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शमशान और तंत्र-साधना में होता है उपयोग

आकर्षित हो कर घर में आ सकती हैं बुरी शक्तियां!

अलग-अलग मान्यताएं और धारणाएं

घर में लोबान जलाना चाहिए या नहीं ?

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घर में लोबान जलाने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं और धारणाएं हैं। जहाँ एक तरफ इसे सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों का मानना है कि इसे घर में नहीं जलाना चाहिए क्योंकि यह नकारात्मक शक्तियों या बुरी आत्माओं को आकर्षित कर सकता है।

आइए इस विषय के दोनों पहलुओं को समझते हैं:

लोबान को घर में नहीं जलाने के पक्ष में तर्क

कुछ ज्योतिषियों, तांत्रिकों और आध्यात्मिक गुरुओं का मानना है कि लोबान को घर में जलाने से बचें, क्योंकि:
~ नकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करना: यह माना जाता है कि लोबान की विशेष सुगंध कुछ प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं, भूत-प्रेतों और बुरी आत्माओं को अपनी ओर खींचती है। विशेष रूप से इसका उपयोग शमशान और तंत्र-साधना में होता है ताकि आत्माओं को बुलाया या शांत किया जा सके। इसलिए, सामान्य घरों में इसे जलाने से ऐसी शक्तियाँ आकर्षित हो सकती हैं, जो घर के सदस्यों के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
~ सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित होना: यह भी माना जाता है कि लोबान की गंध से देवी-देवता और सकारात्मक शक्तियाँ दूर जा सकती हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि के बजाय अशांति और क्लेश बढ़ सकता है।
~ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम: लोबान के धुएँ में कुछ ऐसे तत्व हो सकते हैं जो लंबे समय तक साँस लेने पर फेफड़ों और श्वसन तंत्र को नुकसान पहुँचा सकते हैं, विशेषकर यदि यह शुद्ध न हो।

लोबान को घर में जलाने के पक्ष में तर्क

वहीं, अधिकांश हिंदू परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार लोबान को घर में जलाना शुभ माना जाता है:
~ नकारात्मक ऊर्जा का नाश: लोबान का धुआँ घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नज़र और वास्तु दोष को दूर करता है। यह घर के वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मकता का संचार करता है।
~ देवी-देवताओं को प्रसन्न करना: लोबान की सुगंध देवी-देवताओं, विशेषकर माँ दुर्गा और शनि देव को अत्यंत प्रिय है। इसे जलाने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।
~ मानसिक शांति: लोबान की सुगंध तनाव को कम करती है, मन को शांत करती है और ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है।
~ औषधीय लाभ: आयुर्वेद के अनुसार, लोबान का धुआँ हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणुओं को नष्ट करता है, जिससे घर का वातावरण स्वच्छ रहता है।

निष्कर्ष और सावधानियां

यह विरोधाभास मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि लोबान का उपयोग किस उद्देश्य और किस तरीके से किया जा रहा है।
~ उद्देश्य: अगर लोबान का उपयोग पूजा-पाठ और आध्यात्मिक शुद्धता के लिए किया जा रहा है, तो यह शुभ माना जाता है। लेकिन अगर इसका उपयोग तांत्रिक या गुप्त साधनाओं के लिए किया जा रहा है, तो यह नकारात्मक परिणाम दे सकता है।
~ उपयोग की विधि: लोबान को जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसे हमेशा शुद्ध गुग्गुल के साथ मिला कर जलाना शुभ माना जाता है। इसे सही मात्रा में और सही समय (जैसे शाम को आरती के समय) पर जलाना चाहिए।

कुल मिलाकर, सामान्य रूप से लोबान घर में जलाना शुभ माना जाता है, बशर्ते इसका उपयोग सही विधि और शुद्ध भावना के साथ किया जाए। यदि आप किसी भी प्रकार की नकारात्मकता को लेकर आशंकित हैं, तो गुग्गुल, चंदन या कपूर जैसे अन्य सुगंधित पदार्थों का उपयोग करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

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