5 सौ लीटर लाहन बरामद, शराब माफिया फरार, पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह
पुलिस पीएसी व आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से चलाया कच्ची शराब के खिलाफ अभियान
यक्ष प्रश्न: आखिर दबिश में क्यों मिलता है सिर्फ लाहन, माफिया नहीं?
~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर
बिजनौर। बढ़ापुर पुलिस व आबकारी टीम सहित पीएसी बल ने थाना क्षेत्र के गांव मधपुरी में कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाया परन्तु अभियान के दौरान टीम को केवल लाहन से ही संतोष करना पड़ा। कोई भी शराब माफिया पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया, जिस कारण पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।

बढ़ापुर थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में कच्ची शराब का अवैध कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है, जिस पर पुलिस अंकुश लगाने में नाकाम साबित होती चली आ रही है। थाना क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों से सटे हुए आरक्षित वन क्षेत्र के समीप कच्ची शराब की सैकड़ो भट्टियां धधक रही हैं। प्रतिदिन सैकड़ो लीटर कच्ची शराब बनाई जाती है। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बनने वाली यह कच्ची शराब बढ़ापुर थाना क्षेत्र सहित नगीना देहात, नजीबाबाद, नगीना, कोतवाली, अफजलगढ़, शेरकोट, धामपुर, जसपुर, काशीपुर आदि तमाम शहरों में सप्लाई की जाती है। कच्ची शराब के इस अवैध कारोबार को बंद कराना शायद बढ़ापुर पुलिस के बस की बात नहीं है। शराब माफियाओं के इस काले धंधे के सामने बढ़ापुर पुलिस बौनी साबित हो रही है।
कच्ची शराब के इस कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए गुरुवार को बढ़ापुर पुलिस, आबकारी विभाग की नगीना, धामपुर टीम सहित एक प्लाटून पीएसी बल के साथ थाना क्षेत्र के गांव मधपुरी में अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान टीम को मौके से 500 लीटर लाहन तो मिला परंतु एक भी शराब माफिया पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया, जिस कारण पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है।
बताते चलें कि पुलिस शराब माफियाओं के खिलाफ नाम मात्र के लिए अभियान चलाती है। अभियान के दौरान पुलिस को मौके पर केवल लाहन ही मिल पाता है जबकि शराब एवं शराब माफिया पुलिस की पकड़ से बहुत दूर होते हैं। सूत्रों की माने तो पुलिस के अभियान की सूचना शराब माफिया तक विभाग के ही लोग पहले ही पहुंचा देते हैं। इस कारण टीमों के पहुंचने से पहले ही शराब माफिया मौके से फरार हो जाते हैं। गुरुवार को चलाए गए अभियान के दौरान भी पुलिस एवं आबकारी टीम को केवल 500 लीटर लाहन ही मिल पाया। इसके अतिरिक्त न ही पुलिस को शराब भट्टी मिली और न कोई शराब माफिया, जिस कारण टीमों को बैरंग लौटना पड़ा। अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक बढ़ापुर कोमल सिंह, आबकारी निरीक्षक नगीना रमाशंकर सिंह, आबकारी निरीक्षक धामपुर उपेंद्र कुमार, आबकारी निरीक्षक अंडर ट्रेनिंग अमित कुमार सहित थाना बढ़ापुर से उप निरीक्षक मनोज कुमार, सिपाही करतार सिंह, विपुल कुमार, अभिषेक, मोनिका, अभय, योगेंद्र, विजेंद्र सिंह, अरविंद कुमार आदि शामिल रहे।

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