श्री दुर्गा सप्तशती – चतुर्थ अध्याय !
नवरात्रि के तीसरे दिन का महत्व: मां चंद्रघंटा की पूजा करने से जातक के शरीर को तेज प्राप्त होता है। आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की मुद्रा सदैव युद्ध के लिए अभिमुख रहने से भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र कर देती हैं।

श्री दुर्गा सप्तशती – मां चंद्रघंटा की पूजा, चतुर्थ अध्याय !
Leave a comment