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  • नई दिल्ली (एजेंसियां)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में रहने वाले 78 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंकर नरेश मल्होत्रा से साइबर अपराधियों ने 22.92 करोड़ रुपये की ठगी की है। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन खाताधारक, एक बिचौलिया और एक एनजीओ का मालिक शामिल है।

    सेवानिवृत्त बैंकर नरेश मल्होत्रा को साइबर ठगों ने लगभग छह हफ्ते तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान, उन्हें प्रतिदिन वीडियो कॉल के माध्यम से दो-दो घंटे ‘कैद’ रखा जाता था। ठगी की शुरुआत 1 अगस्त को हुई, जब मल्होत्रा के पास एक महिला का फोन आया। महिला ने खुद को एक दूरसंचार कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया गया है। बाद में, उन्हें मुंबई पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई अधिकारी बनकर डराया गया और आतंकी फंडिंग तथा पुलवामा हमले से उनके आधार कार्ड डिटेल जुड़ने का झूठा आरोप लगाकर धमकाया गया। मल्होत्रा को मजबूर किया गया कि वे अपने इक्विटी शेयर बेचकर यह रकम आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दें, यह आश्वासन देकर कि सत्यापन के बाद पैसा वापस मिल जाएगा।

    ठगी गई मोटी रकम (22.92 करोड़ रुपये) को कंबोडिया में बैठे चीन के साइबर अपराधियों तक पहुंचाने और कानूनी अड़चनों से बचने के लिए उत्तराखंड के एक गांव में स्कूल व एनजीओ चलाने वाले व्यक्ति को भी कमीशन के लालच में इस साजिश में शामिल किया गया था। कंबोडिया में बैठे मुख्य ठगों ने दिल्ली में अपने भारतीय एजेंटों के माध्यम से इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान कुछ बैंक खातों में जमा करीब 3 करोड़ रुपये को फ्रीज करा दिया है।

    यह मामला एक सेवानिवृत्त बैंकर से जुड़ा है, जो बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की गहरी समझ रखते थे। इसके बावजूद, वे 22.92 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हुए, जो आम लोगों में जागरूकता की कमी के गंभीर सवाल खड़े करता है।

    अथॉरिटी का डर (Fear of Authority): साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई, या ईडी जैसे उच्च सरकारी विभागों के अधिकारी बताते हैं। भारतीय समाज में इन एजेंसियों के प्रति एक स्वाभाविक डर और सम्मान होता है, जिसका फायदा उठाकर ठग पीड़ित को इतना डरा देते हैं कि वे सोचने-समझने की क्षमता खो देते हैं।

    भावनात्मक ब्लैकमेल और गोपनीयता: ठग अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग या टेरर फंडिंग जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों का जिक्र करते हैं, जिससे पीड़ित बदनामी और गिरफ्तारी के डर से गोपनीयता बनाए रखने को मजबूर हो जाता है और किसी से सलाह नहीं लेता। नरेश मल्होत्रा को भी बेटियों और नाती-पोतों को जान से मारने की धमकी देकर किसी को न बताने के लिए मजबूर किया गया था।

    डिजिटल अरेस्ट एक नई तकनीक: ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक नई तकनीक है, जिसमें ठग वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार दबाव बनाकर पीड़ित को एक वर्चुअल ‘कैद’ में रखते हैं। लगातार दबाव और निगरानी से पीड़ित मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है और ठगों के निर्देशों का पालन करने लगता है।

    तकनीकी समझ का अभाव: भले ही पीड़ित सेवानिवृत्त बैंकर हों, लेकिन नई साइबर अपराध तकनीकों और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे खतरों के बारे में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं थी। यह दिखाता है कि साइबर सुरक्षा जागरूकता का ज्ञान हर उम्र और पेशे के व्यक्ति के लिए लगातार अपडेट होते रहना जरूरी है।

    पुलिस प्रक्रिया की जानकारी का अभाव: आम इंसान और यहाँ तक कि अनुभवी बैंकर भी, पुलिस या जांच एजेंसियों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित नहीं होते। उन्हें यह नहीं पता होता कि कोई भी जांच एजेंसी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट वारंट जारी नहीं करती और न ही निजी खातों में पैसा ट्रांसफर करने को कहती है। इस जानकारी के अभाव में वे आसानी से जाल में फंस जाते हैं।

  • लखनऊ/वाराणसी। देव दीपावली 2025 पर काशी की उत्तरवाहिनी गंगा के दोनों तट दीपों की अद्भुत रोशनी से जगमगाएंगे। महादेव की नगरी में अर्धचंद्राकार घाट करीब 25 लाख दीयों की माला से सजकर साक्षात दिव्यता का रूप धारण करेंगे, तो गंगा पार रेत पर रंग, रोशनी और संगीत का समावेशी प्रदर्शन सृष्टि को आलोकित करेगा। वहीं, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो की अद्भुत झलक श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव कराएगी।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विभागीय प्रयास है कि ‘देवों की दिवाली’ वाराणसी आने वाले हर आगंतुक के लिए यादगार हो। मंत्री ने बताया, ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा 03 से 05 नवम्बर 2025 तक काशी के चेत सिंह घाट और गंगा द्वार पर अत्याधुनिक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग एवं लेजर शो का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मनमोहक प्रस्तुति में गंगा, काशी और देव दीपावली की पावन कथा को 25 मिनट के दर्शनीय अनुभव में पिरोया जाएगा, जिसमें 17 मिनट की प्रोजेक्शन मैपिंग और 08 मिनट का लेजर शो सम्मिलित होगा।’ 

    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘3D प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए देव दीपावली, काशी-वाराणसी, भगवान शिव, गंगा और अन्य पौराणिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी। गंगा तट स्थित प्राचीन इमारतों की दीवारों और घाटों पर आधुनिक लेजर तकनीक के माध्यम से विभिन्न छवियां उकेरी जाएंगी। हिंदी में संवाद के माध्यम से संबंधित कहानियां बताई जाएगी। 

    इस बार देव-दीपावली पर वाराणसी के घाटों पर करीब 25 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसमें 10 लाख दीये राज्य सरकार की ओर से, जबकि बाकि दीप घाटों की स्थानीय समितियों द्वारा जलाए जाएंगे। यह प्रकाश उत्सव घाटों को दिव्यता और सौंदर्य से भर देगा, जिससे गंगा तट और पूरे शहर का दृश्य भक्तों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। देव दीपावली के लिए स्थानीय कुम्हार परिवार दिए तैयार कर रहे हैं।

    काशी के गंगा तट केवल दीपों से नहीं, बल्कि आकाश तक फैली रोशनी से भी जगमगाने वाले हैं। लगभग डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में 10 मिनट तक चलने वाला शानदार फायर क्रैकर्स शो औसत 200 मीटर ऊंचाई तक रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरेगा, जो देखने वालों के लिए अलौकिक अनुभव प्रदान करेगा। यह शो ग्रीन फायर क्रैकर्स (पर्यावरण-अनुकूल आतिशबाजी), तकनीक और कंप्यूटर आधारित कोरियोग्राफी के साथ तैयार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरा करता यह अद्भुत नजारा काशी की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देगा। इस वर्ष देव दीपावली के अवसर पर काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में आगंतुकों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन व्यापक तैयारियां कर रही  है, ताकि प्रत्येक आगंतुक को सुगम व सुरक्षित माहौल मिले। 

    पर्यटन सूचना अधिकारी, वाराणसी नितिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि ‘देव दीपावली को लेकर गंगा घाटों की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि 05 नवंबर को होने वाली देव दीपावली से पहले 01 से 04 नवंबर तक ‘गंगा महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से काशी की परंपरा और कला की झलक देखने को मिलेगी।’

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    वाराणसी में देव दीपावली के लिए स्थानीय कुम्हार परिवार दिए तैयार कर रहे हैं।

  • राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर कोतवाली इलाके में शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से चोटिल हुए युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपित कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    कृष्णा नगर कोतवाली प्रभारी पी के सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र स्थित यातायात पार्क निकट शीला गैस गोदाम के पास रहने वाली अंजु कश्यप पत्नी स्व सोनू कश्यप के अनुसार, शनिवार 25 अक्टूबर की दोपहर 2.45 बजे उनके घर के मोड़ के पास एक चार पहिया गाड़ी चालक ने उनके पति सोनू कश्यप को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। पड़ोसी द्वारा घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने एम्बुलेंस की मदद से घायल सोनू कश्यप को इलाज के लिए नजदीकी लोकबन्धु अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पड़ोसी द्वारा गाड़ी का रंग सफेद और हरा बताया जा रहा है। इसके चलते उन्होंने अज्ञात आरोपित कार चालक के खिलाफ लिखित शिकायत की है, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    उधर, आलमबाग के आशियाना थाना क्षेत्र की अंबिका विहार कॉलोनी में रहने वाले एक युवक के घर पर 21 अक्टूबर की रात्रि में एक युवक ने घर के बाहर गाली गलौज करते हुए पथराव किया और बाहर खड़ी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर शनिवार को आशियाना पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। आशियाना के सेक्टर जे अंबिका बिहार कॉलोनी में रहने वाले आशीष गुप्ता के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात्रि करीब 9 बजे पुराना बर्फ खाना, उदयगंज में रहने वाला कुलदीप सोनकर पुत्र स्व कन्हैया लाल उनके घर के बाहर पहुंच करीब बीस मिनट तक हंगामा करता रहा। उसने गाली गलौज के साथ घर पर पथरावबाजी भी की, इस दौरान घर के बाहर खड़ी कार पर पत्थर लगने से कार का शीशा टूट गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित ने कंट्रोल नंबर पर पुलिस को सूचना देने के बाद स्थानीय आशियाना थाने पर युवक के खिलाफ नामजद शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

  • लखनऊ। अक्सर देखा जाता है कि जब पड़ोसियों या दो पक्षों के बीच कोई गंभीर विवाद या झगड़ा होता है, तो महिलाओं द्वारा विरोधी पक्ष के पुरुषों पर यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ (IPC की धारा 354) जैसे गंभीर आरोप लगा दिए जाते हैं। यह प्रवृत्ति एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बन गई है, जहां व्यक्तिगत रंजिश निपटाने के लिए कठोर कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय न्याय व्यवस्था में पुरुषों के लिए ऐसी कोई ठोस ‘व्यवस्था’ है, जो उन्हें इन झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामलों से तुरंत बचा सके?

    महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून, जैसे कि आईपीसी की धारा 354, 354ए (यौन उत्पीड़न), और 509 (शब्द, हावभाव या कार्य से अपमान), अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। …लेकिन सामाजिक झगड़ों में इन कानूनों का इस्तेमाल अक्सर दबाव बनाने, समझौता कराने या बदला लेने के औजार के रूप में किया जाता है।

    एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया, “हमें ऐसे कई मामले मिलते हैं जहाँ मामूली संपत्ति विवाद या पार्किंग झगड़े को तुरंत ‘छेड़छाड़’ का रूप दे दिया जाता है। चूँकि ये धाराएँ संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) हो सकती हैं, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, जिससे आरोपी पुरुष को भारी सामाजिक कलंक और कानूनी परेशानी झेलनी पड़ती है, भले ही वह बाद में निर्दोष साबित हो जाए।

    हालांकि ‘झूठे आरोप’ रोकने के लिए कोई सिंगल “पूर्व-व्यवस्था” नहीं है, भारतीय कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं में पुरुषों को खुद को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय प्रदान किए गए हैं:| कानूनी बचाव का उपाय | प्रासंगिक धारा | विवरण |

    सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने भी कई फैसलों में यह माना है कि कुछ कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है। विशेष रूप से घरेलू विवादों से जुड़े मामलों (जैसे IPC 498A) में, कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे केवल आरोपों के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी न करें। न्यायालयों ने बार-बार कहा है कि कानून का उद्देश्य सुरक्षा देना है, न कि निजी प्रतिशोध का माध्यम बनना।न्यायविदों का मानना है कि पुलिस जांच अधिकारियों को भी प्रारंभिक जांच में “छेड़छाड़” जैसे आरोपों की प्रकृति और पृष्ठभूमि (जैसे कि पड़ोसी विवाद) की अधिक सावधानी से जांच करनी चाहिए, ताकि बेकसूर लोगों पर झूठे मामले दर्ज होने से रोका जा सके।

    किसी भी पुरुष के लिए जिस पर झूठा आरोप लगा हो, ये कदम तत्काल आवश्यक हैं:

    1. शांत रहें: आवेश में आकर कोई भी प्रतिक्रिया या धमकी न दें, क्योंकि यह आपके खिलाफ सबूत बन सकता है।
    2. कानूनी सलाह: तुरंत एक अनुभवी आपराधिक वकील से संपर्क करें।
    3. दस्तावेज़ीकरण: घटना से संबंधित सभी सबूत, गवाहों के नाम और संपर्क विवरण, और अन्य प्रासंगिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
    4. जाँच में सहयोग: पुलिस जाँच में सहयोग करें, लेकिन वकील की सलाह पर ही कोई बयान दें।

    निष्कर्षतः, झूठे आरोपों से बचाव के लिए कानून में रास्ते हैं, लेकिन पुरुष को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मजबूत कानूनी रणनीति और धैर्य की आवश्यकता होती है। यह न्याय व्यवस्था के लिए एक निरंतर चुनौती है कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए, कानून के दुरुपयोग से बेकसूर नागरिकों को भी बचाए।

  • 1. भाई दूज की पौराणिक कथा (यम और यमुना की कहानी): यह पर्व यमराज (मृत्यु के देवता) और उनकी बहन यमुना (पवित्र नदी) के प्रेम से जुड़ा है।

    भाई का निमंत्रण: पौराणिक कथा के अनुसार, सूर्य देव की पत्नी छाया के पुत्र यमराज और पुत्री यमुना थे। यमुना अपने भाई यमराज से बहुत प्रेम करती थीं और बार-बार उन्हें अपने घर आकर भोजन करने के लिए निमंत्रण भेजती थीं। यमराज अपने कार्य में व्यस्तता के कारण इस निमंत्रण को टालते रहे।

    घर आगमन: एक बार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यमराज अचानक अपनी बहन यमुना के घर आ पहुँचे। अपने भाई को घर पर देखकर यमुना बहुत प्रसन्न हुईं।

    स्नेहपूर्वक सत्कार: यमुना ने बड़े आदर और प्रेम से भाई का स्वागत किया। उन्होंने विधि-विधान से भाई को तिलक लगाया, आरती उतारी और उन्हें स्वादिष्ट व्यंजनों का भोजन कराया।

    यमराज का वरदान: बहन के प्रेम और सत्कार से यमराज अत्यंत प्रसन्न हुए। विदा लेते समय उन्होंने यमुना से वरदान माँगने को कहा। यमुना ने वरदान माँगा कि: आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे घर अवश्य आएं। इस दिन जो बहन अपने भाई को तिलक करे, उसके भाई को अकाल मृत्यु का भय न हो और वह दीर्घायु प्राप्त करे।

    पर्व की शुरुआत: यमराज ने यमुना को यह वरदान दिया और तभी से यह पावन पर्व भाई दूज के रूप में मनाया जाने लगा।

    2. भाई दूज पूजन का तरीका (तिलक विधि): इस दिन बहनें, भाई की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना के साथ उन्हें तिलक लगाती हैं।

    पूजा की थाली

    रोली (कुमकुम) और अक्षत (चावल)

    नारियल (या गोला)

    पान और सुपारी

    मिठाई (या पकवान)

    फूल और फूलमाला

    कलावा (रक्षा सूत्र)

    दीपक (आरती के लिए)पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप) पवित्रता और तैयारी:

    बहनें सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।

    भाई के लिए अपने हाथों से स्वादिष्ट भोजन या पकवान तैयार करें।

    पूजा के स्थान पर चौक (गोबर या आटे से) बनाएँ और उस पर एक साफ पटरा/चौकी रखें।

    भाई को बिठाना:

    भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पटरे/चौकी पर बिठाएँ।

    भाई के सिर पर रुमाल या कोई कपड़ा रखें।

    पूजा और तिलक:

    सबसे पहले भगवान गणेश और यम देव की पूजा करें।

    बहन पूजा की थाली लेकर पहले भाई की आरती उतारें।

    भाई के हाथ की कलाई पर कलावा (रक्षा सूत्र) बाँधें।

    रोली और अक्षत से भाई के माथे पर तिलक (टीका) करें।

    भाई को मिठाई खिलाएँ।

    भाई को नारियल भेंट करें।

    प्रार्थना और आशीर्वाद:

    बहनें हाथ जोड़कर यमराज से भाई की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।

    तिलक होने के बाद, भाई अपनी बहन को उपहार, वस्त्र या दक्षिणा देते हैं और उनके चरण छूकर आशीर्वाद लेते हैं।

    इसके बाद, भाई-बहन एक साथ भोजन करते हैं।

    मान्यता है कि इस दिन भाई को बहन के घर जाकर भोजन करना और तिलक करवाना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। ब्रजमंडल में इस दिन भाई-बहन का यमुना नदी में स्नान करना भी बहुत कल्याणकारी माना जाता है।

  • लखनऊ। राजधानी में एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जहां फर्जी सीबीआई और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से कुल ₹1 करोड़ 18 लाख 55 हज़ार रुपए ठग लिए गए। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।

    पिछले महीने, हीरक भट्टाचार्य नामक पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित को पहले ‘विजय खन्ना’ नामक कथित पुलिस अधिकारी का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसने बताया कि उनके नाम से दिल्ली के केनरा बैंक में एक फर्जी खाता खोला गया है और उसमें धोखाधड़ी का पैसा जमा हुआ है।इसके तुरंत बाद, कॉल करने वाले ने स्वयं को ईडी अधिकारी ‘राहुल गुप्ता’ बताकर जांच के नाम पर पीड़ित पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जांच को गोपनीय बताते हुए किसी से संपर्क न करने की चेतावनी दी गई और डरा-धमकाकर विभिन्न बैंक खातों में ₹1,18,55,000 जमा करवा लिए गए। साइबर अपराधियों ने पीड़ित को फर्जी गिरफ्तारी वारंट और कोर्ट के सीजर आदेश भी भेजे और लगातार व्हाट्सएप कॉल व चैट के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ (डिजिटल रूप से बंधक) करके पैसे हड़प लिए।

    एक महीने की गहन जांच के बाद, साइबर क्राइम पुलिस ने लखनऊ के ग्राम सैफलपुर, काकोरी मलिहाबाद निवासी 39 वर्षीय कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया। कमलेश के पास से एक रियल मी मोबाइल फोन भी बरामद हुआ।

    पूछताछ में कमलेश ने बताया कि वह मिठाई सप्लाई का काम करता है। अगस्त में उसकी मुलाकात सीतापुर निवासी अनुराग से हुई थी। अनुराग ने उसे कमीशन का लालच दिया। कमलेश ने अनुराग के कहने पर गोमतीनगर के इंडसइंड बैंक में अपना खाता खुलवाया और खाते से संबंधित सभी दस्तावेज व सिम अनुराग को दे दिए। उसे कुल लेन-देन पर 2% कमीशन मिलना था।

    अभियुक्त ने खुलासा किया कि उसका साथी अनुराग विदेश में बैठकर फ्रॉडस्टरों से जुड़ा हुआ है और वह संपूर्ण ट्रांजैक्शन का 5% USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में प्राप्त करता था। यह गैंग ठगी के पैसे सीधे विदेशी खातों में ट्रांसफर करता है। कमलेश ने यह भी बताया कि सितंबर 2025 में उसे उत्तराखंड पुलिस भी इसी तरह के करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में जेल भेज चुकी है, और उसके खातों पर पूरे भारत से लगभग 22 शिकायतें दर्ज थीं।

    साइबर क्राइम प्रभारी ने बताया कि अपराधी अक्सर खुद को पुलिस, ईडी या सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं, फर्जी पुलिस स्टेशन या जांच कक्ष का सेटअप दिखाकर वीडियो कॉल करते हैं और डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखते हैं।

    साइबर क्राइम पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि: भारत में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। ऐसी किसी भी कॉल से डरने की जरूरत नहीं है। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

  • अयोध्या/लखनऊ, (19 अक्टूबर 2025)। रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव 2025 के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बार का दीपोत्सव पहले से कहीं अधिक भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। आज अयोध्या आस्था, संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत संगम की साक्षी बनेगी। पूरे शहर को दीपों, रंगों और रोशनी से सजाया गया है। रामलला की नगरी हर ओर से उत्सव की ऊर्जा से भर चुकी है। सुबह से रात तक चलने वाला यह आयोजन धार्मिक परंपराओं की गरिमा और तकनीक की चमक का संगम पेश करेगा।

    सुबह श्रीराम के जीवन प्रसंगों को झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत करते शोभा यात्रा के साथ उत्सव की शुरुआत हो रही है। दोपहर में रामराज्य की प्रतीकात्मक झलक पेश करते हुए प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक समारोह संपन्न होगा। शाम होते ही सरयू घाटों पर जगमगाएंगे 26,11,101 दीपक, जिनकी सुनहरी रोशनी पूरे आकाश को आलोकित कर देगी। सरयू तट एक बार फिर श्रद्धा और एकता के प्रतीक के रूप में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रचने का साक्षी बनेगा। दीपों की यह दिव्यता न केवल अयोध्या को आलोकित करेगी, बल्कि विश्व को भारत की आध्यात्मिक चेतना का संदेश देगी।

    राम की पैड़ी पर भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह संपन्न होगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि रामराज्य की आदर्श भावना, सत्य, धर्म और न्याय की विजय का दिव्य प्रतीक है। उपस्थित श्रद्धालु इस आयोजन के माध्यम से रामराज्य की वास्तविकता और उसके आदर्शों को महसूस करेंगे। इस समारोह की भव्यता और पावनता अयोध्या के प्रत्येक कोने में श्रद्धा और उल्लास की लहर बिखेर देगी।

    दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण तब देखने को मिलेगा जब 56 घाटों पर एक साथ 26 लाख से अधिक दीपक विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों द्वारा प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। सरयू के किनारे यह सुनहरी ज्योति का विशाल सागर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का एक और ऐतिहासिक प्रयास होगा। यह दृश्य न केवल भव्यता और सौंदर्य में अद्वितीय होगा, बल्कि एकता, श्रद्धा और सामूहिक प्रयास की शक्ति का भी जीवंत प्रदर्शन करेगा। हर दीपक अयोध्या की पवित्रता और भारत की सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगा।

    संध्या होते ही राम की पैड़ी एक दिव्य मंच में बदल जाएगी। यहां 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, लेज़र लाइट और एरियल ड्रोन शो के माध्यम से महाकाव्य रामायण को आकाश में जीवंत किया जाएगा। यह केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भक्ति और डिजिटल नवाचार का अद्भुत संगम होगा। दर्शक इस अनुभव में पूरी तरह डूब जाएंगे और रामायण की गाथा को न केवल देखने, बल्कि महसूस करने का अवसर पाएंगे। यह प्रस्तुति दीपोत्सव को आधुनिकता और परंपरा के संयोजन में एक नई ऊँचाई प्रदान करेगी।

    दिनभर के भव्य आयोजन का समापन रामकथा पार्क में होगा, जहां रामलीला मंचन, भजन संध्या और दीपोत्सव प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान किया जाएगा। इस सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित लोग न केवल रामकथा के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभूति करेंगे, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता और सुंदरता का आनंद भी उठाएंगे। यह समापन समारोह दीपोत्सव को यादगार बनाने और श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रफुल्लित करने का अंतिम माध्यम होगा।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “अयोध्या का दीपोत्सव केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की सनातन आत्मा और संस्कृति का प्रतिबिंब है। इस वर्ष का दीपोत्सव भक्ति, श्रद्धा और तकनीक के माध्यम से पूरी दुनिया के लोगों को जोड़ने का अवसर बनेगा। यह आयोजन रामराज्य की सच्ची भावना को जीवंत करते हुए अयोध्या को फिर से भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत करेगा।”

  • दोहा: श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधार।

    बरनौ रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चार॥

    बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार।

    बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार॥

    जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

    राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥

    महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥

    कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥

    हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥

    शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन॥

    विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥

    प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥

    सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा॥

    भीम रूप धरि असुर सँहारे। रामचंद्र के काज सँवारे॥

    लाय संजीवन लखन जियाए। श्री रघुबीर हरषि उर लाए॥

    रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

    सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥

    सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥

    जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते। कवि कोबिद कहि सकैं कहाँ ते॥

    तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

    तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना॥

    जुग सहस्र जोजन पर भानु। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥

    प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लाँघि गए अचरज नाहीं॥

    दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

    राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥

    सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डरना॥

    आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हाँक तै काँपै॥

    भूत पिशाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै॥

    नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

    संकट तै हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥

    सब पर राम तपस्वी राजा। तिनके काज सकल तुम साजा॥

    और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै॥

    चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा॥

    साधु संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे॥

    अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥

    राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥

    तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै॥

    अंत काल रघुबर पुर जाई। जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥

    और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्व सुख करई॥

    संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

    जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥

    जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥

    जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥

    तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥

    दोहा:

    पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

    राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

  • यह मान्यता है कि शनिवार के दिन सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से शनिदेव अप्रसन्न हो सकते हैं और घर में रोग एवं कष्ट आ सकते हैं। यह इसलिए है क्योंकि शनिवार को सरसों का तेल दान करने या शनिदेव को अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। …लेकिन यदि आपने खरीद लिया है, तो चिंता न करें। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके दोष को कम करने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं:

    शनिदेव को अर्पित करें: खरीदे गए तेल में से थोड़ा सा तेल उसी दिन (शनिवार को शाम के समय) शनिदेव को अर्पित करें। आप किसी शनि मंदिर में जाकर तेल चढ़ा सकते हैं। या, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं।

    तेल का दान: खरीदे गए तेल का कुछ हिस्सा किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को दान कर दें। तेल का दान करने से शनि दोष दूर होते हैं।

    दीपक जलाना: शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। यह दीपक आप शनि मंदिर में, पीपल के पेड़ के नीचे, या अपने घर में किसी साफ स्थान पर जला सकते हैं। दीपक जलाते समय शनिदेव की कृपा के लिए प्रार्थना करें।

    मंत्र जप: शनिदेव के मंत्रों का जाप करें, जैसे: ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’।

    अन्य दान: शनिवार को सरसों के तेल के अलावा, काली उड़द दाल, काले तिल, या काले कपड़े का दान करना भी शुभ माना जाता है।

    आप इन उपाय को करने के बाद उस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। उपाय का मुख्य उद्देश्य शनिदेव को प्रसन्न करना और अनजाने में हुए शनिवार को तेल खरीदने के दोष को कम करना होता है।

    सबसे पहले: आपने जो तेल खरीदा है, उसमें से थोड़ा सा तेल निकालकर ऊपर बताए गए उपाय के लिए उपयोग करें (जैसे: शनिदेव को अर्पित करना या दान करना)।

    शेष तेल: अब जो बाकी तेल बचा है, उसे आप सामान्य रूप से अपने घर के उपयोग (खाना पकाने, मालिश, आदि) के लिए बेझिझक इस्तेमाल कर सकते हैं।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब आप उपाय कर लेते हैं और दान या अर्पण कर देते हैं, तो खरीद का दोष समाप्त हो जाता है। इसलिए बाकी बचे हुए तेल के इस्तेमाल में कोई बुराई नहीं है।

  • लखनऊ/अयोध्या, (18 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा लॉन्च की गई ‘दीपोत्सव एआर मोबाइल एप्लीकेशन’ दीपोत्सव 2025 की सबसे चर्चित और आकर्षक डिजिटल पहल बन गई है। यह ऐप आस्था और नवाचार का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही है। ऐप के माध्यम से अयोध्या आने वाले श्रद्धालु रामायण के पावन प्रसंगों को एआर तकनीक (ऑगुमेण्टेड रियलिटी) के जरिए सजीव रूप में अनुभव कर पा रहे हैं। साथ ही, इसका वर्चुअल दीपदान फीचर दुनियाभर के लोगों को ऑनलाइन दीया जलाने और दीपोत्सव का हिस्सा बनने का अवसर उपलब्ध करा रहा है।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध संस्कृति को और अधिक जीवंत और समावेशी स्वरूप दे रहा है। ‘दीपोत्सव एआर ऐप’ युवाओं और नई पीढ़ी को हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ने का अभिनव प्रयास है। यह ऐप भक्ति को डिजिटल युग से जोड़ते हुए, आस्था को वैश्विक मंच प्रदान करता है।’

    अयोध्या में राम की पैड़ी पर लगाए गए जियो-टैग्ड एआर पॉइंट्स के माध्यम से आगंतुक राम-सीता स्वयंवर, हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाना, राम-रावण युद्ध, राम-सीता की अयोध्या वापसी और राज्याभिषेक जैसे पांच प्रमुख प्रसंगों को 3-डी रूप में देख सकते हैं। अपने मोबाइल फोन से निर्धारित बिंदुओं को स्कैन करते ही ये दिव्य दृश्य 3D रूप में जीवंत हो उठते हैं, मानो इतिहास आंखों के सामने स्वयं को दोहरा रहा हो। एआर माध्यम को लेकर युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

    दीपोत्सव एआर ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। ऐप का डिज़ाइन कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि हर आयु वर्ग के उपयोगकर्ता इसे सहजता से प्रयोग कर सकें। इसका अनुभव न केवल मनोरंजक है, बल्कि ज्ञानवर्धक भी है। यही कारण है कि यह ऐप विशेष रूप से छात्रों, पर्यटकों और तकनीक पसंद करने वाले युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

    ऑगमेंटेड रियलिटी ऐप ने दीपोत्सव-2025 को एक अनोखे आध्यात्मिक और तकनीकी अनुभव में बदल दिया है। इस ऐप ने कहानी, श्रद्धा और नवाचार तीनों को जोड़ते हुए अयोध्या की पवित्र भूमि को एक जीवंत डिजिटल संसार में परिवर्तित किया है। वहीं, दुनिया के किसी भी कोने में बैठे लोग ‘वर्चुअल दीपदान’ के जरिये दीप जलाकर इस महा उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं।

    दीपोत्सव एआर एप्लीकेशन, उत्तर प्रदेश पर्यटन की ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की परिकल्पना की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। यह आध्यात्मिक धरोहर और नवाचार के संगम से युवाओं में गर्व, सहभागिता और सांस्कृतिक जुड़ाव की नई भावना जागृत करता है।

