कलाकारी और सामाजिक सेवा की भावना दोनों ही सराहनीय
कला और सेवा की मिसाल: शिक्षिका कविता सागर
~भूपेंद्र कुमार
बिजनौर। कला और सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली शिक्षिका कविता सागर, बिजनौर के मोहल्ला अंबा विहार की निवासी हैं। वह न सिर्फ एक कुशल शिक्षिका हैं, बल्कि एक अद्भुत चित्रकार भी हैं, जिनकी कलाकारी और सामाजिक सेवा की भावना दोनों ही सराहनीय हैं।

कविता सागर की शिक्षा बिजनौर में ही हुई। उन्होंने अपनी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई जीजीआईसी बिजनौर से पूरी की, जिसके बाद वर्धमान डिग्री कॉलेज से बीए और एमए की डिग्री हासिल की। उन्होंने धर्मवीरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, नूरपुर से बीएड किया, जिसने उन्हें शिक्षण के क्षेत्र में कदम रखने का मौका दिया।

दर्शकों को बरबस अपनी ओर खींच लेती हैं कला
कविता जी की सबसे बड़ी खूबी उनकी चित्रकला है। वे आर्ट पेंटिंग हो या वॉल पेंटिंग, सभी को बड़ी ही शालीनता और निपुणता से बनाती हैं। उनकी बनाई हुई पेंटिंग्स इतनी आकर्षक होती हैं कि वे दर्शकों को बरबस अपनी ओर खींच लेती हैं। कला के प्रति उनका जुनून और लगन साफ दिखाई देता है। शैक्षणिक जीवन में भी वे हमेशा आगे रहीं। पढ़ाई में तेज और कुशाग्र बुद्धि वाली कविता जी घर के कामों में भी उतनी ही दक्ष हैं। उनके मृदुभाषी और व्यवहार कुशल स्वभाव के कारण सभी उनकी प्रशंसा करते हैं। उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।

संत निरंकारी मिशन से जुड़ाव
कविता जी के पति बृजेश कुमार, पेशे से एडवोकेट हैं। यह दंपत्ति लंबे समय से संत निरंकारी मिशन की बिजनौर शाखा को अपनी निस्वार्थ सेवाएं दे रहा है। मिशन के प्रति उनका समर्पण और लगन देखते ही बनता है। वे पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ हर जिम्मेदारी को निभाते हैं, जो उन्हें सौंपी जाती है। कविता सागर कला, शिक्षा और समाज सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण हैं, जिनकी बहुमुखी प्रतिभा और विनम्रता उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है।
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