पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
मदरसा नियुक्तियों में बड़ा खुलासा: जांच के आदेश के बाद भी 4 महीने से नहीं हुई कोई कार्रवाई
बिजनौर के मदरसा मिफ्ताहुल उलूम पर जांच समिति गठन का मामला
मदरसे में फर्जी नियुक्तियों की जांच अधर में लटकी
लखनऊ। बिजनौर के मदरसा मिफ्ताहुल उलूम में फर्जी नियुक्तियों के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने 27 मई 2025 को जिलाधिकारी बिजनौर को जांच के लिए एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया था, लेकिन आदेश के करीब चार महीने बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में संबंधित कार्यालय से कोई पुष्ट जानकारी तक नहीं मिल पाई है!
फर्जी नियुक्तियों पर सरकारी आदेश की अनदेखी
मदरसा मिफ्ताहुल उलूम, चांदपुर के पूर्व उप सचिव, श्री इफ्तेखार अहमद ने प्रबंधक मोहम्मद जीशान पर फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर अवैध नियुक्तियां करने का आरोप लगाया था। इस शिकायत के बाद, निदेशक अंकित कुमार अग्रवाल ने जिलाधिकारी, बिजनौर को अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक त्रिसदस्यीय जांच समिति बनाने का निर्देश दिया था। पत्र में स्पष्ट रूप से 15 कार्यदिवस में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। हालांकि, 27 मई 2025 के इस पत्र के बाद से कोई प्रगति नहीं हुई है। यह सरकारी आदेशों की खुलेआम अनदेखी का एक बड़ा उदाहरण है, जो दर्शाता है कि मदरसों में होने वाली अनियमितताओं पर लगाम लगाने में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी ढिलाई बरती जा रही है।
जांच में देरी पर उठ रहे हैं सवाल
सवाल यह है कि आखिर इस मामले में जांच क्यों नहीं शुरू हुई? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर किसी प्रकार का दबाव, जिसके कारण इस संवेदनशील मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है? इस देरी से मदरसे में अवैध रूप से हुई नियुक्तियों को और बल मिल रहा है, और सरकार की पारदर्शिता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
मामले का संज्ञान लेकर तुरंत शुरू करनी चाहिए जांच
यह मामला दिखाता है कि शिकायत के बावजूद, कार्रवाई की प्रक्रिया कितनी धीमी हो सकती है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। संबंधित अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेकर तुरंत जांच शुरू करनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मंगलवार शाम को राज्य सरकार ने 16 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुखों को बदला गया है। यह प्रशासनिक फेरबदल प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता और गतिशीलता लाने के उद्देश्य से किया गया है।
प्रमुख तबादलों का विवरण
* रोशन जैकब को लखनऊ मंडल के कमिश्नर पद से हटाकर अब सचिव, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के पद पर तैनात किया गया है। * विजय विश्वास पंत को लखनऊ मंडल का नया कमिश्नर बनाया गया है। इससे पहले वे प्रयागराज मंडल के कमिश्नर थे। * सौम्या अग्रवाल को प्रयागराज मंडल का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। * अनामिका सिंह को बरेली मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। * किंजल सिंह, जो अभी तक महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा के पद पर थीं, अब परिवहन आयुक्त का कार्यभार संभालेंगी। * बृजेश नारायण सिंह को परिवहन आयुक्त पद से हटाकर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है। * वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला को सचिव, महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से हटाकर सचिव, वन, पर्यावरण एवं जयवायु परिवर्तन विभाग और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अथॉरिटी का प्रभार दिया गया है। * मनीषा त्रिघाटिया को आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद के पद से हटाकर सचिव, महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
* सुहास एल.वाई., जो पहले से ही सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के पद पर हैं, को महानिदेशक, युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षा दल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। * राजेश कुमार-2 को आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के पद से हटाकर महानिदेशक, पर्यटन बनाया गया है। * अपर्णा यू. को सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कार से बरामद हुई ‘FOR SALE IN HARYANA ONLY’ की 473 बोतल
अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ। आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र में एक वाहन से 473 बोतल गैर-प्रांत की अवैध शराब बरामद की गई है। इस दौरान तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
गोपनीय सूचना और पुलिस की मदद से गिरफ्तारी
आबकारी आयुक्त और जिलाधिकारी के आदेश पर तथा जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह सचान के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह, राहुल सिंह, शिखर मल्ल और अभिषेक सिंह की टीम ने गोसाईगंज में किसान पथ पर नाकाबंदी की। इस दौरान, एक किआ सोनेट (KIA SONET) कार (नंबर PB27L1428) को रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, चालक भागने लगा और ग्रामीण क्षेत्र में घुस गया। आबकारी विभाग ने तुरंत गोसाईगंज पुलिस और सर्विलांस टीम की मदद ली। गहन तलाशी के बाद, कासिमपुर गांव के पास वाहन को रोक लिया गया और उसमें से 473 बोतलें अवैध शराब बरामद की गईं।
हरियाणा से बिहार जा रही थी खेप
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए तस्करों में से एक मोहन ने बताया कि यह शराब हरियाणा से बिहार तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी। बरामद की गई शराब में रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड और अन्य प्रसिद्ध ब्रांड शामिल हैं, जिन पर ‘FOR SALE IN HARYANA ONLY’ लिखा था। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से तीन मोबाइल फोन और 2030 रुपये नकद भी बरामद किए गए। वाहन और शराब को जब्त कर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
अवैध शराब के खिलाफ जारी है लगातार अभियान
