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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका पाने वाली कंपनी अल्फानार (Alfanar) का संबंध पाकिस्तान से है और इसके अधिकारी भी पाकिस्तानी मूल के हैं।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने आरोपों को सामने रखा :

विदेशी कंपनी और पाकिस्तानी अधिकारी: सिंघार ने आरोप लगाया कि अल्फानार कंपनी मूल रूप से सऊदी अरब की है, लेकिन इसके वरिष्ठ अधिकारियों में पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। उन्होंने पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों के साथ कंपनी के अधिकारियों की तस्वीरें भी प्रस्तुत कीं।

‘जासूसी मीटर’ का खतरा: उन्होंने दावा किया कि ये “स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जासूसी के मीटर” हैं। इनके माध्यम से उपभोक्ताओं के खातों, पैन कार्ड और बिजली बिल जैसी महत्वपूर्ण निजी जानकारी असुरक्षित हो सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

कंपनी का अपंजीयन और प्रतिबंध: सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने भारत सरकार में उचित पंजीयन नहीं कराया है और इसे पहले उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में प्रतिबंधित किया जा चुका है।

ठेका प्रक्रिया पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि जब पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस कंपनी को ठेका देने से मना कर दिया था, तो मध्य और पूर्व क्षेत्र की कंपनियों ने इसे ठेका क्यों दिया।

नेता प्रतिपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनी और सत्ताधारी दल दोनों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

पारदर्शी ठेका प्रक्रिया: कंपनी ने स्पष्ट किया कि ठेका पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया और नियमानुसार दिया गया है।

डेटा सुरक्षा: कंपनी के अनुसार, स्मार्ट मीटर का सभी डेटा भारत में ही स्थापित क्लाउड डेटा सेंटर में पूरी तरह से सुरक्षित है। डेटा विदेश भेजे जाने का आरोप आधारहीन है।

भारतीय सहायक कंपनियां: कंपनी ने बताया कि मेसर्स अल्फानार को भारत में 17 मार्च 2023 को पंजीकृत किया गया था और इसकी भारत में तीन सहायक कंपनियां भी पंजीकृत हैं। सभी कर्मचारी भारतीय मूल के हैं।

अस्वीकृति का कारण: पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में निविदा अस्वीकार किए जाने का कारण केवल समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराना था, जबकि अन्य दो कंपनियों ने दस्तावेजों की पूर्ति की थी।

भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष केवल भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी डेटा विदेश नहीं गया है, बल्कि देश में ही सुरक्षित है।

कर्मचारी भारतीय: उन्होंने भी यह दोहराया कि अल्फानार और उसकी सहायक कंपनी इजीसाफ्ट में काम करने वाले सभी कर्मचारी भारतीय हैं।

फिलहाल, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की है कि लगाए जा रहे सभी स्मार्ट मीटर हटाए जाएं और ठेके की गहन जांच की जाए, जिस पर सरकार और कंपनी ने डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता का भरोसा दिलाया है।

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