बरेली में हुआ कवि सम्मेलन, मुशायरे का आयोजन
“व्यापारी और प्रेमी” पुस्तक का लोकार्पण
“बैठे भाग्य भरोसे हैं जो, देते बुरे समय को न्योता”
बरेली। पूर्व विधायक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं मशहूर शायर स्व. श्योराज बहादुर सक्सेना जी के भूड़ स्थित आवास पर कवि सम्मेलन, मुशायरे एवं लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार उत्पल स्वरूप सक्सेना एवं विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि राम कुमार कोली रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर क्रांतिकारी छात्र परिषद के रजत कुमार द्वारा रचित बीसवीं कृति “व्यापारी और प्रेमी” का लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार उत्पल स्वरूप सक्सेना के कर कमलों से हुआ।

कार्यक्रम के दौरान गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की-
बैठे भाग्य भरोसे हैं जो, देते बुरे समय को न्योता
पीर पराई हो या अपनी, सदा रहा कंधों पर ढोता।
मुख्य अतिथि उत्पल स्वरूप सक्सेना ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि…सभ्यता के जंगलों के मध्य, व्यवस्थाएँ पी गईं व्यक्तित्व। अजगरों के जाल में फँसकर, भावनाओं का मिटा अस्तित्व। राम प्रकाश सिंह ओज ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की- हम गरीब हैं इसलिए हर कोई हमें, जिसके मन में जो आता है कह लेता है।

कार्यक्रम में राम कुमार अफरोज, रामधनी निर्मल, जगदीश निमिष्, गांधी मोहन सक्सेना, मनोज दीक्षित टिंकू, दीपक मुखर्जी दीप, मेराज, रीतेश साहनी, नीरज कश्यप, मृदुल कुमार सक्सेना, अक्षय कश्यप एवं रमेश रंजन आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रख्यात हास्य-व्यंग्यकार हरीश शर्मा यमदूत जी के निधन पर दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि दी गई।
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