भक्तों ने श्रद्धाभाव से की अपने आराध्य बजरंगबली की पूजा अर्चना
पहला बड़ा मंगल: हनुमान मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

लखनऊ। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार का अधिक महत्व है। इसे बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस साल ज्येष्ठ के पहले मंगल 28 मई को देश प्रदेश के हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। भक्तों ने श्रद्धाभाव से अपने आराध्य बजरंगबली की पूजा अर्चना की। मान्यता है कि इस दिन के पूजा पाठ से जातक के हर एक कष्ट और बाधा दूर होती है।

पहली बार हनुमान जी से मिले थे प्रभु श्री राम
हिंदू धर्म में मान्यता है कि दशरथ नंदन प्रभु श्री राम जी ज्येष्ठ के महीने में मंगलवार के ही दिन पहली बार हनुमान जी से मिले थे। इसीलिए इसे बड़ा मंगलवार कहा जाता है। बहुत से स्थान पर बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल के नाम से भी जानते हैं। अवध और लखनऊ में यह त्योहार विशेष रूप से मनाया जाता है।

सनातन धर्म में मंगलवार का दिन मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम भक्त हनुमान की पूजा के लिए समर्पित है। बहुत से लोग जीवन में सुख-शांति के लिए इस दिन व्रत भी रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जातक के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और कुंडली में व्याप्त अशुभ ग्रहों का प्रभाव भी समाप्त होता है।

हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे।।
पैठि पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।
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