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संभल में धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई दिशा, पर्यटन विकास परियोजनाओं के लिए राशि स्वीकृत

विभागीय प्रयास से संभल के प्राचीन तीर्थ स्थलों और कूपों का होगा पर्यटन विकास

वर्ष 2024 में संभल में 43,58,329 पर्यटक आए, मौजूदा वर्ष 50 लाख तक पहुंच सकता है यह आंकड़ा

कल्कि धाम से पर्यटन हब तक, 05 करोड़ रुपए से संवरेगा संभल का धार्मिक पर्यटन- जयवीर सिंह

~ शैली सक्सेना

लखनऊ, (12 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश सरकार सम्भल जिले में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। जिले के प्राचीन तीर्थ स्थलों और ऐतिहासिक कूपों के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 05 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत प्राचीन धार्मिक स्थलों के आसपास सुधार, सौंदर्यीकरण और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए कहा, विभागीय प्रयासों से सम्भल के धार्मिक स्थलों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी।

पर्यटन मंत्री ने बताया, कि ‘पौराणिक मान्यता है कि भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि रूप में संभल में होगा। कल्कि पुराण में विस्तार से भगवान विष्णु के कल्कि अवतार और संभल के बारे में बताया गया है। धार्मिक मान्यता ये भी है कि कल्कि अवतार के बाद कलयुग का अंत हो जाएगा। कल्कि पुराण के अनुसार, अधर्म को खत्म करने और सतयुग के पुनरुत्थान के लिए भगवान विष्णु का यह अवतार होना है। इसी को ध्यान में रखते हुए संभल के प्राचीन तीर्थों एवं कूपों का पर्यटन विकास किया जाएगा।’

पर्यटकों के लिए होगी बेहतर सुविधा

परियोजना के तहत प्राचीन स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, शौचालय, पेयजल व मार्गदर्शन केंद्र जैसी व्यवस्था विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए स्थानीय कला, ओडीओपी उत्पाद आदि को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल संभल को राज्य के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगी। पर्यटन विकास योजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और पर्यटन से जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

ऐंचोड़ा कंबोह में बन रहा श्री कल्कि धाम मंदिर

सम्भल के ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम मंदिर का निर्माण हो रहा है। श्री कल्कि धाम मंदिर के निर्माण से देश-दुनिया के आस्थावानों का ध्यान संभल की ओर आकर्षित हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि मंदिर का निर्माण उसी गुलाबी पत्थर से किया जा रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर और सोमनाथ मंदिर में इस्तेमाल हुआ है। कल्कि धाम को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण है।

संभल में बढ़ी पर्यटक संख्या

क्षेत्रफल की दृष्टि से संभल छोटा जिला है। मगर, पर्यटन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2024 में जनपद में जहां 43,58,329 पर्यटक आए, वहीं 2025 के शुरुआती महीने जनवरी से मार्च तक यहां तकरीबन 13,05,970 पर्यटक पहुंचे। पर्यटन विभाग को वर्षांत तक पर्यटकों का आंकड़ा 45 से 50 लाख के बीच रहने का अनुमान है। पर्यटन दृष्टि से सम्भल प्रमुख स्थल के रूप में उभर रहा है। यहां मनोकामना मंदिर, माता कैला देवी मंदिर, ऐतिहासिक घंटाघर, पृथ्वीराज चौहान द्वारा निर्मित तोता-मैना की कब्र सहित कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। धार्मिक आस्था और पर्यटन के संगम से सम्भल जिले की पहचान और मजबूत हुई है।

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