हालत गंभीर होने पर मेरठ हायर सेंटर रेफर
पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ है सूदखोरों का जाल
धोखे में रखकर कई गुना ज्यादा वसूला जाता है ब्याज
सूदखोर से परेशान महिला ने खाया जहर!
लखनऊ। सूदखोरों का आतंक इस कदर हावी हो गया है कि अब लोग अपने जीवन से ही पीछा छुड़ाने को अंतिम विकल्प मान बैठे हैं। ताजा मामला पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर से है, जहां सूदखोर से परेशान महिला ने जहर खा लिया। हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ हायर सेंटर रेफर किया गया है। महिला का आरोप है सूदखोर 5℅ बताकर 80% का ब्याज लेता है और वह 20 हजार के बदले 1.5 लाख रुपए जमा कर चुकी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मल्लूपुरा का है। बताया गया है कि सूदखोरों का जाल पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ है। ब्याज और मूलधन की उगाही करने सूदखोर की टीम हर महीने की एक निश्चित तारीख को संबंधित जिले में जा धमकती है।

मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्लूपुरा में सूदखोर से परेशान महिला ने जहर खा लिया। गंभीर हालत होने पर उसे मेरठ हायर सेंटर रेफर किया गया है। महिला का आरोप है कि उसने सूदखोर से 5℅ ब्याज पर 20 हजार रुपए लिए थे। अब तक वह 20 हजार के बदले 1.5 लाख रुपए जमा कर चुकी है। इसके बावजूद सूदखोर उसे परेशान कर रहा है। पुलिस ने अभी इस मामले में कोई तहरीर मिलने से इंकार किया है।
गौरतलब है कि सूदखोर से परेशान होकर इसी जिले के मीरापुर कस्बे के मोहल्ला मुश्तर्क निवासी आस मोहम्मद ने 11 जनवरी को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मेरठ के थाना भावनपुर के गांव जेई नंगला निवासी मृतक के साले आकिल ने मीरापुर थाने में सूदखोर होटल मालिक महकार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कस्बे में परचून की दुकान पर नौकरी करने वाले आस मोहम्मद ने चार साल पूर्व मीरापुर निवासी होटल मालिक महकार सिंह भडाना से 13 हजार रुपए सूद पर लिये थे और 30 हजार रुपए अदा भी कर दिए थे। इसके बाद भी आरोपी सूदखोर 13 हजार रुपए बकाया का तकादा कर रहा था।
आंखे मूंदे बैठे हैं अधिकारी

बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के हर गली मोहल्लों में ऐसे सूदखोर मिल जायेंगे। कुछ वर्ष पूर्व इस तरह के सूदखोरों पर तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने पूरी तरह नकेल कस दी थी। उनके ट्रांसफर के बाद फिर किसी अधिकारी ने सूदखोरों पर कोई कार्यवाही नहीं की। इस कारण अब फिर तथाकथित सूदखोर बेलगाम हो चले हैं।
पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ है सूदखोरों का जाल, कहलाते हैं किश्ती
सूदखोरों का जाल पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ है। ब्याज और मूलधन की उगाही करने सूदखोर की टीम हर महीने की एक निश्चित तारीख को संबंधित जिले में जा धमकती है। सूत्रों का कहना है कि टीम के सदस्य पहले से महिनाबंदी पर लिए हुए खास कमरों में रुकते हैं। ये कमरे किसी होटल, धर्मशाला अथवा गली मोहल्ले के मकानों और कालोनियों के फ्लैट तक हो सकते हैं। इनके खाने पीने का जिम्मा भी पूर्व निर्धारित होता है। ब्याज पर रुपए लेने वाले को किश्त देने यहीं पहुंचना होता है।
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