यह गिरफ्तारी आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए चलाए जा रहे लगातार प्रयासों का हिस्सा है। विभाग ने हाल ही में कई और बड़ी कार्रवाइयां भी की हैं:
1. मिलावटी शराब का भंडाफोड़: कृष्णा नगर और छितवापुर में छापेमारी कर मिलावटी शराब बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया। ये लोग निम्न-गुणवत्ता वाली शराब को उच्च ब्रांड की बोतलों में भरकर बेच रहे थे।
2. लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई: डालीगंज में एक लाइसेंसी कम्पोजिट शॉप में मिलावटी शराब की बिक्री पाए जाने पर, विक्रेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और दुकान का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई।
3. बिना लाइसेंस के बार संचालन: हजरतगंज क्षेत्र में ‘टनाटन रेस्टोरेंट’ में बिना बार लाइसेंस के अवैध रूप से शराब परोसने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया अदालतों को एक महत्वपूर्ण सर्कुलर
सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी कर दिल्ली की सभी अदालतों को सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों से संबंधित मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। यह फैसला इन कर्मियों द्वारा देश की सेवा में दिए जाने वाले योगदान और उनके कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सर्कुलर में दिए गए निर्देश
रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज द्वारा 7 अगस्त 2025 को जारी किए गए इस सर्कुलर (संख्या 146/Rules/DHC/2025) में कहा गया है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश ने सभी अदालतों को निर्देश दिया है कि वे सशस्त्र बलों से संबंधित दीवानी या राजस्व अदालतों/आपराधिक मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता दें।
सर्कुलर में इन बिंदुओं पर दिया गया है जोर
1. सशस्त्र बल अधिनियमों का संदर्भ: सर्कुलर में सेना अधिनियम 1950 (धारा 32), नौसेना अधिनियम 1957 (धारा 24) और वायु सेना अधिनियम 1950 (धारा 32) में दी गई विशेष प्रावधानों का उल्लेख किया गया है, जो इन कर्मियों के मामलों को प्राथमिकता देने की बात करते हैं। 2 भारतीय सैनिक (मुकदमेबाजी) अधिनियम, 1925: इस अधिनियम में विशेष परिस्थितियों में सेवारत भारतीय सैनिकों को दीवानी और राजस्व मुकदमों में विशेष सुरक्षा प्रदान करने का भी जिक्र है। 3. दिल्ली उच्च न्यायालय के नियम और आदेश: दिल्ली उच्च न्यायालय के नियमों और आदेशों, खंड-1 के अध्याय 6 में भी सेना/वायु सेना कर्मियों से जुड़े मुकदमों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। 4. अर्धसैनिक बलों के मामले: मुख्य न्यायाधीश ने यह भी निर्देश दिया है कि अर्धसैनिक बलों के कर्मियों के मामलों में भी, जहाँ तक संभव हो, शीघ्र सुनवाई और अंतिम निपटान की व्यवस्था की जाए।
अदालतों को भेजा गया सर्कुलर
यह सर्कुलर दिल्ली के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को भेजा गया है, जिसमें तीस हजारी, रोहिणी, साकेत, द्वारका, कड़कड़डूमा और पटियाला हाउस कोर्ट शामिल हैं। रोहिणी कोर्ट्स के लिंक ऑफिसर इंचार्ज सुशील कुमार ने 12 अगस्त 2025 को अपने न्यायिक अधिकारियों और संबंधित शाखाओं को इस सर्कुलर की प्रति भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को कानूनी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचाने और उनके हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दीपोत्सव अयोध्या की सजावट, 1100 ड्रोन शो, दीपों से झिलमिलाती हुई सरयू नदी
भारत की समृद्ध संस्कृति, आस्था, परम्परा तथा आधुनिक तकनीकी का समन्वय को दर्शायेगी – पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह
दीपोत्सव-2025: पर्यटन मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा
अयोध्या में दीपोत्सव-2025 के दौरान प्रज्जवलित किए जाएंगे 26 लाख से अधिक दीप
~ शैली सक्सेना
लखनऊः 16 सितम्बर, 2025। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज गोमती नगर स्थित पर्यटन भवन में अगले महीने अयोध्या में आयोजित किये जाने वाले एतिहासिक दीपोत्सव-2025 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि दीपोत्सव को भव्य एवं दिव्य बनाने के लिए सभी तैयारिया समय से पूरी करली जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी दीपोत्सव का पिछला रिकार्ड तोड़ते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में दीपोत्सव-2025 के माध्यम से पूरी अयोध्या को आलोकित करते हुए दुनिया को भारतीय संस्कृति की भव्यता, आस्था तथा प्राचीनता के साथ आधुनिक तकनीकी का समन्वय अनुभव कराएगी।
“दीपोत्सव-2025: आस्था और नवाचार का अद्भुत संगम
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने यह भी निर्देश दिये कि “दीपोत्सव-2025 आस्था और नवाचार का अद्भुत संगम होना चाहिये।” इस बार का ग्रीन आतिशबाज़ी शो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार किया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल होगा और आसमान को रंगों की ऐसी छटा से सजाएगा, जिसे दुनिया लंबे समय तक याद रखेगी। पूरे शहर की सजावट और रोशनी को भी अगले स्तर तक ले जाया जा रहा है। सड़कों, घाटों और धरोहर स्थलों को रामायण की जीवंत झलकियों में बदल दिया जाएगा, ताकि हर आगंतुक को लगे, कि मानो वे स्वयं श्री राम की कथा का हिस्सा हो।
सबसे बड़ा आकर्षण 1100 ड्रोन का शो
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण होगा 1100 ड्रोन का शो, जो रामायण के प्रसंगों को आसमान में जीवंत करेगा और रचनात्मकता व तकनीक से प्रेरित नए भारत की छवि प्रस्तुत करेगा। उत्सव के केंद्र में जलाए जाएंगे 26 लाख से अधिक दीपक, जिनकी तैयारियाँ युद्धस्तर पर चल रही हैं। इससे नया विश्व रिकॉर्ड बनेगा और श्रद्धालुओं व आगंतुकों को अविस्मरणीय दृश्य मिलेगा।
निकाली जाएंगी कम से कम 21 झांकियाँ
मंत्री जयवीर सिंह ने यह भी निर्देश दिये कि शोभायात्रा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक होनी चाहिए। इसके लिए हर राज्य के कलाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है। कम से कम 21 झांकियाँ निकाली जाएंगी, जिनमें 7 झांकियाँ रामायण के सात कांडों पर आधारित होंगी और संस्कृति विभाग द्वारा तैयार की जाएंगी।
