आईओसी के महाप्रबंधक को केंद्रीय सूचना आयोग ने किया तलब
आरटीआई कार्यकर्ता को थमा दीं भ्रामक सूचनाएं
गैस एजेंसियों ने जांच के बहाने कस्टमर्स से वसूले करोड़ों रुपए
रामपुर। गैस एजेंसियों ने अनिवार्य जांच के नाम पर 50 हजार उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपए वसूल लिए। शिकायत पर एजेंसी संचालक टालमटोल करते रहे। आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर इंडियन आयल कार्पोरेशन के लोक सूचना अधिकारी ने भ्रामक सूचनाएं थमा दीं। अब आईओसी के महाप्रबंधक को केंद्रीय सूचना आयोग ने सुनवाई के लिए 20 फरवरी 2024 को तलब कर लिया है। मामला टांडा नगर स्थित इंडियन आयल कार्पोरेशन के तहत संचालित दो गैस एजेंसियों का है।

रामपुर के टांडा नगर में इंडियन आयल कार्पोरेशन के तहत संचालित दो गैस एजेंसियां है। इन दोनों गैस एजेंसियों पर लगभग पचास हजार उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन हैं।
मई 2022 में इन दोनों गैस एजेंसी संचालकों ने रसोई की अनिवार्य जांच के नाम पर 177/ रुपए प्रति उपभोक्ता वसूलने प्रारम्भ कर दिए। उपभोक्ताओं से वसूली गई रकम लगभग एक करोड़ रुपए हो गई। जांच करने वाली टीम में गुंडे जैसे दिखने वाले लगभग दस या बारह लोग थे। जब एजेंसी संचालकों से इस संबंध में बात की तब स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। तब नगर के आरटीआई कार्यकर्ता इकबाल अहमद ने इंडियन आयल कार्पोरेशन के लोक सूचना अधिकारी से कई बिंदुओं पर सूचना मांगी। आरोप है कि लोक सूचना अधिकारी ने भ्रामक व तथ्यों से परे सूचना थमा दी। इसके उपरांत श्री अहमद ने नियमानुसार विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी के यहां प्रथम अपील प्रस्तुत की। प्रथम अपीलीय अधिकारी ने कॉल बाधित होने का बहाना बना कर प्रथम अपील खारिज कर दी। फिर श्री अहमद केंद्रीय सूचना आयोग की शरण में गए। वहां उनकी अपील को मंजूर कर लिया गया। श्री अहमद को आयोग से मिले पत्र के अनुसार इंडियन आयल कार्पोरेशन के नोएडा स्थित कार्यालय के महाप्रबंधक को आयोग में सुनवाई के लिए 20 फरवरी 2024 को तलब कर लिया गया है। श्री अहमद को भी आयोग में अपना पक्ष रखने के लिए रामपुर स्थित एनआइसी मे बुलाया है, जहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
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