  • फ़र्रुख़ाबाद: इलाहाबाद हाई कोर्ट में फ़र्रुख़ाबाद पुलिस की भारी किरकिरी और एसपी को कोर्ट में तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के बाद, सरकार ने आखिरकार कड़ी कार्रवाई की है।कायमगंज के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर दो लोगों को सात दिन तक अवैध तरीक़े से हिरासत में रखने का गंभीर आरोप था।इंस्पेक्टर के निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी हो चुका है।

    इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा की इस लापरवाही और नियम-विरुद्ध कार्रवाई के कारण ही यह पूरा मामला हाई कोर्ट पहुंचा था। हाई कोर्ट ने इस मामले में न सिर्फ इंस्पेक्टर, बल्कि सीओ और एसपी आरती सिंह को भी तलब किया था।

    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में भी पुलिस द्वारा याचिकाकर्ता के वकील को हिरासत में लेने की कोशिश की गई, जिसके कारण न्यायपालिका ने बेहद सख़्त रुख अपनाया। बुधवार को सुनवाई के दौरान तनाव इतना बढ़ा कि एसपी आरती सिंह की कथित तौर पर कोर्ट रूम में तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों (CRPF) को बुलाना पड़ा।

    यह निलंबन स्पष्ट करता है कि पुलिस विभाग अब उन अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहा है, जिनकी गंभीर लापरवाही के चलते न सिर्फ दो नागरिकों के अधिकार का हनन हुआ, बल्कि पूरे महकमे की घनघोर बेइज़्ज़ती हुई और शीर्ष अधिकारी को भी कोर्ट की नाराजगी झेलनी पड़ी।

  • बिजनौर, [17/10/2025]: रबी अभियान वर्ष 2025-2026 प्रारम्भ हो चुका है। इस अभियान के तहत रबी फसलों जैसे सरसों, तौरिया, चना, मटर, मसूर एवं गेहूं आदि फसलों के गुणवत्तायुक्त बीज जनपद के विकासखण्डों में स्थित राजकीय कृषि निवेश भण्डारों में उपलब्ध कराने की कार्यवाही विभाग द्वारा प्रारम्भ कर दी गई है। इन बीजों की बिक्री राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित अनुदान पर कृषकों को कराई जाएगी।

    जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने उक्त जानकारी देते हुए जनपद के समस्त कृषक भाइयों से अनुरोध किया है कि जिन कृषकों का पंजीकरण नहीं है, वे विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराकर अनुदानित बीजों को प्राप्त कर लाभान्वित हो सकते हैं। पंजीकृत कृषक भी इन बीजों को प्राप्त कर सकते हैं।रबी अभियान वर्ष 2025-2026 के अंतर्गत विभाग में उपलब्ध होने वाले बीजों की विक्रय दर, देय अनुदान और कृषक अंश का विवरण निम्नलिखित है:

    1. गेहूं: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹4680.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹2340.00 है, जिससे कृषक अंश ₹2340.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹1300.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3380.00 होगा।

    आधारीय बीज: विक्रय दर ₹4872.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹2436.00 है, जिससे कृषक अंश ₹2436.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹1300.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3572.00 होगा।

    2. चना: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10320.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5160.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5160.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹6820.00 होगा।

    आधारीय बीज: विक्रय दर ₹10803.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5401.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5402.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹7303.00 होगा।

    3. मटर: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹7093.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹3546.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3547.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3593.00 होगा।

    आधारीय बीज: विक्रय दर ₹7418.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹3709.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3709.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3918.00 होगा।

    4. मसूर: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹11050.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5525.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5525.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹7550.00 होगा।

    आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11587.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5793.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5794.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹8087.00 होगा।

    1. तौरिया: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10847.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5423.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5424.00 होता है।

    आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11147.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5647.00 होता है।

    2. राई/सरसों: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10847.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5423.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5424.00 होता है।

    आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11174.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5674.00 होता है।3. अलसी: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10712.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5356.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5356.00 होता है। आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11012.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5512.00 होता है।

  • लखनऊ, (16 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश को समर्थ, विकसित एवं आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने के लिए प्रधानमंत्री की परिकल्पना एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के कुशल निर्देशन में प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने हेतु लिए गए संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन मुख्यालय में आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में डेलायट संस्था के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने डेलायट द्वारा अब तक प्राप्त की गयी उपलब्धियों एवं कार्यवाही की विधिवत समीक्षा करके आवश्यक निर्देश दिए।

    गोमती नगर स्थित पर्यटन भवन में उन्होंने डेलायट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करने के उपरान्त कहा कि प्रदेश में होम स्टे एवं ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत आगन्तुकों को ठहरने के लिए अधिक से अधिक कमरों की व्यवस्था करायी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के ठहराव की अवधि अधिक से अधिक हो, ताकि गृह स्वामियों एवं होटल मालिकों की आमदनी बढ़े और हास्पिटलिटी सेक्टर का योगदान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

    पर्यटन मंत्री ने डेलायट कम्पनी एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि होम स्टे एवं ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सर्वेक्षण की गति तेज किया जाए। इसके साथ ही एक व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि इसका परिणाम धरातल पर दिखाई दे। बी एंड बी में अगर कोई दिक्कत आ रही हो तो उसकी व्यवहारिक कठिनाई को दूर करने के लिए नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव भी बनाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि लिबरल करने से इसका दुरूपयोग न हो।मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि होम स्टे के लिए कमरों का निर्धारित किराया 2000 से 3000 यदि ज्यादा हो तो इसे तर्कसंगत एवं विधिसंगत बनाया जाए। उन्होंने संयुक्त निदेशक प्रीति श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि होम स्टे एवं बी & बी योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें तथा 15 दिन के बाद महानिदेशक पर्यटन भी समीक्षा करके गतिरोध को दूर करते हुए प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य करें। उन्होंने डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए योजना में सुधार, कठिनाई अथवा समस्या आती है तो इसको दूर करने के लिए सुझाव दें।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सर्वे का डाटा शुद्ध एवं व्यवहारिक रूप से तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही पूर्व में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।

    बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार द्वितीय, एमडी पर्यटन विकास निगम आशीष कुमार, पर्यटन सलाहकार जे0पी0 सिंह सहित डेलायट के समन्वयक कार्तिक आदि उपस्थित थे।

  • लखनऊ, (16 अक्टूबर 2025)। दीपोत्सव-2025 की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर पहल की है। इस दीप पर्व पर ग्रामीण महिलाओं के हाथों से बने लगभग पांच लाख दीयों से रामनगरी जगमगाएगी। इन दीयों की चमक न केवल दीपोत्सव की दिव्यता को और बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

    यह जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘हमारा प्रयास है कि दीपोत्सव सिर्फ रोशनी का उत्सव न रहकर सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बने। ग्रामीण महिलाएं इस प्रयास की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पर्यटन एवं ग्रामीण होम स्टे विकास कार्यक्रम परियोजना अंतर्गत महिलाओं को दीये बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। 15 अक्टूबर से दीये अयोध्या पहुंचने लगे।’

    अयोध्या के गौराछार, रामपुरवा और बाराबंकी जिले के भगहर झील क्षेत्र के गांवों की महिलाओं ने दीपोत्सव-2025 को ध्यान में रखते हुए लगभग 5 लाख पारंपरिक मिट्टी के दीये तैयार किए हैं। ये हस्तनिर्मित दीये पवित्र नगरी अयोध्या को दीपोत्सव के अवसर पर और अधिक आकर्षक बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। पर्यटन विभाग का मानना है कि दीप निर्माण से जुड़े परिवारों के लिए यह साल भर की आमदनी का व्यापक जरिया दे जाता है।

    दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के राम कथा पार्क में ग्रामीण महिलाओं को अपने दीयों और हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए नि:शुल्क स्टॉल प्रदान किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से हजारों पर्यटक और श्रद्धालु न केवल अयोध्या के दिव्य दीपोत्सव का आनंद लेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश की ग्रामीण परंपराओं और शिल्पकला के भी साक्षी बनेंगे। पर्यटन विभाग का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से जोड़कर स्थानीय समुदाय की भागीदारी और आय में वृद्धि करना है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के कारीगरों और महिलाओं की मेहनत को वैश्विक स्तर पर मान्यता और सराहना मिले।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, ‘दीपोत्सव केवल भक्ति और सांस्कृतिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण सशक्तिकरण और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को भी प्रस्तुत करता है। इस वर्ष हमने दीपोत्सव को ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिलाओं ने अपने हाथों से लाखों दीये तैयार किए हैं, जो रामनगरी की रोशनी का प्रतीक बनेंगे। यह दृश्य न केवल अयोध्या की पवित्रता और सौंदर्य को बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण अंचलों को रोजगार, स्वाभिमान और पहचान से प्रकाशित भी करेगा। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद की पारंपरिक कला और संस्कृति को पर्यटन के माध्यम से विश्व स्तर पर पहचान दिलाना है, ताकि स्थानीय हुनर को विशिष्ट पहचान मिले।’

  • लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या के विश्वप्रसिद्ध दीपोत्सव में देश–दुनिया से आने वाले पर्यटकों को राज्य के प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराने की तैयारी है। पर्यटक अयोध्या के साथ ही लखनऊ, उन्नाव, वाराणसी, चंदौली और गाजीपुर के प्राकृतिक आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। डेस्टिनेशन के अनुसार पांच अलग–अलग आइटिनरी तैयार की गई हैं, जिनमें से पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार चयन कर सकते हैं।

    ईको टूरिज्म विकास बोर्ड ने पहली बार दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं पर केंद्रित आइटिनरी तैयार की है। पहली आइटिनरी दो दिन और एक रात की है, जिसमें पहले दिन अयोध्या भ्रमण और दूसरे दिन गोंडा स्थित पार्वती अर्गा बर्ड सेंचुरी को शामिल किया गया है। दूसरी आइटिनरी तीन दिन और दो रात की है, जिसमें पहले दिन लखनऊ भ्रमण, दूसरे दिन अयोध्या भ्रमण और तीसरे दिन लखनऊ में कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट आदि स्थलों का भ्रमण शामिल है। तीसरी आइटिनरी चार दिन और तीन रात की है, जिसमें रामसर साइट नवाबगंज पक्षी विहार, उन्नाव को जोड़ा गया है।

    चौथी आइटिनरी अयोध्या–वाराणसी–गाजीपुर को जोड़ते हुए तीन दिन और दो रात की तैयार की गई है। इसमें अयोध्या और काशी के प्रसिद्ध स्थलों के साथ-साथ सारनाथ स्थित कछुआ प्रजनन एवं पुनर्वास केंद्र, गंगा दर्पण म्यूजियम तथा गाजीपुर जनपद के सैदपुर क्षेत्र में गंगा नदी में डॉल्फिन दर्शन को शामिल किया गया है।

    पांचवीं आइटिनरी में अयोध्या, वाराणसी, गाजीपुर के साथ-साथ चंदौली जनपद को भी जोड़ा गया है। यह आइटिनरी पांच दिन और चार रात की है। चौथे दिन चंदौली जिले के राजदरी एवं देवदरी जलप्रपात का भ्रमण कराया जाएगा।

    उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड का उद्देश्य है कि दीपोत्सव में देश–दुनिया से आने वाले श्रद्धालु राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करें, जिससे स्थानीय समुदायों की आय में वृद्धि हो।

    इन आइटिनरी में उन्हीं स्थलों को शामिल किया गया है जहाँ से पर्यटक अयोध्या भ्रमण के साथ आसानी से यात्रा कर सकें। ये सभी आइटिनरी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड की वेबसाइट http://www.upecoboard.up.gov.in तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं।

    गंगा दर्पण म्यूजियम: सारनाथ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में गंगा दर्पण म्यूजियम का महत्वपूर्ण स्थान है। यह नमामि गंगे योजना के अंतर्गत वित्तपोषित है और इसका प्रबंधन वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया जाता है।

    राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि “उत्तर प्रदेश धार्मिक, आध्यात्मिक और ईको टूरिज्म का संगम है। यहां की संस्कृति में प्राकृतिक संपदाओं के प्रति अपार आस्था है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड का यह प्रयास सराहनीय है, जिससे देश–दुनिया से आने वाले श्रद्धालु धर्म–अध्यात्म के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन का भी आनंद ले सकेंगे।”

  • नई दिल्ली: अमेरिकी टेक दिग्गजों के स्वदेशी विकल्प लगातार सुर्खियों में हैं। WhatsApp के स्वदेशी राइवल Arattai के बाद, अब गूगल मैप्स के संभावित भारतीय प्रतिद्वंद्वी Mappls की चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय रेल और टेलीकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक ट्वीट के बाद से यह भारतीय मैप एप्लीकेशन चर्चा का विषय बन गया है।

    रेलवे और टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘स्वदेशी Mappls बाय MapmyIndia, Good features.. must try!’। मंत्री के इस पोस्ट के तुरंत बाद, Mappls की पेरेंट कंपनी, भारत की प्राइवेट कंपनी CE Info System के शेयरों में 10.7 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    वीडियो में अश्विनी वैष्णव ने Mappls टीम से मुलाकात का जिक्र करते हुए इसकी कई खासियतों को उजागर किया:

    3D जंक्शन व्यू: ओवरब्रिज या अंडरपास आने पर यह मैप एक थ्री-डायमेंशनल जंक्शन व्यू दिखाता है, जिससे नेविगेशन आसान हो जाता है।

    मल्टी-फ्लोर नेविगेशन: यह किसी बिल्डिंग में मल्टीपल फ्लोर्स होने पर भी यूजर को बताता है कि किस दुकान या फ्लोर पर जाना है।

    मंत्री ने लोगों से इसे इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कहा, “लोगों को भी इसे ट्राई करना चाहिए।”

    वीडियो में मंत्री को Apple CarPlay में MapmyIndia (Mappls) का उपयोग करते हुए देखा जा सकता है, जो गूगल मैप्स की तरह ही रियल-टाइम नेविगेशन दिखाता है।

    अश्विनी वैष्णव ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही रेलवे और Mappls के बीच MoU (समझौता ज्ञापन) साइन किया जाएगा। इसका उद्देश्य Mappls की बेहतरीन फीचर्स और सर्विस का उपयोग रेलवे के संचालन और व्यवस्था में करना है।

    स्वदेशी WhatsApp राइवल Arattai और MapmyIndia (Mappls) को एक साथ लाने की मांग भी उठ रही है। कई X यूजर्स ने पोस्ट करके इन दोनों ऐप्स को इंटीग्रेट करने की सलाह दी है। इस पर MapmyIndia के डायरेक्टर रोहन वर्मा ने सकारात्मक जवाब दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि वह भी चाहते हैं कि Arattai में इसे इंटीग्रेट किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी ऐप डेवलपर Mappls API और SDK का उपयोग करके इसे आसानी से इंटीग्रेट कर सकता है और इसके लिए उन्होंने संबंधित लिंक भी साझा किया।

    MapmyIndia की पेरेंट कंपनी CE Info System लोकेशन-बेस्ड IoT प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स बनाती है। कंपनी के अनुसार, Mappls को विशेष रूप से भारत के लिए बनाया गया है। यह बहुत ही लोकल स्तर पर, जैसे किसी गली, मोहल्ले या गांव तक भी, लोकेशन और एड्रेस ढूंढ सकता है।

    Mappls Pin: यह सुविधा गूगल मैप्स पिन से प्रेरित है, जिससे यूजर बहुत आसानी से किसी का सही और विशिष्ट पता साझा कर सकता है।

    भारतीय सड़कों के लिए विशेष फीचर्स: स्पीड ब्रेकर, गड्ढे, टोल, रोडब्लॉक, और लोकल लेन के नाम जैसी जानकारी मिलती है।

    RealView: इसमें 360° फोटो में भारत के खास जगहों की झलक देखी जा सकती है।

    भाषा और सेफ्टी: ऐप को हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह रोड सेफ्टी अलर्ट, मौसम और एयर क्वालिटी जैसी जानकारी भी देता है।

    ऑफलाइन मैप्स: इंटरनेट कनेक्शन न होने पर भी नेविगेशन के लिए ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड करने की सुविधा है।

    प्राइवेसी: कंपनी का दावा है कि यूजर की सारी जानकारी भारत में ही स्टोर होती है, जो प्राइवेसी के लिहाज से एक बड़ा कदम है।

  • बिजनौर। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित ‘जागृति यात्रा’ का बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को बिजनौर में सिख समाज और अन्य अनुयायियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह यात्रा पटना से चलकर आनंदपुर साहिब जा रही है और इसका उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति जागरूकता फैलाना है।

    यात्रा शाम लगभग 7:00 बजे शक्ति टॉकीज के पास, नगीना रोड पर पहुंची, जहाँ इसके स्वागत के लिए एक भव्य पंडाल लगाया गया था। जैसे ही यात्रा बिजनौर पहुँची, सिख समाज के अनुयायियों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। पंडाल में, उपस्थित लोगों ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब पर माल्यार्पण किया। इस दौरान प्रसाद वितरित किया गया।

    स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से रेलवे गुरुद्वारा के प्रधान सरदार विजयपाल सिंह, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रधान महासचिव यादराम सिंह, सरदार राजेश सिंह, भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, सरदार सुरेंद्र सिंह फलोदिया, पुष्पेंद्र सिंह एडवोकेट, देवेंद्र सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार हरचरण सिंह, सुरजीत सिंह नेगी, हरमीत सिंह निराला, कोषाध्यक्ष सरदार हरचरण सिंह, गुरदीप सिंह और ज्ञानी सरदार मोहन सिंह शामिल थे।

    महिलाओं ने भी फूलों से यात्रा का स्वागत किया, जिनमें श्रीमती ब्रह्म कौर, श्रीमती नीरज गौतम, समरजीत कौर, अनीता कौर, ममता कौर, रणजीत कौर, श्रीमती निरंकारी और अन्य तमाम महिलाएं शामिल थीं।

  • लखनऊ। करवा चौथ के पावन अवसर पर, Rise and Shine Foundation द्वारा Hotel Pinnacle, आशियाना में एक भव्य ‘KARWA QUEEN’ उत्सव समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में लखनऊ की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

    दीप प्रज्वलन

    मुख्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में पूर्व मेयर लखनऊ, संयुक्ता भाटिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिन्होंने महिलाओं के उत्साह की सराहना की। इस अवसर पर नेहा सौरभ सिंह, पार्षद (भाजपा) और बबीता अग्रवाल, सह-संयोजक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (भाजपा) की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।

    Dancing Diva

    इस आकर्षक कार्यक्रम में कुल 80 महिलाओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अपने भीतर छिपी क्षमता को सबके सामने रखा। मुख्य अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों की कला और आत्मविश्वास की प्रशंसा की और सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।

    पुरस्कार के साथ विजेता

    Rise and Shine Foundation की प्रबंध निदेशक (Managing Director) राखी सिंह और प्रबंधक (Manager) निधि तलवानी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर की दहलीज से बाहर निकलकर अपना हुनर दिखाने और अपनी महत्वकांक्षाएँ (महत्वपूर्ण इच्छाएँ) पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं
    भव्य आयोजन

    अन्य वीआईपी मेहमानों में नेहा मिश्रा और शिप्रा श्रीवास्तव शामिल रहीं। जूरी पैनल में शैलना जौहरी, अंबिका घोष और अंजलि आहूजा भाटिया ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

  • उदयपुर/लखनऊ, (15 अक्टूबर 2025)। भारत सरकार की ओर से ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (14-15 अक्टूबर) का आयोजन राजस्थान के उदयपुर में किया गया। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में संपन्न इस सम्मेलन में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने उन्होंने अगले दशक में भारत में 50 विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों के विकास की घोषणा की। उत्तर प्रदेश की ओर से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गौतमबुद्ध नगर से जुड़े प्रस्ताव को पेश किया, जिसे सराहना मिली।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सम्मेलन में राज्य की रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश सरकार ने हेरिटेज डेस्टिनेशन के साथ-साथ अर्बन टूरिज्म डेस्टिनेशन के विकास को भी प्राथमिकता दी है। इस दिशा में गौतमबुद्ध नगर को एक MICE टूरिज्म हब (बैठकें Meetings), प्रोत्साहन (Incentives), सम्मेलन (Conferences) और प्रदर्शनियों (Exhibitions) के रूप में विकसित करने की विस्तृत कार्य योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। 

    इस परियोजना के अंतर्गत नोएडा स्थित आईटी सिटी के समीप लगभग 100 एकड़ भूमि पर निजी क्षेत्र के सहयोग से एक वृहद हॉस्पिटैलिटी हब विकसित किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही,  मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहन देने के लिए गौतमबुद्ध नगर में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य एवं वेलनेस सुविधाओं के विस्तार की भी योजना बनाई गई है।

    इसके अतिरिक्त, ओखला क्षेत्र के भौगोलिक एवं पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां एक ‘क्लाइमेट चेंज म्यूजियम’ की स्थापना का भी प्रस्ताव है। हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हुए लगभग 1,000 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटा भी निर्मित किया जाएगा, जो शोध प्रदर्शनियों और जन जागरूकता कार्यक्रमों का केंद्र बनेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ परियोजना के तहत कालिंजर और सिद्धार्थनगर के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जो राज्य के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आधुनिक पर्यटन विकास के बहुआयामी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। 

    पर्यटन मंत्रियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ की अवधारणा आने वाले समय में भारत के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि देशवासियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि ‘पहले अपना घर देखें, फिर विदेश जाएं’। उन्होंने राज्यों के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उदयपुर में हुई चर्चा देश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देंगी।’ अगली बैठक में चयनित वैश्विक पर्यटन स्थलों के विकास योजनाओं को अंतिम रूप देने की संभावना है।

    प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य उ. प्र. अमृत अभिजात ने कहा, ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ पहल भारत में पर्यटन विकास के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी। उत्तर प्रदेश ने पहले ही आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। अब राज्य का लक्ष्य शहरी एवं आधुनिक पर्यटन को बढ़ावा देकर हर पर्यटक के लिए एक समग्र और आकर्षक गंतव्य स्थापित करना है।’

  • बिजनौर। खनन पट्टा धारक द्वारा आवंटित क्षेत्र के बाहर भी अवैध रूप से खनन किया गया है। यह खुलासा तहसीलदार नजीबाबाद तथा खनन निरीक्षक की जांच में हुआ है। आवश्यक कार्रवाई के लिए विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की गई है।

    जनपद में संचालित खनन पट्टा क्षेत्र ग्राम वीरू वाला स्थित तहसील नजीबाबाद खनन पट्टा क्षेत्र का तहसीलदार नजीबाबाद संतोष कुमार तथा खनन निरीक्षक सुनील कुमार द्वारा खनन पट्टा स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जांच की गई।

    अपर जिलाधिकारी श्रीमती वान्या सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशों के अनुपालन में 11 अक्तूबर, 25 को खनन निदेशालय एवं सोशल मीडिया से प्राप्त शिकायत के आधार पर टीम पहुंची।

    उक्त अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान प्रथम दृष्ट्या पाया गया कि खनन पट्टा धारक द्वारा आवंटित क्षेत्र के बाहर भी अवैध रूप से खनन किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की जाएगी।

  • लखनऊ, (15 अक्टूबर 2025)। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या, दीपोत्सव-2025 में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम प्रस्तुत करने जा रही है। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर जलने वाले 26 लाख दीयों की आभा जहां भक्ति और उल्लास का प्रतीक बनेगी, वहीं कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देंगे। उत्तर प्रदेश प्रदेश पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए ड्रोन शो और लेजर शो प्रस्तुतियों को आमजन के लिए दो दिन 18 व 19 अक्टूबर को आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने दी।

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘दीपोत्सव-2025 में कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो को लेकर दर्शकों में उत्साह है। स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे। आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर एक दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के सामने वास्तविक प्रतीत होने वाली छवियों के माध्यम से अनुभव को यादगार बनाएंगी।’

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सदैव आस्था, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। पिछले वर्ष आयोजित दीपोत्सव में पहली बार 500 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो का आयोजन किया गया था, जो आमजन और विशिष्ट अतिथियों सभी के लिए अत्यंत रोमांचक अनुभव रहा। दीपोत्सव-2025 को और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से 1,100 ड्रोन के जरिए अद्भुत ड्रोन शो प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। आमलोगों के अभूतपूर्व उत्साह को देखते हुए पर्यटन विभाग ने दीपोत्सव पूर्व 18 अक्टूबर को भी एक अतिरिक्त ड्रोन शो आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस प्रकार अयोध्या आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब दो दिन 18 व 19 अक्टूबर की शाम 07:30 बजे ड्रोन शो और लेजर शो का आनंद ले सकेंगे।’

    संगीत और रोशनी से सजे लेज़र शो में प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से चित्रित किया जाएगा। वहीं, 1,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकाश में प्रस्तुत करेगा, जिनमें ‘जय श्रीराम’, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी मनमोहक आकृतियां शामिल होंगी। शो का समापन ‘त्रेता युग से नव अयोध्या’ की प्रतीकात्मक झांकी के साथ होगा, जो शहर के आध्यात्मिक अतीत और आधुनिक वर्तमान को जोड़ता है।

    विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने बताया कि ‘दीपोत्सव-2025 में 1100 ड्रोन के माध्यम से शो और 3डी-होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। पर्यटन विभाग का प्रयास है कि अयोध्या आने वाले सभी भक्तजन और श्रद्धालु इन सभी प्रस्तुतियों का आनंद उठा सकें। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी आगंतुक रामनगरी के इस भव्य और दिव्य आयोजन की अनुभूति से वंचित न रहे। उन्होंने बताया, कि यूपीएसटीडीसी के एक-दिवसीय ‘दीपोत्सव स्पेशल टूर पैकेज’ को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला है। बुकिंग शुरू होते ही सभी सीटें भर गईं, जिससे स्पष्ट है कि देशभर से लोग अयोध्या की इस दिव्य उत्सव यात्रा का हिस्सा बनने को उत्सुक हैं।’

  • बिजनौर: नजीबाबाद तहसील के गाँव विजयपुर में जल निकासी की गंभीर समस्या ने किसान दिनेश कुमार की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण गाँव का सारा घरेलू और बरसाती पानी किसान के खेत में जमा हो रहा है, जिससे उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो रही है और जमीन का कटाव हो रहा है। आरोप है कि किसानों की एक यूनियन से जुड़े कुछ दबंग नजीबाबाद प्रशासन और विभाग पर दबाव डाल रहे हैं। यहां तक कि जैसे तैसे बुधवार को पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार, लेवर आदि जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे लेकिन दबंगों ने काम होने नहीं दिया। आश्चर्य की बात ये है कि मौके पर खड़ी पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही। वैसे 11 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी से भी लिखित शिकायत की जा चुकी है।

    गाँव गिरदावा साहनपुर और विजयपुर की आबादी के पास जमीन रखने वाले किसान दिनेश कुमार ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को लिखित तौर पर इस समस्या की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विजयपुर गाँव का मुख्य रास्ता उनकी निजी भूमि (संक्रमणीय भूमि) से होकर गुजरता है। गाँव के रास्ते से बहकर आने वाला गंदा और बरसाती पानी सीधा उनके खेत में भर जाता है।

    दिनेश कुमार के अनुसार, खेत में पानी जमा होने से खड़ी फसल लगातार पानी में डूबी रहती है, जिसके कारण वह सूख रही है और पूरी तरह नष्ट होने के कगार पर है। एक तरफ जहाँ फसल बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पानी के लगातार बहाव और जमाव के कारण उनकी उपजाऊ जमीन का भी तेजी से कटाव हो रहा है। इस दोहरे नुकसान से किसान को भारी आर्थिक क्षति हो रही है।

    किसान दिनेश कुमार ने इस गंभीर समस्या के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और लोक निर्माण विभाग (PWD) से तत्काल समाधान की गुहार लगाई। उन्होंने अपनी शिकायत में विशेष रूप से यह अनुरोध किया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माणाधीन सीसी रोड (कंक्रीट सड़क) के निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले जल निकासी के लिए उचित आकार के पाइप डलवाए जाएं। किसान का मानना है कि सड़क के नीचे पाइप डालने से पानी को उनके खेत में जमा होने से रोका जा सकेगा, जिससे उनकी फसल और जमीन दोनों को बचाया जा सकेगा।दिनेश कुमार ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देगा और किसानों के हितों को देखते हुए जल्द ही उचित और प्रभावी कार्रवाई करेगा, ताकि उन्हें और उनकी जमीन को हो रहे लगातार नुकसान से बचाया जा सके।

    यह समस्या केवल दिनेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में कृषि भूमि के संरक्षण और किसानों की आजीविका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसपर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।

  • अल्मोड़ा। जिला पंचायत सदस्य (सल्लाभाटकोट) शैलजा चम्याल ने क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण, डामरीकरण एवं सुधारीकरण के संबंध में पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) के अधिशासी अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सड़कों के अभाव में हो रहे भारी पलायन से क्षेत्र के गांव खाली हो रहे हैं, और यदि समय रहते गांवों को सड़क से नहीं जोड़ा गया तो क्षेत्र का विकास केवल काल्पनिक रह जाएगा।

    भारी पलायन, रोजगार में बाधा और मानवीय संकट~ शैलजा चम्याल ने कहा कि सड़क न होने के कारण कई गांवों से अत्यधिक पलायन हो चुका है और कई गांव खाली हो गए हैं। रोड के अभाव में युवा सरकारी रोजगार योजनाओं और स्वरोजगार का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वर्तमान समय में दिव्यांग, बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं को सड़क तक लाने के लिए पारंपरिक साधन कंडी (डोली) को ले जाने वाले लोग भी नहीं मिल पा रहे हैं। किसानों को होने वाले नुकसान के विषय में उन्होंने कहा कि रोड के अभाव में साग-सब्जी, फल-फूल, इत्यादि खाद्य सामग्री गांव में ही सड़ जाती है, क्योंकि भाड़ा सामग्री के मूल्य से अधिक होता है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।विकास को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के इस आधुनिक युग में क्षेत्र के विकास को अंधेरे में रखा जा रहा है।

    जिला पंचायत सदस्य ने यह भी बताया कि पिछले छः-सात वर्षों में पीएमजीएसवाई से क्षेत्र में एक भी नई रोड नहीं कट पाई है, न ही कच्चे मार्गों में डामरीकरण हो पाया है, जो अत्यंत सोचनीय है और जिससे क्षेत्रवासियों में अत्यधिक आक्रोश है।

