अलीपुरजट के पास ट्रेस हुआ गुलदार, ग्रामीणों के शोर से हुआ फरार
चिकित्सक ने साध लिया था निशाना, अंतिम समय में निकल भागा गुलदार
बिजनौर। नगीना-कोतवाली देहात के बीच गांव अलीपुर जट में गुरुवार को टीम ने गुलदार को ट्रेस कर लिया था। पूरा इंतजाम हो गया था और चिकित्सक ने ट्रैंक्यूलाइज गन को भी लोड कर लिया। निशाना भी लगभग साध लिया था। जैसे ही निशाना लगाते, ग्रामीणों का शोर सुनकर गुलदार भाग गया।
गुरुवार शाम करीब चार बजे विशेषज्ञों की टीम पगचिह्नों का पीछा करते हुए गांव अलीपुरा जट के तिराहे पर पहुंच गई। वहां आहट हुई तो समझने में देर न लगी कि गुलदार छिपा हुआ है। टीम ने सभी तैयारी पूरी कर ली, वहीं इस दौरान ग्रामीणों को भी गुलदार के वहां होने की खबर मिल गई। उधर, गुलदार को बेहोश करने की तैयारी हो रही थी, वहीं ग्रामीण डंडे लेकर उधर की ओर चल दिए। निशाना लगाने से पहले ही गुलदार शोर सुनकर भाग गया।
सिकंदरपुर में 200 मीटर तक मिले नरभक्षी के पगचिह्न
इस बार वन विभाग की टीम को एक सफलता और मिल गई है। एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि बुधवार को सिकंदरपुर में विशेषज्ञों की टीम ने घटना स्थल के आसपास जांच की। वहां एक गुलदार के पगचिह्न मिले हैं। करीब 200 मीटर तक पगचिह्नों का पीछा किया गया। वह एक झील या तालाब जैसी जगह तक पहुंचे। अब जहां गुलदार ने वृद्ध को मारा था, वहां खुले में बकरी बांधी गई है। उसके आने के इंतजार में वहां मचान भी बनाने की तैयारी हो रही है
12 संवेदनशील जगह, 12 टीम, घात लगाकर इंतजार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पहुंचे बिजनौर
कोतवाली देहात से रेहड़ तक 12 टीम तैनात, हर टीम में तैनात होंगे 12 सदस्य
गुलदार की घेराबंदी के लिए तेज हुआ अभियान, बिजनौर पहुंच रहे हैं पीसीसीएफ
बिजनौर। अब कोतवाली देहात से रेहड़ तक एक साथ गुलदार की घेराबंदी की तैयारी है। करीब 50 किलोमीटर की दूरी में 12 संवेदनशील स्थान चिह्नित कर वहां पर 12 टीम तैनात की जा रही हैं। सभी टीम में वन अफसर, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, राजस्व कर्मी भी तैनात होंगे। टीम हथियार, ट्रैंक्यूलाइज गन, जाल और पिंजरों के साथ गुलदार को पकड़ने का काम करेंगी। लखनऊ से पीसीसीएफ एसके शर्मा भी बिजनौर पहुंच रहे हैं।

कोतवाली देहात से रेहड़ तक गुलदार सात माह में 13 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। विशेषज्ञों ने कोतवाली देहात से रेहड़ तक लगभग 50 किलोमीटर क्षेत्र में 12 ऐसी जगह चिह्नित की हैं, जहां पर गुलदार की चहलकदमी सबसे ज्यादा है। इसके लिए 12 टीम बनाने के साथ ही हर टीम में 12 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें दो पुलिसकर्मी, दो राजस्वकर्मी, एक ट्रैंक्यूलाइज विशेषज्ञ चिकित्सक, एक रेंजर, एक वाचर तैनात रहेंगे। इसके अलावा टीम के पास दो हथियार, एक ट्रैक्यूलाइज गन, एक ड्रोन कैमरा, जाल भी रहेगा। टीम ने इन संवेदनशील जगहों पर मचान बनानी शुरू कर दी है।
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