छह राज्यों की झांकियाँ पहले ही तय हो चुकी हैं और और अधिक झांकियाँ जोड़े जाने की प्रक्रिया जारी है। रामकथा पार्क में भी विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि देर रात तक उत्सव का माहौल बना रहे।
पेश की जाएगी भरत मिलाप की झलक
प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बैठक में मंत्री जी को अवगत कराया कि आगंतुकों की सुविधा से जुड़ी तैयारियों को अन्तिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भरत मिलाप की झलक पेश की जाएगी और विजुअल शोकेस में राम मंदिर की यात्रा, नींव से लेकर आज तक, साथ ही अयोध्या के नए हवाई अड्डे जैसे विकास कार्य भी दिखाए जाएंगे। पूरे शहर में बड़े लाइव स्क्रीन लगाए जाएंगे ताकि ज्यादा लोग कार्यक्रम देख सकें।
समीक्षा बैठक में अयोध्या के आयुक्त राजेश कुमार, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया और पर्यटन व संस्कृति विभाग के विशेष सचिव संजय कुमार सिंह, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अयोध्या जिला प्रशासन ने वर्चुअल रूप से भाग लिया।
विदुर गुरु ग्रह इंटर कॉलेज के हिंदी अध्यापक रवि प्रकाश आर्य विशेष रूप से सम्मानित
डॉ. राम स्वरूप आर्य स्मृति हिंदी शोध संस्थान का सम्मान
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। हिंदी दिवस के अवसर पर, डॉ. राम स्वरूप आर्य स्मृति हिंदी शोध संस्थान ने हिंदी भाषा के संवर्धन में समर्पित शिक्षकों और विद्वानों को सम्मानित किया। इस समारोह में विदुर गुरु ग्रह इंटर कॉलेज, विदुर कुटी के हिंदी अध्यापक रवि प्रकाश आर्य को उनकी हिंदी भाषा के प्रति गहरी लगन और समर्पण के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
हिंदी के प्रति आर्य परिवार का योगदान
हिंदी से रवि प्रकाश आर्य का गहरा जुड़ाव रहा है। उनके पिता डॉ. राम स्वरूप आर्य वर्धमान डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष थे। उन्होंने अनेक पुस्तकों की समीक्षा की और हिंदी भाषा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, साथ ही लोगों को हिंदी के महत्व से भी परिचित कराया। रवि प्रकाश आर्य के बड़े भाई, डॉ. चंद्रप्रकाश आर्य, भी वर्धमान डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष रहे हैं और उन्होंने भी हिंदी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
हिंदी पर रवि प्रकाश आर्य की कविता
इस अवसर पर, श्री रवि प्रकाश आर्य ने अपनी स्वरचित कविता ‘हिंदी भाषा है अद्भुत निराली’ का पाठ किया, जिसमें उन्होंने हिंदी भाषा की सुंदरता और महत्व को दर्शाया। कविता की पंक्तियाँ थीं….
“हिंदी भाषा है अद्भुत निराली, जैसी लिखी वैसे ही पढ़ी जाने वाली, रिश्तों को प्यारा सा संबोधन देने वाली, जन-जन को एक सूत्र में बांधने वाली, विश्व में अपनी अलग पहचान बनाने वाली”
रवि प्रकाश आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। उनके अनुसार, हिंदी केवल एक भाषा नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, जिसे हमें संरक्षित और सम्मानित करना चाहिए।
बिजनौर। युगांतर सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था ने भव्य सम्मान समारोह में दैनिक सांध्य पत्र ‘पब्लिक इमोशन’ के संपादक पंकज भारद्वाज को उनकी साहित्यिक रचना ‘मैं पत्रकार हूं’ के लिए सम्मानित किया गया। उनकी पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट सेवाओं, उपलब्धियों और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण को देखते हुए, उन्हें एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह के संयोजक वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल और निर्देशक सुरेंद्र जेटली का विशेष योगदान रहा। इसी दौरान, वरिष्ठ कवि संजीव एकल को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आलोक त्यागी ने किया, जिन्होंने अपनी प्रभावी शैली से पूरे आयोजन को बांधे रखा।
समारोह में एक शानदार काव्य पाठ का भी आयोजन हुआ, जिसमें जसवंत सिंह, अरुण दीक्षित, विश्वास द्विवेदी, संजीव एकल, शादाब जफर शादाब और जितेंद्र कक्कड़ जैसे कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। अशोक अग्रवाल, वरिष्ठ एडवोकेट विजय कुमार माहेश्वरी, सुरेंद्र जेटली, उमापति गर्ग, और बब्बन जैदी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचारों से समारोह की गरिमा को बढ़ाया। इस साहित्यिक और सम्मान समारोह का आनंद लेने के लिए पूनम अग्रवाल, कुलबीर कौर, राजू त्यागी, नीरा त्यागी, और बब्बन जैदी सहित कई श्रोता उपस्थित थे। सभी ने इस सफल आयोजन की सराहना की।
बिजनौर, उत्तर प्रदेश। बिजनौर जिले के धामपुर थाना क्षेत्र में स्थित धामपुर शुगर मिल के बायो वेस्टेज प्लांट में मंगलवार, 16 सितंबर 2025 को एक दर्दनाक हादसा हुआ। बायो कम्पोज लेकर आए एक टैंकर में दम घुटने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान ट्रैक्टर चालक मुकेश पाल (उम्र 25) और उसके सहायक सलमान (उम्र 28) के रूप में हुई है।
मृतकों के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं
शाम करीब 5 बजे, शुगर मिल के एचआर मैनेजर विजय गुप्ता ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। तत्काल ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर के पीछे लगे गोल टैंकर के अंदर से दोनों के शव बरामद किए। प्रथम दृष्टया ऐसा माना जा रहा है कि वेस्टेज टैंकर की सफाई के दौरान अंदर बनी जहरीली गैस में दम घुटने से दोनों की मृत्यु हुई है। मृतकों के शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।
पुलिस और प्रशासन मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), एसडीएम और क्षेत्राधिकारी सहित उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मृतकों के परिजन भी शुगर मिल पर मौजूद हैं, जिनसे पुलिस और प्रशासन की टीमें बातचीत कर रही हैं। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
बासी रोटी खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, रात भर रखी हुई रोटी में फर्मेंटेशन की प्रक्रिया होती है, जिससे रेसिस्टेंट स्टार्च बनता है. यह स्टार्च शरीर में धीरे-धीरे पचता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ब्लड शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता. यही वजह है कि बासी रोटी डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभदायक हो सकती है, खासकर जब इसे ठंडे दूध के साथ खाया जाए.
