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भारत रत्न: एलान के साथ गठबंधन का खेल एक झटके में तहस नहस

बिजनौर। पूर्व प्रधानमंत्री किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न के एलान के साथ ही उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा रालोद के बीच गठबंधन का सारा खेल एक ही झटके में ही तहस नहस हो गया। पिछले महीने दोनों दलों के अध्यक्षों ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर फोटो शेयर कर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ने का दम भी भरा…लेकिन अब सब खत्म।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने जनवरी में दोनों दलों के बीच अलायंस पर पुष्टि की थी। यही नहीं दोनों ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी फोटो शेयर कर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ने का दम भी भरा था। फिर शुरू हुई सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान। सपा चाहती थी कि कैराना, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में प्रत्याशी सपा का हो, जो रालोद के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे। रालोद ने सपा के समक्ष मुजफ्फरनगर सीट पर दावा ठोका था, जहां बीते चुनाव में दिवंगत अजीत सिंह महज छह हजार मतों से हार गए थे।

बताते हैं कि रालोद ने कैराना और बिजनौर सीट सपा के बताए प्रत्याशियों को देने पर सहमति भी दे दी थी लेकिन मुजफ्फरनगर और हाथरस सीट को लेकर दोनों दलों के बीच दूरियां बन गईं। इसी दौरान चर्चा शुरू हुई कि रालोद अध्यक्ष की भाजपा से गठबंधन की बात हुई है। जयंत के एनडीए में शामिल होने की चर्चा शुरू हुई तो अखिलेश ने उम्मीद जताई कि कि जयंत किसानों की लड़ाई कमजोर नहीं पड़ने देंगे तो वहीं दूसरी ओर रालोद खेमा चुप्पी साधे रहा। हालांकि किसी भी ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई।

इस बीच शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न का एलान हो गया और खेल खत्म। या यूं कहिए कि तस्वीर साफ हो गई कि अब हम साथ साथ हैं। गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 10-12 लोकसभा सीटों पर जाटों का प्रभाव है। लगभग 11 जिलों में जाट वोटर निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा बिजनौर और आगरा जिले में जाट वोटर हैं। पश्‍चिम यूपी की कुल करीब साढ़े पांच करोड़ की आबादी में 17 प्रतिशत आबादी जाटों की है। जानकारों के अनुसार राज्य में विधानसभा की करीब 50 सीटों का फैसला जाट समुदाय के हाथ में है।

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