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दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

तीन को पहले ही जेल भेज चुकी है पुलिस

आशु हत्याकांड का मुख्य आरोपी बबले नाटकीय ढंग से दिल्ली में गिरफ्तार

एनकाउंटर के डर से दिल्ली में कराई गिरफ्तारी?

नई दिल्ली/बिजनौर। एक हफ्ते से फरार आशु हत्याकांड के मुख्य आरोपी बबले को नाटकीय ढंग से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को बिजनौर पुलिस द्वारा पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। तफ्तीश में सामने आए दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। वहीं चर्चा है कि एनकाउंटर के डर से बबले ने सोची समझी रणनीति के तहत दिल्ली में अपनी गिरफ्तारी करा दी?

13 दिसंबर को बिजनौर के आईटीआई के सामने सरेशाम आशु को गोली से उड़ाने का मुख्य आरोपी बबले तभी से फरार चल रहा था। उसके कोर्ट में सरेंडर करने की सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने काफी घेराबंदी की। इससे पहले ही वह दिल्ली पहुंच गया। बुधवार सुबह दिल्ली के विजयनगर क्षेत्र की बवाना थाना पुलिस ने बबले को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर बिजनौर पुलिस को सूचित किया। अब पुलिस उसे बी वारंट पर बिजनौर लाने दिल्ली पहुंच गई है।

हत्या के अगले दिन ही मुख्य आरोपी बबले के भतीजे आलोक और दीपांशु को बिजनौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तीसरा आरोपी कृष मंगलवार को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी बबले, आदित्य, प्रियांशु फरार थे। दिल्ली की थाना बवाना पुलिस ने मुख्य आरोपी बबले को मंगलवार रात तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि शहर कोतवाली क्षेत्र में 13 दिसंबर को नगीना रोड स्थित आईटीआई के सामने दो गुटों में मारपीट के दौरान कुटिया कॉलोनी निवासी आशु पुत्र नीरज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में मृतक का दोस्त भव्य उर्फ हैप्पी भी घायल भी हुआ था। मृतक के पिता नीरज की तहरीर पर पुलिस ने गांव आदमपुर निवासी बबले पुत्र घसीटा, आलोक पुत्र लोकेंद्र, दीपांशु पुत्र रुपचंद और दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। घटना के बाद से मुख्य आरोपी बबले फरार चल था। बिजनौर थाना कोतवाली पुलिस इस जघन्य हत्याकांड के तीन आरोपियों आलोक राठी पुत्र लोकेंद्र, दीपांशु पुत्र रूपचंद तथा कृष पुत्र गजेन्द्र निवासी ग्राम आदमपुर थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

खेल की रंजिश ने खोल दिया जेल का रास्ता

हत्याकांड की जांच करते हुए पुलिस रंजिश की जड़ तक पहुंच गई है। तफ्तीश में सामने आया है कि करीब दो साल पहले मृतक आशु का दोस्त रिगांशु और हत्यारोपी आलोक राठी एक साथ स्कूल में पढ़ते थे। दोनों ही कबड्डी खिलाड़ी थे। स्कूल की कबड्डी टीम में आलोक का चयन हो गया था, जबकि रिगांशु का चयन नहीं हो पाया था। इसके चलते ही तब से दोनों के बीच मनमुटाव रहने लगा। यही नहीं दोनों में झगड़ा भी हुआ और रिगांशु ने आलोक राठी को पीटा भी था। इसी के चलते आईटीआई के पास दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। आलोक के चाचा बब्ले ने आशु को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया था।

एनकाउंटर के डर से दिल्ली में कराई गिरफ्तारी ?

लोगों के जेहन में ये सवाल कौंध रहा है कि आशु हत्याकांड को अंजाम देकर शातिराना अंदाज में जिला बिजनौर से दिल्ली तो पहुंच गया, लेकिन इतनी आसानी से वहां की पुलिस की गिरफ्त में कैसे आ गया! हो सकता है कि बिजनौर पुलिस के एनकाउंटर के डर से उसने सोची समझी रणनीति के तहत दिल्ली में अपनी गिरफ्तारी करा दी?

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