बासी रोटी के कुछ और भी हैं फायदे:
1. ब्लड प्रेशर कंट्रोल: ठंडे दूध के साथ बासी रोटी खाने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाती है और तनाव कम करती है. 2. पेट की समस्याएं: बासी रोटी में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. यह आंतों में गुड बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देती है. 3. वजन प्रबंधन: बासी रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे आप बार-बार खाने से बचते हैं. यह भूख को नियंत्रित करके वजन घटाने में मदद कर सकती है. 4. शरीर को मिलती है ठंडक: गर्मियों में बासी रोटी और दूध का सेवन शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है. यह शरीर को लू से बचाता है और गर्मी के कारण होने वाली अन्य परेशानियों से राहत देता है.
हालांकि, ध्यान रखें कि रोटी को साफ-सुथरी जगह पर और सही तरीके से स्टोर किया गया हो, ताकि उसमें किसी तरह की फफूंदी न लगे या वो खराब न हो. अगर रोटी में कोई अजीब गंध या रंग दिखे, तो उसे न खाएं.
बासी रोटी का उपयोग सिर्फ खाने के लिए ही नहीं, बल्कि कुछ और तरीकों से भी किया जा सकता है.
बासी रोटी के कुछ और उपयोग :
1. पशुओं के लिए भोजन बासी रोटी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर गाय, भैंस या अन्य पशुओं को खिलाया जा सकता है. यह उनके लिए एक अच्छा और पौष्टिक आहार होता है, जिससे खाने की बर्बादी भी नहीं होती. 2. पक्षी और जानवरों के लिए चारा आप बासी रोटी के टुकड़े करके पक्षियों या आवारा जानवरों (जैसे कुत्तों) को भी खिला सकते हैं. यह उनकी भूख मिटाने में मदद करता है. 3. खाद के रूप में अगर रोटी इतनी सूख गई है कि खाने लायक न हो, तो आप उसे जैविक खाद बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं. रोटी को कंपोस्ट बिन में डालने से वह मिट्टी में मिलकर पौधों के लिए पोषक तत्व प्रदान करती है.
बासी रोटी से स्वादिष्ट स्नैक
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बासी रोटी का इस्तेमाल एक पारंपरिक और स्वादिष्ट स्नैक बनाने के लिए भी किया जाता है, जिसे भारत के कई हिस्सों में ‘रोटी का चूरमा’ कहते हैं.
रोटी का चूरमा
इसे बनाने के लिए बासी रोटी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है और फिर उसे घी या तेल में तला जाता है, जब तक कि वह कुरकुरी न हो जाए. तलने के बाद, इन टुकड़ों को शक्कर या गुड़ के साथ मिलाया जाता है और इलायची पाउडर डालकर स्वादिष्ट बनाया जाता है. यह न सिर्फ खाने की बर्बादी रोकता है, बल्कि एक स्वादिष्ट व्यंजन भी बन जाता है. यह तरीका बासी रोटी को एक नया जीवन देता है और उसे एक पौष्टिक और स्वादिष्ट पकवान में बदल देता है. क्या आप किसी और भारतीय व्यंजन के बारे में जानना चाहेंगे, जो खाने की बर्बादी को रोकने में मदद करता है?
‘बचे हुए चावल की टिक्की’
एक और दिलचस्प भारतीय व्यंजन है ‘बचे हुए चावल की टिक्की’. यह भी खाने की बर्बादी को रोकने का एक बेहतरीन तरीका है और बेहद स्वादिष्ट भी होता है.
अक्सर घरों में दोपहर या रात के खाने के बाद थोड़े चावल बच जाते हैं. इन बचे हुए चावलों को फेंकने के बजाय, आप उनसे कुरकुरी और स्वादिष्ट टिक्की बना सकते हैं. इसे बनाने का तरीका बहुत आसान है: * बचे हुए चावलों को मसलकर नरम कर लें. * इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, और कुछ मसाले (जैसे हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, और गरम मसाला) मिलाएं. * इसमें बाइंडिंग के लिए बेसन या चावल का आटा मिलाएं. * अब इस मिश्रण से गोल या चपटी टिक्की बनाएं. * इन टिक्कियों को तवे पर या पैन में थोड़ा तेल डालकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेक लें. ये टिक्कियां चटनी या दही के साथ खाने में बहुत अच्छी लगती हैं. यह न सिर्फ खाने की बर्बादी रोकता है, बल्कि एक पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता भी बन जाता है. क्या आप कोई और भारतीय व्यंजन के बारे में जानना चाहेंगे, जो खाने की बर्बादी को रोकने में मदद करता है?
‘बचे हुए चावल का पुलाव’
इसके अलावा! एक और शानदार तरीका है ‘बचे हुए चावल का पुलाव’ बनाना. यह खाने की बर्बादी रोकने के साथ-साथ एक पौष्टिक और झटपट तैयार होने वाला व्यंजन है. बचे हुए चावल का पुलाव अक्सर जब हम रात में चावल बनाते हैं, तो थोड़े बच जाते हैं. उन्हें फेंकने के बजाय, आप अगली सुबह उनका इस्तेमाल करके एक स्वादिष्ट पुलाव बना सकते हैं. इसे बनाने के लिए: * एक पैन में थोड़ा तेल या घी गरम करें. * इसमें राई, जीरा, कड़ी पत्ता और प्याज डालकर भूनें. * आप अपनी पसंद की सब्जियां जैसे गाजर, मटर, शिमला मिर्च और गोभी भी डाल सकते हैं. * अब इसमें बचे हुए चावल और थोड़ा नमक, हल्दी और गरम मसाला डालकर अच्छी तरह मिला लें. * इसे धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक पकने दें, जब तक कि चावल पूरी तरह गरम न हो जाएं और मसालों का स्वाद उनमें अच्छी तरह मिल न जाए. यह विधि न सिर्फ खाने की बर्बादी को रोकती है, बल्कि आपको एक पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता भी देती है.