    शैलजा चम्याल ने कई गांवों में शीघ्र सड़क पहुंचाने की मांग की है, इनमें तिमुरी, पभ्या, बड़वाटाना, हटौला, खुडयारी, डूंगरलेख, पतलचौरा, तरूला, बालीबगढ़, कटौजी, रूपिकूड़ा, तल्लीसेराघाट, बमोरी, कटोजीया, भनलगांव, घुनयोली, झिरकोट, भंजर, खाटबे, आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कई मार्गों पर डामरीकरण की मांग की है। इनमें थीकलना से जोलीबांज तक, जमरानी बैंड से बेलवालगांव एवं सल्लाभाटकोट से सुकना पभ्या तक। उन्होंने पूर्व में निर्मित नौगांव से कनारीछीना मोटर मार्ग में पुल निर्माण व डामरीकरण का कार्य कराकर रोड का लाभ लोगों को जल्द पहुंचाने की मांग की। वहीं, कसानबैंड से धौलछीना की ओर 1 किलोमीटर की दूरी पर वर्षों से बार-बार टूट रहे और मलबा आने वाले रोड का स्थाई समाधान निकालने की मांग की, जिससे बरसात के सीजन में यात्रियों की परेशानी खत्म हो सके।

    सेराघाट से नैनी मोटर मार्ग और मंगलता से थीकलना मोटर मार्गों की दशा सुधारने की मांग की गई है। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धौलछिना से जागेश्वर मोटर मार्ग का चौड़ीकरण एवं डामरीकरण आवश्यक बताया गया। यह मार्ग बिमलकोट देवी मां के प्रसिद्ध मंदिर को भी जोड़ेगा और वृद्धजागेश्वर जाने का मार्ग भी नजदीक होगा। साथ ही दयारी पनुवानौला को लिंक करने की भी मांग की गई है।

    भविष्य की चिंता: चम्याल ने चेताया कि यदि समय रहते गांवों में रोड नहीं जाती है तो गांवों से पलायन बढ़ता रहेगा, क्षेत्र का विकास काल्पनिक होगा और एक दिन गांवों में केवल जंगली जानवरों का वाश होगा, फिर सरकार किसके लिए रोड ले जाएगी।

  • https://youtube.com/clip/UgkxuFZAgbdQt12UglEdIpOQhrIx15r3G3Ja?si=JoeavjloIeELB44u

    https://youtube.com/clip/UgkxPFq2mORZbzs9D_drO1V5bub2mjcPGOFV?si=SLLW_er6NfgLZQNT

    https://youtube.com/clip/UgkxfgasCPwGOEKP2MM4M7Xfe9Dz1EJAOe4A?si=3KxH9EGDN2hjhDSK

    https://youtube.com/clip/UgkxxXLAAksSHDKVb_QXFdDoaQkLBer7AkNF?si=4AlD0r1oI0Mg9CgM

    https://youtube.com/clip/UgkxEFLllaAYTloR6fQ-29PcZ4StlYYVZtUX?si=F1i3OYBMM8d1EA1Z

    https://youtube.com/clip/Ugkxs7fb85LJ89MyMUfvHxskNfhTWKb2atBD?si=8ljwGR0kAbSwUtjH

    https://youtube.com/clip/UgkxwcmTI7V7bqXjMkENIFtWYW5RFcTviClq?si=5FYd7IkhfYxxiJrZ

    https://youtube.com/clip/Ugkx_gvdR0Fgmr3IhQdpvobOQoY66pWhjPJT?si=CmuKW7ZL5U-R8Ao0

    https://youtube.com/clip/UgkxOjX_Fb4gO-eaXJfN52O6U_K-XbEC3Cg7?si=HrnJZr18tmNIzLpj

    https://youtube.com/clip/Ugkx7MFv2fy3M-QzxZw7YetmM_MIsSWmMGF-?si=aK-2sykUUiUNW5qS

    https://youtube.com/clip/UgkxkUO_BZVQq2RSTZ8b5cKOa6f-3pYVEL4d?si=nMZyollWdCwze4bb

  • लखनऊ, (14 अक्टूबर 2025)। अयोध्या दीपोत्सव-2025 में रामायण के सात कांडों पर आधारित झांकियों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। शोभायात्रा में प्रभु श्रीराम के बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक की कथाओं को कलाकार झांकियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘इस शोभायात्रा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों की शिक्षाओं को आमजन तक पहुंचाना, विशेषकर बच्चों और युवा पीढ़ी को उनकी पौराणिक कथाओं और संस्कृति से जोड़ना भी है।

    ‘मंत्री जयवीर सिंह ने बताया,’अयोध्या दीपोत्सव की शोभायात्रा में शहर के मार्गों पर सांस्कृतिक समृद्धि और धार्मिक भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जिसमें स्थानीय और देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक शामिल होंगे। रामनगरी 26 लाख से अधिक दीयों से जगमगाएगी। लक्ष्मण किला घाट से नया घाट तक 2100 लोगों द्वारा महाआरती विशेष आकर्षण होगा। यह दीपोत्सव पिछले वर्षों से अधिक भव्य होगा, जिसमें आस्था और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।’

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘दीपोत्सव-2025 में भगवान श्रीराम की जीवन गाथा को जीवंत करने वाली भव्य झांकियों का प्रदर्शन होगा। शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से निकलेगी। यह शोभायात्रा रामायण के सातों कांडों- बालकांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदरकांड, लंका कांड और उत्तर कांड पर आधारित होगी। प्रत्येक झांकी में रामायण के प्रमुख प्रसंगों का कलात्मक चित्रण किया जाएगा, जो भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और धर्म की विजय के संदेश से प्रेरित होंगे। पारंपरिक परिधानों, संगीत, नृत्य और साज-सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत ये झांकियां दीपोत्सव के सांस्कृतिक उल्लास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगी।

    बालकांड की झांकी में भगवान राम के जन्म और विश्वामित्र आश्रम गमन के प्रसंग को दर्शाया जाएगा, वहीं अयोध्या कांड में राम और सीता के विवाह, वनगमन आदि को प्रस्तुत किया जाएगा। अरण्य कांड में सीता हरण और जटायु प्रसंग, किष्किंधा कांड में सुग्रीव-मित्रता, सुंदरकांड में हनुमान की लंका यात्रा और उनके पराक्रम, लंका कांड में रावण-वध और उत्तर कांड में श्रीराम के राज्याभिषेक के दृश्य विशेष आकर्षण रहेंगे।

    मंत्री ने बताया कि ‘इन झांकियों में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन की दिव्य गाथा, आदर्शों, त्याग, प्रेम और धर्म की भावना को कलात्मक रूप से अभिव्यक्त किया जाएगा। प्रत्येक झांकी को आधुनिक पारंपरिक गीत-संगीत, लोक कलाओं और नाट्य रूप में सुसज्जित किया जाएगा, जिससे दर्शक स्वयं को त्रेतायुग की पावन कथा का साक्षी महसूस करेंगे।’

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘रामायण से जुड़े सभी सात कांड पर आधारित शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगी, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और परंपरा की झलक प्रस्तुत करेगी। दीपोत्सव के दौरान कलाकारों का अभिनय, भक्ति संगीत और पुष्प वर्षा के बीच इन झांकियों से सम्पूर्ण अयोध्या राममय हो उठेगी।’

  • डेंगू बुखार: लक्षण, कारण, निदान, उपचार और रोकथाम डेंगू बुखार (Dengue fever) हमेशा से ही ध्यान खींचने वाला मामला रहा है। एक प्रसिद्ध कहावत है जो कहती है कि “यदि आप मानते हैं कि प्रभाव डालने के लिए आप बहुत छोटे हैं, तो आपने मच्छरों के साथ रात नहीं बिताई है।” इसलिए, अपनी सेहत को […]

    डेंगू बुखार: लक्षण, कारण, निदान, उपचार और रोकथाम
  • लिस्बन/लखनऊ, (13 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन को ‘सेवन स्टार्स लग्जरी हॉस्पिटैलिटी एंड लाइफस्टाइल अवार्ड्स 2025’ में बेस्ट स्पिरिचुअल टूरिज्म डेस्टिनेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। पुर्तगाल में भारत के राजदूत पुनीत रॉय कुंदल ने उत्तर प्रदेश की ओर से 11 अक्टूबर को आयोजित समारोह में यह सम्मान ग्रहण किया। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘यह प्रतिष्ठित सम्मान उत्तर प्रदेश की उस विशिष्ट पहचान को वैश्विक मंच पर और सशक्त करता है, जिसके केंद्र में आस्था, भक्ति और दिव्यता की सदियों पुरानी परंपरा निहित है। 

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘यह उपलब्धि न केवल राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण है, बल्कि विश्व पर्यटन मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की अग्रणी स्थिति को और मजबूत करती है। इस सम्मान के साथ उत्तर प्रदेश ने यह संदेश दिया है कि जहां आस्था संस्कृति से मिलती है, वहीं से सच्चे अर्थों में ‘स्पिरिचुअल टूरिज्म’ का मार्ग प्रशस्त होता है।

    ‘पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आगे बताया, ‘उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि राज्य को एक प्रतिष्ठित वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए, जहां पर्यटक न केवल आध्यात्मिक अनुभवों का आनंद लें, बल्कि यहां के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास, ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म और ईको टूरिज्म जैसी विविधताओं का भी अनुभव कर सकें। आने वाले वर्षों में प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाओं, सशक्त आधारभूत संरचना, उत्तम मेहमाननवाजी और अभिनव पर्यटन पहलों को विस्तार दिया जाएगा, ताकि हर पर्यटक का अनुभव और भी समृद्ध, आनंददायक और यादगार बने।’

  • लखनऊ, (13 अक्टूबर 2025)। भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या दिव्यता और भक्ति के आलोक से एक बार फिर जगमगाने को तैयार है। दीपोत्सव-2025 के भव्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष आयोजन में 26 लाख से अधिक दीयों के प्रज्ज्वलन और 2100 श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक महाआरती के साथ दो नए विश्व कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे, जिसका साक्षी देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु बनेंगे। वहीं, जो भक्त प्रकाश पर्व का हिस्सा नहीं बन पाएंगे, उनके लिए श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने भावनाओं को जोड़ने वाली एक अभिनव डिजिटल पहल ‘एक दीया राम के नाम’ की शुरुआत की है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। 

    पर्यटन मंत्री ने बताया, ‘एक दीया राम के नाम’ ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कर श्रद्धालु वर्चुअल दीप प्रज्वलित कर प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकते हैं। साथ ही, अपने प्रियजनों के लिए मंगलकामनाएं भेज सकते हैं। उन्होंने बताया, अयोध्या दीपोत्सव अब वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ने वाला आयोजन बन गया है। ‘एक दीया राम के नाम’ जैसी पहल ने दीपोत्सव को वैश्विक स्तर पर और समावेशी बनाया है।’

    पर्यटन मंत्री ने बताया, ‘श्री रामजन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, वहीं अनेकों श्रद्धालु प्रतिभाग करने हेतु इच्छुक हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘दिव्य अयोध्या’ ऐप के माध्यम से विश्व भर से डिजिटल दीप प्रज्वलित करने की व्यवस्था की है।’

    दिव्य अयोध्या ऐप पर श्रद्धालुओं के लिए तीन प्रकार के पैकेज उपलब्ध हैं। ‘राम ज्योति’ नाम से 2100 रुपए का पैकेज अयोध्या दीपोत्सव 2025 के ‘एक दीया राम के नाम’ अभियान का सर्वोत्तम संकल्प है। इसमें रोली, सरयू जल (पीतल के लोटे में), अयोध्या रज, रामदाना, मिश्री, रक्षा सूत्र, हनुमान गढ़ी के लड्डू और चरण पादुका (खड़ाऊ) जैसे आठ घटक सम्मिलित हैं। ऑनलाइन संकल्प पूर्ण करने पर यह संपूर्ण पवित्र प्रसाद सीधे आपके घर तक पहुंचाया जाएगा।

    श्रद्धालुओं के लिए ‘सीता ज्योति’ नाम से 1100 रुपए में एक अन्य पैकेज उपलब्ध है। माता सीता को समर्पित इस पैकेज में रोली,  सरयू जल (पीतल के लोटे में), रामदाना, रक्षा सूत्र और हनुमान गढ़ी के लड्डू जैसे पांच घटक सम्मिलित हैं। वहीं, भगवान राम के भाई लक्ष्मण के पराक्रम और सेवा भाव को समर्पित 501 रुपए के ‘लक्ष्मण ज्योति’ नाम के पैकेज में रोली, अयोध्या रज, रामदाना, रक्षा सूत्र और मिश्री जैसे पांच घटक सम्मिलित हैं। भक्त ऑनलाइन संकल्प लेकर इस पैकेज को अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं और दीपोत्सव-2025 में आध्यात्मिक रूप से सहभागी बन सकते हैं। 

    ‘दिव्य अयोध्या’ एक पर्यटन आधारित मोबाइल एप्लिकेशन एवं वेब पोर्टल है, जिसे अयोध्या आने वाले भक्तों और पर्यटकों को ध्यान में रख तैयार किया गया है। यह आगंतुकों को अयोध्या में घूमने और धार्मिक स्थलों की जानकारी खोजने में मदद करता है। ऐप को पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। पर्यटकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर होटल, होम स्टे बुकिंग, गाइडेड टूर, टैक्सी बुकिंग एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध होती हैं। यह एप्लिकेशन होम स्टे योजना के अंतर्गत विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य अयोध्या आने वाले पर्यटकों के अनुभव को अधिक उत्कृष्ट बनाना है। दिव्य अयोध्या ऐप को कोई भी श्रद्धालु गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इच्छुक श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की ओर से जारी www.divyaayodhya.com/bookdiyaprashad पर जाकर भी सेवाएं ले सकता है।

  • लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र स्थित औरंगाबाद जागीर में रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ। बीते 9 अक्टूबर की शाम अभिषेक वर्मा पर उसके घर के पास ही रहने वाले अंशू, सुमित, अमन, तन्मय, उल्ला, गोविन्दा, कुनाल सहित लगभग 10-12 अज्ञात लड़कों ने चाक़ू से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़ित की मां ममता के अनुसार, अभिषेक के शरीर पर 15-20 जगह घाव हुए हैं, जिसके चलते उसे लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आशियाना थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर नामजद मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

    आलमबाग कोतवाली इलाके के गढ़ी कनौरा में रहने वाली श्रद्धा पाण्डेय ने अपने देवर आदित्य पाण्डेय पुत्र स्व० हरिहर नाथ पाण्डेय पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। महिला के अनुसार, बीते 10 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा के दौरान देवर ने गाली गलौज करते हुए उनसे मारपीट की। जब उन्होंने अपनी 13 वर्षीय बेटी पूर्वी पाण्डेय से घटना का वीडियो बनाने को कहा, तो देवर ने बेटी संग भी मारपीट की, मोबाइल छीन लिया और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। आलमबाग कोतवाली प्रभारी सुभाष चन्द्र सरोज ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।

    आशियाना थाना इलाके के रजनी खंड शारदा नगर से एक 17 वर्षीय किशोरी कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकली और उसके बाद लापता हो गई। पीड़ित पिता ने स्थानीय आशियाना थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अंकित नामक एक युवक पर आशंका जताई है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को अंकित नामक युवक से बात करते हुए कई बार देखा गया है, और अंकित का फ़ोन कॉल आने के बाद ही वह लापता हुई है, जिसका मोबाइल फ़ोन नंबर अब बंद आ रहा है। आशियाना थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लापता किशोरी की तलाश शुरू कर दी है।

    लखनऊ के कृष्णा नगर कोतवाली क्षेत्र की मालवीय स्टेट कॉलोनी में एक रिटायर्ड आर्मी कैप्टन शिव प्रकाश सिंह ने अपने किराएदार रवीश पर बकाया किराया मांगने पर गाली गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना बीते 11 अक्टूबर शनिवार दोपहर की है। पीड़ित, जो कि हार्ट पेशेंट भी हैं, की शिकायत पर कृष्णा नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

    मानक नगर थाना क्षेत्र में स्थित केनरा बैंक के एक एटीएम मशीन पर स्कूल वैन चालक छोटू सिंह के साथ धोखाधड़ी हुई। बीते 19 सितम्बर की दोपहर पैसा निकालने गए छोटू सिंह को पीछे खड़े एक जालसाज ने बातों में फंसाकर उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और खाते से 35 हजार रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर मानक नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपी की तलाश कर रही है।

    कृष्णा नगर क्षेत्र की एलडीए कॉलोनी सेक्टर डी 1 में शुक्रवार शाम घर के द्वार पर बैठी 72 वर्षीय चंद्रावती पाण्डेय के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हुई। एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आए और पीछे बैठे युवक ने अचानक वृद्धा के गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन छीन ली और तेज़ी से फरार हो गए। सरेशाम हुई इस घटना से कॉलोनी में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पीड़िता के पति राकेश पाण्डेय की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी है।

    लखनऊ कमिश्नरेट उत्तरी जोन के महिगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बराखेमपुर निवासी हिमांशु पुत्र बृजपाल सिंह ने एक गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है। हिमांशु ने बताया कि 10 अक्टूबर 2025 की रात विपक्षी विमलेंद्र पुत्र राजेंद्र सिंह (सीतापुर निवासी) ने उन्हें, उनके भाई दिव्यांशु और बहन दिव्यांशी उर्फ गौरा को चंद्रिका देवी मंदिर मेला देखने के बहाने बुलाया था, जहां विपक्षी ने उनकी बहन की जबरन शादी करा दी। इसके बाद से उनकी बहन और भाई दिव्यांशु लापता हैं। अगले ही दिन 11 अक्टूबर की रात विमलेंद्र और उसके साथियों ने हिमांशु को लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया और गांव के बाहर फेंक दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और मोबाइल फोन भी टूट गया। हिमांशु ने विपक्षियों से जान-माल के खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    लखनऊ-सीतापुर रोड स्थित किसानपथ अंडरपास के पास शनिवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार कंटेनर ने हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री के कर्मचारी आशुतोष शुक्ला (लगभग 32 वर्ष) और उसके साथी शिवम मिश्रा की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में आशुतोष शुक्ला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवम मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गया। बीकेटी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मृतक का पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कंटेनर को इटौंजा टोल के पास पकड़ लिया गया है। मृतक आशुतोष शुक्ला इटौंजा में किराए पर रहता था और मूल रूप से सीतापुर जिले का निवासी था।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) के गठन की योजना को तेज़ कर दिया है, जिसका उद्देश्य राजधानी लखनऊ और इसके पड़ोसी जिलों का सुनियोजित और बड़े पैमाने पर विकास करना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 26,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र को कवर किया जाएगा।

    उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) में लखनऊ सहित कुल छह जिले शामिल होंगे। इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल लगभग 27,826 वर्ग किमी है। ये हैं शामिल जिले.

    • 1. लखनऊ
    • 2. हरदोई
    • 3. सीतापुर
    • 4. उन्नाव
    • 5 रायबरेली
    • 6. बाराबंकी

    UPSCR के गठन का मुख्य उद्देश्य इन सभी जिलों में समेकित और नियोजित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि यहां के निवासियों को दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

    क्षेत्र में हाई-स्पीड रेल और रोड कनेक्टिविटी का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे जिलों के बीच आवागमन तेज और सुगम हो सके। इसमें लखनऊ मेट्रो का विस्तार भी शामिल है। आर्थिक विकास और रोजगार: स्पेशल इकोनॉमिक जोन और इंडस्ट्रियल जोन स्थापित किए जाएंगे। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक व व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

    किफायती आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। आबादी के अनुपात में इन सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। क्षेत्रीय महायोजना का निर्माण: इस पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक विस्तृत क्षेत्रीय महायोजना (Regional Master Plan) तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर अगले पांच वर्षों में परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। यह योजना न केवल राजधानी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगी।

  • लखनऊ/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित प्रतिष्ठित 10वें अखिल भारतीय पुलिस जूडो क्लस्टर-2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल स्वर्ण पदक अर्जित किया, बल्कि ‘नारी शक्ति’ और यूपी पुलिस के गौरव का अद्भुत परिचय दिया। यह ऐतिहासिक उपलब्धि पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में आगरा पुलिस की महिला पुलिस टीम ने हासिल की, जिसमें उप निरीक्षक ऐश्वर्या कौशल, आरक्षी श्वेता और आरक्षी अक्षिका शामिल थीं। टीम ने अपनी बेहतरीन तकनीक, फुर्ती और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

    इस जीत को उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी महिला खिलाड़ियों की क्षमता को साबित किया है। यह प्रदर्शन राज्य सरकार के #MissionShakti अभियान को भी बल देता है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा पर केंद्रित है। यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पदक विजेता टीम को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

    टीम की इस सफलता ने राज्य पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया है और अन्य महिला पुलिसकर्मियों को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है। #UPPolicePride की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यूपी पुलिस की महिला शक्ति हर चुनौती का सामना करने और विजय हासिल करने में सक्षम है।

  • ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (Uttar Pradesh Shramjeevi Patrakar Union) ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 10 पत्रकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, यूनियन दिसंबर माह में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी करेगी।

    यूनियन की यह महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष ज्योति लाल शर्मा की अध्यक्षता और महामंत्री अनुज चौधरी के संचालन में पालिका बाजार में संपन्न हुई। बैठक में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 पत्रकारों का चयन करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी की अध्यक्षता इफ्तिखार मलिक करेंगे, जबकि मनोज बाल्मीकि और अनुराग शर्मा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कमेटी एक सप्ताह के भीतर चयनित सदस्यों की सूची यूनियन को सौंपेगी।

    बैठक में अयोध्या में 6 नवंबर से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन के सदस्यों से एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन में शामिल होने के लिए सहमति मांगी गई है, ताकि प्रदेश कार्यकारिणी को शामिल होने वाले सदस्यों के नाम समय पर भेजे जा सकें।

    यूनियन ने दिसंबर माह में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने पर सहमति जताई। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों की सहायता के लिए एक कोष (फंड) बनाने का भी निर्णय लिया गया। यूनियन ने सरकार से पत्रकारों के लिए मूलभूत सुविधाएं, पेंशन और आवास उपलब्ध कराने की मांग भी की।

    संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से, यूनियन ने मासिक बैठकों को अब तहसील स्तर पर भी आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की है। बैठक को आबिद रजा, इफ्तार मलिक, संजीव भुइयार, अनुराग शर्मा, आरके सिंह अव्वरवाल, अफसर हुसैन सिद्दीकी, मनोज बाल्मीकि, डॉक्टर अभय कुमार बिश्नोई आदि ने संबोधित किया।

  • बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) में मनाया जाने वाला विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व अपनी अनूठी और ऐतिहासिक परंपराओं के कारण दुनिया भर में जाना जाता है. यह पर्व किसी अन्य दशहरा उत्सव जैसा नहीं है, बल्कि यह पूरे 75 दिनों तक चलता है, जो इसे भारत का सबसे लंबा त्योहार बनाता है. इस पर्व की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें रावण दहन नहीं होता है, बल्कि यह देवी दंतेश्वरी और स्थानीय देवी-देवताओं की आराधना को समर्पित है.

    साभार: https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202510101437373022347084

    पर्व में शामिल होने आए देवी-देवताओं को राशन की लाइन में लगना होता है. पूरे संभाग के गांव-गांव से 700 से अधिक देवी-देवता (और कई बार 800 से 1700 तक) इस महापर्व में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं.

    संभाग भर के गांव-गांव से जो देवी-देवता दशहरा पर्व में शामिल होने पहुंचते हैं, उनके पुजारियों को लाइन में लगकर राशन और पूजा का सामान लेना होता है. बस्तरवासी इस परंपरा को सालों से निभाते आ रहे हैं.

    तहसील कार्यालय से व्यवस्था: यह राशन और पूजा सामग्री तहसील कार्यालय से उपलब्ध कराई जाती है, जिसकी व्यवस्था दशहरा समिति (जिसके अध्यक्ष सांसद और सचिव तहसीलदार होते हैं) द्वारा की जाती है.

    चिह्नों की एंट्री: राशन पाने के लिए पुजारियों को अपने साथ लाए गए देवी-देवताओं के चिह्न (जैसे मंदिर का छत्र, तोड़ी और टंगिया) की प्रशासनिक अधिकारी के पास एंट्री करवानी होती है.

    मिलने वाला सामान: इस पूजा के सामान में 2 किलो चावल, दाल, तेल, घी, नमक, नारियल समेत अन्य जरूरत के सामान दिए जाते हैं.

    यह अनोखा राशन वितरण एक दिन का नहीं होता, बल्कि यह तब तक चलता है जब तक पर्व में शामिल होने आए देवी-देवताओं की विदाई नहीं हो जाती. वितरण प्रक्रिया दशहरा पर्व की मुख्य रस्मों के दौरान शुरू हो जाती है. पुजारियों को दशहरा पर्व के दिनों में और उसके बाद रवाना होने तक राशन दिया जाता है. यानी, यह वितरण प्रक्रिया देवी-देवताओं को दी जाने वाली विदाई रस्म (‘डोली विदाई’) तक जारी रहती है.

    ग्रामीण पुजारी अपने गांव के कुल देवी-देवताओं की छत्र, तोड़ी और अन्य चिन्हों को लेकर लाइन में खड़े होते हैं. इन्हीं चिह्नों के आधार पर एंट्री की जाती है, और यही कहा जाता है कि देवी-देवता भी लाइन में लगकर सामान ले रहे हैं.

    इस प्रक्रिया में देवी-देवताओं को पूजा के सामान के लिए लाइन लगाकर खड़े देख हर कोई हैरान हो जाता है. तहसील कार्यालय में पूजा सामान और राशन बांटने का काम पटवारी और अन्य कर्मचारी करते हैं, पटवारी सत्यनारायण सेठिया ने बताया कि हर साल इसी तरह लाइन से ही पूजा का सामान दिया जाता है जिससे देवी देवता लेकर पहुंचे पुजारियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े. देवी देवताओं को पूजा के सामान के लिए लाइन लगाकर खड़े देख हर कोई हैरान हो जाता है. आज के दौर में भी इस परंपरा को यहां के लोग जिंदा रखे हुए हैं, यह अपने आप में हैरान कर देने वाली बात है. कुल मिलाकर आज के दौर में भी इस सालों पुरानी परंपरा को यहां के लोग जीवित रखे हुए हैं, यह बस्तर की आस्था, संस्कृति और प्रशासनिक व्यवस्था का एक अनूठा उदाहरण है.

