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~विनीत सिन्हा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय में कार्यरत निजी सचिव रतन कुमार श्रीवास्तव ‘रतन’ के दूसरे गजल संग्रह ‘ख्वाबों का ताना-बाना’ का हाल ही में लखनऊ के सहकारिता भवन स्थित ऑडिटोरियम में विमोचन हुआ।

इस समारोह का आयोजन राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के संरक्षण में और नई पीढ़ी फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया। इस गजल संग्रह को वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है। समारोह की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सूर्यप्रसाद दीक्षित ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन रहे। इनके अलावा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, पूर्व डीजीपी महेश चंद्र द्विवेदी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दिनेश चंद्र अवस्थी, व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना, प्रख्यात छायाकार रवि कपूर और दूरदर्शन, उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम प्रमुख आत्म प्रकाश मिश्र सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

मूलतः जौनपुर के मछलीशहर तहसील अन्तर्गत ग्राम कोटवा निवासी रतन कुमार वर्तमान में उत्तर प्रदेश सचिवालय लखनऊ में निजी सचिव पद पर कार्यरत हैं लेकिन उनकी असली पहचान एक संवेदनशील साहित्यकार के रूप में उभर रही है।

लेखक रतन कुमार श्रीवास्तव ‘रतन’ ने अपनी किताब के बारे में बताया कि जिंदगी में कई बार चीजें मन मुताबिक नहीं होतीं, और ऐसे में खुश रहने के लिए सामंजस्य बैठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ख्वाबों और ख्यालों से मिलने वाली थोड़ी-सी खुशी को भी अपना लेना चाहिए, क्योंकि यही जिंदगी को जीवंत और खुशहाल बनाए रखती है। समारोह में गायिकाओं नीतू श्रीवास्तव और छाया चौबे ने ‘रतन’ की लिखी गजलों को गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन नई पीढ़ी फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी चंद्रशेखर पांडेय ने कुशलतापूर्वक किया।

रतन जी की पहली पुस्तक वर्ष 2021 में प्रकाशित हुई थी, जिसने अमेज़न की बेस्टसेलर रैंकिंग में जगह बनाई। इस कृति के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिष्ठित “जयशंकर प्रसाद पुरस्कार” (1,00,000) और ‘कादम्बरी’ (जबलपुर म.प्र.) का ‘साज जबलपुरी स्मृति सम्मान’ (2024) प्राप्त हुआ।

रतन कुमार को साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए देशभर की विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है: हर घर तिरंगा नारा लेखन प्रतियोगिता (2022) राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग निबंध प्रतियोगिता (2022) तृतीय स्थान, भारत मेरी जान अवार्ड (2023) मुंबई स्थित सर्वधर्म समभाव संस्था द्वारा साहित्य श्री सम्मान (2024) स-व-रू फाउंडेशन लखनऊ, रेवांत साहित्य गौरव सम्मान (2024) रेवांत संस्था लखनऊ।

उनकी पहली पुस्तक को अब तक ₹ 51,000 की रॉयल्टी प्राप्त हो चुकी है जो पाठकों के बीच उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है। ‘पद्मावतीयम्’, रतन खण्ड, शारदा नगर योजना, लखनऊ में रहने वाले रतन कुमार का कहना है कि “ख़्वाबों की आमद आज तब और मुकम्मल हुई, जब मेरी ग़ज़लों की किताब पाठकों के हाथों में पहुँची। अब उड़ान आप सब के हाथों में है।”

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