बिजनौर का गौरव थे दुष्यंत कुमार: सुरेश भगत
उनकी कविताओं में आमजन की आवाज: रजनीश त्यागी
पुण्यतिथि पर गजल सम्राट दुष्यंत कुमार का भावपूर्ण स्मरण
~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात
बिजनौर। गजल सम्राट दुष्यंत कुमार की पुण्यतिथि पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

ग्राम महुआ स्थित जनता इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारी समिति रहमापुर के पूर्व सभापति सुरेश भगत ने कहा कि दुष्यंत कुमार जनपद बिजनौर का गौरव थे। उन्होंने अपनी कलम के माध्यम से जहां जनता की आवाज उठाई, वहीं जनपद को राष्ट्र पटल पर स्थान दिलाने का कार्य किया। दुष्यंत कुमार ने अपनी कविताओं के माध्यम से दबे कुचले वर्ग तथा मजलूमों की आवाज को बुलंद किया। दुष्यंत कुमार का कार्यक्षेत्र भोपाल रहा लेकिन वह जनपद से जीवन भर जुड़े रहे तथा लगातार यहां आते रहे।
इस अवसर पर उनकी कविताओं का काव्य पाठ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधन से रजनीश त्यागी ने कहा कि दुष्यंत कुमार की कविताओं में आमजन की आवाज सम्मिलित है। दुष्यंत कुमार की कविताओं को आज मुहावरों के रूप में भी प्रयोग किया जाने लगा है। संसद में दुष्यंत कुमार सबसे अधिक पढ़े जाने वाले कवि हैं। पक्ष विपक्ष सभी की आवाज दुष्यंत कुमार की कविताएं होती हैं।

इस दौरान दुष्यंत कुमार की कविता… हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए, एक गुड़िया की कई कठपुतलियों में जान है, कहां तो तय था चरागा हर एक घर के लिए, इस नदी की धार से ठंडी हवा आती तो है… का काव्य पाठ किया गया। कार्यक्रम में शिक्षक कुलदीप त्यागी, बिजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, सुबोध शर्मा, वसीम सिद्दीकी, नीता देवी, लक्षेंद्र शर्मा, लकी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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