  • बिजनौर। थाना रेहड़ पुलिस ने एक बड़े तार चोरी के मामले में वांछित एक और अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से चोरी किए गए तार के बंडल, एक कटर और चोरी के माल को बेचकर मिली नकदी में से बचे हुए ₹10,500 बरामद किए गए हैं।

    यह मामला दिनांक 13.09.2025 को वादी वसी अहमद (मेघा इंजीनियरिंग इफरास्ट्रेक लि०) द्वारा दर्ज कराया गया था। तहरीर में अज्ञात चोरों द्वारा कन्डेक्टर वायर के बन्डल (लगभग 1500 मीटर तार) चोरी किए जाने का उल्लेख था। इस सूचना के आधार पर थाना रेहड़ पर मु०अ०स०-69/25 धारा 303(2)/324(4) BNS के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।

    विवेचना के दौरान {1.} अजीज अहमद, {2.} राशिद और {3.} असीम नामक तीन अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए थे। इन तीनों को पुलिस ने दिनांक 25 सितम्बर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया था।

    आज दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को थाना रेहड़ पुलिस द्वारा इस मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त अय्यूब पुत्र मौ० रहीश निवासी मौ० इस्लामनगर, कस्बा व थाना मिलक, जनपद रामपुर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त अय्यूब के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है: {1.} दो बंडल एल्युमीनियम तार: एक बंडल की लम्बाई लगभग 15 मीटर और दूसरे की लम्बाई 20 मीटर है। {2.} नगदी: ₹ 10,500 (चोरी के माल को बेचकर प्राप्त)। {3.} टपारिया कम्पनी का एक कटर, जिस पर BC-24 लिखा है।

    पुलिस इस मामले में शामिल अन्य पांच वांछित अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है :
    {1.} फिरासत पुत्र रहमत अली
    {2.} कासिफ पुत्र विसारत
    {3.} आकाश पुत्र लालाराम
    {4.} महेश पुत्र गोकिल भन्डारी (सभी निवासी फिरोजपुर, थाना शाही, जनपद बरेली)।
    {5.} इमरान उर्फ गप्पी पुत्र नामालूम (निवासी ग्राम सिहारी, थाना मिलक, जनपद रामपुर)।

    वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली थाना रेहड़ की पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विकास कुमार, उ. नि. भीम सिंह, उ. नि. सोनू कुमार, हे. का. पुरुषोत्तम और सर्विलांस टीम जनपद बिजनौर शामिल थी।

  • लखनऊ, (10 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा प्रायोजित ‘ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर’ में प्रदेश के जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों ने देश-विदेश से आए आगंतुकों को आकर्षित किया। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित फेयर की थीम ‘प्रकृति, मानव और वन्यजीव के बीच सामंजस्य’ है। फेयर में इको टूरिज्म स्टॉल पर दुधवा टाइगर रिजर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व सहित राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और ईको-फ्रेंडली आवासीय सुविधाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। 

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘फेयर में यूपी इको टूरिज्म बोर्ड के स्टॉल पर राज्य की जैव विविधता वाले क्षेत्रों, इको-टूरिज्म सर्किटों और सतत पर्यटन पहलों की जानकारी दी जा रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ, गैंडा, हाथी, बारहसिंघा और घड़ियाल जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की उपस्थिति ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।’ उन्होंने बताया कि ‘प्रकृति, मानव और वन्यजीव के बीच सामंजस्य’ थीम पर आधारित तीन दिवसीय आयोजन में मुख्य भाषणों, पर्यटन प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, छात्र सत्र और फिल्म प्रदर्शनियां आदि शामिल हैं, जिनका उद्देश्य जिम्मेदार पर्यटन और संरक्षण सहयोग को बढ़ावा देना है। यह आयोजन 25 से अधिक देशों के संरक्षण विशेषज्ञों, इको-टूरिज्म संचालक, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को एक साथ लाएगा। 

    राज्य की ओर से दुधवा हाइड अवे, चंबल वाइल्ड लाइफ सफारी मेला कैंप, दुधवा निर्वाणा रिट्रीट सहित अन्य ईको प्रॉपर्टी के प्रतिनिधि भी फेयर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 और इको पर्यटन के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘राज्य में ईको पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। यहां के पर्यटन आकर्षणों की विश्व में अपनी विशिष्टता है। ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर के माध्यम से विभिन्न देशों से आने वाले आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के समृद्ध प्राकृतिक व पर्यटन स्थलों से परिचित कराया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यूपी घूमने के लिए आकर्षित हों।’

  • चौधरी वीर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रयागराज से लेकर हरिद्वार तक निकाले जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को मूल रूप से बिजनौर से होकर गुजरना था, लेकिन “बाहरी जनप्रतिनिधियों” ने अपने निजी स्वार्थ के लिए इसे चोरी कर लिया और अब इसे अन्य जनपदों से निकाला जा रहा है। वीर सिंह ने अपनी मांग के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि माँ गंगा स्वयं बिजनौर जनपद में लगभग 100 किलोमीटर तक अपना आशीर्वाद देती हैं, और बिजनौर उत्तर प्रदेश का प्रथम प्रवेश द्वार भी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा भी सदन में बिजनौर से एक्सप्रेसवे निकाले जाने के मुद्दे को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन इन जनप्रतिनिधियों ने बिजनौर वासियों की भावनाओं को आहत किया है, जिसे शिवसेना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

    भारतीय किसान यूनियन टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष कल्याण सिंह ने शिवसेना की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए किसानों के हित में इस लड़ाई में साथ रहने का आश्वासन दिया। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने बताया कि वह शीघ्र ही सभी संगठनों और राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाएंगे और गंगा एक्सप्रेसवे की मांग को लेकर जनपद बिजनौर में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। यह आंदोलन बिजनौर से एक्सप्रेसवे को निकाले जाने तक जारी रहेगा।

    इस मांग पर प्रशासन और सरकार का क्या रुख रहता है, यह जानने के लिए आंदोलन की आगामी रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने घोषणा की है कि दीपोत्सव-2025 में युवाओं और कलाकारों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दीपोत्सव की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

    दीपोत्सव-2025 के दौरान कुल चार मुख्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा:

    1. दीपोत्सव निबंध प्रतियोगिता 2025
    2. दीपोत्सव चित्रकला प्रतियोगिता 2025
    3. दीपोत्सव काव्य प्रतियोगिता 2025
    4. दीपोत्सव शॉर्ट एनीमेशन फिल्म प्रतियोगिता 2025

    मुख्य विवरण और नियम| प्रतियोगिता | विषय वस्तु | मुख्य नियम/प्रारूप | आयु वर्ग ||

    निबंध | दीपोत्सव से संबंधित | 600 से 1,000 शब्द। हिंदी या अंग्रेजी में। प्रविष्टि डिजिटल रूप में (PDF या Word)। मौलिक लेखन अनिवार्य। | सभी आयु वर्ग ||

    चित्रकला | दीपोत्सव की रोशनी, आध्यात्मिक/सांस्कृतिक संदेश | मौलिक कलाकृति। प्रस्तुति डिजिटल प्रारूप (JPEG/PNG) में। | सभी आयु वर्ग ||

    काव्य/कविता | दीपोत्सव की दिव्यता, भक्ति और उत्सवमय वातावरण | कविता की प्रस्तुति का रील वीडियो (अवधि 60 सेकंड से कम)। हिंदी या अंग्रेजी में। वीडियो फॉर्मेट MP4 या MOV। | सभी आयु वर्ग ||

    शॉर्ट एनीमेशन फिल्म | दीपोत्सव की भावना, संस्कृति और भव्यता का सार | उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो। फॉर्मेट MP4 या MOV। कॉपीराइट सामग्री का उपयोग न करें। | सभी आयु वर्ग |

    पुरस्कार: प्रत्येक प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को दीपोत्सव के विशेष अतिथि द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

    अंतिम तिथि: इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टि 14 अक्टूबर 2025 की रात 11:00 बजे तक जमा करा सकते हैं।

    पंजीकरण: प्रतिभागी दिए गए QR कोड या लिंक docs.google.com/forms/d/17rZz9… का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते हैं।पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि यह पहल न केवल युवा सृजनशीलता को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि दीपोत्सव की सांस्कृतिक गरिमा और भावनात्मक जुड़ाव को भी नई ऊंचाई देगी।

  • बिजनौर: जिले की नजीबाबाद तहसील के वीरू वाला गांव में एक खनन परमिट की आड़ में अवैध खनन की गतिविधियाँ तेज़ी से चल रही हैं। यह मामला न केवल राजस्व को लाखों का चूना लगा रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुँचा रहा है।

    जानकारी के अनुसार गॉटा संख्या 193 में मैसर्स टीम ग्रोथ कंपनी को 1.340 हेक्टर ज़मीन पर 24120 घन मीटर RBM (रिवर बेड मटेरियल) के लिए 21 जून 2025 को खनन परमिट (अनुज्ञा पत्र) जारी किया गया था। लेकिन, सूत्रों के अनुसार, कंपनी अनुज्ञा पत्र (परमिट) में निर्धारित शर्तों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रही है।

    अवैध खनन की इस गतिविधि में स्थानीय खनन इंस्पेक्टर की मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है। जिलाधिकारी, बिजनौर ने परमिट जारी करते समय सख्त शर्तें लागू की थीं, जिनमें प्रमुख रूप से यह था कि पानी में खनन नहीं किया जाएगा। अनुज्ञा पत्र में स्पष्ट तौर पर यह भी लिखा गया है कि अगर पानी में या सीमांकन क्षेत्र से बाहर कोई भी खनन गतिविधि की जाती है, तो परमिट तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बावजूद, नदी के पानी में चार से पाँच पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है।

    परमिट की शर्तों में यह भी अनिवार्य किया गया था कि प्रत्येक वाहन को EMM11 (इलेक्ट्रॉनिक माइनिंग मूवमेंट फॉर्म) जारी किया जाएगा। आरोप है कि मौके पर बिना EMM11 जारी किए ही ओवरलोड RBM का परिवहन किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर खनन नियमों का उल्लंघन है, जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है और सरकारी छवि धूमिल हो रही है।

    इस अवैध कारोबार के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सख्त रुख प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि अवैध खनन और अवैध परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिकारी इसमें संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि दोषियों और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके और राज्य के राजस्व और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

    कुल मिलाकर यह मामला वैध परमिट की आड़ में हो रहे संगठित अवैध खनन का उदाहरण है, जो सरकारी राजस्व को चूना लगा रहा है और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँचा रहा है। इसमें स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका है, जो मुख्यमंत्री की ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति के विपरीत है।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध अनुसंधान विंग (EOW) ने रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बहुचर्चित ठगी मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में एक और आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। रवीन्द्र पाल सिंह कंपनी की शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद शाखा में एजेंट के तौर पर काम करता था। मुकदमा 11 साल पहले दर्ज किया गया था।

    यह गिरफ्तारी 6 से 11 अक्टूबर तक चल रहे ईओडब्ल्यू के विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों के साथ हुई वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में वांछित आरोपियों को पकड़ना है। ईओडब्ल्यू की टीम ने वांछित आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह को बुधवार को लखनऊ के राममनोहर लोहिया पार्क के पास ताज होटल से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

    गिरफ्तार आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड का एजेंट था, जिसने निवेशकों को ऊंचे ब्याज और आकर्षक रिटर्न का लालच देकर उनकी गाढ़ी कमाई को आरडी, एफडी और अन्य निवेश योजनाओं में जमा करवाया। जांच में यह साबित हुआ है कि वह कंपनी के निदेशकों के साथ मिलकर निवेशकों की पूंजी हड़पने के षड्यंत्र में सीधे तौर पर शामिल था।

    रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशकों और एजेंटों ने मिलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। जांच के दौरान यह सामने आया है कि केवल शाहजहांपुर जिले में ही कंपनी पर निवेशकों के करीब 30 करोड़ रुपये की देनदारी बकाया है। कंपनी ने शुरू में आकर्षक स्कीम्स का जाल बिछाया, लेकिन बाद में निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो गए।

    मुकदमा दर्ज: इस मामले की शुरुआत 28 जनवरी 2014 को शाहजहांपुर के सदर बाजार थाने में हुई थी। कंपनी के खिलाफ धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 447 (अनधिकृत प्रवेश), 468 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

    EOW को हस्तांतरण:

    प्रारंभिक जांच के बाद 5 मई 2014 को उत्तर प्रदेश शासन ने मामले को आर्थिक अपराध अनुसंधान विंग (EOW) को सौंप दिया।

    आरोप पत्र: ईओडब्ल्यू की गहन जांच में कुल 57 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, जिनमें से 50 के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।

    वर्तमान स्थिति: यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में बाकी सात वांछित आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। एजेंसी ने आम जनता को संदिग्ध निवेश योजनाओं से सावधान रहने और निवेश से पहले पूरी जांच करने की सलाह दी है। रवीन्द्र पाल सिंह की गिरफ्तारी से निवेशकों को कुछ राहत मिली है, जो न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

  • लखनऊ। तालकटोरा थाना क्षेत्र से एक अत्यंत सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक युवती के साथ उसके पड़ोसियों ने जानलेवा हमला किया। यह हमला तब हुआ जब युवती ने एक पड़ोसी द्वारा नग्न अवस्था में की जा रही अश्लील हरकतों का वीडियो बना लिया। हमले में आरोपियों ने युवती और उसके पिता को बेरहमी से पीटा, जिसमें युवती को जमीन पर पटककर उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

    राजाजीपुरम निवासी पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके पड़ोसी राहुल रावत और बाबूलाल लंबे समय से उसे देखकर अश्लील कमेंट और छेड़छाड़ करते थे। लोकलाज के कारण वह अब तक चुप थी। पीड़िता का आरोप है कि एक दिन राहुल रावत नग्न हालत में खड़ा होकर अभद्र हरकतें करने लगा। इसे देखकर युवती ने तुरंत राहुल का वीडियो बना लिया। इसी बात से आरोपी बौखला गए और उन्होंने युवती से बदला लेने की साजिश रची।

    आरोप है कि जब युवती घर पर अकेली थी, तब बाबूलाल, मोतीलाल, नीतू रावत, राहुल रावत, शिवानी रावत और राहुल की तीन बुआ उसके घर में जबरन घुस गए और युवती की बेरहमी से पिटाई करने लगे। शोर सुनकर जब युवती के पिता मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटा। मारपीट के दौरान, आरोपियों ने युवती को जमीन पर पटक दिया और उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मार दी, जिससे वह दर्द से कराह उठी और गंभीर रूप से घायल हो गई।

    इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप दुबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की तहरीर (शिकायत) पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • लखनऊ। मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के मामलों के बाद सामने आए जानलेवा कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ को लेकर योगी सरकार पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। केंद्र और राज्य सरकार की एडवाइजरी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन विभाग को तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट पर रखा गया है।

    राज्य अनुज्ञापन प्राधिकारी, मध्य प्रदेश से प्राप्त पत्र के अनुसार, बेंगलुरु की मेसर्स श्रेसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा विनिर्मित औषधि ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ (बैच नंबर: SR-13, निर्माण तिथि: मई/2025, समाप्ति तिथि: अप्रैल/2027) में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) का अपमिश्रण पाया गया है। यह हानिकारक अवयव मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

    जनहित में इस गंभीर घटना को देखते हुए, उत्तर प्रदेश राज्य के समस्त जनपदों के औषधि निरीक्षकों को तत्काल निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत:

    ~ कोल्ड्रिफ सिरप या श्रेसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा विनिर्मित कोई भी अन्य कफ सिरप पाए जाने पर उसे अभिरक्षा में लेने और बिक्री रोकने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

    ~ औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों (मेडिकल स्टोर) और सरकारी/गैर-सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध अन्य ब्रांड के सभी कफ सिरपों के नमूने संकलित किए जाएं और आवश्यक निरोधात्मक कार्यवाही की जाए।

    ~ कार्यक्षेत्र में स्थित निर्माणशालाओं से कफ सिरप और उसमें प्रयुक्त होने वाले प्रोपाईलिन ग्लाइकॉल (Propylene Glycol) के नमूने भी संग्रहित किए जाएं।

    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने जानकारी दी कि प्रदेश में व्यापक स्तर पर चलाए गए अभियान के दौरान, बुधवार तक की जांच में यह पाया गया कि जानलेवा ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप किसी भी जनपद में आपूर्तित नहीं हुई है।

    आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों और सरकारी अस्पतालों से अन्य निर्माता फ़र्मों द्वारा निर्मित विभिन्न ब्रांड के कुल 364 कफ सिरप के नमूने जांच एवं विश्लेषण हेतु संग्रहित किए गए हैं। इन सभी नमूनों को लखनऊ जन विश्लेषक प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

  • https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510090717303022346763

    …जब दिनेश ने दर्द से चीखना शुरू किया, तो शोर सुनकर मकान मालिक और पड़ोसी ऊपर पहुंचे। मकान मालिक की बेटी अंजलि ने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद था और काफी कहने के बाद जब दरवाजा खोला गया, तो दिनेश दर्द से तड़प रहे थे और उनकी पत्नी घर के अंदर छिपी हुई थी।

  • बिजनौर। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिजनौर में पार्टी संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण से सम्मानित स्व. रामविलास पासवान की पांचवीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नुमाइश ग्राउंड के पास स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उन्हें ‘सर्व समाज के शोषितों, गरीबों, उपेक्षितों एवं महिलाओं की सशक्त आवाज’ के रूप में याद किया गया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने स्व. पासवान को माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में उनके ऐतिहासिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाईं। जिलाध्यक्ष ने विशेष रूप से गरीबों के लिए राशन वितरण प्रणाली, आम नागरिकों के लिए मोबाइल सुविधा की शुरुआत और डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न दिलवाने तथा संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित करवाने जैसे कार्यों का उल्लेख किया।

    पुण्यतिथि के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया। आवास विकास कॉलोनी में एलआईसी के पीछे बने पार्क में जिलाध्यक्ष रामनाथ सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मंजेश ठाकुर, जिला महासचिव यादराम सिंह और नगर अध्यक्ष हरिश्चंद्र गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने आम के दो पौधे लगाए।

    कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष नवीन कुमार गर्ग, वरिष्ठ नेता चंद्रमणि रघुवंशी, नगर अध्यक्ष हरिश्चंद्र गुप्ता, जिला प्रधान महासचिव यादराम सिंह, जिला सचिव दिनेश कुमार, ब्लॉक उपाध्यक्ष तेजपाल सिंह, डी.के. सागर, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष नीता रानी सैनी व नीरज गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

  • लखनऊ। वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी के वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस (IBCA) द्वारा आयोजित ग्लोबल बिग कैट्स फोटोग्राफी प्रतियोगिता में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एक बाघ की अद्भुत तस्वीर ने पुरस्कार जीता है। फोटोग्राफर जीतेंद्र चावरे को उनकी उत्कृष्ट कलाकृति के लिए नकद राशि के साथ-साथ दुधवा टाइगर रिजर्व में स्थित जागीर मनर में चार दिन और तीन रात रुकने का अवसर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के ईको डेस्टिनेशन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं।

    यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, आर्ट्स माएस्ट्रो और उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। वन्य जीव सप्ताह के समापन दिवस, 08 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस दौरान अपर महानिदेशक वाइल्ड लाइफ रमेश कुमार पांडेय ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा।

    पुरस्कार वितरण से पहले, केंद्रीय मंत्री ने एआर-वीआर (ऑगमेंटेड रियलिटी-वर्चुअल रियलिटी) तकनीक के माध्यम से दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वर्चुअल भ्रमण किया और यहाँ के नैसर्गिक सौंदर्य का काफी देर तक आनंद लिया। उन्होंने इन प्रकृति की विरासतों की सराहना करते हुए समारोह में मौजूद भारत सहित अन्य देशों के फोटोग्राफरों और लोगों को उत्तर प्रदेश के टाइगर रिज़र्व का भ्रमण करने के लिए प्रेरित किया।

    ‘वन्यजीव संरक्षण का सशक्त अभियान’उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने एक वीडियो संदेश में इस आयोजन को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त अभियान बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इको-टूरिज्म का एक उभरता हुआ केंद्र है, जहाँ दुधवा, पीलीभीत, कतर्नियाघाट और अमानगढ़ जैसे टाइगर रिज़र्व जैव विविधता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में गठित उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। यह बोर्ड स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने, पर्यटक सुविधाओं का विकास करने, और राज्य के ईको-टूरिज्म स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने में कार्यरत है।

    प्रतियोगिता में विश्व भर से शेर, चीता, तेंदुआ, जैगुआर और हिम तेंदुआ जैसी विभिन्न बिल्ली प्रजातियों की लगभग 1400 तस्वीरें आईं, जिनमें 70 से अधिक उत्तर प्रदेश की थीं। इस दौरान यह बात सामने आई कि भारत में कॉर्बेट या पीलीभीत से आई तस्वीरों में सबसे खूबसूरत बैकड्रॉप और बेहतरीन लाइट क्वालिटी थी। यह भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, के नैसर्गिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर श्रेष्ठ साबित करता है। समारोह में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के अपर निदेशक प्रखर मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय बिग कैट्स एलायंस के प्रेसिडेंट एसपी यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • लखनऊ, (08 अक्टूबर 2025)। दीपोत्सव-2025 के लिए होने वाले मॉक ड्रिल से दस दिन पूर्व उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज अयोध्या पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों, अयोध्या प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

    पर्यटन मंत्री ने कहा, इस दीपोत्सव का विशेष आकर्षण करीब 100 बच्चों की वानर सेना होगी, जो प्रभु श्रीराम की रथ यात्रा के दौरान उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्था, सजावट, प्रकाश, तथा सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘यह आयोजन न केवल भव्य और यादगार हो, बल्कि सुरक्षा, स्वच्छता और आगंतुक सुविधाओं के मामले में भी मिसाल पेश करें। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान महिला सुरक्षा, सफाई, साइनेज, पेयजल, प्रसाधन तथा सूचना-सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम अनुभव मिल सके।’

    उन्होंने कहा, ‘दीपोत्सव आयोजन में आगंतुकों की संख्या की जानकारी के लिए एआई आधारित कैमरों से निगरानी प्रणाली हेतु समुचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, शोभा यात्रा के दौरान पर्यटकों और दर्शनार्थियों को सड़क के दोनों ओर सुव्यवस्थित तरीके से अवलोकन की उचित व्यवस्था रहेगी। हेलीपोर्ट से राम रथ तक रास्ते के दोनों ओर ढोल नगाड़ों, पुष्प, अबीर, गुलाल व राम दरबार आदि सुनिश्चित की जाएगी।’

    मंत्री ने कहा कि ‘इस वर्ष दीपोत्सव की झांकियों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। पहली बार 100 बच्चों की वानर सेना नगाड़ों की गूंज के बीच भगवान श्रीराम की रथयात्रा में शामिल होकर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा, अयोध्या के प्रमुख मंदिर, मठों एवं धार्मिक स्थलों की प्रबंधन समिति से समन्वय स्थापित करते हुए दीप प्रज्ज्वलन एवं साज-सज्जा संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    बैठक में दीपोत्सव के सजीव प्रसारण हेतु 35 एल.ई.डी. स्क्रीन की व्यवस्था के साथ ही केबल प्रसारण में दिक्कत ना आए, उसके निर्देश दिए गए।’

    मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में दीपोत्सव-2025 में एक बार फिर इतिहास रचा जाएगा। सरयू तट स्थित राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 26 लाख से अधिक दीयों को एक साथ प्रज्वलित कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय मानकों और पर्यावरण अनुकूल आयोजन हमारी प्राथमिकता है। अयोध्या की सड़कों, घाटों और धरोहर स्थलों को रामायण की थीम पर सजाया-संवारा जाएगा, ताकि हर आगंतुक को लगे मानो वे स्वयं श्री राम की कथा का हिस्सा हों।’

    पर्यटन मंत्री ने कहा, धर्म पथ पर प्रकाश सज्जा एवं कांसेप्ट लाइटिंग, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो, कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो, म्यूजिकल ग्रीन फायर क्रैकर्स शो, स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन शो के दौरान उपस्थित लोगों की सुरक्षा और देखने की उचित व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। आयोजन में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) सहित अन्य स्टॉल के लिए उचित स्थान के चयन पर भी चर्चा हुई। 

    जिला प्रशासन के सामने दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में गाड़ियों के प्रवेश, आवाजाही, पास आदि से संबधित आम और खास लोगों को होने वाली दिक्कतों, ट्रैफिक नियंत्रण आदि को रखा गया। जिला प्रशासन ने बेहतर प्रबंध का आश्वासन दिया। इस वैश्विक आयोजन में संदिग्ध लोगों की गतिविधियों आदि पर विशेष नजर रखने और भीड़-भाड़ वाले जगहों पर पुलिस बल के पुख्ता प्रबंध की भी जानकारियां साझा की गई। 

    इस दौरान महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार, प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, अयोध्या के नगर आयुक्त, मेयर गिरीशपति त्रिपाठी, सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, बिकापुर के विधायक अमित सिंह चौहान तथा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही।

  • चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2025: हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मंगलवार, 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित उनके आवास (मकान नंबर-116) में उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर तब, जब इस मामले में रिश्वतखोरी का एक नया कोण सामने आया है।

    इस मामले में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है, जिसका तार सीधा ADGP पूरन कुमार से जुड़ता दिख रहा है:

    भ्रष्टाचार का मामला: सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से दो दिन पहले रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज हुआ था। सुशील पर एक शराब कारोबारी से हर महीने 2 से 2.5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। इस मामले में एक ऑडियो क्लिप को आधार बनाते हुए गनमैन सुशील को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सुशील ने दावा किया कि वह यह रिश्वत ADGP पूरन कुमार के निर्देश पर मांग रहा था। मंगलवार शाम को सुशील को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

    पुलिस सूत्रों का मानना है कि गनमैन की गिरफ्तारी और उससे जुड़े आरोपों का दबाव ही पूरन कुमार की आत्महत्या की वजह हो सकता है। चंडीगढ़ पुलिस ने इस दिशा में जांच तेज कर दी है।

    वसीयत और अंतिम नोट बरामद: पुलिस ने घटनास्थल से एक वसीयत और अंतिम नोट भी बरामद किया है, जिसके आधार पर पुलिस अन्य सुराग तलाश रही है।

    सुरक्षाकर्मियों को बाहर भेजा: जानकारी के मुताबिक, पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले अपने सभी सुरक्षाकर्मियों को बाहर जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद वे अपने घर के साउंडप्रूफ बेसमेंट में गए, एक कुर्सी पर बैठे और अपने PSO की सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। बेसमेंट के साउंडप्रूफ होने के कारण गोली चलने की आवाज बाहर नहीं सुनाई दी। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-16 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया।

    इस घटना ने न केवल पुलिस बल्कि प्रशासनिक हलकों में भी शोक की लहर पैदा कर दी है। पूरन कुमार की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी कुमार, वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान दौरे पर हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटियां और वृद्ध मां हैं। बड़ी बेटी अमेरिका में पढ़ती है, जबकि छोटी बेटी चंडीगढ़ में रहती है। घटना की सूचना मिलने के बाद उनकी मां और ससुराल वाले सेक्टर-11 स्थित आवास पर पहुंचे।

    चंडीगढ़ पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और रिश्वत के आरोप, गनमैन की गिरफ्तारी और पूरन कुमार की आत्महत्या के बीच संबंधों की कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने हरियाणा पुलिस के आला अधिकारियों के बीच सनसनी फैला दी है।

    सुसाइड नोट में कुछ वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के नाम लिखे मिली जानकारी मिली है।वाई पूरन कुमार की छवि स्पष्टवादी, ईमानदार और पेशेवर अधिकारी की रही थी, लेकिन करियर में विवाद, दवाब और भेदभाव के आरोप उनके साथ जुड़े रहे।

    पुलिस जांच की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को घटनास्थल से 8-9 पन्नों का सुसाइड नोट और एक वसीयत मिली है। इस सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने हरियाणा पुलिस के 10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना और पेशेवर साजिश के आरोप लगाए हैं। इनमें पूर्व DGP, मौजूदा DGP, ADGP और SP रैंक के अफसर शामिल हैं, हालांकि इन नामों का आधिकारिक खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है, क्योंकि पुलिस नोट की फॉरेंसिक जाँच करवा रही है

    सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने बेरुखी, ट्रांसफर, वरिष्ठ अधिकारियों के मानसिक उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र किया है। हाल ही में उनका ट्रांसफर PTC सुनारिया, रोहतक किया गया था, जिसे सजा स्वरूप पोस्टिंग माना गया। इस घटनाक्रम और आरोपों के चलते उन पर मानसिक दबाव की बात सामने आ रही है? सूत्रों के अनुसार, तबादले से वह कथित तौर पर नाराज थे और उन्होंने इसे प्रशासनिक अपमान बताया था। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी नौकरी से असंतुष्टि, भेदभावपूर्ण बर्ताव और मानसिक उत्पीड़न का उल्लेख किया है।

    फिलहाल जारी है जांच: पुलिस अधिकारी अभी सारा मटेरियल (सुसाइड नोट, वसीयत, ऑडियो क्लिप) की फॉरेंसिक जांच के बाद अगला कदम उठाएंगे। फिलहाल, चंडीगढ़ पुलिस ने रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, मानसिक उत्पीड़न और अधिकारियों की भूमिका पर गहन जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और सभी सबूत सील कर FSL लैब भेजे गए। गनमैन और कारोबारी के बयान अभी जांच के प्राथमिक आधार पर हैं। मामला अब केवल आत्महत्या या भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस तंत्र में शीर्ष स्तर पर दबाव, गुटबाजी और अनुभवजन्य सच्चाइयों को भी उजागर करता दिख रहा है?

  • लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम खुजौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गंभीर विवादों के घेरे में है। विद्यालय की छात्राओं और उनके अभिभावकों ने प्रधानाचार्य और वार्डन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें अमानवीय व्यवहार, जबरन श्रम और जातिगत भेदभाव शामिल हैं।

    छात्राओं और अभिभावकों का आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाली बच्चियों से रोज़ाना झाड़ू-पोछा, बाथरूम की सफाई और बर्तन धुलवाए जाते हैं। यह व्यवहार न केवल बालिकाओं के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है, बल्कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है।

    अभिभावकों का कहना है कि बच्चियों को जातिगत टिप्पणियों और धमकियों का भी सामना करना पड़ता है। वार्डन द्वारा कथित रूप से अपमानजनक शब्द कहे गए—“नीची जाति की हो, ऊँची मत बनो।” इस तरह की जातिगत मानसिकता और दुर्व्यवहार को लेकर अभिभावकों में गहरा रोष है।

    परिजनों ने एक और सनसनीखेज आरोप लगाया है कि रात में पाँच-छह गाड़ियों से अज्ञात लोग विद्यालय में आते हैं। यदि कोई बच्ची उन्हें देख लेती है तो वार्डन उसे बुरी तरह पीटती है और गालियाँ देती है। यह आरोप विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    शिकायतों के अनुसार, छात्राओं को समय से भोजन, स्कूल ड्रेस और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जो कि एक आवासीय विद्यालय के लिए अनिवार्य सुविधाएँ हैं।

    अभिभावकों ने स्पष्ट रूप से प्रबंधन को चेतावनी दी है कि जब तक वार्डन को हटाया नहीं जाएगा, वे अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे। स्थानीय निवासियों ने भी इस तरह की जातिगत मानसिकता और बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार को गंभीर चिंता का विषय बताया है।

    यह एक माह के भीतर दूसरा मामला है जब राजधानी के शिक्षण संस्थानों में बच्चियों से दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। इससे पहले नवजीवन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और एक शिक्षक पर भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस नए प्रकरण पर एसीपी मोहनलालगंज ने मीडिया को बताया, “मामला एसडीएम के संज्ञान में है, मेरे आते ही जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।”अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस से विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि दोषियों को सज़ा मिल सके और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

  • बिजनौर। रेड क्रॉस सोसाइटी और विवेक आयुर्वेदिक कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजा हरवंश सिंह इंटर कॉलेज, हल्दौर में कुंवर शिव महेंद्र सिंह और रानी पीतांबरी राजलक्ष्मी की पूण्य स्मृति में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।

    शिविर का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने किया। शिविर में 468 मरीजों के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की गई। इसमें नेत्र चिकित्सक, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट जैसे विभिन्न क्षेत्रों के डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं।

    सेवाएं: रोगियों की त्वचा रोग, खून की जांच, और ब्लड प्रेशर जैसी सामान्य जांचों के साथ-साथ विशेष उपचार भी प्रदान किए गए।

    प्राकृतिक चिकित्सा: योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट द्वारा मसाज, मर्म चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा और आहार परिवर्तन के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय भी बताए गए।

    निःशुल्क लाभ: सभी परीक्षित रोगियों को निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, 250 नेत्र रोगियों को निःशुल्क चश्मे भी प्रदान किए गए।

    शिविर में डॉक्टरों की एक समर्पित टीम ने मरीजों की जांच की और परामर्श दिया। टीम में डॉ. प्रतिभा ठाकुर, डॉ. प्रीति श्रीवास्तव, डॉ. मधुमिता दास, डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. जितेंद्र सैनी, डॉ. ए आर जैदी, डॉ. आयुषी भारद्वाज, डॉ. अमन, डॉ. उषा, डॉ. हेमेंद्र तोमर आदि शामिल थे। इसके अलावा, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. नरेंद्र कुमार और लैब टेक्नीशियन अनुज पाठक ने भी सेवाएं दीं।

    शिविर के सफल समापन पर, कुंवर प्रमोद कुमार सिंह ने अतिथि चिकित्सकों को सम्मानित कर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर, डायरेक्टर डॉ. सुबोध चन्द्र शर्मा, डॉ. विशाल, और योगेश ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में, राजा हरवंश सिंह इंटर कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने शिविर की उत्तम व्यवस्था करने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी और विवेक आयुर्वेदिक कॉलेज के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

    स्वास्थ्य शिविर क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी रहा और यह दर्शाता है कि सेवा भाव से आयोजित ऐसे कार्यक्रम समाज के निचले तबके तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • https://x.com/Uppolice/status/1975583958600425933?t=jNzmnzWl_3BIJ0LzlRAIyw&s=19

    @hamirpurpolice ने आयोजित की एक अनोखी मिशन शक्ति हर्डल रेस — जहाँ हर रुकावट एक कहानी कह रही थी।

    बाल विवाह से लेकर शिक्षा की कमी, आत्मविश्वास, नेतृत्व और लैंगिक भेदभाव तक—हर बाधा ने उन चुनौतियों का प्रतीक बनकर नारी संघर्ष को सलाम किया।

