तीन बार खेत से काटा यूकेलिप्टिस, हर बार की थाने जाकर शिकायत
पुलिस की लापरवाही से गई गोविंदा की जान!
बिजनौर। बढ़ापुर गांव कुआखेड़ा खदरी में हुए गोली काण्ड को पीड़ित परिवार और ग्रामीण हलका दरोगा मोहम्मद यासीन की घोर लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं। मृतक के ताऊ जीत सिंह का आरोप है कि हत्यारोपी तीन बार उनके भाई के खेत से यूकेलिप्टिस कट चुका था। हर बार इसकी शिकायत थाने जाकर की गई, किंतु दरोगा की घोर लापरवाही से पीड़ित परिवार की कोई सुनवाई नहीं हुई।

पीड़ित परिवार ने दरोगा को हत्यारोपी से हमसाज होने का भी आरोप लगाया। मृतक के ताऊ का कहना है कि गोलीकाण्ड से एक घंटा पूर्व भी जब हत्यारोपी पीड़ित परिवार को गोली मारने की धमकी दे रहा था, तब भी दरोगा को फोन कर परिवार के सदस्यों की जान बचाए जाने की गुहार लगाई थी। किंतु दरोगा के मौके पर न पहुंचने से हत्यारोपी ने घटना को अंजाम दे दिया। यदि सूचना मिलने पर दरोगा मौके पर पहुंच जाता तो शायद गोविंद सिंह की जान बच जाती और जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे परिवार के तीन अन्य सदस्यों की जान मुसीबत में न होती।

परिवार में अकेली बची किशोरी
बढ़ापुर। पीड़ित परिवार के घर पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा है। इस गोलीकांड में मृतक के अलावा परिवार के तीन घायल सदस्य जिला अस्पताल में भर्ती है। परिवार में अकेली बची किशोरी सुखविंदर कौर, जिसने गोली कांड के समय ईख के खेत में छिपकर अपनी जान बचाई, अपनी आंखों से परिवार के लहूलुहान सदस्यों को देखकर बेहोशी की हालत में है। अगर सुखविंदर गन्ने के खेत में न छिपती तो शायद हमलावर सुखविंदर को भी गोली मार देता!
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