newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

दो दिन रहेगी कार्तिक अमावस्या

29 अक्टूबर से 03 नवंबर तक दीपोत्सव

05 नहीं 06 दिन का होगा इस साल दीपोत्सव

~शैली सक्सेना

कार्तिक मास की अमावस्या 31 अक्टूबर और 01 नवंबर दो दिन रहने से इस साल दीपावली की तारीख को लेकर पंचांग भेद हैं। यही कारण है कि इस बार दीपोत्सव 5 नहीं 6 दिन का रहेगा।

29 अक्टूबर को धनतेरस

दीपोत्सव मंगलवार, 29 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। इस दिन धनतेरस मनाई जाएगी। धनतेरस पर भगवान धनवंतरि जयंती भी मनाते हैं। धनतेरस की रात में यमराज के लिए दीपक जलाने की परंपरा है। इस तिथि पर देवी लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है।

30 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी

नरक चतुर्दशी बुधवार, 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी, इसे रूप चौदस भी कहते हैं। इस दिन उबटन लगाने की परंपरा है।

31 अक्टूबर को दीपावली

इस साल कार्तिक अमावस्या 31 अक्टूबर की दोपहर करीब 03 बजे से शुरू हो जाएगी और अगले दिन अर्थात 01 नवंबर की शाम करीब 4.40 बजे तक रहेगी। कार्तिक अमावस्या की रात में लक्ष्मी पूजा करने की परंपरा है। इसलिए 31 अक्टूबर की रात लक्ष्मी पूजा करनी चाहिए, क्योंकि 31 की रात में ही अमावस्या तिथि रहेगी और 01 नवंबर की रात में कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। इसलिए 31 तारीख को दीपावली मनाई जाएगी। दीपावली पर पूजन का शुभ मुहूर्त 31 अक्टूबर को स्थिर लग्न वृषभ शाम 6:27 बजे से रात 8:23 बजे तक है। यह सबसे अच्छा मुहूर्त है।

01 तारीख को स्नान दान की अमावस्या

01 तारीख को स्नान दान की अमावस्या होगी। इस दिन कोई त्योहार तो नहीं है, लेकिन स्नान और दान पुण्य का विधान उत्तम है।

02 नवंबर शनिवार को गोवर्धन पूजा

कार्तिक अमावस्या 01 नवंबर तक रहने वाली है। वहीं गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है। ऐसे में प्रतिपदा तिथि 01 नवम्बर को शाम 06 बजकर 16 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 02 नवंबर को रात 08 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, गोवर्धन का पर्व शनिवार, 02 नवंबर को मनाना अधिक शुभ माना जा रहा है। गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 34 मिनट से सुबह 08 बजकर 46 मिनट तक। गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त – दोपहर 03 बजकर 23 मिनट से शाम 05 बजकर 35 मिनट तक

Disclaimer: इस लेख फीचर में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। newsdaily24 लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है।निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। 
Posted in , ,

Leave a comment