    हर प्रतिभागी ने “संकल्प पट्ट” पर हस्ताक्षर कर यह वचन लिया कि—महिला सशक्तिकरण की राह में अब कोई रुकावट नहीं! क्योंकि जब नारी बाधाएँ पार करती है, तब राष्ट्र आगे बढ़ता है।

    #MissionShakti5 #UPPolice #UPPCares #WomenEmpowerment #SashaktNaari

  • बिजनौर। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में तहसील नजीबाबाद के किरतपुर क्षेत्र में उर्वरक/बीज एवं कीटनाशक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण:निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित प्रतिष्ठानों की गहन जाँच की गई:

    ~ मैसर्स चौधरी बीज भंडार, किरतपुर

    ~ मैसर्स विपिन रस्तोगी खाद भंडार, किरतपुर

    ~ मैसर्स गहलोत फर्टिलाइजर, किरतपुर

    ~ मैसर्स मनोज ट्रेडर्स, किरतपुर

    इन प्रतिष्ठानों से संबंधित विक्रेताओं से कुल 10 नमूने गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए, जिनमें बीज के 06, कीटनाशक के 03 एवं उर्वरक का 01 नमूना शामिल है।

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    निरीक्षण के समय मैसर्स खान खाद भंडार, किरतपुर एवं मैसर्स कॉल देव खाद भंडार, किरतपुर के विक्रेता दुकान बंद कर भाग गए। इस अनियमितता के चलते दोनों विक्रेताओं के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही निलंबन की कार्रवाई की गई है।

    जनपद में रबी सीजन की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। यूरिया, डीएपी, एनपीके जैसे फॉस्फेटिक उर्वरकों की आवक भी आगामी मांग के अनुसार लगातार बनी रहेगी। कृषकों को उनकी तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही ये उर्वरक निर्धारित दर पर वितरित किए जा रहे हैं।

    निरीक्षण के दौरान उर्वरक/बीज/कीटनाशक विक्रेताओं को निम्नलिखित सख्त निर्देश दिए गए हैं: ~ पीओएस (POS) मशीन के बिना उर्वरकों का वितरण न किया जाए।

    ~ किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क (Bulk) में न की जाए।

    ~ कृषकों को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार ही वितरण रजिस्टर में रिकॉर्ड अंकित कर उर्वरक वितरित किए जाएं।

    ~ ओवर रेटिंग (निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री) एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग (Tagging) किसी भी हाल में न की जाए।

    ~ कृषकों को वितरित उर्वरकों/बीज/कीटनाशक की रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

    उर्वरक विक्रेताओं को यह चेतावनी दी गई है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ अथवा प्रचलित उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है, तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।

  • लखनऊ। पुलिस उपायुक्त पूर्वी की क्राइम/सर्विलांस टीम और थाना गोमतीनगर पुलिस की संयुक्त टीम को राजधानी लखनऊ में चैन स्नैचिंग की घटनाओं में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने दयाल चौराहा, गोमतीनगर से दो शातिर चैन स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से 49,000 रुपये नकद और दो पीली धातु के गले के टुकड़े बरामद किए गए हैं।

    गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की पहचान उनके असामान्य पेशे के कारण चौंकाने वाली है:

    पुलिस उपायुक्त पूर्वी शशांक सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि दोनों अभियुक्त अपने शौक पूरे करने के लिए इन घटनाओं को अंजाम देते थे। दोनों के आपराधिक इतिहास की जांच अभी जारी है।

    संयुक्त टीम ने गोमतीनगर थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई दो प्रमुख चैन स्नैचिंग की घटनाओं का सफलतापूर्वक अनावरण किया है:

    ~ पहली घटना: सोमवार के दिन विराम खंड निवासी डॉक्टर सोमेंद्र विक्रम सिंह की सोने की चेन दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों ने छीन ली थी। डॉक्टर सिंह ने थाना गोमतीनगर में इसकी लिखित शिकायत देते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।

    ~ दूसरी घटना: पिछले महीने की 28 तारीख को विशाल खंड निवासी हीरा लाल यादव ने भी चैन स्नैचिंग की घटना के संबंध में थाना गोमतीनगर में शिकायत दर्ज कराई थी।

    जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि दोनों घटनाओं को अंजाम देने का तरीका एक ही था, जिसके आधार पर संयुक्त टीम ने कार्यवाही शुरू की।

    उच्च अधिकारियों के आदेश पर गठित संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर टीम को पता चला कि दोनों घटनाओं में शामिल व्यक्ति दयाल चौराहा, गोमतीनगर में मौजूद हैं। तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से बरामद दो पीली धातु के गले के टुकड़ों का वजन लगभग 10 ग्राम है। दोनों घटनाओं के सफल अनावरण पर पुलिस उपायुक्त पूर्वी की तरफ से संयुक्त टीम को इनाम भी घोषित किया गया है।

  • लखनऊ, (07 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में भक्ति, आस्था और संस्कृति के संगम स्वरूप विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में जिला प्रशासन का सक्रिय सहयोग मिला।

    राजधानी लखनऊ में, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अलीगंज स्थित नया हनुमान मंदिर में महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण के अखंड पाठ का शुभारंभ किया। उनके शुभारंभ के बाद ही प्रदेश भर के मंदिरों और महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों पर अखंड रामायण पाठ की शुरुआत हुई।

    इस अवसर पर मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार द्वारा महर्षि वाल्मीकि के जयंती पर प्रदेश के सभी 75 जिलों के देव मंदिरों और संबंधित स्थलों पर रामचरित मानस पाठ, अखण्ड रामायण पाठ, वाल्मीकि रामायण पाठ, सुन्दर काण्ड, भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि ऐसे आयोजन प्रदेश की संस्कृति और आस्था से जुड़ी हमारी परंपरा और लोक आस्था को सशक्त बनाते हैं।

    अखंड रामायण पाठ के शुभारंभ के उपरांत, मंत्री जयवीर सिंह राज्यसभा सांसद बृजलाल के साथ जानकीपुरम स्थित गौतम बुद्ध विहार कॉलोनी पहुंचे। यहाँ उन्होंने स्थानीय लोगों को ‘वाल्मीकि सम्मान’ प्रदान किया। मंत्री ने इस अवसर पर नागरिकों से आह्वान किया कि वे महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा, ‘महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी समाज के लिए पथ प्रदर्शक हैं।’

    वाल्मीकि जी के सम्मान में हुए प्रमुख कार्य: मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राज्य में महर्षि वाल्मीकि जी के सम्मान के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।

    1. भगवान राम की नगरी अयोध्या में उनके नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एवं भव्य प्रतिमा स्थापित की गयी है।

      2. संगीत नाटक अकादमी में वाल्मीकि प्रेक्षागृह, स्मारक, पुस्तकालय एवं छात्रावास सहित कई योजनाएं संचालित हैं, जिससे वाल्मीकि समाज का गौरव एवं सम्मान बढ़ा है।

      पर्यटन विभाग द्वारा महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर, चित्रकूट में पर्यटन विकास कार्य, वाल्मीकि जी की भव्य प्रतिमा की स्थापना और अखंड रामायण पाठ किया जा रहा है। इसके साथ ही वृहद सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। मंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक इन स्थलों से जुड़ सकें।

      पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के सांस्कृतिक विरासत और विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही है। जयवीर सिंह ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

      1. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका पाने वाली कंपनी अल्फानार (Alfanar) का संबंध पाकिस्तान से है और इसके अधिकारी भी पाकिस्तानी मूल के हैं।

        नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने आरोपों को सामने रखा :

        विदेशी कंपनी और पाकिस्तानी अधिकारी: सिंघार ने आरोप लगाया कि अल्फानार कंपनी मूल रूप से सऊदी अरब की है, लेकिन इसके वरिष्ठ अधिकारियों में पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। उन्होंने पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों के साथ कंपनी के अधिकारियों की तस्वीरें भी प्रस्तुत कीं।

        ‘जासूसी मीटर’ का खतरा: उन्होंने दावा किया कि ये “स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जासूसी के मीटर” हैं। इनके माध्यम से उपभोक्ताओं के खातों, पैन कार्ड और बिजली बिल जैसी महत्वपूर्ण निजी जानकारी असुरक्षित हो सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

        कंपनी का अपंजीयन और प्रतिबंध: सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने भारत सरकार में उचित पंजीयन नहीं कराया है और इसे पहले उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में प्रतिबंधित किया जा चुका है।

        ठेका प्रक्रिया पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि जब पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस कंपनी को ठेका देने से मना कर दिया था, तो मध्य और पूर्व क्षेत्र की कंपनियों ने इसे ठेका क्यों दिया।

        नेता प्रतिपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनी और सत्ताधारी दल दोनों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

        पारदर्शी ठेका प्रक्रिया: कंपनी ने स्पष्ट किया कि ठेका पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया और नियमानुसार दिया गया है।

        डेटा सुरक्षा: कंपनी के अनुसार, स्मार्ट मीटर का सभी डेटा भारत में ही स्थापित क्लाउड डेटा सेंटर में पूरी तरह से सुरक्षित है। डेटा विदेश भेजे जाने का आरोप आधारहीन है।

        भारतीय सहायक कंपनियां: कंपनी ने बताया कि मेसर्स अल्फानार को भारत में 17 मार्च 2023 को पंजीकृत किया गया था और इसकी भारत में तीन सहायक कंपनियां भी पंजीकृत हैं। सभी कर्मचारी भारतीय मूल के हैं।

        अस्वीकृति का कारण: पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में निविदा अस्वीकार किए जाने का कारण केवल समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराना था, जबकि अन्य दो कंपनियों ने दस्तावेजों की पूर्ति की थी।

        भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष केवल भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी डेटा विदेश नहीं गया है, बल्कि देश में ही सुरक्षित है।

        कर्मचारी भारतीय: उन्होंने भी यह दोहराया कि अल्फानार और उसकी सहायक कंपनी इजीसाफ्ट में काम करने वाले सभी कर्मचारी भारतीय हैं।

        फिलहाल, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की है कि लगाए जा रहे सभी स्मार्ट मीटर हटाए जाएं और ठेके की गहन जांच की जाए, जिस पर सरकार और कंपनी ने डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता का भरोसा दिलाया है।

      2. वाल्मीकि जयंती के अवसर पर देश के कई हिस्सों में भव्य शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन, रामायण पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने देशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दी हैं।

        महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य का ‘आदिकवि’ (प्रथम कवि) कहा जाता है, क्योंकि रामायण को संस्कृत का प्रथम महाकाव्य (आदिकाव्य) माना जाता है। उन्होंने संस्कृत भाषा में रामायण की रचना की, जिसमें भगवान राम के जीवन, आदर्शों और धर्मपरायणता का वर्णन है। यह ग्रंथ प्रेम, त्याग, कर्तव्य और सत्य की शिक्षा देता है। किंवदंतियों के अनुसार, जब वे कठोर तपस्या में लीन थे, तो उनके शरीर पर दीमकों ने बांबी (मिट्टी का टीला) बना ली थी। ‘वाल्मीकि’ शब्द का अर्थ है ‘बांबी से उत्पन्न’, इसलिए उनका नाम वाल्मीकि पड़ा। इसके अलावा उन्हें प्राचेतस् भी कहा जाता है, क्योंकि कुछ ग्रंथों में उन्हें वरुण (प्रचेत) का पुत्र बताया गया है।

        महर्षि वाल्मीकि का जीवन एक महान परिवर्तन की कहानी है, जो उन्हें और भी प्रेरणादायक बनाती है। मान्यताओं के अनुसार, उनका प्रारंभिक नाम रत्नाकर था और वह एक कुख्यात डाकू थे। वह लोगों को लूटकर और मारकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। एक दिन उनकी मुलाकात देवर्षि नारद या सप्त ऋषियों से हुई। नारद मुनि ने उनसे पूछा कि वह जो पाप कर रहे हैं, क्या उनके परिवार के सदस्य उस पाप के भागीदार बनेंगे? रत्नाकर ने जब अपने परिवार से पूछा, तो सभी ने पाप का भागीदार बनने से इनकार कर दिया। इस बात से उन्हें गहरा सदमा लगा और उन्हें अपने कर्मों का बोध हुआ। इसी क्षण उनका हृदय परिवर्तन हुआ।

        कठोर तपस्या: नारद मुनि के निर्देश पर, रत्नाकर ने ‘राम’ नाम का जाप शुरू किया। चूंकि वह ‘राम’ शब्द ठीक से नहीं बोल पाते थे, इसलिए उन्होंने ‘मरा-मरा’ जपना शुरू किया, जो लगातार जपने पर ‘राम-राम’ बन गया। उन्होंने वर्षों तक कठोर तपस्या की और इसी दौरान उनके शरीर पर दीमकों की बांबी बन गई।

        महर्षि की पदवी: अपनी तपस्या पूरी करने के बाद वह बांबी से बाहर निकले और उन्हें महर्षि वाल्मीकि के रूप में जाना जाने लगा।

        प्रथम श्लोक: कथाओं के अनुसार, एक बार महर्षि ने क्रौंच पक्षी के जोड़े में से एक को शिकारी द्वारा मारे जाते हुए देखा। इस दुख से उनके मुख से स्वतः ही संस्कृत का पहला श्लोक (मा निषाद प्रतिष्ठां…) निकल गया। ब्रह्मा जी ने प्रकट होकर उन्हें श्रीराम के चरित्र पर महाकाव्य रचने की प्रेरणा दी।

        लव-कुश के गुरु: वनवास के दौरान माता सीता ने उन्हीं के आश्रम में शरण ली थी, जहाँ उन्होंने भगवान राम के पुत्रों लव और कुश का पालन-पोषण किया और उन्हें रामायण का ज्ञान दिया।

        महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें यह सिखाता है कि व्यक्ति का अतीत चाहे जैसा भी रहा हो, तपस्या, ज्ञान और सही मार्गदर्शन से वह एक महान और पूजनीय आत्मा बन सकता है।

        इस वर्ष महर्षि वाल्मीकि जयंती 7 अक्टूबर, मंगलवार को मनाई जा रही है। यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

        सार्वजनिक अवकाश: उत्तर प्रदेश (UP): योगी सरकार ने महर्षि वाल्मीकि जयंती (7 अक्टूबर) पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। पहले यह निबंधित अवकाश (Restricted Holiday) की श्रेणी में था। दिल्ली सरकार ने भी 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

      3. बिजनौर: गंगा एक्सप्रेस-वे को बिजनौर से वापस लाने की मांग को लेकर छेड़ा गया पोस्टल आंदोलन अब ज़िले में तेज़ी पकड़ चुका है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह द्वारा शुरू किए गए इस अनूठे विरोध प्रदर्शन के तहत, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर एक्सप्रेस-वे को बिजनौर से ही निकालने की मांग कर रहे हैं। इस अभियान के कारण डाकघरों पर अचानक पोस्टकार्ड की मांग में भारी वृद्धि हुई है, जिसके चलते बिजनौर के कई डाकघरों में पोस्टकार्ड का स्टॉक ही खत्म हो गया है।

        दरअसल, जब से यह सुगबुगाहट शुरू हुई है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को बिजनौर के बजाय मुजफ्फरनगर की ओर खिसकाया जा सकता है, तब से ही भाकियू ने ज़िले में इस एक्सप्रेस-वे को वापस पाने के लिए एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने जनता और जन प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सीधे मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड पर चिट्ठी लिखें और अपनी मांग दर्ज कराएँ।

        इस आह्वान के बाद, बिजनौर के डाकघरों पर पोस्टकार्ड खरीदने वालों की भीड़ लग गई। लोगों में मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजने का इतना उत्साह दिखा कि पोस्टकार्ड की डिमांड में तूफानी उछाल आ गया। दर्जनों लोग एक साथ पोस्टल ऑर्डर और पोस्टकार्ड खरीदना चाहते थे, लेकिन ज़िले के अधिकांश डाकघरों में पोस्टकार्ड ही खत्म हो गए।

        डाकघरों में पोस्टकार्ड न मिलने पर जनपद के लोगों ने भारी नाराजगी व्यक्त की। कई स्थानों पर लोगों ने अपनी मांग के समर्थन में डाकघरों पर प्रदर्शन भी किया। उनका कहना था कि जब वे अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुँचाना चाहते हैं, तो उन्हें जरूरी साधन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

      4. नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न हुए एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैचों के बाद मैदान के अंदर और बाहर काफी विवाद देखने को मिले। दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच कई बार खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसकी वजह से दुनियाभर में क्रिकेट बिरादरी में आलोचना हुई। इन घटनाओं के बाद, इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को एक बड़ी सलाह दी है।

        एथरटन ने आईसीसी आयोजनों में भारत और पाकिस्तान के बीच मैचों को जानबूझकर ‘व्यवस्थित’ (arranged) करने की प्रथा पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि इस प्रक्रिया को बंद किया जाए और टूर्नामेंट के ड्रॉ को पूरी तरह से पारदर्शी रखा जाए।

        पूर्व इंग्लिश कप्तान ने अपने कॉलम में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी। उनकी सलाह और आपत्तियों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

        1. क्रिकेट अब कूटनीति नहीं, तनाव का जरिया
          एथरटन का तर्क है कि भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट अब कूटनीति का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह दोनों देशों के व्यापक राजनीतिक तनाव और प्रोपेगेंडा का एक जरिया बन गया है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार बिगड़ रहे हैं, जिसका असर खेल के मैदान पर भी साफ दिखाई देता है।
        2. आर्थिक लाभ के लिए ‘फिक्स्ड’ मैच
        3. एथरटन ने आईसीसी पर आर्थिक लाभ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि आईसीसी आयोजनों में भारत-पाकिस्तान का मैच सुनिश्चित करने के लिए अक्सर दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा जाता है। यह इसलिए किया जाता है क्योंकि यह मुकाबला बहुत अधिक आर्थिक महत्व रखता है।
        4. उन्होंने बताया कि 2023-27 के लिए आईसीसी टूर्नामेंटों के प्रसारण अधिकार लगभग $3 बिलियन में बिके हैं, और इन मैचों की कीमत में भारत-पाकिस्तान मुकाबले का एक बहुत बड़ा योगदान है।
        5. एथरटन के अनुसार, एक गंभीर खेल संगठन के लिए केवल आर्थिक हितों को साधने के लिए टूर्नामेंट के फिक्स्चर में हेरफेर करना गलत है।

        एथरटन ने जोर दिया कि आईसीसी को अब आर्थिक कारणों से मैचों को व्यवस्थित करना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि अगले प्रसारण अधिकार चक्र के लिए, आईसीसी आयोजनों से पहले टूर्नामेंट का ड्रॉ पारदर्शी होना चाहिए। उनका स्पष्ट मत है कि अगर दोनों टीमें हर बार एक-दूसरे से नहीं मिलती हैं, तो कोई बात नहीं।

        एथरटन की यह सलाह एशिया कप 2025 के दौरान दोनों टीमों के बीच हुई कई विवादास्पद घटनाओं के बाद आई है। इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए, जिससे मैदान के अंदर और बाहर काफी तल्खी देखी गई। इन घटनाओं ने यह सवाल उठाया कि क्या दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच क्रिकेट को भी राजनीतिकरण का मंच बनाया जा रहा है।

        एथरटन का यह बयान आईसीसी पर दबाव बढ़ा सकता है कि वह भारत-पाकिस्तान के मैचों की शेड्यूलिंग की अपनी नीति पर पुनर्विचार करे और यह सुनिश्चित करे कि क्रिकेट की भावना राजनीतिक या आर्थिक हितों पर हावी न हो।

      5. जनपद सम्भल के थाना हयातनगर में आयोजित मिशन शक्ति चौपाल एक परिवार की ज़िंदगी बदल गई।
        जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों की मुलाकात एक परिवार से हुई, जिन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी तीन बेटियों को स्कूल नहीं भेज पा रही हैं।
        11 वर्षीय बड़ी बेटी घर के काम में लगी रहती थी, जबकि छोटी बेटियाँ पढ़ाई से वंचित थीं।

        @sambhalpolice

        #MissionShakti5 #UPPolice #UPPCares #WomenEmpowerment #BetiPadhao

      6. बिजनौर: गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर जिले से होकर निकाले जाने की मांग को लेकर शिवसेना ने जनपद में जन आक्रोश प्रदर्शन किया। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह के नेतृत्व में शिव सैनिकों और बिजनौर वासियों ने धरना प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) बिजनौर को सौंपा।

        प्रदर्शन के दौरान शिव सैनिकों ने भैंस के आगे बीन बजाकर अपना विरोध दर्ज कराने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतिम समय में इस प्रदर्शन को रद्द करना पड़ा और उन्होंने सांकेतिक रूप से बिना भैंस के ही बीन बजाई। चौधरी वीर सिंह ने इसका कारण बताते हुए कहा कि जब हमारे जनपद से गंगा एक्सप्रेसवे को ही चोरी कर लिया गया (यानी रूट बदल दिया गया), तो उन्हें डर था कि कहीं प्रदर्शन के लिए लाई गई भैंस को भी चोरी न कर लिया जाए। इसी डर से भैंस लाने की योजना रद्द कर दी गई।

        शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजनौर की भोली-भाली जनता को ठगा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे के सपने दिखाए गए, जिन्हें बाहरी जनप्रतिनिधियों ने चूर-चूर करने का काम किया। उन्होंने बिजनौर के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की मौनता पर भी सवाल उठाए। वीर सिंह ने चेतावनी दी कि अगर गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर से नहीं निकलता है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे पिछड़ा हुआ जिला बिजनौर ही होगा।

        इस अवसर पर युवा जिला प्रमुख विजय मोहन गुप्ता ने कहा कि अगर बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे नहीं मिला, तो यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज की यह छोटी सी चिंगारी जल्द ही एक विशाल जन आक्रोश के रूप में पूरे जनपद में फैलेगी और लोग घरों से निकलकर गंगा एक्सप्रेसवे की मांग करेंगे।

        इस प्रदर्शन में शिवसेना और अन्य संगठनों के कई कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें मुकेश लंबा, यश अग्रवाल, अंतरिक्ष कौशिक, शशि कुमार, राहुल वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष व्यापारी एकता परिषद), रामगोपाल लंबा, नरेश सैनी, सारिक एडवोकेट, जितेंद्र कुमार, पंकज चौहान, तुषार रस्तोगी, मनु गुप्ता, अवधेश, संजीव शर्मा, आकाश बजरंगी, विशाल कुमार, आकिब राणा एडवोकेट और सुरेंद्र सिंह आदि प्रमुख थे।

      7. लखनऊ/हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में उत्तर प्रदेश की ‘टीम लखनऊ’ का राहत अभियान लगातार जोर-शोर से जारी है। भारतीय सेना के सक्रिय सहयोग से यह टीम अब तक 8 टन से अधिक राहत सामग्री आपदा पीड़ितों तक सफलतापूर्वक पहुंचा चुकी है।

        राहत सामग्री वितरण के लिए ‘टीम लखनऊ’ ने विशेष रूप से मंडी जिले के उन दुर्गम और आंतरिक गाँवों को चुना, जहाँ भौगोलिक चुनौतियों के कारण मदद पहुंचाना बेहद कठिन था।

        शामिल गाँव: स्यून, लडभड़ोल, सीमस, बादोर्तू, बशर, सौहार, आरिया और कुतर जैसे गाँव में टीम ने सहायता पहुंचाई।

        वितरित सामग्री: टीम ने बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री और दैनिक जरूरत की चीज़ों का वितरण किया। इसके अतिरिक्त, कई जरूरतमंद गरीब परिवारों को तिरपाल भी दिए गए, जो उन्हें अस्थाई आश्रय प्रदान करने में सहायक होंगे।

        टीम लखनऊ’ के लीडर मुर्तुजा अली ने इस मानवीय प्रयास पर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “टीम लखनऊ हर जरूरतमंदों तक पहुंचेगी।” यह अभियान विपरीत परिस्थितियों में भी ज़रूरतमंदों तक मदद पहुँचाने की टीम की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

        इस मानवीय प्रयास में भारतीय सेना की ओर से सूबेदार राजकुमार ने सहयोग किया, जबकि ‘टीम लखनऊ’ के सदस्यों में मुर्तज़ा अली, कुदरत उल्लाह खान, अब्दुल वहीद, जसबीर गांधी, इरफ़ान शेख और शाहबाज़ खान सक्रिय रूप से शामिल रहे।

      8. बिजनौर, (06 अक्टूबर 2025)। जनपद बिजनौर में पुलिस विभाग की मिशन शक्ति फेस-5.0 और एंटी रोमियो टीमों द्वारा शिक्षण संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन हेतु एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न थानों की टीमों ने एक दर्जन से अधिक स्कूलों, कॉलेजों और गाँवों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

        जिले भर में विभिन्न पुलिस टीमों ने निम्नलिखित प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए :

        || मंडावर | गांधी इंटर कॉलेज | स्कूल जाते बच्चों को जागरूक किया गया।

        || नूरपुर | प्राथमिक विद्यालय और मोरना देवता बालिका इंटर कॉलेज | बच्चों/महिलाओं को योजनाओं की जानकारी दी गई।

        || मंडावली | राजकीय इंटर कॉलेज, भागूवाला | छात्राओं को योजनाओं की जानकारी दी गई।

        || शेरकोट | आर.यू.एम. उच्चतर कॉलेज और आर.यू.एम. हाई स्कूल | लगभग 300 बालिकाओं को जागरूक किया गया।

        || महिला थाना | गीता इण्टर कॉलेज | महिलाओं और बालिकाओं को एकत्रित कर जागरूक किया गया।

        || बिजनौर नगर | वर्धमान कॉलेज, लुइस ली पार्कर बाल विद्यालय, राधाकृषण स्कूल व प्राथमिक विद्यालय काशीराम कालोनी | हेल्पलाइन नंबरों और ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी दी गई।

        || हल्दौर | राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, झालू व ग्राम ईनामपुरा | एंटी रोमियो टीम द्वारा महिलाओं/बालिकाओं को जागरूक किया गया।

        || शिवाला कला | एस.के.एम. पब्लिक इंटर कॉलेज, मझोला गुर्जर नवादा अड्डा | छात्राओं हेतु जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया।

        || बढ़ापुर | किसान इंटर कॉलेज, ग्राम रहमापुर | बालकों/बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी दी गई।

        || धामपुर | आर.एस.एम. इंटर कॉलेज | कक्षा 6 से 10 तक की बालिकाओं के लिए दौड़ प्रतियोगिता कराई गई और पुरस्कृत किया गया।

        || नगीना देहात/नगीना | बलबीर इंटर कॉलेज, कोटकादर व ग्राम कालाखेड़ी | 60 छात्राओं को हेल्पलाइन व कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

        || चांदपुर | लोकप्रिय इण्टर कॉलेज, ग्राम केलनपुर, श्री कृष्ण इण्टर कॉलेज, जलीलपुर व कस्बा चांदपुर | प्रभात फेरी का आयोजन किया गया।

        || नजीबाबाद | आर्य कन्या इंटर कॉलेज, नजीबाबाद | लगभग 100 बालिकाओं को जागरूक किया गया।

        || रेहड़ | गांव केहरीपुर जंगल | क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ की उपस्थिति में कार्यक्रम हुआ।

        || हीमपुर दीपा | ग्राम सिकरौंधा प्राइमरी स्कूल | महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया गया। |सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी।

        * 181: महिला हेल्प लाइन नंबर

        * 1090: वूमेन पावर लाइन

        * 112: पुलिस आपातकालीन सेवा

        * 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर

        * 1930: साइबर हेल्पलाइन नंबर

        * 102/108: स्वास्थ्य सेवा/एंबुलेंस नंबर

        पुलिस टीमों ने छात्राओं और महिलाओं को साइबर अपराधों (मोबाइल से परेशान करना, अश्लील मैसेज भेजना), घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, और उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने तथा उनसे बचाव संबंधी जागरूक किया। साथ ही, सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे कन्या सुमंगला योजना, विधवा पेंशन योजना, वृद्धा पेंशन योजना, सामूहिक विवाह योजना, छात्रवृत्ति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि महिलाएं और बालिकाएं स्वावलंबी बन सकें। कार्यक्रमों के दौरान पुलिस टीमों ने उपस्थित महिलाओं व बालिकाओं से उनकी समस्याएं और कुशलक्षेम पूछा। धामपुर में दौड़ प्रतियोगिता और चांदपुर में प्रभात फेरी जैसे आयोजनों ने अभियान को रोचक और प्रभावी बनाया।

      9. लखनऊ, (06 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दीपोत्सव-2025 की तैयारियों की समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि इस वर्ष का दीपोत्सव अब तक का सबसे भव्य और अतुलनीय हो। मंत्री ने बताया कि 18 अक्टूबर को अयोध्या में दीपोत्सव-2025 की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि मुख्य आयोजन से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की सघन जांच हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि शोभायात्रा में मिशन शक्ति एवं स्वच्छ भारत अभियान की झलक विशेष रूप से प्रस्तुत की जाए। ताकि जनसामान्य को भव्यता के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी मिले। 

        राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह आज गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दीपोत्सव-2025 की तैयारियों के संबंध में पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 26 लाख से अधिक दीप जलाने, लेजर शो, स्वदेश निर्मित 1100 ड्रोन का शो आदि का प्रदर्शन किए जाने की तैयारी अंतिम रूप ले रही है। इस वर्ष भी दीप प्रज्ज्वलन का विश्व कीर्तिमान स्थापित होगा। सरयू तट पर 2100 लोगों द्वारा महाआरती विशेष आकर्षण होगा।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने केंद्र सरकार के पर्यटन, संस्कृति एवं भारतीय विदेश मंत्रालय सहित अन्य अधिकारियों को आमंत्रित करने की भी बात कही। साथ ही, देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संस्कृति विभाग के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। दुनियाभर के कई राष्ट्रों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। 

        पर्यटन मंत्री ने कहा, ‘रामकथा पार्क तक आमजन की पहुंच को आसान बनाने की व्यवस्था की जाए। आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, उसके व्यापक प्रबंध किए जाएं। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय रामलीला को वैश्विक पहचान दिलाने के हर संभव प्रयत्न किए जाएं। उन्होंने बताया कि राम और रामायण की थीम पर विविध प्रस्तुतियां होंगी। संस्कृति विभाग की ओर से देश के सभी राज्यों से आने वाली नृत्य मण्डली प्रदर्शन करेगी। रामनगरी में 10 जगहों पर सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।’ 