खाने की बर्बादी कम करने के लिए कुछ आसान और असरदार तरीके :
1. खरीदारी की योजना बनाएं बाजार जाने से पहले, एक लिस्ट तैयार करें. इससे आप सिर्फ वही सामान खरीदेंगे जिनकी आपको ज़रूरत है. साथ ही, “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” (First-In, First-Out) नियम को अपनाएं – यानी जो सामान आपने पहले खरीदा है (पुराना है), उसे पहले इस्तेमाल करें. 2. सही मात्रा में खाना परोसें अपनी थाली में उतना ही खाना लें, जितना आप खा सकें. अगर ज़रूरत हो, तो आप दोबारा ले सकते हैं. यह एक बहुत ही सरल आदत है जो काफी मात्रा में भोजन को बर्बाद होने से बचा सकती है. 3. बचे हुए खाने को सही से स्टोर करें बचे हुए खाने को फ्रिज में एयरटाइट कंटेनर में रखें. इससे वह जल्दी खराब नहीं होगा. आप बचे हुए खाने को अगले दिन के लंच या डिनर में इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसा कि हमने बासी रोटी और चावल के पुलाव के उदाहरणों में देखा. 4. खराब हो रही सब्जियों और फलों का इस्तेमाल करें अगर आपके पास कुछ सब्जियां या फल हैं जो खराब होने लगे हैं, तो उन्हें जल्दी से इस्तेमाल कर लें. जैसे, आप उनसे सूप, चटनी, या स्मूदी बना सकते हैं. खाने की बर्बादी को कम करना एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण आदत है, जो न केवल पैसे बचाती है बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है.
व्यक्ति हो या देश उसे दूसरे के सामने अपनी कमजोरी नहीं माननी चाहिए और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अंतिम सीमा तक प्रयास करना चाहिए। यह बात सच है लेकिन वास्तविकता सभी जानते हैं कि अमेरिका का जो कोप कहर भारत पर टूट रहा है उससे देश मुश्किल हालातों से दो-चार है। सरकार ने विकल्प की तलाश में चीन और अमेरिका की गोद में बैठकर देख लिया लेकिन इससे संकट का तोड़ निकलने वाला नहीं है; यह बात हमारी सरकार अच्छी तरह जानती है। दक्षिण एशिया की राजनीति में चीन भारत से प्रतिस्पर्धा मानता है। कम्युनिस्ट विचारधारा के लबादे में चीन का चरित्र मूल रूप से साम्राज्यवादी है। वह दुनियां में सर्वोच्चता कायम करने की लोलुपता के तहत काम करता है। हर देश की संप्रभुता को आहत करना उसकी फितरत है। वह विश्व शांति के लिए एक शैतान आत्मा की तरह पेश आ रहा है जो अपने विघ्न संतोषी रवैये से जहां मौका मिल रहा है, वहां खलल डालने से बाज नहीं आता। वैश्विक वर्चस्व के लिए उसे अमेरिका से आगे निकलना है, लेकिन अगर वह अपने क्षेत्र में ही अपनी सर्वोपरिता को मान्य नहीं करा पाया तो विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति का उसका दर्जा कैसे साकार हो पायेगा?
कौन किसका इस्तेमाल करे
इसलिए भारत ने पींगे बढ़ाई तो चीनी हुकूमत का रवैया रणनीति के तहत उसके प्रति तात्कालिक तौर पर मधुर हो गया। जैसा कि उसने शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में किया। मोदी से शी जिंनपिंग बहुत गर्मजोश होकर मिले लेकिन सभी जानते हैं कि चीनी नेताओं को एक चेहरे पर कई चेहरे चढ़ा लेने की कला कितनी अच्छी तरह आती है। शी जानते थे कि भारत की उसके लिए रसिकता अमेरिका को दिखाने के लिए है, ताकि घबराकर अमेरिका उसके प्रति अपना रवैया नर्म करने की सोचने लगे। लेकिन इस पूरे प्रहसन में शी पूरी तरह खबरदार रहकर अपना खेल खेल रहे थे। खेल इस बात का था कि भारत अपनी जटिल स्थितियों से पार पाने के लिए चीन का इस्तेमाल कर पाता है या चीन भारत की गरज को अपने पक्ष में अच्छी तरह भुना पाता है। अन्यथा एक ओर शी आमने-सामने मोदी को इतना महत्व देने का अभिनय कर रहे थे तो दूसरी ओर उनकी अगुवानी के लिए स्वयं पहुंचने या अपने किसी वरिष्ठ मंत्री को भेजने का ध्यान न रखकर उन्होंने यह भी बताने की चेष्टा की थी कि चीन की निगाह में भारत का भाव कितना है। शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के बाद शी ने पाकिस्तान को एससीओ की आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए गठित समिति का अध्यक्ष बनाकर मोदी को जो संदेश दिया उसे कदापि अच्छा नही माना जा सकता। यह एक तरह से भारत को अपमानित करने की धृष्टता में शुमार होता है।
भारत के लिए चीन के मन में स्थाई शत्रुता ग्रंथि
…तो स्पष्ट है कि चीन के मन से भारत के लिए शत्रुता की ग्रंथि को निकाला जाना हाल-फिलहाल बिल्कुल संभव नहीं है। ऐसे में अमेरिका की प्रताड़ना की भरपाई के तौर पर चीन के साथ भारत के निकट होने का कोई मूल्य नहीं है। उधर भारत ने जियो पॉलिटिक्स में गलत चालें चलकर रूस के साथ भी संबंधों में पहले जैसी शिद्दत गंवा दी है। दूसरी ओर रूस इस बीच अमेरिका के हस्तक्षेप को संतुलित करने के लिए चीन से निकटता बढ़ाने में काफी दूरी तय कर चुका है। ऐसे में अगर कोई निर्णायक बिंदु आता है तो चीन के दबाव में रूस भले ही भारत की खुली खिलाफत न करे लेकिन वह तटस्थ रुख अपना सकता है और यह भी भारत के लिए नुकसानदेह ही होगा। तो यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि फिलहाल तो भारत अजाब में फंस गया है।
