newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

पी0ओ0एस0 मशीन से उर्वरक की फर्जी बिक्री रोकने की कवायद

उर्वरक बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं: जसवीर सिंह तेवतिया

बिजनौर। कृषकों को उर्वरक बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।

वर्तमान में खरीफ अभियान 2023-24 के अन्तर्गत मुख्य फसल धान में कृषकों द्वारा यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग का कार्य तीव्र गति से किया रहा है। उर्वरक प्रदायकर्ता कम्पनियों द्वारा यूरिया, डी0ए0पी0, एन0पी0के0, एस0एस0पी0 एवं अन्य उर्वरकों की शीघ्र बिक्री/पी0ओ0एस0 सेल करने पर विक्रेताओं को इन्सेटिव देने का प्रलोभन दे रही है, जिस कारण फुटकर/थोक उर्वरक विक्रेताओं द्वारा उर्वरकों की बिना वास्तविक बिक्री के ही कृषकों की बायोमैट्रिक/अंगूठा लगवाकर पी0ओ0एस0 मशीन से फर्जी (फेक) बिक्री करने की पूर्ण सम्भावना रहती है।

जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने उक्त के क्रम में समस्त थोक/फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि कृषकों को उनके आधार कार्ड पर उनकी जोत बही/खतौनी में अंकित भूमि/रकबे के अनुसार ही पी0ओ0एस0 मशीन से उर्वरकों की बिक्री करें तथा बोरी पर अंकित/निर्धारित विक्रय दर पर ही उर्वरकों की बिक्री करें। साथ ही पी0ओ0एस0 मशीन से निकलने वाली पर्ची/रसीद कृषक को अनिवार्य रूप से अवश्य उपलब्ध करायी जाए तथा उर्वरकों की बिक्री, स्टाक एवं विक्रय रजिस्टर में भी अंकित की जाए। निरीक्षण के दौरान किसी भी उर्वरक विक्रेता द्वारा उर्वरकों की वास्तविक बिक्री न कर पी0ओ0एस0 मशीन से अनियमित रूप से बिक्री करते हुए पाया जाता है अथवा उक्त के सम्बन्ध में शिकायत प्राप्त होती है तो सम्बन्धित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रभावी विधिसंगत कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जायेगी।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने जनपद के समस्त फुटकर/थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर लगे स्टाक/रेट बोर्डो पर पक्के पेंट से अधिकतम विक्रय दर अंकित कराएं तथा साथ ही यूरिया उर्वरक के साथ जबरन किसी भी प्रकार के अन्य उर्वरक/उत्पादों की टैंगिग न कि जाए, यदि किसी भी दशा में कोई उर्वरक विक्रेता अन्य उर्वरकों/उत्पादों की टैगिंग करके उर्वरक बिक्री करता पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 मे निहित प्राविधानों के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।

Posted in ,

Leave a comment