        मंत्री जयवीर सिंह ने इको फ्रेंडली आयोजन की प्राथमिकता पर जोर दिया। युवाओं और बच्चों के लिए विशेष सेल्फी पॉइन्ट बनाया जाएगा, जहां प्रभु श्रीराम और भक्त हनुमान के चित्र के साथ सेल्फी की व्यवस्था होगी। इसके साथ, जगह-जगह साइनेज, पीने के पानी, स्वच्छता, सजावट, मूलभूत सुविधाएं और आगंतुकों को जानकारी उपलब्ध कराने को ध्यान में रखते हुए अंतिम योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। 

        अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव-2025 में एक बार फिर इतिहास रचा जाएगा। सरयू तट स्थित राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 26 लाख से अधिक दीयों की ज्योति एकसाथ प्रज्वलित कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने की तैयारी है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अयोध्या में 33,000 पंजीकृत स्वयंसेवक सक्रिय रूप से भाग लेंगे और भगवान राम के नाम पर दीप प्रज्ज्वलन करेंगे। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘दीपोत्सव केवल आस्था का नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक नवाचार का भी अद्भुत संगम बन गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजन को और आकर्षक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम में शोभायात्रा, मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन मैपिंग, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो, कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो, म्यूजिकल ग्रीन फायर क्रैकर्स शो, भव्य हाइड्रोलिक स्क्रीन एवं वाटर टैबलो जैसी भव्य प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा 100 कलाकारों की सजीव सांगीतिक प्रस्तुति भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।

        ‘प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने निर्देश दिया कि राम पथ सहित अन्य मार्गों पर रोशनी, सफाई और सजावट के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। कार्यदायी संस्था से पेड़ों को भी सजाए जाने को कहा है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के आयोजन में परेशानी न हो इसके लिए नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की गई है। महिला आधारित झांकियों के माध्यम से महिला शक्ति का संदेश दिया जाएगा। सरकारी योजनाओं की जानकारी देती झांकियां भी होंगी। इस बैठक में महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, निदेशक ईको पर्यटन प्रखर मिश्र, पर्यटन मंत्री के सलाहकार जेपी सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

      10. Source: Navbharat Times, https://search.app/p5vz2

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      11. मुरादाबाद। संत निरंकारी सत्संग भवन के निकट बुद्धि विहार आवास विकास मुरादाबाद में रविवार को परम आदरणीय निरंकारी राजपिता श्री रमित चांदना जी के पावन सानिध्य में एक विशाल निरंकारी संत समागम संपन्न हुआ। शाम 5:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक चले इस समागम में बड़ी संख्या में संत-महापुरुष और साथ संगत पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।

        निरंकारी राजपिता श्री रमित चांदना जी ने अपने दिव्य प्रवचन में आज के सामाजिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद में प्रेम और उत्साह के साथ आई सारी साथ संगत को देखकर मन बहुत प्रफुल्लित हो रहा है। राजपिता ने कहा कि आज दुनिया में इंसान एक “भीड़ का हिस्सा” बनता जा रहा है—एक ऐसी भीड़ जो सिर्फ नुकसान का कारण बन रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि: आज के दौर में इंसान, इंसान का दुश्मन बना हुआ है और इंसानियत मर चुकी है। अत्याधुनिक समय में साधनों और शिक्षा की कोई कमी न होने के बावजूद, इंसान की सोच और व्यवहार नुकसान पहुंचाने वाला बना हुआ है। सहनशीलता वाले गुण खत्म होते जा रहे हैं, और लोग अपने से विभिन्न विचार रखने वाले को अपना दुश्मन मान लेते हैं।

        राजपिता ने समागम में उपस्थित विशाल संत समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि इतनी विशाल संख्या में आए संत महापुरुष, जो प्रेम और अमन का संदेश दे रहे हैं, वे भीड़ का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने मिशन के मूल उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा: निरंकारी मिशन प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहा है, जो मानव को मानव से जोड़ने की बात करता है। उन्होंने जोर दिया कि “न बर की न तकरार की, आज जरूरत है प्यार की।” हम सभी को आपस में बहुत ही प्यार और सद्भाव के साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि “प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत वीरान करे।” राजपिता ने कहा कि यहां आया हुआ हर एक संत ब्रह्म ज्ञानी है, जिसने प्रभु परमात्मा को इन आंखों से देखकर परमानंद की अवस्था प्राप्त की है। निरंकारी मिशन मानव मात्र को परमात्मा के साथ जोड़कर उन्हें मानवीय गुणों से युक्त जीवन जीने का सलीका सिखा रहा है।

        समागम के सफल आयोजन पर मुरादाबाद ब्रांच के संयोजक महात्मा रामनाथ जी ने सभी संत-महापुरुषों, साथ संगत और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस विशाल आयोजन में बरेली जोन 58 ए के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल का भी विशेष योगदान रहा। समागम ने उपस्थित सभी लोगों को प्यार, सद्भाव और मानवीय मूल्यों से युक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।

      12. बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित अंतर्जनपदीय पुलिस वॉलीबॉल एवं सेपक टकरा प्रतियोगिता (बरेली जोन) वर्ष-2025 का दूसरा दिन उत्साह और रोमांच से भरा रहा। इस दिन विभिन्न श्रेणियों के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले गए, जिनमें जनपद बिजनौर की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया।

        पुरुष वॉलीबॉल श्रेणी में रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए, जिससे फाइनल की टीमें तय हुईं:

        प्रथम सेमीफाइनल: जनपद शाहजहाँपुर ने कड़े मुकाबले में जनपद मुरादाबाद को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

        दूसरा सेमीफाइनल: मेजबान जनपद बिजनौर ने अमरोहा की टीम को पराजित कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

        महिला वॉलीबॉल श्रेणी में फाइनल मुकाबला बिजनौर और शाहजहाँपुर के बीच खेला गया।

        फाइनल मैच: जनपद बिजनौर की महिला टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए जनपद शाहजहाँपुर को हराया और खिताब अपने नाम किया।

        सेपक टकरा के खेलों में भी बिजनौर की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने फाइनल में जगह बनाई।

        पुरुष सेपक टकरा

        पुरुष सेपक टकरा के सेमीफाइनल मुकाबलों के परिणाम इस प्रकार रहे:

        प्रथम सेमीफाइनल: जनपद पीलीभीत ने मुरादाबाद को हराकर जीत दर्ज की।

        दूसरा सेमीफाइनल: जनपद बिजनौर ने रामपुर को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

        महिला सेपक टकरा

        महिला सेपक टकरा में भी बिजनौर की टीम ने शानदार खेल दिखाया:

        प्रथम सेमीफाइनल: जनपद शाहजहाँपुर ने मुरादाबाद को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई।

        दूसरा सेमीफाइनल: जनपद बिजनौर ने बदायूँ की टीम को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

        प्रतियोगिता के दूसरे दिन हुए इन परिणामों ने यह सुनिश्चित कर दिया कि अंतिम दिन के मुकाबले और भी अधिक रोमांचक होंगे। बिजनौर पुलिस की टीमों ने खेल भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया, जिससे जोन स्तर पर जनपद का गौरव बढ़ा है।

      13. लखनऊ/दिल्ली: पूर्व आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) की तैयारी कर रहे छात्रों को आगाह करते हुए विकास दिव्यकीर्ति और खान सर जैसे लोकप्रिय कोचिंग संचालकों के प्रभाव से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने साफ कहा है कि छात्रों को इन कोचिंग संस्थानों के ‘भ्रमजाल’ में नहीं फंसना चाहिए, क्योंकि इनका कोई खास फायदा नहीं होता।

        सुलखान सिंह ने अपनी बात के समर्थन में विकास दिव्यकीर्ति की कोचिंग पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उनकी बहुप्रचारित कोचिंग पर पहले 3 लाख और अब 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम द्वारा कोचिंग सेंटर को सील भी किया गया था। सुलखान सिंह ने कहा कि जो कोचिंग बेबाकी (डेयरडेरी) और चिप्स वाली (चीप्ड) बातें करते हैं, वे छात्रों को आकर्षित (ड्रू) करने में कामयाब रहते हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जब उन्होंने विकास दिव्यकीर्ति और खान सर को आरक्षण और वैयक्तिक परीक्षाओं से बिल्कुल गैरजरूरी बातें करते सुना तो उन्हें लगा कि ये कौन सी उपयोगी बातें कर रहे हैं, लेकिन अब पता चला है कि ‘यह तो विज्ञापन है!’।

        पूर्व अधिकारी ने प्रतिस्पर्धी छात्रों को आत्मनिर्भर तैयारी करने पर जोर देने के लिए निम्नलिखित विस्तृत सलाह दी है:

        1. रुचि का वैकल्पिक विषय चुनें | स्कोरिंग विषयों के बजाय अपनी रुचि के हिसाब से विषय तय करें, जिसे पढ़ने में आनंद आता हो। साथ ही, अपनी बात को अच्छे से अभिव्यक्त (Express) करने वाली भाषा को ही परीक्षा का माध्यम चुनें।

        2. स्वयं तैयारी करें | अपनी तैयारी खुद करें। किसी अनुभवी और गंभीर प्रतियोगी से परामर्श लेना सफल हो सकता है।

        3. सिलेबस प्रिंट करें | यूपीएससी या डीओपीटीआई की वेबसाइट से 100% सिलेबस डाउनलोड और प्रिंट करें।

        4. 100% तैयारी अनिवार्य | सिलेबस के अनुसार 100% तैयारी करें, ‘सेल इंटरेक्शन अध्ययन’ (चुनिंदा अध्ययन) से काम नहीं चलेगा।

        5. अनिवार्य विषय की पूरी तैयारी | अनिवार्य विषयों को पूरा पढ़ें, चाहे वे अच्छे लगें या न लगें।

        6. स्तर का ध्यान रखें | वैकल्पिक विषय का स्तर स्नातक स्तर का होता है, जबकि अनिवार्य विषय का स्तर सामान्य होता है।

        7. CSAT की तैयारी | CSAT के लिए बाजार में उपलब्ध अच्छी गाइड (सलाह) से तैयारी करें।

        8. पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास | कम से कम पांच साल के प्रश्न-पत्र और कट-ऑफ डाउनलोड करके उनका गहन अभ्यास करें।

        9. समयबद्ध मॉक टेस्ट | सही, पूर्ण रूप से डिज़ाइन किए गए मॉक टेस्ट (नासिका) को निर्धारित समय के भीतर हल करें और स्कोर देखें।

        10. पुनः अभ्यास | एक-दो घंटे बाद, उसी प्रश्न-पत्र को पुनः हल करें और अपनी टाइमिंग व स्कोर की तुलना करें।

        11. लिखित परीक्षा का अभ्यास | निबंधात्मक प्रश्न-पत्रों को भी निर्धारित समय के अंदर हल करने का बार-बार अभ्यास करें।

        12. सभी प्रश्न हल करें | अच्छी तरह से हल किए गए सभी सवाल ज्यादा नंबर +मार्क्स) दिलाएंगे बजाय बहुत अच्छी तरह से हल किए गए कुछ सवालों के। समय का बंटवारा करें।

        13. लिखित अभ्यास की अनिवार्यता | सभी प्रश्न अच्छे तरीके से और निर्धारित समय के भीतर कर पाने के लिए लिखित परीक्षा का अभ्यास बहुत जरूरी है।

        14. जांच करें | सभी प्रश्न हल करने के बाद जांच लें कि कहीं कोई नंबर देना भूल तो नहीं गए हैं।

        15. कोचिंग सामग्री पर संदेह | अधिकांश कोचिंग की पठन सामग्री औसत से नीचे होती है।

        16. साक्षात्कार की तैयारी | व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) में, अनुभवी सदस्य (पूर्व आईएएस/पीसीएस अधिकारी) वाले सलाहकार/कोचिंग की मदद लें।

        17. खुद पर भरोसा रखें | “कठिन काम हम तुरंत कर लेते हैं; असंभव में थोड़ा समय लग सकता है”।

        18. असफलता से न घबराएं | असफल होने का कारण रिक्तियों की कमी है, न कि आपकी कमी। असफलता जीवन का अंत नहीं है।

        19. रोजगार पर ध्यान दें | जो रोजगार मिले, उसे ले लें, छोड़ो नहीं। माता-पिता पर उनके सामर्थ्य से अधिक दबाव न डालें।

        20. ध्यान करें | प्रातः सायं पांच मिनट ध्यान करें, जिससे एकाग्रता बढ़ेगी। |उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने माता-पिता, भाई-बहन और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए रोजगार के लिए प्रयास करें और परमात्मा पर भरोसा रखें।

        विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विकास दिव्यकीर्ति और खान सर के बारे में विज्ञापनी दावों पर कोई विशिष्ट विवाद सामने नहीं आया है, हालांकि विकास दिव्यकीर्ति ने एक मानहानि केस का सामना किया है, जिस पर उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। यह विवाद उनके किसी टिप्पणी से जुड़ा था, न कि सीधे उनके कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों या दावों से! इसी तरह, खान सर से संबंधित कोई विवाद या सवाल सामने नहीं आए हैं!

        मानहानि का केस: विकास दिव्यकीर्ति पर न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक टिप्पणी के कारण मानहानि का केस दर्ज किया गया था।

        अजमेर कोर्ट का समन: अजमेर की एक अदालत ने उन्हें पेश होने के लिए समन भेजा था, जिसके खिलाफ उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। विवाद का कारण:यह विवाद उनके विज्ञापनों से जुड़ा नहीं है, बल्कि उनकी एक सार्वजनिक टिप्पणी से संबंधित है।

        खान सर से जुड़ा कोई विवाद नहीं

        खान सर से संबंधित किसी भी विज्ञापनी दावों या विवाद का उल्लेख वर्तमान खोज परिणामों में नहीं मिलता है।

        विकास दिव्यकीर्ति और खान सर दोनों ही लोकप्रिय शिक्षक हैं, और उनके कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों पर कोई आम विवाद सामने नहीं आया है। जो मुद्दा चर्चा में है, वह विकास दिव्यकीर्ति द्वारा की गई एक टिप्पणी के कारण उन पर दायर किए गए मानहानि केस से जुड़ा है।

      14. पंचकोल चूर्ण, को आयुर्वेद में एक उत्कृष्ट दीपन (भूख बढ़ाने वाला) और पाचन (पाचन में सुधार करने वाला) औषधि माना जाता है, इसके कई लाभ हैं। पंचकोल में मौजूद पाँच जड़ी-बूटियाँ (पिप्पली, पिप्पलीमूल, चव्य, चित्रक और शुंठी/सोंठ) synergistic रूप से कार्य करती हैं और मुख्यतः जठराग्नि (पाचन अग्नि) को उत्तेजित करती हैं।

        पाचन में सुधार: यह अपच (Indigestion), पेट फूलना (ब्लोटिंग), पेट में गैस बनना और पेट दर्द (Colic Pain) जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है।

        भूख बढ़ाना: यह एनोरेक्सिया (Anorexia) यानी भूख न लगने की समस्या में बहुत फायदेमंद है, क्योंकि यह पाचन तंत्र को मजबूत कर भूख बढ़ाता है।

        कफ और श्वसन संबंधी रोग: इसकी गर्म तासीर के कारण यह कफ को कम करने में सहायक है। यह सर्दी, खांसी, जुकाम और कभी-कभी दमा/सांस लेने की समस्याओं में भी आराम देता है।

        अवशोषण (Absorption): यह पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में मदद करता है, जिससे शरीर को भोजन का पूरा लाभ मिल पाता है।

        जलोदर (Ascites) और प्लीहा वृद्धि (Splenomegaly): यह कफ दोष से संबंधित कुछ गंभीर समस्याओं, जैसे जलोदर (पेट में पानी भरना) और प्लीहा वृद्धि के प्रबंधन में भी पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है।

        पीरियड्स की समस्या: कुछ आयुर्वेदिक प्रयोगों में इसे दशमूल क्वाथ के साथ मिलाकर अनियमित या कम मासिक धर्म की समस्या में भी उपयोगी बताया गया है।

        पंचकोल के उपयोग का तरीका: पंचकोल का उपयोग आमतौर पर चूर्ण (पाउडर) या क्वाथ (काढ़ा) के रूप में किया जाता है।

        1. पिप्पली (Long Pepper – Piper longum)
        2. पिप्पलीमूल (Long Pepper Root – Piper longum root)
        3. चव्य (Piper retrofractum / Piper chaba)
        4. चित्रक (Ceylon leadwort – Plumbago zeylanica)
        5. शुंठी / नागर (सूखा अदरक / Ginger rhizome – Zingiber officinale)
      15. बिजनौर। जिलाधिकारी (DM) श्रीमती जसजीत कौर ने कलेक्ट्रेट परिसर और नुमाइश ग्राउंड चौराहे से पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत मुहिम के तहत वाहनों को रवाना किया। यह सहायता अफजलगढ़ क्षेत्र के स्वयंसेवकों द्वारा अथक प्रयासों से एकत्र की गई थी। इस राहत सामग्री में लगभग ढाई करोड़ रुपए की नकद धनराशि के साथ-साथ दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं पर आधारित सेवा सामग्री शामिल थी।

        राहत सामग्री वाहनों को रवाना करते हुए जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं पीड़ितों के साथ हैं। प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर होती हैं, लेकिन हमारा साथ और सहयोग हमेशा आपके लिए है। “डीएम ने जोर देकर कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में भी पूरा समाज एकजुट है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि धैर्य और सामूहिक प्रयास से इस चुनौती का सामना किया जाएगा और प्रभावित क्षेत्र पुनः समृद्धि की ओर बढ़ेंगे।

        जिलाधिकारी ने नि:स्वार्थ सहायता करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों की मदद करना मानवीय मूल्यों को बलवती बनाता है। उन्होंने कहा, “इस प्रकार के कार्य मानवीय संवेदना, मानवीय प्रेम व समानता, मानवीय करूणा, दया एवं सहयोग का प्रतिबिंब होते हैं, जो समाज के जीवित, संवेदनशील एवं मानवता के प्रति कर्तव्य परायणता को प्रदर्शित करता है। “उन्होंने स्थानीय समुदाय और सामाजिक संगठनों के सहयोग से नक़द लगभग $2.5 करोड़ की धनराशि और अन्य राहत सामग्री भेजने के इस महान कार्य की भूरी-भूरी सराहना की।

        इस अवसर पर राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रमुख व्यक्तियों में भाई धर्म सिंह वंशज, बाबा गुरप्रीत सिंह हस्तिनापुर, मलकीत सिंह (अध्यक्ष, अफजलगढ़ गन्ना समिति), सुरेंद्र सिंह प्रधान, सुखदेव सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरमुख सिंह, बाबा गुरप्रीत सिंह, गुलजार सिंह, अजमेर सिंह, गुरविंदर सिंह (पूर्व चेयरमैन), भजन सिंह, और बलवंत कंबोज आदि उपस्थित रहे।

      16. बिजनौर। धामपुर विकासखंड के ग्राम उमरी में जैविक खेती और कृषि नवाचार को एक नया आयाम मिला, जब जनपद की लोकप्रिय जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर (IAS) ने एक उच्च-स्तरीय दल के साथ प्रतिष्ठित किसान श्री ऋतुराज सिंह के जैविक फार्म का दौरा किया।

        अधिकारियों के दल ने श्री ऋतुराज सिंह द्वारा की जा रही ऑर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की आधुनिक खेती का गहन अवलोकन किया। यह खेती विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उर्द, गन्ना एवं अन्य औद्यानिक फसलों के साथ सहफसली पद्धति (Intercropping) के रूप में की जा रही है। यह नवीन प्रयोग कृषि को एक नया और टिकाऊ आयाम प्रदान कर रहा है, जहाँ एक ही भूमि से किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।

        किसान, श्री ऋतुराज सिंह की पूरी निष्ठा और लगन से की जा रही जैविक ड्रैगन फ्रूट खेती, तथा अन्य फसलों के जैविक उत्पादन को देखकर सभी अधिकारीगण अत्यधिक प्रभावित हुए। उन्होंने किसान की सराहना करते हुए उन्हें जनपद के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने इस अवसर पर कहा कि –“ऐसे प्रगतिशील किसान ही जनपद के कृषि क्षेत्र का गौरव हैं। इनकी मेहनत और नवाचार से अन्य किसानों को भी नई दिशा मिलेगी। कृषि को जैविक और टिकाऊ बनाने की दिशा में यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है।

        इस अवलोकन के माध्यम से किसानों को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। अधिकारियों ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जैविक खेती केवल स्वस्थ भोजन का ही माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण और किसानों की आर्थिक उन्नति का भी मजबूत आधार है। यह दौरा बिजनौर जनपद में जैविक और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

        दिनांक 04 अक्टूबर 2025 को इस ऐतिहासिक अवलोकन में जिलाधिकारी के साथ उपजिलाधिकारी (SDM) धामपुर सुश्री स्मृति मिश्रा (IAS), उप कृषि निदेशक घनश्याम वर्मा, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया और जिला उद्यान अधिकारी भी शामिल थे।

      17. Vision Arena द्वारा विशेष रूप से स्नातक फ्रेशर्स (Graduate Freshers) को कॉर्पोरेट जगत और जॉब मार्केट के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक 2-दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला ‘नयी उड़ान’ का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य प्रतिभागियों को नौकरी पाने की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन करना और उनके करियर की शुरुआत को सुगम बनाना है।

        यह कार्यशाला 9+ वर्षों के कॉर्पोरेट अनुभव वाले ट्रेनर कार्तिक चौधरी द्वारा संचालित की जाएगी।

        नाम: नयी उड़ान (NAYI UDAAN)

        प्रारूप: 2-दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला

        लक्ष्य समूह: स्नातक फ्रेशर्स

        प्रशिक्षक: कार्तिक चौधरी

        भाषा: हिंदी और अंग्रेजी (मिश्रित)

        शुल्क और छूट: केवल ₹1099 (वास्तविक मूल्य ₹2099 पर 47% की विशेष छूट)

        बोनस: प्रतिभागियों को कॉर्पोरेट सॉफ्ट स्किल्स सर्टिफिकेशन भी प्रदान किया जाएगा।

        कार्यशाला नौकरी पाने की पूरी प्रक्रिया को कवर करेगी, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख विषय शामिल हैं:

        रिज्यूमे निर्माण: एक ऐसा प्रभावी रिज्यूमे कैसे तैयार करें जो शॉर्टलिस्ट हो सके, साथ ही आधुनिक एचआर (HR) प्रणालियों के लिए रिज्यूमे को अनुकूलित करने के तरीके।

        नौकरी खोज: उपयुक्त और सही नौकरियों को खोजने की तकनीकें और सफलतापूर्वक आवेदन करने की रणनीतियाँ।

        इंटरव्यू की तैयारी: इंटरव्यू के विभिन्न राउंड (जैसे टेक्निकल, एचआर) को सफलतापूर्वक पास करने का मार्गदर्शन।

        सवालों के जवाब: सामान्य और ट्रिकी इंटरव्यू सवालों के जवाब देने के लिए विशेष टिप्स और तकनीकें।

        सेक्टर ज्ञान: बैंकिंग, एनबीएफसी (NBFC) और बीपीओ (BPO) जैसे प्रमुख सेक्टर्स के कार्य करने के तरीके की विस्तृत जानकारी।

        भूमिका-आधारित कौशल: इन उद्योगों में प्रमुख विभागों और विभिन्न भूमिकाओं के लिए आवश्यक कौशल (Skills required for various roles) की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी

        पंजीकरण और संपर्क विवरण

        इच्छुक फ्रेशर्स निम्नलिखित माध्यमों से कार्यशाला के लिए पंजीकरण कर सकते हैं या अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

        यह करियर-उन्मुख वर्कशॉप फ्रेशर्स को नौकरी के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करने पर केंद्रित है।

        आप व्हाट्सएप के माध्यम से इस कार्यशाला के लिए आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। आपको बस 7982665095 नंबर पर एक मैसेज भेजना होगा, जिसमें आप अपनी रुचि व्यक्त करें और पंजीकरण की प्रक्रिया पूछें।

        > “नमस्ते, मैं ‘नयी उड़ान’ 2-दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला के लिए पंजीकरण करना चाहता/चाहती हूँ। कृपया मुझे पंजीकरण की प्रक्रिया और भुगतान विवरण बताएं। धन्यवाद।”>

      18. हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। इसे कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस तिथि पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और माना जाता है कि इसकी रोशनी से अमृत वर्षा होती है।
        वर्ष 2025 में, पूर्णिमा तिथि का आरंभ 6 अक्टूबर को होने के कारण, शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी।

        विवरणसमय
        आश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि का आरंभ6 अक्टूबर 2025, सुबह 11 बजकर 24 मिनट से
        आश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि का समापन7 अक्टूबर 2025, सुबह 9 बजकर 35 मिनट तक
        शरद पूर्णिमा की मुख्य तिथि6 अक्टूबर 2025, सोमवार
        शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समयशाम 05 बजकर 31 मिनट पर
        शरद पूर्णिमा पर पूजा का महत्व और पूजा विधि
        शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान और दान करने के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं। इसलिए इस दिन उनकी पूजा-अर्चना करने के साथ ही जागरण (रातभर जागना) किया जाता है।
        पूजा विधि का मुख्य अंग:पंचक: यह 3 अक्टूबर से आरंभ होकर 8 अक्टूबर को समाप्त होगा, जिसका प्रभाव शरद पूर्णिमा पर भी रहेगा।

        ज्योतिषीय घटना: शनि का नक्षत्र परिवर्तन

        शरद पूर्णिमा के आस-पास शनि देव का गुरु बृहस्पति के नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद में प्रवेश भी होगा। यह नक्षत्र परिवर्तन ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो कई राशियों के लिए तरक्की और नए अवसर लेकर आ सकता है, जबकि कुछ जातकों को चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

        रात को खुले आसमान के नीचे दूध से बनी खीर रखी जाती है, जिसे अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।

        मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है और उन्हें खीर का भोग लगाया जाता है।

        मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणें अत्यंत लाभकारी होती हैं। चंद्रमा का संबंध दूध से होने के कारण, इस दिन दूध से बनी वस्तुओं (खीर) को चंद्रमा की रोशनी में रखने से वह अमृत तुल्य हो जाती है। यह खीर सकारात्मक ऊर्जा से भर जाती है और इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए उत्तम माना जाता है। यह खीर मां लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय है।

        भद्रा काल: 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर आरंभ होकर रात 10 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगा।

      19. स्तनधारी जीवों के संरक्षण का संदेश

        लखनऊ। दुनिया भर में प्रतिवर्ष 05 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ‘ग्लोबल मैमल बिग डे’ के अवसर पर ओखला बर्ड सैंक्चुअरी में विशेष ईको रन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म और ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर के सहयोग से किया जा रहा है। इस ईको रन का उद्देश्य सिर्फ दौड़ना नहीं, बल्कि प्रकृति और स्तनधारी जीवों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। 

        पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘इको रन में सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। ओखला बर्ड सैंक्चुअरी (दिल्ली-एनसीआर) की प्राकृतिक सुंदरता के बीच एक विशेष दौड़ में सम्मिलित होना धावकों को अविस्मरणीय अनुभव देगा। यह दौड़ ग्लोबल मैमल बिग डे का हिस्सा है, जो प्रत्येक वर्ष छोटे से छोटे चमगादड़ से लेकर विशाल हाथियों तक सभी स्तनधारी जीवों की विविधता, महत्व और संरक्षण को सम्मानित करता है।’ 

        ओखला बर्ड सैंक्चुअरी में ईको रन की शुरुआत 05 अक्टूबर (रविवार) की सुबह 7:00 बजे, गेट नंबर- 2 से शुरू होगी। इस दौड़ में संरक्षणवादियों, शिक्षाविदों, पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों, फिटनेस उत्साही लोगों एवं सामान्य जनमानस की भागीदारी रहेगी। हर कदम के साथ प्रतिभागी न केवल जीवन के हर रूप का उत्सव मनाएंगे, बल्कि स्तनधारी जीवों के संरक्षण और उन्हें सुरक्षित रखने की साझा जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता फैलाने में भी सक्रिय योगदान देंगे।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, कि ‘स्तनधारी जीव हमारे पर्यावरण और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें से कई संकट का सामना कर रहे हैं, जिनके संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य के साथ यूपी ईको टूरिज्म और ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर के सहयोग से ईको रन का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष कार्यक्रम लोगों को फिटनेस, जागरूकता और संरक्षण के लिए एक मंच प्रदान करता है।’ उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की भागीदारी से यह पहल स्तनधारी जीवों के संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के बीच सेतु बनाती है। ईको रन प्रतिभागियों को न केवल दौड़ने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि वे प्रकृति और जैव विविधता की सुरक्षा के संदेश को भी आगे बढ़ाएंगे।

      20. लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ियों में कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, कुल 69,000 रिक्तियों को भरने की तैयारी है। इस भर्ती के लिए इंटरमीडिएट (12वीं) पास महिलाएं पात्र होंगी।

        राज्य सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लाखों खाली पदों को भरने जा रही है। इन पदों पर भर्ती के लिए सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।

        कार्यकत्री पदों का वर्गीकरण:

        2,123 पद: पिछले वर्ष की भर्ती में त्रुटिपूर्ण अभिलेख, आरक्षण के अनुरूप आवेदन न होने या चयनितों द्वारा कार्यभार ग्रहण न करने से खाली।

        5,529 पद: नए आंगनबाड़ी केंद्र खुलने से सृजित नए पद।

        सहायिका पदों का वर्गीकरण:

        38,994 पद: 62 वर्ष की आयु पूरी करने और मृत्यु होने से खाली हुए पद।

        22,260 पद: मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में अपग्रेड होने से सृजित नए पद।

        पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया 📋

        आवेदन पोर्टल: इच्छुक महिलाएं upanganwadibharti.in पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगी। जिलों में रिक्त पदों का ब्योरा इसी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

        आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ₹7,500 प्रति माह मानदेय मिलेगा।

        आंगनबाड़ी सहायिकाओं को ₹3,750 प्रति माह मानदेय मिलेगा।

        वरीयता का प्रावधान:

        भर्ती में गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला को प्राथमिकता (वरीयता) दी जाएगी।

        ग्राम पंचायत में पात्र महिला न मिलने पर न्याय पंचायत से श्रेणीवार चयन किया जाएगा।सहायिका से कार्यकत्री पदोन्नति:

        आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पदों को आंगनबाड़ी सहायिकाओं से भरा जाएगा।