विदेश नीति की खुलती परतें
मोदी सरकार ने वैश्विक समीकरणों में देश के लिए जोखिम में डालने वाला ट्विस्ट क्यों लिया इसकी परतें अब खुल रहीं हैं। ऐसे काफी तथ्य सामने आते जा रहे हैं, जिनसे पता चलता है कि देश की अर्थनीति ही नहीं, विदेश नीति भी मोदी सरकार को परदे के पीछे से चलाने वाले चंद उद्योगपति तय कर रहे हैं। आज सत्ता के गलियारों में मोदी और अंबानी के बीच बिगाड़ हो जाने की अफवाहें तैर रही हैं लेकिन कल तक बहुत मामलों में मुकेश अंबानी मोदी सरकार के नियंता थे। उनका एक थिंकटैंक ऑब्जर्बर रिसर्च फाउंडेशन के नाम से है, जिसको अमेरिका में हमारे विदेश मंत्री जय शंकर का बेटा ध्रुव जय शंकर लीड करता है। इसी फाउंडेशन के प्रभाव में मोदी सरकार ने अपनी विदेश नीति को अमेरिका की तरफ इतना झुका दिया कि भारत अमेरिका का स्वतंत्र राष्ट्र की बजाय अनुचर नजर आने लगा। यह फाउंडेशन भारत में रायसीना डायलॉग के नाम से विदेश नीति पर सेमिनार कराता है, जिसके खर्चे का एक अंश भारत सरकार उठाती है। निजी संस्थान के फाउंडेशन के लिए भारत सरकार खर्चा करे इसकी क्या तुक है? यह संस्थान मूल रूप से अमेरिका में अंबानी के कारोबारी फायदे के लिए लॉबिंग करता है भले ही उससे देश के हितों का नुकसान हो जाए।
कारपोरेट गैंगवार में उलझी भारत की विदेश नीति
इसीलिए ट्रंप, जिनसे मुकेश अंबानी ने पारिवारिक संबंध बना रखे हैं जब अमेरिका में फिर से सत्ता में आये तो उन्होंने भारत को पालतू बिल्ली की तरह ट्रीट किया। उन्हें विश्वास था कि मुकेश अंबानी के पास मोदी सरकार की चाभी है, जिनका उपयोग करके वे जैसा चाहेगे मोदी सरकार को नचा लेंगे। …लेकिन भारत में सत्ता के नजदीकी कॉरपोरेट घरानों में गैंगवार छिड़ गया, जिसमें एक ध्रुव पर मुकेश अंबानी खड़े थे तो दूसरी पर अडाणी। यह टकराव इतना बढ़ा कि मोदी सरकार खुलकर अडाणी के पक्ष में खड़ी हो गयी। ट्रंप को जब यह एहसास हुआ कि अंबानी उसके काम के नहीं रह गये तो उसने अंबानी को एक किनारे कर दिया। अब वह मोदी सरकार की गर्दन मरोड़ने के लिए अडाणी के कंधों का इस्तेमाल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अडाणी पर अमेरिका की एक अदालत में मुकदमा कायम हो गया है जिसमें आरोप यह है कि अडाणी की ग्रीन एनर्जी कम्पनी ने सोलर बिजली को मंहगे दामों पर बेचने के लिए तेलंगाना सहित कुछ राज्य सरकारों के अधिकारियों को 2000 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी और इस रिश्वत की व्यवस्था के लिए तथ्य छुपाकर उसने अमेरिका के इन्वेस्टर्स से रकम इकटठा की थी। इस मामले में अदालत ने अडाणी को समन जारी किया था। जिसे मोदी सरकार ने आज तक सर्व नहीं होने दिया है, जबकि भारत और अमेरिका के बीच एक संधि है जिसके तहत दोनों देश कानूनी मामलों में एक-दूसरे की मदद करने के लिए बाध्य है।
अडाणी के तोते में मोदी सरकार की जान
तथ्यों को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सरकार ने अमेरिका में अपने प्रिय अडाणी को बचाना सर्वोपरि नैतिक कर्तव्य मान रखा है। इसके कारण राहुल गांधी के चैलेंज देने पर भी मोदी ने ट्रंप की लफ्फाजी को उनका नाम लेकर झुठलाने का साहस नहीं दिखा पाया। जबकि इस कापुरुषता से मोदी को बड़ी किरकिरी झेलनी पड़ी। अडाणी को मौका देने के लिए ही वे उन्हें अमेरिकी अदालत का समन नहीं मिलने दे रहे क्योंकि अगर समन अडाणी को पहुंच गया तो अडाणी अमेरिकी अदालत में उपस्थित होने के लिए बाध्य हो जाएंगे और ऐसी स्थिति में अमेरिकी अदालत उन्हें जेल भी भेज सकती है। मोदी जितने बेचैन हो रहे हैं, ट्रंप को उनकी कमजोर नस दबाने में उतना ही मजा आ रहा है।
अदालत के बाहर समझौते में ट्रंप की अड़ंगेबाजी
अडाणी ने अदालत के बाहर अमेरिकी एजेंसियों से बात करके मामले को निपटा लेना चाहा था। निश्चित रूप से इसमें मोदी सरकार के भी प्रयास रहे होंगे, जिससे अदालत के बाहर हो रही यह समझौता वार्ता सफल होने के आसार बन गये थे, पर अमेरिका एकदम ब्लैकमेलिंग पर उतारू हो गया। उसने कह दिया है कि जब तक भारत अपनी कंपनियों को रूस से सस्ते में तेल लेकर दुनियां के दूसरे देशों को मंहगा बेचने से नहीं रोकेगा, तब तक अदालत के बाहर अडाणी से अमेरिकी एजेंसियां कोई समझौता नहीं करेंगी। बीच में अमेरिका को पटाने के लिए उसके यहां से आयात होकर आने वाले कॉटन को भारत सरकार ने पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया, जिसकी व्यापक आलोचना हुई थी और देश के किसानों में इसके कारण बड़ा असंतोष देखा गया था, लेकिन अमेरिका इतना निर्मम हो गया है कि भारत की इस जुगत से भी वह नहीं पसीज सका है।
भारत को सबक सिखाने के लिए अडाणी की गिरफ्तारी संभव
ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का जो कदम उठाया है अमेरिका की संघीय अदालत उसे अनाधिकार चेष्टा करार दे चुकी है। इस पर ट्रंप ने आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग अपने दुराग्रह पूरा करने के लिए कर डाला। लेकिन आपातकालीन शक्तियां सीमित समय के लिए होती हैं। अक्टूबर में यह समय समाप्त हो जाने वाला है। इसके बाद ट्रंप भारत पर बेजा टैरिफ लगाने की स्थिति में नहीं रह जायेगें। लेकिन भारत इस तरह बच गया तो ट्रंप को इसमें अपनी बहुत बड़ी किरकिरी नजर आ रही है। इसलिए उन्होंने एकदम बहुत आक्रामकता अख्तियार कर ली है। वे अक्टूबर के पहले भारत को झुक जाना देखना चाहते हैं। ऐसे में वह अमेरिकी अदालत से अडाणी के खिलाफ वारंट निकलवाने और उन्हें इंटरपोल के माध्यम से गिरफ्तार कर लेने तक का कदम उठाने की सोचें तो कोई बहुत बड़ी बात नहीं होगी।
अडाणी-अंबानी में लगे लाल के आगे मोदी लाचार
पर सवाल यह है कि अंबानी-अडाणी में ऐसे कौन से लाल लगे हैं जो सरकार उनके लिए राष्ट्रहित तक दांव पर लगाने में गुरेज महसूस नहीं कर रही है। दुनियां के हर लोकतंत्र में चुनाव लड़ने और पार्टी चलाने के लिए राजनीतिक दलों और सरकारों को उद्योगपतियों को साधना पड़ता है। अतीत में भी भारत में सत्तारूढ़ दलों ने ऐसा किया है। लेकिन उनसे चंदा लेने और बदले में उनको सहूलियत देने की एक सीमा होती थी। सरकार कभी किसी उद्योगपति को अपने को इतना नहीं बेचती थी कि वह उसकी बंधुआ बन जाये। पर अब जो हो रहा है उसमें कोई सीमा नहीं है। अब यह एकदम स्पष्ट हो चुका है कि मोदी ने अमेरिका के संबंध में अपने को इस स्थिति में इसलिए धकेला है क्योंकि उनके लिए देश से ज्यादा अडाणी और अंबानी के सरोकार महत्वपूर्ण हैं। आखिर उन पर इतनी मेहरबानी का कारण क्या है। यह लोगों की, देश की, सचमुच किस आवश्यकता की पूर्ति करते हैं, यह लोग स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल की तरह भी नहीं हैं, जिन्होंने दुनियां की जरूरत के किसी क्षेत्र में भारत का परचम सबसे ऊंचा करके लहराया हो, यह कोई ऐसे उद्योगपति भी नही हैं जिन्होंने सेवा के क्षेत्र में मानक स्थापित किये हों, यह कोई ऐसे कुबेरपति नहीं हैं, जिनके प्रति मानव कल्याण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने के लिए लोग उनके सामने अपने को सहज ही श्रद्धावनत होना महसूस करते हों, ऐसे उद्योगपति भी नहीं हैं, जिन्होंने बहुत लोगों को नौकरियां दी हों, कामगारों की कल्याण की व्यवस्थाएं करने के लिए जिनकी यशगाथा गायी जाती हो। गांधी जी कहते थे कि व्यापार में भी नैतिकता होनी चाहिए। इस कसौटी पर इन कॉरपोरेट घरानों को परखा जाये तो व्यवसाय के लम्पट चरित्र की बानगी सामने आती है। अर्थ पुरुषार्थ भी है और पाप भी है। सरकारी नियमों में सेंध लगाने की बाजीगरी, टैक्स की अदायगी में हेराफेरी, शेयर बाजार में मेनुपुलेशन यह इनके कारोबारी मंत्र हैं। ऐसे लोगों को प्रोत्साहन देने की नीति रचनात्मक उद्यमिता का विनाश करती है। आखिर दिवालियेपन की कगार पर खड़े अनिल अंबानी का देश पर ऐसा कौन सा एहसान था जो लड़ाकू विमान के पुर्जा बनाने में उन्हें साझेदार बनाने के लिए राफेल को मजबूर किया गया जबकि अंबानी को डिफेंस सेक्टर का कोई अनुभव नहीं था। प्रतिस्पर्धा आयोग विलाप करता ही रह गया और आपने हवाई अडडे, रेलवे स्टेशन देने में एकतरफा तौर पर अडाणी को अनुग्रहीत किया।
लोकतंत्र में सरकार की निगहबानी
लोकतंत्र के लिए जनता से जिस बुनियादी अर्हता की दरकार होती है वह है कि अपनी पसंद की सरकार के कार्यों की निगरानी से भी वह चूंक न करती हो। कुछ लोग अगर यह करने को देश द्रोह करार देकर लोगों का मुंह बंद कराने लगें तो उन्हें डपट दिया जाना चाहिए कि देश कुछ लोगों की बपौती नहीं है जिनके कहने से यह तय हो कि सरकार से सवाल पूछे जाये या न पूछे जायें। इस देश पर यहां के हर नागरिक का अधिकार है इसलिए देश के साथ कुछ गलत होता दिखे तो वह सवाल पूछेगा और सरकार को उसे संतुष्ट करना पड़ेगा। उसकी पंसद की सरकार भी तभी लोगों के सपने पूरे करने की जबावदेही पर खरी उतर सकती है जब उसे एहसास हो कि वह लोगों की पैनी निगहबानी के दायरे में है। सरकार में बैठे लोग अपने को भगवान साबित करने लगें और लोग इसे मानने लग जायें तो लोकतंत्र बेमौत मारा जायेगा। क्या देश इस तरह की गफलत का शिकार होने की स्थिति में तो नहीं पहुंच गया है?
यातायात पुलिस के दरोगा ने रोकी गाड़ी, नहीं रोके नेताओं के वाहन
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा बवाल
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक से ट्रैफिक पुलिस ने की अभद्रता
~ सतेंद्र चौधरी
बिजनौर। स्वदेशी जागरण मंच के मेरठ प्रांत के संयोजक के साथ यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा अभद्रता का मामला प्रकाश में आया है। घटनाक्रम प्रांत संयोजक की गाड़ी रोकने को लेकर शुरू हुआ। इस पूरे मामले की एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। प्रांत संयोजक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की है।
धरना किसी का, परेशान हो जनता?
