हल्दौर-बिजनौर मार्ग पर बेखौफ होकर दौड़ रहे मिट्टी से भरे डम्पर
आकाओं की मिलीभगत से चल रहा मिट्टी के अवैध खनन का खेल
धरती का सीना छलनी कर रहे हैं खनन माफिया !
बिजनौर। आकाओं की सरपरस्ती में इन दिनों मिट्टी के अवैध खनन का धंधा परवान पर है। खनन माफिया धरती का सीना छलनी कर अवैध कालोनियों में भराव कर रहे हैं। खनन फावड़े के बजाय जेसीबी से हो रहा है, अनुमति से अधिक स्थानों पर हो रहा है, जितने गहराई तक खुदाई की अनुमति है, उसके दोगुना खोदा जा रहा है। …और यह सब राजनीतिक और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से चल रहा है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों तक को इस बात की सूचना होने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई खनन माफियाओं के खिलाफ नहीं की गई?

हवा में उड़ गए एनजीटी के आदेश!
एनजीटी के आदेशों को पूरी तरह हवा में उड़ाते हुए खनन माफिया; पुलिस, प्रशासन और खनन विभाग तीनों से सेटिंग कर धड़ल्ले से अपना काम कर रहे हैं। क्षेत्र में बन रही कालोनियों में भराव के नाम पर रातों-रात खनन कर सैकड़ों ट्रालियां डंपर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बताया जाता है कि अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें लोगों ने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से कीं, लेकिन खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई! इस कारण खनन माफिया भराव के नाम पर ठेका ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि देहात क्षेत्रों में मिट्टी के अवैध खनन का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। दिन भर सड़कों पर मिट्टी से भरे डंपर दौड़ते रहते हैं। बिजनौर – झालू के बीच के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं अनुमति से दोगुना स्थानों पर अवैध खनन और वो भी जेसीबी से किया जा रहा है। यही नहीं जितनी गहराई तक खुदाई की अनुमति मिली है, उससे दोगुना से ज्यादा खुदाई करने के कारण बहुत स्थानों पर खाई बन गई हैं।
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