एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज मेरठ का मामला
फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहा नर्सिंग स्टाफ
साभार ~ दैनिक उदयवाणी, मेरठ
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ द्वारा फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जीत कंपनी के नुमाइंदों से शिकायत करने के बाद कंपनी ने तीस ऐसे कर्मचारियों को चिन्हित किया है, जो फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे हैं। वहीं मेडिकल प्रशासन का कहना है ऐसे कर्मचारियों के भुगतान के लिए कंपनी को दिया गया पैसा भी रिकवर किया जाएगा।
दैनिक उदयवाणी ने रविवार के अंक में मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद मेडिकल प्रशासन की नींद टूटी और आनन-फानन में आऊटसोर्सिंग कर्मचारी मुहैया कराने वाली जीत कंपनी से जवाब-तलब किया गया। इसके बाद कंपनी ने ऐसे तीस कर्मचारियों को चिन्हित किया है, जिनके दस्तावेजों पर संदेह है। अब कंपनी इन कर्मचारियों को वापस बुलाने की तैयारी कर रही है।

मालूम हो कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है, जबकि शासन स्तर से नई नियुक्तियां भी बंद हैं। ऐसे में कर्मचारियों की पूर्ति के लिए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्तियां कराई जाती है। इसका ठेका जीत कंपनी के पास है जो लंबे समय से मेडिकल को आऊटसोर्सिंग कर्मचारी उपलब्ध करा रही है। इन कर्मचारियों से सफाई से लेकर वार्ड ब्वॉय समेत स्टाफ नर्स का काम लिया जाता है, जबकि नर्सिंग स्टाफ का काम काफी जिम्मेदारी वाला होता है। इसके लिए किसी नर्सिंग कॉलेज से कम से कम डिप्लोमा जरूरी है। वहीं, ऐसे दर्जनों कर्मचारी हैं, जो इस समय मेडिकल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीत कंपनी के माध्यम से नौकरी कर रहे हैं। अब मेडिकल प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों को लेकर सख्ती करनी शुरू कर दी है।
जीत कंपनी की है पूरी जिम्मेदारी: आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों की पूरी जिम्मेदारी जीत कंपनी की है, उसके पास ही लंबे समय से ठेका है। अब हमने कंपनी से जानकारी मांगी है कि उसके द्वारा भेजे गए कर्मचारी वास्तव में यहां नर्सिंग स्टाफ की नौकरी के पात्र है।
डा. तरुणपाल, इंचार्ज आऊट सोर्सिंग स्टाफ, मेडिकल कॉलेज।
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