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जहां हुई शावक की मौत, वहां मां की आवाजाही

हमले में किसी प्रकार बच सकी बाइक सवार की जान

…और अब आक्रामक हुई गुलदार

बिजनौर। शावक की मौत के बाद मादा गुलदार आक्रामक हो गई है। गुलदार ने सड़क से गुजर रहे एक बाइक सवार युवक पर हमला कर दिया। युवक बाल-बाल बचा। सूचना पर वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और गांव पहुंच कर युवक से घटना के बारे में जानकारी हासिल की।मंडावर बादशाहपुर मार्ग पर सड़क पार करते हुए एक गुलदार के शावक की किसी वाहन की चपेट मे मौत हो गई थी। वन विभाग की टीम शावक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अपने साथ ले गई थी। बताया जा रहा है कि शावक को तलाश करती हुई मादा गुलदार उसी जगह पर जा पहुंची, जहां शावक की मौत हुई थी। देर शाम गांव बादशाहपुर निवासी सतीश कुमार मंडावर से अपने गांव जा रहा था। घटनास्थल के पास पहुंचते ही मादा गुलदार ने उसकी बाइक पर हमला बोल दिया। युवक तेजी से बाइक दौड़ाकर बाल बाल बच कर निकल पाया।

शावक गुलदार की मौत का कारण सिर में चोट

मंडावर थाना क्षेत्र में मृत मिले शावक गुलदार की मौत सिर में चोट लगने के कारण हुई। सोमवार को मंडावर थाना क्षेत्र के गांव काजीवाला मार्ग से बादशाहपुर जाने वाले मार्ग पर गुलदार का शव मिला था। सूचना पर वन विभाग के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गुलदार के सिर पर चोट लगने से उसकी मौत हुई। गुलदार की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है।

दो शावक के साथ गुलदार की चहलकदमी

कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम बाकर नगला में दो शावक के साथ गुलदार दिखाई दे रहा है। भयभीत किसानों ने गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है। बताया गया है कि ग्राम बाकर नगला निवासी छतर सिंह का खेत गांव के बाहर है। मंगलवार की सुबह जब अखबार देने के लिए हॉकर आया तभी खेत के निकट एक गुलदार दो शावक के साथ दिखाई दी।

धामपुर क्षेत्र में ग्रामीण दहशतजदा

महिलाओं पर गुलदार के हमले के बाद भी वन विभाग ने पिंजरा नहीं लगाया है। धामपुर क्षेत्र के गांव कुंडीपुरा में शावकों से बिछड़ने के बाद उग्र मादा गुलदार ने गन्ना छिलाई के दौरान गांव की कुसुम देवी व लीलावती को हमला कर दिया था। साहस दिखाते हुए महिलाओं ने गन्ना काटने की फावड़ी से गुलदार पर जवाबी हमला कर अपनी जान बचाई। आसपास के खेतों पर काम कर रहे किसानों ने दोनों महिलाओं को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों राजेश सिंह, मुकुल, राजवीर, महेंद्र आदि का कहना है कि वन विभाग ने घटना के तीसरे दिन भी गांव में पिंजरा नहीं लगाया। वन अधिकारी ग्राम प्रधान के विवाह समारोह में व्यस्त होने का बहाना बना कर टाल रहे हैं। विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश है। किसान यूनियन अराजनैतिक ने विभागीय अधिकारियों के घेराव की चेतावनी दी है।

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