दीपोत्सव एवं देव दीपावली को ‘दिव्य ~ भव्य’ बनाने के निर्देश
स्वीकृत परियोजनाओं में देरी पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
लखनऊ, (29 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, जयवीर सिंह ने विभाग से जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और स्वीकृत परियोजनाओं को शुरू करने में विलम्ब पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। यह निर्देश गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए।

फील्ड निरीक्षण और पारदर्शिता पर बल
मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर जाकर निर्माण कार्यों की प्रगति का नियमित निरीक्षण करने का आदेश दिया। उन्होंने ऐसी कार्यदायी संस्थाओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जो स्वीकृति के बावजूद भी जमीनी स्तर पर कार्य शुरू नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने सभी स्वीकृत परियोजनाओं के आकलन (आगणन) और प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति की स्थिति, तथा अनारम्भ परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
दीपोत्सव और देव दीपावली की भव्य तैयारियां
बैठक में दीपोत्सव और देव दीपावली की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने इन आयोजनों को ‘दिव्य एवं भव्य’ ढंग से करने के लिए सभी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष भी गत वर्ष की भांति लगभग 26 लाख से अधिक दीप जलाने और लेजर शो आदि के प्रदर्शन की योजना अंतिम चरण में है, जिसका उद्देश्य इस वर्ष भी एक नया रिकॉर्ड बनाना है।
मंत्री परिषद के निर्णयों का शत-प्रतिशत अनुपालन
मंत्री जयवीर सिंह ने मंत्री परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को शत-प्रतिशत अनुपालन समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025-26 के लिए वाद्ययंत्रों के क्रय एवं आपूर्ति की स्थिति तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक, ऐशबाग के कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।

परियोजनाओं की प्रगति और नैमिषारण्य विकास
बैठक में बताया गया कि यूपीपीसीएल (UPPCL) की 270 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से 22 पर कार्य शुरू हो चुका है। इसी प्रकार, उ.प्र. राज्य पर्यटन विकास लि. (UPSTDC) की 219 परियोजनाएं क्रियान्वित हैं और 35 पर कार्य शुरू कर दिया गया है। जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य में स्थित चक्रतीर्थ के सामने उपलब्ध भूमि पर भी कार्य प्रगति पर है। यह भी बताया गया कि मंत्री जी के निर्देशों के क्रम में समस्त कार्यदायी संस्थाओं एवं क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सूचीबद्ध आर्किटेक्ट के साथ स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार आगणन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रमुख सचिव पर्यटन की सख्त चेतावनी
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य, अमृत अभिजात ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से जुड़े पीएम एवं एपीएम (प्रोजेक्ट/असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर) को निर्देश दिए कि जिन जनपदों में निर्माण संबंधी समस्याएँ आ रही हैं, वहाँ के मुख्य विकास अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय करके कार्य को आगे बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद कार्य की गति तेज होनी चाहिए।

अमृत अभिजात ने चेतावनी दी कि आगे से कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण स्थल पर उपस्थित कराकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी ली जाएगी। उन्होंने बल दिया कि आगे का समय बहुत महत्वपूर्ण है और सभी क्रियान्वित परियोजनाएं धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की संस्तुति की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, निदेशक ईको पर्यटन प्रखर मिश्र, अपर निदेशक संस्कृति सृष्टि धवन, आरटीओ मुख्यालय अंजू चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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