        पात्रता: जिस आंगनबाड़ी में पद रिक्त है, उस ग्रामीण क्षेत्र की ग्राम सभा या शहरी क्षेत्र के वार्ड में पाँच वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी करने वाली सहायिकाएं ही इसके लिए पात्र होंगी।

        अपात्रता: जिस सहायिका ने लापरवाही की है या तीन माह या उससे अधिक अनाधिकृत रूप से अवकाश लिया है, उसे इस अवसर का लाभ नहीं मिलेगा।

        अन्य महत्वपूर्ण नियम: बैकलॉग की समाप्ति: इस बार से भर्ती में बैकलॉग नहीं रहेगा। सहायिकाओं के न मिलने पर बचे हुए कार्यकत्री पदों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा।

      21. ~ Bhupendra Nirankari

        बिजनौर। भारत सरकार के निर्देशानुसार, राजकीय आईटीआई बिजनौर में 4 अक्टूबर 2025 को “कौशल दीक्षांत समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य आईटीआई सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके युवाओं को रोजगार के प्रति आश्वस्त करना और उन्हें सम्मानित करना था।

        दोपहर 1:00 बजे आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मंजुल मयंक ने की, जबकि संचालन प्रधान सहायक राकेश शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिजनौर सांसद प्रतिनिधि विजय सिंह चौहान थे। मुख्य अतिथि विजय सिंह चौहान ने अपने संबोधन में आईटीआई कर चुके युवाओं को रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि “सभी छात्र-छात्राएं अपना प्रशिक्षण मेहनत से पूरा कर अपने कार्य में दक्ष हों। मेरा वादा है कि आपको रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों को आपके संस्थान में ही बुलाया जाएगा।”

        कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विजय सिंह चौहान द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।

        समारोह में वर्ष 2025 में आईटीआई में अपनी-अपनी ट्रेड में टॉपर रहे मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने इन छात्रों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

        सम्मानित मेधावी छात्र-छात्राएं: चिरायु तोमर, प्रिंस कुमार, प्रमोद कुमार, हर्मेन्द्र कुमार, आयुष कुमार, अभिषेक कुमार, आदित्य कुमार, रोहित कुमार, पूजा, सुमित कुमार, मोहम्मद अदीब, पूनम सैनी, इशू कुमार, विकुल कुमार शर्मा, शगुन चौहान, प्रिया एवं प्रियंका।

        इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025 में सफलतापूर्वक आईटीआई प्रशिक्षण पूरा कर चुके सभी छात्र-छात्राओं को नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (National Trade Certificate – NTC) प्रदान कर सम्मानित किया गया।

        सम्मानित छात्र-छात्राएं (प्रतिनिधि): सौतम, कुमार आदित्य कुमार, गजेंद्र, अक्षय, राधेश्याम, अविनाश कुमार, विशाल कुमार, निपेंद्र सैनी, रविकांत, तपस्या, सुधांशु कुमार, शिवम एवं तुषार शर्मा समेत अन्य सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं।

        कौशल दीक्षांत समारोह की शुरुआत से पूर्व, प्रातः 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित हुए मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण समस्त छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ द्वारा देखा गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष मंजुल मयंक ने जनपद में संचालित आईटीआई का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया और उपस्थित मुख्य अतिथियों, स्टाफ तथा छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

        कार्यक्रम में प्रधान सहायक राकेश शर्मा, फोरमैन दीपक कुमार गुप्ता, प्रहलाद सिंह, परितोष चंदेल, सत्येंद्र कुमार, दिवाकर चौधरी, कमलवीर सिंह, सुशील कुमार, मनोज चौहान, योगेश कुमार, नीरज चौधरी, अनुज यादव, राहुल सिंह, आशीष कुमार सक्सेना, आशीष कुमार, प्रेम सिंह, संजीव चौधरी, वी के वर्मा, विजयपाल सिंह, अशोक कुमार, कुलदीप ज़ख्मोला, नीरज कुमार शर्मा, प्रकाश सिंह, अबरार हुसैन, बृजेश कुमार खरवार, श्रवण कुमार गुप्ता, सुनील डडियाल, शशि भूषण शर्मा समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

      22. बिजनौर। नगीना रोड स्थित ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल, पेदी में आज मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत केयर संस्था और कोलगेट कम्पनी के सहयोग से किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में दांतों और मुँह की उचित साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

        भारत केयर संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर, आनंद कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने बच्चों को मौखिक स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराया। अभियान के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण टिप्स और जागरूकता संदेश दिए गए:

        ~ उचित सफाई: बच्चों को दाँतों और मुँह की उचित तरीके से साफ-सफाई करने का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) दिया गया।

        ~ टीथ-ब्रश का समय: सुबह और शाम अच्छे से टीथ-ब्रश करने की आदत डालने पर जोर दिया गया, जिससे कैविटी और अन्य दंत रोगों से बचा जा सके।

        ~ स्वच्छता का महत्व: शारीरिक स्वास्थ्य और अच्छी आदतों के लिए स्वच्छता के महत्व को सरल भाषा में समझाया गया।

        जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए संस्था द्वारा सभी बच्चों, अध्यापकों और अध्यापिकाओं को निःशुल्क सामग्री वितरित की गई।

        डेमो किट्स: सभी प्रतिभागियों को व्यावहारिक उपयोग के लिए डेमो किट्स प्रदान की गईं।

        टूथपेस्ट कैलेंडर: बच्चों को नियमित ब्रशिंग की आदत विकसित करने में मदद करने के उद्देश्य से टूथपेस्ट कैलेंडर निःशुल्क वितरित किए गए।

        विद्यालय के प्रबंधक अनिल शर्मा ने सफल आयोजन के लिए भारत केयर संस्था और उसकी स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “संस्था के सदस्यों व स्वास्थ्य टीम ने सरलता से टिप्स देकर बच्चों को जागरूक किया है। स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति इस प्रकार के सरल और प्रभावी मार्गदर्शन के लिए हम भारत केयर संस्था के कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार प्रकट करते हैं।”

        कार्यक्रम में विद्यालय की ओर से प्रिया, अलशानिया, मयंक कुमार, रोशी, रिज़वी, शाज़िया, मोनिका शर्मा, नेहा रानी, मुसर्रत, मरियम, अतिया, अंशिका हल्दिया, पूजा, आशु, शिवानी, अभिषेक कुमार, और शशि शर्मा सहित बड़ी संख्या में अध्यापकों और अध्यापिकाओं ने भाग लिया और बच्चों को प्रोत्साहित किया।

      23. बिजनौर। चांदपुर तहसील व थाना क्षेत्र के गांव दरबाड़ा में शुक्रवार रात एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ खेत में पानी चलाने गए 60 वर्षीय एक बुजुर्ग किसान की हाईटेंशन (HT) लाइन के टूटे (या लटके) तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है!

        दरबाड़ा निवासी अर्जुन सिंह (60 वर्ष) पुत्र शमशेर सिंह शुक्रवार दोपहर या शाम को अपने खेतों में पानी चलाने गए थे। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, खेत के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन (हाईटेंशन लाइन) या तो काफी नीचे लटकी हुई थी, या उसका तार टूटकर पड़ा था। बताया गया है कि तार इतना नीचे था कि वह किसान के गर्दन से छू गया या किसान टूटे हुए तार की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें तेज करंट लगा और वह घटनास्थल पर ही गिर पड़े। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

        दुर्घटना का पता तब चला जब शाम के समय अकबरपुर गांव के किसान चारा काटने के लिए उसी जंगल की ओर जा रहे थे। उन्होंने अर्जुन सिंह को खेत में पड़े देखा, जिसके बाद गांव में इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। अर्जुन सिंह को मृत देखकर पूरे परिवार और गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

        जानकारी के अनुसार मृतक अर्जुन सिंह के दो पुत्र हैं, जो नौकरी के सिलसिले में देहरादून और हरिद्वार में रहते हैं। उन्हें भी घटना की सूचना दे दी गई है।

        घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग की घोर अनदेखी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। परिजनों ने बताया कि खेत के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन काफी नीचे थी, जिसकी शिकायत वे कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को कर चुके थे। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों ने आँखें मूंदे रखीं और इस समस्या को ठीक नहीं किया। परिजनों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों की इसी लापरवाही के चलते अर्जुन सिंह की मौत हुई है, और इसलिए इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारी ही जिम्मेदार हैं।

        सूचना दिए जाने के बावजूद, काफी समय तक न तो पुलिस और न ही बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा और बढ़ गया। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। वहीं किसान की मृत्यु का पता चलते ही समाजसेवी गुड सेमिरटर्न शिव सेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग के एसडीओ, तहसीलदार चांदपुर व पुलिस इंस्पेक्टर चांदपुर से वार्ता की। उचित मुआवजा देने के आश्वासन पर किसान की डेड बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भिजवाई गई।

      24. लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय आज तीन ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों की विदाई का साक्षी बना, जिन्होंने अपने दशकों के सेवाकाल में न सिर्फ कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि अपनी विशिष्ट उपलब्धियों से पुलिस संगठन के लिए एक अमिट विरासत भी छोड़ी। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण द्वारा आयोजित एक भावभीनी विदाई समारोह में डॉ. जी. के. गोस्वामी (ADG), श्री कमला प्रसाद यादव (DIG) और श्री पंकज कुमार पाण्डेय (SP) को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

        1. डॉ. जी. के. गोस्वामी, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG)(IPS, 1997 बैच, सेवाकाल: 28+ वर्ष)

        फॉरेंसिक विज्ञान में नेतृत्व: उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) के निदेशक के रूप में, उन्होंने संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

        आधुनिकीकरण: पुलिस इन्वेस्टिगेशन और क्राइम सीन मैनेजमेंट में अत्याधुनिक तकनीकों और साइंटिफिक उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया।

        जांच में विशेषज्ञता: जटिल आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच और विश्लेषण में उनकी विशेषज्ञता ने कई हाई-प्रोफाइल केसों को निर्णायक मोड़ दिया।

        2. श्री कमला प्रसाद यादव, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG)(PPS, 1994 बैच, सेवाकाल: 30+ वर्ष)

        भ्रष्टाचार पर नियंत्रण: भ्रष्टाचार निवारण संगठन में रहते हुए, उन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई सफल ऑपरेशन का नेतृत्व किया और सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

        फील्ड ऑपरेशन: विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनाती के दौरान, उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और गंभीर अपराधों के नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

        सामुदायिक पुलिसिंग: सामुदायिक पुलिसिंग और जन-संवाद के माध्यम से पुलिस-जनसंपर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

        3. श्री पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक (SP)(PPS, 1999 बैच, सेवाकाल: 26+ वर्ष)

        पीएसी में सुधार: पीएसी मुख्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की कार्यप्रणाली और जवानों के प्रशिक्षण स्तर में सुधार लाने के लिए कई पहल कीं।

        सुरक्षा व्यवस्था: प्रमुख आयोजनों और चुनाव के दौरान कुशल बल प्रबंधन और सुरक्षा योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया।

        अनुशासन और प्रशिक्षण: पीएसी जवानों के बीच अनुशासन और व्यावसायिकता को बढ़ाने पर केंद्रित कार्य किया।

        डीजीपी राजीव कृष्ण ने विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति उत्तर प्रदेश पुलिस बल के लिए एक भावुक क्षण है। डीजीपी ने कहा: “आज हम न सिर्फ तीन उत्कृष्ट अधिकारियों को विदाई दे रहे हैं, बल्कि पुलिस विभाग के लिए उनकी अमूल्य विरासत को भी नमन कर रहे हैं। डॉ. जी. के. गोस्वामी ने वैज्ञानिक जांच के क्षेत्र में यूपी पुलिस को एक नई दिशा दी है। उनकी विशेषज्ञता के बिना, कई जटिल मामले अनसुलझे रह जाते। श्री कमला प्रसाद यादव ने अपनी 30 वर्षों की सेवा में ईमानदारी और निर्भीकता का जो मानक स्थापित किया है, वह हर युवा अधिकारी के लिए एक प्रेरणा है। वहीं, श्री पंकज कुमार पाण्डेय ने अपनी सेवाओं से पुलिस बल को संगठनात्मक और क्रियात्मक मजबूती प्रदान की है।”

        डीजीपी ने कहा कि”इन अधिकारियों ने अपने लंबे सेवाकाल में न केवल चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया, बल्कि हमेशा कानून और न्याय के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि रखा। उनका सेवाकाल ‘सेवा, सुरक्षा और सहयोग’ के हमारे आदर्श वाक्य का सच्चा प्रतिबिंब रहा है। हम उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और उनके स्वस्थ और सुखी सेवानिवृत्त जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। उनकी विरासत हमेशा हमारे बल का मार्गदर्शन करती रहेगी।” विदाई समारोह में पुलिस मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तीनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

      25. बिजनौर। दिनांक 04 अक्टूबर 2025 को रिजर्व पुलिस लाइन, बिजनौर में ‘अन्तर्जनपदीय पुलिस वॉलीबॉल एवं सेपक टकरा प्रतियोगिता (बरेली जोन, वर्ष 2025)’ का औपचारिक शुभारम्भ किया गया। पुलिस अधीक्षक, बिजनौर अभिषेक कुमार सिंह ने इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन का उद्घाटन किया, जिसमें बरेली ज़ोन की विभिन्न जनपदों की टीमें हिस्सा ले रही हैं।

        कार्यक्रम का शुभारम्भ विधिवत उद्घाटन समारोह और परेड निरीक्षण के साथ हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक नगर, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिस्पर्धी टीमों के खिलाड़ी और पुलिस बल के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने प्रतियोगिता में भाग लेने आई सभी टीमों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

        अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक बिजनौर ने खिलाड़ियों से निष्ठा, अनुशासन और सच्ची खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। उन्होंने इन आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि: “ऐसे आयोजन न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि टीम भावना और आपसी सहयोग को भी बढ़ावा देते हैं। खेल के मैदान में प्रदर्शन पुलिस बल की एकजुटता और फिटनेस को दर्शाता है।”

        इस अवसर पर उपस्थित अन्य अधिकारियों ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और पूरी प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएँ दीं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बरेली ज़ोन के विभिन्न पुलिस बलों को एक मंच पर आकर अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

      26. लखनऊ। गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के दिन ‘ड्राई डे’ होने के बावजूद अवैध शराब बेचने वालों पर लखनऊ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीम ने सैरपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है।

        मुखबिर खास की सूचना पर आबकारी निरीक्षक शिखर मल्ल (सेक्टर 6) और अभिषेक सिंह (क्षेत्र 4) के नेतृत्व में आबकारी स्टाफ और सैरपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार कोरी मय पुलिस बल की टीम ने मुबारकपुर चौराहे के पास छापा मारा। तलाशी के दौरान विभिन्न महंगी विदेशी ब्रांडों की कुल 365 बोतलें और केन जब्त की गईं। बरामद हुई शराब के ब्रांडों में बॉम्बे सैफ़ायर, जैगरमिस्टर, जैक डैनियल्स, रेड लेबल, टीचर्स, ब्लैक डॉग, ब्लैक एंड व्हाइट, 100 पाइपर, बडवाइजर, और ब्रीज़र शामिल हैं।छापेमारी के दौरान आबकारी निरीक्षक विजय और अखिलेश कुमार को 24 खाली बोतलें, 03 खाली हॉफ, 01 खाली पौवा, और 77 QR कोड भी मिले।

        मौके से पुलिस ने मुख्य आरोपी नवनीत गुप्ता उर्फ़ गोपाल गुप्ता (उम्र 32 वर्ष) पुत्र सतीश चंद्र गुप्ता, निवासी सदाबहार कॉलोनी, मुबारकपुर को गिरफ्तार कर लिया। नवनीत गुप्ता के विरुद्ध सैरपुर थाने में आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई कठोर धाराओं जैसे 61(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), और 350 के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

        अगले दिन, शुक्रवार को, उपरोक्त मुक़दमे में वांछित सह-अभियुक्त मोनू सिंह पुत्र रमेश सिंह, निवासी हरीनगर, बालागंज, के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। मोनू सिंह के खिलाफ ठाकुरगंज थाने में BNS की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और $3/25 आयुध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया, क्योंकि छापेमारी के दौरान एक देशी .315 बोर का तमंचा भी मिला था।

        आबकारी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, यह भी बताया गया है कि 2 अक्टूबर को इटौंजा, अर्जुनपुर कुंम्हरावां, बख़्शी का तालाब, सैरपुर समेत कई इलाकों में शराब निर्धारित मूल्य से ज्यादा ब्लैक रेट पर बेची गई थी, जिस पर स्थानीय पुलिस और आबकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर ध्यान नहीं दिया था।

      27. लखनऊ। कृष्णा नगर पुलिस ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के गंगाखेड़ा रेलवे अण्डरपास से बाइक सवार तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है।

        कृष्णा नगर कोतवाली प्रभारी पी के सिंह ने बताया कि पकड़े गए तस्करों के पास से 5.200 किलो गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

        1. कलीमुद्दीन उर्फ कलाम पुत्र रमजान मियां, निवासी जवही मलही मुस्तकील, थाना तरया सुजान, जनपद कुशीनगर (हाल पता: सीपेट चौराहा, नादरगंज, रुस्तमविहार कॉलोनी, कृष्णानगर, लखनऊ)।
        2. फिरोज खांन पुत्र मुख्तार खान, निवासी कस्बा तकीनगर, थाना कोतवाली, जनपद उन्नाव।
        3. शमशुल्ला खांन पुत्र शमीउल्ला खान, निवासी दामोदर नगर, आलमबाग, थाना कृष्णानगर, लखनऊ।

        तस्करों ने बताया कि वे गांजे को क्रय कर छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर जरूरतमंद लोगों को बेचकर अपना जीवन-निर्वाह करते थे। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।

      28. लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति, मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन और एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की संवेदनशील स्थानों पर सतत तैनाती के परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है।

        राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की हाल ही में जारी ‘क्राइम इन इंडिया-2023’ रिपोर्ट इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करती है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध दर (Crime Rate) राष्ट्रीय औसत से काफी कम रही है।राज्य सरकार का दावा है कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और UP Police (उत्तर प्रदेश पुलिस) की सक्रियता का परिणाम है। इन प्रयासों के चलते प्रदेश में न केवल अपराध नियंत्रण में आया है, बल्कि जनता, विशेषकर महिलाओं और बालिकाओं, में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत हुई है।

        शून्य सहनशीलता की नीति के तहत संगठित अपराध और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की गई है, जबकि मिशन शक्ति ने महिला सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी प्रयास किए हैं। इसके साथ ही, एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की लगातार गश्त ने सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

        यह रिपोर्ट दर्शाती है कि अपराध नियंत्रण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम प्रभावी साबित हुए हैं, और राज्य देश के लिए एक मजबूत कानून-व्यवस्था का मॉडल बनकर उभरा है।

      29. बिजनौर। साहित्य महोपाध्याय, सुप्रसिद्ध साहित्यकार तथा वर्धमान कॉलेज के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉक्टर रामस्वरूप आर्य को उनकी नवम् पुण्यतिथि पर याद किया गया। स्मृति कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें ससम्मान एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

        डा. रामस्वरूप आर्य स्मृति हिंदी शोध संस्थान के अध्यक्ष डा. चंद्र प्रकाश आर्य ने बताया कि सन् 2025 का डा. रामस्वरूप आर्य स्मृति सम्मान गाजियाबाद निवासी प्रसिद्ध साहित्यकार उमाशंकर मिश्र को प्रदान किया गया है। संस्थान की सचिव डा. संतोष कुमारी ने कहा कि डा. राम स्वरूप आर्य ने अपना संपूर्ण जीवन हिन्दी के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित कर दिया था, इसलिए हिंदी की प्रचार प्रसार में लगे हुए साहित्यकारों के उत्साहवर्धन के लिए यह पुरस्कार प्रतिवर्ष संस्थान की ओर से एक हिंदी सेवी साहित्यकार को प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि शोध छात्रों की सहायता के लिए डॉक्टर रामस्वरूप आर्य के विशाल पुस्तकालय में संग्रहित ऐतिहासिक हस्तलिखित पांडुलिपियां, संस्कृत ग्रंथ एवं दुर्लभ हिन्दी पत्रिकाएं गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार को भेंट स्वरूप प्रदान की गई हैं।

        कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेमप्रकाश ‘प्रेम’ व संचालन रवि प्रकाश आर्य ने किया। इस अवसर पर डॉ. मदनपाल सिंह, सुधीर कुमार, राजीव खंडेवाल, प्रमोद पुष्प, उपजा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, डा. नरेद्र सिंह, डा. सुखराम सिंह, पत्रकार भूपेन्द्र निरंकारी, पंडित ललित, अनिल सक्सेना, सुश्री निकिता सिंह, डा. संतोष आर्य आदि उपस्थित रहे।

      30. लखनऊ, (03 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन स्थलों के उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आजमगढ़ जनपद स्थित प्राचीन एवं आस्था से जुड़े दुर्वासा ऋषि आश्रम के पर्यटन विकास की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास अंतर्गत इस परियोजना के लिए लगभग 01 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत हुई है।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह कदम न केवल प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। पर्यटन मंत्री ने बताया, ‘दुर्वासा ऋषि आश्रम के आसपास पर्यटक सुविधाओं के विकास से आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यटकों के लिए न केवल सुविधाजनक वातावरण तैयार होगा, बल्कि पूर्वांचल क्षेत्र में पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।

        ‘आजमगढ़ को पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्राचीन दुर्वासा ऋषि आश्रम का समेकित पर्यटन विकास किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत पर्यटन स्थल पर सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, सूचना केंद्र और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले की पौराणिक धरोहर को भी नई पहचान मिलेगी।पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘आजमगढ़ जिले की धरती प्राचीन काल से आध्यात्मिक ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रही है। यहां तीन महान ऋषियों दुर्वासा ऋषि, दत्तात्रेय और चंद्रमा ऋषि के धाम हैं। यही कारण है कि आजमगढ़ को ऋषि-मुनियों की धरती भी कहा जाता है।

        दुर्वासा ऋषि आश्रम जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सावन और कार्तिक मास सहित विभिन्न पर्वों पर प्रतिवर्ष यहां मेले का आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालुओं की अपार भीड़ होती है। यह आश्रम तमसा एवं मंजूषा नदी के संगम पर स्थित है।’मंत्री ने बताया, ‘पौराणिकता मान्यता के अनुसार पाप से मोक्ष की प्राप्ति हेतु प्राचीन समय में लोग कार्तिक पूर्णिमा के दिन तमसा-मंजूषा नदी के संगम पर स्नान करते थे। आज भी परंपरा अनुसार प्रत्येक कातिक पूर्णिमा को लगने वाले तीन दिवसीय मेले में विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। तमसा और मंजूषा नदी के संगम पर आस्था की डुबकी लगाते हैं। महर्षि दुर्वासा 12 वर्ष की आयु में चित्रकूट से इस स्थल पर आकर कई वर्षों तक साधना की। पौराणिक कथाओं के अनुसार सतयुग, त्रेतायुग व द्वापर युग में महर्षि दुर्वासा का स्थान श्रेष्ठ माना गया है। पर्यटन के लिहाज से आजमगढ़ उभरता जनपद है। यहां चंद्रमा मुनि आश्रम, दत्तात्रेय मंदिर,भंवर नाथ मंदिर, अवंतिकापुरी धाम, नागा बाबा सरोवर, मेहनगर किला, निजामाबाद स्थित भगवान गणेश और मां दुर्गा मंदिर सहित कई अन्य पर्यटन स्थल हैं। 

        जिले में वर्ष 2024 में 15,82,855  लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ था। वहीं, वर्ष 2025 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में 3,25,841  से अधिक सैलानियों ने जिले का रुख किया। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश आज धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अन्य राज्यों की तुलना में पहले पायदान पर खड़ा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के अंतर्गत प्राचीन, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का समेकित पर्यटन विकास किया जा रहा है। सरकार के सतत प्रयासों से प्रदेश के चर्चित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है। साथ ही, अब तक कम चर्चित और अल्पज्ञात स्थलों को भी प्रदेश की पहचान से जोड़ते हुए प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।’

      31. बिजनौर: शहर के जाट बाल विद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने इस शुभ अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात, उन्होंने और सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की और उनके महान योगदान को याद किया।

        इस अवसर पर विद्यालय परिवार के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रधानाचार्य अनिता सैनी सहित सुनीता सिंह, राशि शर्मा, राखी, शिवानी, और शिल्पी चौधरी शामिल थे। इन सभी के साथ-साथ विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

        वक्ताओं ने दोनों महान नेताओं के जीवन सिद्धांतों और देश के प्रति उनके अमूल्य समर्पण पर प्रकाश डाला और सभी को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।

      32. बिजनौर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की 121वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर, 2025 को बिजनौर में विभिन्न संगठनों और सरकारी संस्थानों ने कार्यक्रम आयोजित कर दोनों महान विभूतियों को याद किया। इस दिन दशहरा पर्व भी होने के कारण उत्साह का माहौल रहा।

        नजीबाबाद में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति ने महात्मा गांधी जयंती, लाल बहादुर शास्त्री जयंती और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व को धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर समिति ने अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता के लिए पत्रकार मनोज शर्मा को शॉल ओढ़ाकर और मोमेंटो देकर विशेष सम्मान किया। संस्था के अध्यक्ष जितेंद्र कक्कड़ द्वारा रचित कविता “मैं एक पत्रकार हूँ” उन्हें सम्मान के रूप में भेंट की गई। इस सारगर्भित रचना का विश्लेषण अशोक अग्रवाल ने बहुत ही सुंदर ढंग से किया। कार्यक्रम के दौरान साहित्यकार कर्मवीर संस्था के साथ संरक्षक के रूप में जुड़े, जिनका समिति ने अभिनंदन किया।सभी वक्ताओं ने गांधी जी, शास्त्री जी और विजयदशमी के त्योहार के प्रति अपने विचार व्यक्त किए और विचारों का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री मदन गोपाल टौंक ने किया। इस मौके पर राजपाल, विनीत कुमार, रसीद आजाद, अशोक अग्रवाल, श्याम सिंह, जयप्रकाश शर्मा, कमल कुमार, मंगू सिंह आदि उपस्थित रहे।

        प्रधान सहायक राकेश शर्मा

        राजकीय आईटीआई बिजनौर में झंडारोहण के बाद दोनों राष्ट्र नायकों के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इसके उपरांत रामधुन गाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन का विस्तार से वर्णन किया। कार्यक्रम में भारत के संविधान में नागरिकों के लिए निर्धारित कर्तव्यों का पालन करने और अपने अधिकारों का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।

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        इस अवसर पर राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य, फोरमैन श्रीमती ज्योत्सना, दीपक कुमार गुप्ता, प्रधान सहायक राकेश शर्मा, आशीष कुमार सक्सेना, बृजेश कुमार खरवार, कमल वीर सिंह, सत्येंद्र कुमार, वीके वर्मा, सुशील कुमार, अबरार हुसैन, कामता प्रसाद, अशोक कुमार, साजिद हुसैन, कुलदीप ज़ख्मोला, मनोज चौहान, विजयपाल सिंह, सुमित कुमार शर्मा, धर्मवीर सिंह, श्याम सिंह, संतराम सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

        बिजनौर: शहर के जाट बाल विद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने इस शुभ अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात, उन्होंने और सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की और उनके महान योगदान को याद किया।

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        इस अवसर पर विद्यालय परिवार के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रधानाचार्य अनिता सैनी सहित सुनीता सिंह, राशि शर्मा, राखी, शिवानी, और शिल्पी चौधरी शामिल थे। इन सभी के साथ-साथ विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।वक्ताओं ने दोनों महान नेताओं के जीवन सिद्धांतों और देश के प्रति उनके अमूल्य समर्पण पर प्रकाश डाला और सभी को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।

      33. लखनऊ। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी लखनऊ के सख्त निर्देशों के क्रम में, गांधी जयंती के अवसर पर शराब बंदी के बावजूद अवैध बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए चलाए गए अभियान में आबकारी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में देशी शराब बरामद की और चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।

        जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने थाना नाका हिंडोला क्षेत्र के अंतर्गत मवैया क्रॉसिंग के पास स्थित एक होटल में छापा मारा। मौके से अवैध शराब की बिक्री करते हुए 4 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इनके कब्जे से विंडीज ब्रांड देशी शराब की 12 पेटी और 52 लूज़ टेट्रा पैक बरामद किए गए। आबकारी टीम ने चारों अभियुक्तों के विरुद्ध थाना नाका हिंडोला में आबकारी अधिनियम की धारा 60 (अवैध शराब से संबंधित), भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 (कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन) के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक सेक्टर 9 विजय राठी, आबकारी निरीक्षक सेक्टर 8 प्रदीप कुमार शुक्ला, और आबकारी निरीक्षक सेक्टर 7 कौशलेंद्र रावत अपनी टीम के साथ शामिल रहे।

        जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कृत्यों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

      34. बिजनौर। जनपद पुलिस द्वारा दिनांक 02 अक्टूबर, 2025 को जनपद बिजनौर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में एंटी रोमियो टीम, महिला थाना और विभिन्न थानों की पुलिस ने एक साथ कई सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों और गाँवों में चौपालें आयोजित कीं।

        आयोजक: एंटी रोमियो टीम, महिला थाना, और जनपद बिजनौर के विभिन्न थानों की पुलिस।

        मुख्य उद्देश्य: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु जागरूकता बढ़ाना, तथा उन्हें सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देना।

        राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बिजनौर

        सर्राफा मार्केट

        रोडवेज बस स्टैंड, बिजनौर (दो बार चेकिंग और जागरूकता)

        बस अड्डा बिजनौर

        ग्रामीण और मोहल्ला चौपालें

        ग्राम जालपुर (थाना नांगल)

        गांव दहलावाला (थाना रेहड़)

        मोहल्ला मुनीरगंज (थाना नजीबाबाद)

        ग्राम अहीरपुरा (थाना नूरपुर)

        ग्राम खिजरपुर (थाना शेरकोट)

        ग्राम लोदीपुर मिल्क (थाना शिवालाकलां)

        ग्राम कादरपुर नानू (थाना नगीना देहात)

        ग्राम मोहम्मदपुर राजौरी (थाना अफजलगढ़)

        ग्राम हरेवाली (थाना शेरकोट) – यहाँ लगभग 250 महिलाओं ने हिस्सा लिया।

        1090: वूमेन पावर लाइन (Women Power Line)

        112: आपातकालीन सेवा (Emergency Service)

        1098: चाइल्ड हेल्प लाइन (Child Help Line)

        1930: साइबर हेल्प लाइन (Cyber Help Line)

        181: महिला हेल्प लाइन

        108/102: स्वास्थ्य/एम्बुलेंस सेवा

        1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन

        महिला सुरक्षा और अधिकार: घरेलू हिंसा के विरुद्ध आवाज़ उठाना और अधिकारों के संबंध में जानकारी।

        साइबर अपराध से बचाव: मोबाइल/सोशल मीडिया द्वारा परेशान करने, अश्लील मैसेज भेजने की शिकायत संबंधी प्रक्रिया।

        शारीरिक सुरक्षा: महिलाओं के साथ मारपीट और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ से बचाव संबंधी जानकारी।

        सरकारी योजनाएं: सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याण योजनाओं के बारे में बताना।

        समस्या समाधान: महिलाओं और बालिकाओं की व्यक्तिगत समस्याएं पूछना और उनका समाधान करना।

        कुल मिलाकर, बिजनौर पुलिस का यह अभियान महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त करने और सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

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        *‘हिंदुस्तान की हुकूमत को सपोर्ट करना ही धर्म’, आई लव मोहम्मद विवाद पर बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम*

        https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202510012316233022348078

        *ED का शिकंजा: अंसल प्रॉपर्टीज की ₹10.55 करोड़ की संपत्ति अटैच, जानिए क्या है पूरा मामला*

        https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020522043022347998

        *नाबालिग के अपहरण और धर्म परिवर्तन मामले में मौलवी सहित दो गिरफ्तार, निकाहनामा और फर्जी दस्तावेज बरामद

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020523003022348253

        *महाराष्ट्र में अब 24 घंटे खुली रह सकेंगी दुकानें और होटल; शराब प्रतिष्ठानों को छूट नहीं

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020524223022347458

        *देशद्रोह और तख्तापलट की कोशिश… कांगो के पूर्व राष्ट्रपति जोसेफ कबीला को किन मामलों में हुई मौत की सजा

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020526133022342365

        *बड़े भाई ने छोटे की दी सुपारी, थार से पहुंचे किलर्स ने मारी टक्कर और फिर… करोड़ों की प्रॉपर्टी का है विवाद

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020539493022343053

        *हे भगवान! कैसा कलयुग आ गया, अब तो रावण दहन का भी होने लगा विरोध, तर्क जानकर उड़ जाएंगे होश

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020544013022343825

        *फिटकरी: दाग-धब्बों और पिंपल्स से पाएं छुटकारा, जानिए इस्तेमाल का सही तरीका

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020544573022342407

        *महिलाओं पर अपराध कम, सजा दिलाने में नंबर वन… दंगा कंट्रोल में भी दिखा योगी का दम

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020546043022342787

        *इंदौर में भी हो रही पाकिस्तान के झंडे वाले गुब्बारे लगे बिस्कुट की सप्लाई, सिंघल बंधुओं से पूछताछ जारी

        *https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202510020547243022341857

      36. बीहड़ में डकैतों की आस्था का बड़ा केंद्र रहे मंदिर के विकास को ₹1 करोड़

        लखनऊ, (01 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने आदि शक्ति उपासकों और श्रद्धालुओं को बड़ा उपहार दिया है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना अंतर्गत कानपुर देहात के कथरी स्थित प्राचीन कात्यायनी देवी मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, कि ‘कात्यायनी देवी मंदिर शक्ति आराधना का महत्वपूर्ण स्थल है। सरकार का उद्देश्य इस प्राचीन व धार्मिक स्थल को पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाना है, जिससे श्रद्धालु और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके।

        मंत्री जयवीर सिंह ने बताया… ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का प्रयास है कि कथरी स्थित कात्यायनी देवी मंदिर को क्षेत्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।’

        कानपुर देहात को धार्मिक मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग ने कथरी स्थित प्राचीन कात्यायनी देवी मंदिर के समेकित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इस परियोजना के तहत पर्यटन स्थल पर सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, सूचना केंद्र और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जनपद की पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी नई पहचान मिलेगी।

        मां कात्यायनी को देवी दुर्गा का छठा रूप माना जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त विशेषकर नवरात्र में श्रद्धा से मां कात्यायिनी का पूजन करता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। यह मंदिर बीहड़ के डाकुओं की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। क्षेत्र में डाकुओं द्वारा सबसे पहले ध्वज चढ़ाने की कई कहानियां प्रचलित हैं। सांसद बनने के बाद फूलन देवी भी यहां पूजन करने आईं थीं। किंवदंती के अनुसार, कालांतर में शाहजहांपुर के तत्कालीन राजा गजाधर दुबे ने पुत्र-प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया था।

        यह प्राचीन मंदिर इटावा रोड पर शाहजहांपुर गांव से लगभग छह किलोमीटर तथा तहसील मुख्यालय भोगनीपुर से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर बीहड़ में स्थित है। कानपुर नगर से मंदिर की दूरी करीब 85 किलोमीटर है। नवरात्रि के समय इस मंदिर में बड़ा मेला लगता है। मेले में निकटवर्ती जनपदों के भी श्रद्धालु एवं भक्तगण बड़ी संख्या में आते हैं।

        पर्यटन के लिहाज से कानपुर देहात उभरता जिला है। यहां दुर्वासा ऋषि आश्रम, 500 साल पुराना बरगद वृक्ष सहित कई दर्शनीय स्थल हैं। जनपद में वर्ष 2024 में 9,47,914 लाख से अधिक पर्यटक आए थे। वहीं, वर्ष 2025 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में ही 2,63,679 से अधिक सैलानियों ने जिले का रुख किया। बढ़ते पर्यटक आगमन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहे हैं।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘धार्मिक पर्यटन में उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में पहले पायदान पर है। कानपुर देहात प्राचीन और पौराणिकता स्थलों के लिए विख्यात है। सरकारी प्रयास है कि चर्चित स्थलों को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त तरीके से स्थापित किया जाए। साथ ही, अल्पज्ञात स्थलों को भी प्रदेश की पहचान से जोड़ते हुए प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए।’

      37. ।।ॐ एं हीं हनुमते रामदूताय नमः।।
        https://youtube.com/shorts/_1rAsyrQ46g?si=FweFN5Tn5gGWJddo

      38. लखनऊ, (30 सितंबर 2025)। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 का तीसरा संस्करण उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के लिए यादगार रहा। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित व्यापार मेले में ‘उल्लेखनीय योगदान और प्रतिबद्धता’ के लिए पर्यटन विभाग को सम्मानित किया गया। आयोजन में प्रदेश सरकार की बिज़नेस-फ्रेंडली नीतियों, उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 और विकसित यूपी@2047 की स्पष्ट झलक देखने को मिली। व्यापार मेले के समापन तक करीब 5.15 लाख आगंतुक आयोजन का हिस्सा बने। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, यूपीआईटीएस ने प्रदेश में पर्यटन संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।

        पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025’ के हॉल नंबर-07 में स्थित स्टॉल नंबर-12 दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों को ऐसा अनुभव मिला मानो वे किसी प्रदर्शनी में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर पहुंच गए हों। पर्यटन मंत्री के अनुसार, स्टॉल के जरिए न केवल उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया गया, बल्कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। ट्रेड शो ने एक ओर जहां युवाओं और पर्यटकों को आकर्षित किया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में निवेश के नए अवसर भी प्रदान किए।

        यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में सेमिनार, पैनल डिस्कशन, पुरस्कार समारोह, बीटूबी मीटिंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मंच को नवाचार और परंपरा का संगम बना दिया। वर्चुअल रियलिटी (वीआर) और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) तकनीक ने बच्चों और युवाओं को खूब लुभाया। यूपी पर्यटन के स्टॉल पर एआर फोटो बूथ पर प्रदेश के अपनी पसंद के मंदिर या पर्यटन स्थल चुनकर उसके साथ डिजिटल फोटो खिंचवाया। ऐसे लोग जो कभी उत्तर प्रदेश नहीं आए, उन्हें यह प्रयोग आकर्षित किया। एआर फोटो बूथ पर सेल्फी लेने वालों की भीड़ लगी रही।

        उत्तर प्रदेश पर्यटन के स्टॉल ने आगंतुकों को काशी, अयोध्या और बुद्ध सर्किट की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। स्टॉल में वाराणसी के घाटों की झलक, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या राम मंदिर और बुद्ध सर्किट को भव्य रूप से प्रदर्शित किया गया। स्टॉल के पिलर पर ललिता देवी मंदिर को उकेरा गया, जबकि प्रवेश द्वार को काशी की गंगा आरती से प्रेरित कर डिजाइन किया गया। आगंतुकों के लिए वीआर अनुभव की व्यवस्था की गई, जिससे ऐसा आभास हुआ मानो वे गंगा की लहरों पर नाव में सवार होकर ऐतिहासिक नगरी वाराणसी की यात्रा कर रहे हों।

        उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के स्टॉल पर स्टोरीटेलिंग ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। किस्सों-कहानियों के माध्यम से पर्यटकों ने प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों की जानकारी पाई। कार्यक्रम में प्रस्तुत कहानियों ने आगंतुकों को यह संदेश दिया कि ‘यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा’। खासतौर पर युवाओं ने इस पहल को सराहा और उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में गहरी रुचि दिखाई। स्टोरीटेलिंग जैसे नवाचारपूर्ण प्रयोग से युवाओं और पर्यटकों में राज्य की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर को जानने की उत्सुकता बढ़ी।

        उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म की बढ़ती धमक ने भी पर्यटन के शौकीनों के कदम रोक दिए। हर आयु वर्ग के लोगों ने इको टूरिज्म से जुड़े गंतव्यों में रुचि दिखाई। प्रोजेक्शन रूम में प्रदर्शित वीडियो और प्लाज्मा स्क्रीन पर दिखाई गई जैव विविधता तथा टाइगर रिजर्व से जुड़ी यात्राओं के दृश्य ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया। दुधवा, नैमिषारण्य, चूका बीच के नजारों को देखकर आगंतुकों ने यूपी के इको पर्यटन स्थल की यात्रा का वादा किया।

        स्टॉल पर’एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के तहत अलीगढ़ के पारंपरिक ताले दर्शकों को विशेष रूप से लुभाते रहे, जिनमें हाथी और उल्लू आकार के अनूठे ताले आकर्षण का केंद्र बने। इसी क्रम में खुर्जा की रंग-बिरंगी पॉटरी, आगरा का मशहूर पेठा, मथुरा का स्वादिष्ट पेड़ा, सहारनपुर की लकड़ी पर बारीक नक्काशी, कन्नौज का शाही इत्र, भदोही के हस्तनिर्मित कालीन और वाराणसी की सुंदर सिल्क साड़ियों ने आगंतुकों को आकर्षित किया। आगंतुकों को उत्पाद बनने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया, जो रोमांचक रहा।

        विविधताओं से सराबोर उत्तर प्रदेश पर्यटन के स्टॉल पर संस्कृति, लोक नृत्य, स्वादिष्ट व्यंजन, हस्तकला और चिकनकारी जैसी समृद्ध परंपराओं की झलक ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक पकवानों के लाजवाब स्वाद ने हर आयु वर्ग के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। कत्थक, बुंदेलखंडी लोक नृत्य और राधा-कृष्ण की मनोहारी प्रस्तुतियों ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया, वहीं युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक नृत्यों में भाग लेकर कार्यक्रम को जीवंत कर दिया।

        मंडप में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) और निवेश अनुभाग ने आगंतुकों का विशेष ध्यान खींचा। करीब 200 इच्छुक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने पर्यटन अवसंरचना, संयुक्त उपक्रमों और नवोन्मेषी परियोजनाओं में रुचि दिखाई। स्कूलों और युवाओं ने भी सतत पर्यटन से जुड़े अभियानों में सहयोग का प्रस्ताव रखा।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 (यूपीआईटीएस)’ में उत्तर प्रदेश पर्यटन का स्टॉल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा। विभाग का उद्देश्य यह है कि बच्चे पाठ्य पुस्तकों की सीमाओं से आगे बढ़कर अपनी संस्कृति, परंपरा और समृद्ध विरासत को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करें। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि निवेश के नए अवसर भी खोलते हैं।’

      39. बिलासपुर (छत्तीसगढ़): धार्मिक आस्था के केंद्र रतनपुर महामाया मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्रि की भीड़ के बीच चाकूबाजी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। आपसी झगड़े में कुछ युवकों ने दो अन्य युवकों पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे श्रद्धालुओं के बीच हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और मामले की जांच शुरू की।

        शुरुआती जानकारी के अनुसार, आपसी विवाद के बाद युवकों ने एक-दूसरे पर चाकू से वार किया। हमले में घायल हुए दोनों युवकों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। यह वारदात रतनपुर थाना क्षेत्र में घटित हुई और पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है।

        घटना ऐसे समय में हुई है जब नवरात्रि के सप्तमी दिवस पर मंदिर में माँ कालरात्रि की पूजा के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। बिलासपुर जिले के सबसे बड़े आस्था केंद्र मां महामाया मंदिर में इस बार 31 हजार से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं और लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद मंदिर परिसर में इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है।

      40. हमारे देश भारत वर्ष में नारी को आरंभ से ही कोमलता, भावकुता, क्षमाशीलता, सहनशीलता की प्रतिमूर्ति माना जाता रहा है पर यही नारी आवश्यकता पड़ने पर रणचंडी बनने से भी परहेज नहीं करती क्योंकि वह जानती है कि यह कोमल भाव मात्र उन्हें सहानुभूति और सम्मान की नजरों से देख सकता है, पर समानांतर खड़ा होने के लिए अपने को एक मजबूत, स्वावलंबी, अटल स्तंभ बनाना ही होगा।

        नारी के सम्मान में हमारे धर्मग्रंथों में अनेकों प्रसंग भरे पड़े हैं उनके अनुसार :- “यद् गृहे रमते नारी लक्ष्मीस्तदगृहवासिनी ! देवता कोटिशोवत्स न त्यज्यंति ग्रहहितत् !! “अर्थात :- जिस घर में सद्गुण सम्पन्न नारी सुखपूर्वक निवास करती है उस घर में लक्ष्मी जी निवास करती हैं। करोड़ों देवता भी उस घर को नहीं छोड़ते। नारी में त्याग एवं उदारता है, इसलिए वह देवी है। परिवार के लिए तपस्या करती है इसलिए उसमें तापसी है। उसमें ममता है इसलिए माँ है। क्षमता है, इसलिए शक्ति है। किसी को किसी प्रकार की कमी नहीं होने देती इसलिए अन्नपूर्णा है। नारी महान् है। वह एक शक्ति है। भारतीय समाज में वह देवी है।

        मनुस्मृति में कहा गया है :–“प्रजनार्थ महाभागाः पूजार्हा गृहदीप्तयः! स्त्रियः श्रियश्य गेहेषु नविशेषोऽस्ति कश्चन !! अर्थात :– परम सौभाग्यशालिनी स्त्रियाँ सन्तानोत्पादन के लिए हैं। वह सर्वथा सम्मान के योग्य और घर की शोभा हैं। घर की स्त्री और लक्ष्मी में कोई भेद नहीं है। इन सभी प्रसंगों को पढ़कर यह ज्ञात होता है कि हमारे सनातन धर्म में नारियों को पूज्य एवं सम्माननीय माना गया है। आज के समाज में जहाँ कुछ समुदायों में नारी को मात्र भोग्या समझा जाता है वहीं नारी ने स्वयं को स्थापित करते हुए समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के शिखर को छूने का उद्योग किया है। देश की सरकारों ने भी नारी सम्मान के लिए अनेकों योजनायें प्रारम्भ की है, जिसका लाभ लेकर आज नारी पुरुष के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है।

        इतना सब कुछ होने के बाद भी मैं पनपा “गोरखपुरी”, आज समाज में कुछ विकृत मानसिकता के लोगों को देखकर विचार करने पर विवश हो जाता हूँ कि पुरुष प्रधान समाज का हवाला देने वाले कुछ लोग नारी को अभी भी मात्र अपनी सेविका एवं भोग्या समझ रहे हैं। नारी यदि पुरुष का सम्मान करके उसके द्वारा प्रताड़ित हो रही है तो यह उसकी कायरता या भय नहीं अपितु उसका पुरुष के प्रति प्रेम है जो विरोध नहीं करने देता। नारी जब बिना विरोध किए लोकलज्जा के भय से पुरुष के सभी कृत्यों को सहन करती है तो पुरुष इसे अपना पुरुषत्व समझकर स्वयं का गौरव समझने लगता है। परन्तु उसी नारी के हृदय से जब उस पुरुष के प्रति प्रेम समाप्त हो जाता है और वह उग्रस्वरूप धारण कर लेती तब पुरुष त्राहि-त्राहि करने लगता है। इसीलिए पुरुषों को चाहिए कि नारियों के कोमल मन पर कभी आघात न करते हुए उनको यथोचित सम्मान एवं अधिकार देते रहें। ऐसा करते रहने से नारी जीवन के सभी क्षेत्रों में स्थापित होकर आपका ही सम्मान बढ़ाएगी। सौम्यस्वरूपा दुर्गा जी का पूजन बड़े धूमधाम से किया जाता है परंतु जब वही उग्रस्वरूपा महाकाली के रूप में होती हैं तो भय लगता है। सदैव ऐसे कर्म करते रहना चाहिए कि नारी सौम्य बनी रहे उसका उग्र स्वरूप यदि हो गया तो यह समाज के लिए हितकर नहीं हो सकता।

      41. लखनऊ, (29 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, जयवीर सिंह ने विभाग से जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और स्वीकृत परियोजनाओं को शुरू करने में विलम्ब पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। यह निर्देश गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए।

        मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर जाकर निर्माण कार्यों की प्रगति का नियमित निरीक्षण करने का आदेश दिया। उन्होंने ऐसी कार्यदायी संस्थाओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जो स्वीकृति के बावजूद भी जमीनी स्तर पर कार्य शुरू नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने सभी स्वीकृत परियोजनाओं के आकलन (आगणन) और प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति की स्थिति, तथा अनारम्भ परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

        बैठक में दीपोत्सव और देव दीपावली की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने इन आयोजनों को ‘दिव्य एवं भव्य’ ढंग से करने के लिए सभी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष भी गत वर्ष की भांति लगभग 26 लाख से अधिक दीप जलाने और लेजर शो आदि के प्रदर्शन की योजना अंतिम चरण में है, जिसका उद्देश्य इस वर्ष भी एक नया रिकॉर्ड बनाना है।

        मंत्री जयवीर सिंह ने मंत्री परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को शत-प्रतिशत अनुपालन समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025-26 के लिए वाद्ययंत्रों के क्रय एवं आपूर्ति की स्थिति तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक, ऐशबाग के कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।

        बैठक में बताया गया कि यूपीपीसीएल (UPPCL) की 270 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से 22 पर कार्य शुरू हो चुका है। इसी प्रकार, उ.प्र. राज्य पर्यटन विकास लि. (UPSTDC) की 219 परियोजनाएं क्रियान्वित हैं और 35 पर कार्य शुरू कर दिया गया है। जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य में स्थित चक्रतीर्थ के सामने उपलब्ध भूमि पर भी कार्य प्रगति पर है। यह भी बताया गया कि मंत्री जी के निर्देशों के क्रम में समस्त कार्यदायी संस्थाओं एवं क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सूचीबद्ध आर्किटेक्ट के साथ स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार आगणन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

        प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य, अमृत अभिजात ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से जुड़े पीएम एवं एपीएम (प्रोजेक्ट/असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर) को निर्देश दिए कि जिन जनपदों में निर्माण संबंधी समस्याएँ आ रही हैं, वहाँ के मुख्य विकास अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय करके कार्य को आगे बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद कार्य की गति तेज होनी चाहिए।

        अमृत अभिजात ने चेतावनी दी कि आगे से कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण स्थल पर उपस्थित कराकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी ली जाएगी। उन्होंने बल दिया कि आगे का समय बहुत महत्वपूर्ण है और सभी क्रियान्वित परियोजनाएं धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की संस्तुति की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, निदेशक ईको पर्यटन प्रखर मिश्र, अपर निदेशक संस्कृति सृष्टि धवन, आरटीओ मुख्यालय अंजू चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

      42. लखनऊ। पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. राजीव कृष्णा के निर्देशन में उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाईयों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं के सम्बन्ध में लगाए गए संयुक्त स्टॉल को UP International Trade Show 2025 (3rd Edition), गौतमबुद्धनगर में विशेष पुरस्कार प्राप्त हुआ।

        स्टॉल की साइज, आकर्षक सेटअप, माहौल और आगंतुकों की संख्या के आधार पर चयन कर #UPPolice के स्टॉल को विजेता घोषित किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नंदी गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ (औद्योगिक विकास/निर्यात संवर्धन/एनआरआई निवेश प्रोत्साहन) एवं कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, उ.प्र. द्वारा पुलिस अधीक्षक UP-112, श्रीमती निधि सोनकर को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

        यह पुरस्कार न सिर्फ़ यूपी पुलिस के पेशेवराना कौशल की पहचान है, बल्कि जनता के विश्वास, आधुनिक तकनीक और लगातार नवाचार की दिशा में हो रहे प्रयासों का सजीव प्रतीक भी है।

        #UPITS2025 #UPInternationalTradeShow#UPPolice #GlobalGrowth #SmartPolicing

      43. बिजनौर: शिवसेना की बिजनौर जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को युवा सेना जिला प्रमुख विजय मोहन गुप्ता के रिंग रोड स्थित कैंप कार्यालय/आवास पर आयोजित की गई। इस बैठक में शिवसेना ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में बिजनौर जिले को शामिल न किए जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे बिजनौर वासियों का अपमान बताया।

        “बैठक को संबोधित करते हुए शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मां भागीरथी गंगा का प्रथम प्रवेश द्वार बिजनौर है, फिर भी बिजनौर को गंगा एक्सप्रेसवे से वंचित किया जा रहा है। चौधरी वीर सिंह ने आरोप लगाया, “बिजनौर के हमारे प्रिय जनप्रतिनिधि अपने निजी कार्यों में व्यस्त हैं और कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं। बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे से वंचित किया जा रहा है, जिसका शिवसेना पुरजोर विरोध करती है।

        शिवसेना जिला प्रमुख ने एक्सप्रेसवे के हक के लिए एक बड़े आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिवसेना शीघ्र ही एक भारी रणनीति बनाकर “सोये हुए जनप्रतिनिधियों को जगाने” का काम करेगी। चौधरी वीर सिंह ने दृढ़ता से कहा, “गंगा एक्सप्रेसवे हम लेकर रहेंगे।” उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर जल्द ही जनपद बिजनौर में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में व्यापक जनसमर्थन जुटाने की योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लड़ाई को प्रमुखता से लड़ने के लिए जनपद बिजनौर के सभी साधु-संतों, अधिवक्ता, पत्रकार बंधु, और सभी राजनीतिक दलों/संगठनों को साथ लिया जाएगा। बैठक में उपस्थित रहने वालों में प्रमुख रूप से विजय मोहन गुप्ता, अंतरिक्ष कौशिक, रानू ठाकुर, पदम सिंह एडवोकेट, बबलू कुमार, पेपिंदर एडवोकेट, ऋषि राज एडवोकेट, शशि कुमार और तुषार रस्तोगी आदि शामिल थे।

      44. दुनिया भर में आज संत निरंकारी मिशन के लिए एक अत्यंत पावन और खुशियों भरा दिन है, क्योंकि आज निरंकारी राजपिता आदरणीय श्री रमित चांदना जी का जन्मदिन है। इस विशेष अवसर पर, मिशन के सभी अनुयायी और संत-महापुरुष अपार उत्साह और उल्लास में डूबे हुए हैं। निरंकारी मिशन से जुड़े लाखों अनुयायियों के लिए यह दिन सौभाग्यशाली है, जो राजपिता जी की अथक सेवा, मार्गदर्शन और स्नेह को महसूस करते हैं। जगह-जगह सत्संग और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जहाँ सभी संत अपनी-अपनी शैली में राजपिता जी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ अर्पित कर रहे हैं।

        पिता श्री रमित चांदना जी ने संत निरंकारी मिशन के मानवीय और आध्यात्मिक कार्यों को आगे बढ़ाने में दिन-रात एक कर दिया है।

        ~ वे कल्याण यात्राओं पर निरंतर जा रहे हैं, जहाँ वह सभी गुरु सिखों को अपना भरपूर आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं।

        ~ उनका जीवन सेवा, समर्पण और नम्रता का प्रतीक है, जो मिशन के अनुयायियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

        ~ भूपेंद्र निरंकारी, बिजनौर

      45. बिजनौर। जिले में गुलदार (तेंदुए) का आतंक लगातार जारी है, जिससे ग्रामीण भय और आक्रोश में हैं। पिछले लगभग 26 महीनों में गुलदार के हमलों में कुल 36 लोगों की मौत हो चुकी है और 55 अन्य लोग घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, 26 महीनों में 33 मौतें हुई थीं, लेकिन हाल ही में हुए हमलों के बाद यह आंकड़ा 36 तक पहुंच गया है, जिससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट होती है।

        समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए गए, जिसमें ग्रामीणों को खेत या जंगल में जाते समय 6 से 7 लोगों के समूह में लाठी डंडा साथ रखने की सलाह दी गई। हालांकि, इतने प्रयासों के बावजूद भी हमले जारी हैं। गुलदार के हमले को लेकर कई प्रदर्शन भी हुए हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा ज़रूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। घटनाओं के बढ़ने के बाद, अब वन विभाग के आला अधिकारी मीडिया के कैमरे से बचते नजर आ रहे हैं और कैमरे के सामने कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।

        गुलदार के हमलों में आई तेजी ने ग्रामीणों को और भी दहला दिया है। पिछले 14 दिनों के भीतर, हिंसक गुलदारों ने तीन मासूम बच्चों सहित एक महिला की जान ले ली।

        1 सितंबर: मंडावली थाना क्षेत्र के ग्राम रामदास वाली में 8 वर्ष के कनिष्क को घर के बाहर से उठाकर मार डाला।

        6 सितंबर: नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम कंडरावाली में 10 वर्षीय गुड़िया को दूध लेने जाते समय उठाकर मार डाला।

        9 सितंबर: नजीबाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मथुरापुर मोर निवासी 8 वर्षीय हर्षित पर हमला किया, जिसकी बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौत हो गई।

        14 सितंबर: थाना नजीबाबाद क्षेत्र के गांव इसेपुर की महिला मीरा को गुलदार ने अपना निवाला बनाया।
        इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद, हाल ही में नजीबाबाद क्षेत्र में एक गुलदार को पिंजरे में कैद किया गया था।

        1. गन्ने के खेत बने सुरक्षित ठिकाना
        जिले के चांदपुर, नजीबाबाद, नहटौर, और कोतवाली देहात क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। गन्ने के खेत गुलदारों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना (कवर) बन गए हैं। वे इन खेतों में छुपकर इंसानों और मवेशियों का शिकार करते हैं, जिससे मानव-गुलदार संघर्ष तेज़ी से बढ़ा है।
        2. बिजनौर में गुलदारों की बढ़ती संख्या
        वन विभाग के अनुसार, बिजनौर जिले में लगभग 500 से ज़्यादा गुलदार अलग-अलग स्थानों पर अपना डेरा बना चुके हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं है। यह अनुमान वन विभाग और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, जो जिले में गुलदारों की बढ़ी हुई संख्या और उनके द्वारा किए जा रहे हमलों का जिक्र करते हैं, जिसके कारण ग्रामीण खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।

        वहीं, लगातार हमलों के बावजूद, वन विभाग ने लगभग तीन साल में 100 से ज़्यादा गुलदारों को पिंजरे में कैद किया है, लेकिन यह संख्या गुलदारों की बढ़ती हुई आबादी के मुकाबले काफी कम है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया तो गुलदारों की संख्या हजारों में हो सकती है।

        ~ गुलदार के खौफ से ग्रामीण क्षेत्रों में शाम होते ही लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं।

        ~ लोग अकेले बाहर निकलने से डरते हैं, खासकर गन्ने के खेतों के पास। इस आतंक के साये में ग्रामीण तीन साल से जी रहे हैं।

        ~ वन विभाग लगातार गुलदार को पकड़ने का प्रयास कर रहा है।

        ~ जिले भर में 40 से अधिक स्थानों पर पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।

        ~ ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए मुखौटे बांटे गए हैं।

      46. टोंक (राजस्थान)। फर्जी डिग्रियों के खिलाफ जारी एक्शन के बीच राजस्थान के टोंक जिले में एक हैरान कर देने वाले मामले का खुलासा हुआ है। बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर 32 साल पहले शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले कर्मचारी की पोल रिटायरमेंट से ठीक सात दिन पहले खुल गई। जिला परिषद टोंक ने वर्ष 1993 में जारी उसके नियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।

        आरोपी शिक्षक की पहचान श्रीकृष्ण चन्द्र जैकवाल के रूप में हुई है, जो वर्तमान में बिलासपुर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत था। उसकी नियुक्ति जून 1993 में तृतीय श्रेणी अध्यापक के तौर पर जिला परिषद टोंक की ओर से की गई थी। उसने जुलाई 1993 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय मंडालिया में पदभार ग्रहण किया था।

        करीब एक महीने पहले शिक्षक श्रीकृष्ण चन्द्र जैकवाल के खिलाफ एसओजी (SOG) में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उसने नियुक्ति के समय लखनऊ विश्वविद्यालय से जारी बीएड की फर्जी डिग्री लगाई थी। एसओजी ने मामले की पुष्टि के लिए विश्वविद्यालय को लिखा। 10 सितंबर को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि श्रीकृष्ण की अंकतालिका और डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं की गई है।

        लखनऊ विश्वविद्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद जिला परिषद ने आरोपी शिक्षक को 18 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा। आरोपी शिक्षक ने बीमारी का हवाला देते हुए खुद पेश होने के बजाय अपने बेटे को भेजा। बेटे ने बीएड अंकतालिका और डिग्री का प्रमाण पत्र, साथ ही 1994 में विश्वविद्यालय के नाम की एक सत्यापन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।

        मामले की विस्तृत जांच के बाद, जिला परिषद ने शिक्षक के नियुक्ति आदेश को निरस्त करने का फैसला लिया। यह कड़ा आदेश शिक्षक के रिटायरमेंट से ठीक एक सप्ताह पहले आया है।एसओजी अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी शिक्षक से भी पूछताछ की जाएगी।