बिजनौर में गुलदार की समस्या को लेकर आजाद समाज पार्टी का सोमवार को कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन तय था। इसके चलते कलेक्ट्रेट की ओर आने वाले रास्ते पर विकास भवन पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई थी। इसके चलते कलेक्ट्रेट की ओर आने वाले बड़े वाहनों को रोका जा रहा था। इसी दौरान मेरठ प्रांत के प्रांत संयोजक प्रशांत महर्षि अपनी इनोवा कार से कलेक्ट्रेट की और आ रहे थे। आरोप है कि उनकी कार को यातायात दारोगा देवकी नंदन और सिपाही ने रोक लिया और पीछे वापस भेज दिया। प्रांत संयोजक अपनी कार को विकास भवन से कुछ दूरी पर खड़ा कर पैदल चल दिए। जब वह फिर से विकास भवन के पास बैरिकेडिंग पर पहुंचे तो वहां से राजनैतिक दलों की कार निकल रही थी। इस पर प्रांत संयोजक प्रशांत महर्षि ने दारोगा से कहा कि भाई आप आम आदमी की गाड़ी तो रोक रहे तो लेकिन झंडा लगी राजनैतिक दल की गाड़ी नहीं रोक रहे हो। क्या आम आदमी की गाड़ी से ही समस्या उत्पन होगी। इस बात को लेकर दारोगा और प्रांत संयोजक में तीखी नोंकझोंक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दारोगा ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इसी दौरान किसी ने पूरे मामले की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। जैसे ही वीडियो वायरल हुई तो संगठन से जुड़े लोगों ने आरोपी दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक प्रशांत महर्षि ने बताया कि दारोगा आम आदमी की गाड़ी रोक रहा है, जबकि राजनैतिक दलों की गाड़ियों को जाने दिया जा रहा है, जो कि गलत है। आम आदमी वाहन रोके जाने से काफी परेशान है। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों से की है।
लखनऊ/बिजनौर। भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण विभाग ने किसानों की मदद के लिए एक नई पहल की है। फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए एक AI-आधारित मोबाइल एप्लिकेशन ‘नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम’ (NPSS) लॉन्च किया गया है। बिजनौर के जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि इस ऐप की मदद से किसान अपनी फसल में लगी बीमारी या कीटों की पहचान कर सकेंगे और उसका तुरंत समाधान पा सकेंगे।
तस्वीर खींचकर ऐप पर करें अपलोड
इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि किसान अपनी फसल की तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। यह ऐप तस्वीर को स्कैन करके उसमें लगे कीटों या रोगों की पहचान करता है और साथ ही उनके उपचार के उपाय भी बताता है। यह तकनीक किसानों को अपनी फसल का इलाज करने में काफी मददगार साबित हो रही है।
कैसे काम करता है NPSS ऐप?
NPSS ऐप किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच एक सीधा संपर्क स्थापित करता है। किसान ऐप पर अपनी फसल की समस्या को साझा कर सकते हैं, जिसके बाद उन्हें विशेषज्ञों से तुरंत सलाह मिल जाती है। इससे रासायनिक कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता कम होगी और वे सही मात्रा में और सही दवा का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी।
कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है ऐप
यह ऐप कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और पंजाबी शामिल हैं, जिससे देश भर के किसान आसानी से इसका उपयोग कर सकते हैं। किसान प्ले स्टोर से NPSS ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी फसलों को रोगों और कीटों से सुरक्षित रख सकते हैं।
जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में साधो बैंड की शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम में दिखाई दी सनातनी परंपरा की झलक
साधो बैंड की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक बजाते रहे तालियां
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। गायन में संगीत के हर रूप को शामिल रखने में महारथ रखने वाले देश के प्रसिद्ध लोक पॉप बैंड, साधो बैंड ने जिला कृषि,औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में यादगार प्रस्तुति दी। साधो बैंड की प्रस्तुति पर दर्शक मंत्रमुग्ध होकर तालियां ही बजाते रहे। यादगार प्रस्तुति में, मेरी कुटिया में आज राम आएंगे, राम आएंगे तो कुटिया सजाऊंगी, शिव स्तुति और एक पल चैन न आवे, सजना तेरे बिना ओ सजना तेरे बिना शामिल रही।
जिला कृषि, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में इंदिरा बाल भवन में साधो बैंड ने शानदार प्रस्तुति की। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा सिंह की अध्यक्षता व वीरेंद्र कुमार के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नहटौर सुरक्षित से तीन बार विधायक ओम कुमार बतौर मुख्य अतिथि शामिल रहे। वहीं सुमित सिंघल, भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह,अधिशासी अधिकारी विकास कुमार विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष सभासद कांति देवी, वंदना अग्रवाल, लक्ष्मी वर्मा तथा संयोजक रीता चौधरी, राहुल नील, राजीव सोती तिलकधारी रहे।
लोक संगीत की धुन को आधार बनाकर साधो बैंड के कलाकारों ने अनेक लगातार प्रस्तुति दी, उनकी प्रस्तुति में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का लोगों ने अनुभव किया। साधो बैंड की प्रस्तुति में भक्ति भाव के साथ साथ लोक संगीत, पारंपरिक सूफी, कव्वाली और गजल की शैली देखने को मिली। प्रदर्शनी में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में साधो बैंड की कोप्रस्तुति एक कभी न भुलाए जाने वाली यादगार बनकर रह गई।
कार्यक्रम की समाप्ति पर प्रस्तुति देनेवाले कलाकारों के साथ सेल्फी लेने की होड लगी रही। कार्यक्रम में धनंजय मुख्य भूमिका में रहे, जबकि मयंक व जतिन मुख्य संगीतकार थे। बैंड में नौ सदस्य शामिल रहे।
ग्रामीण पर्यटन में कारिकोट ने पेश की मिसाल, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से बढ़ाया मान
‘आईसीआरटी अवार्ड 2025’ से सम्मानित, ‘पीस एंड अंडरस्टैंडिंग’ श्रेणी में मिला अवार्ड
कारिकोट बना ग्रामीण पर्यटन का रोल मॉडल- मंत्री जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (15 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कारिकोट गांव को ‘इंडियन सबकांटिनेंटल रिस्पांसिबल टूरिज्म (आईसीआरटी) अवार्ड 2025’ से सम्मानित किया गया है। भारत-नेपाल सीमा से सटा यह गांव ग्रामीण पर्यटन में मिसाल बनकर उभरा है। पर्यटन विभाग की पहल पर ग्रामीणों ने होम स्टे की शुरुआत की, जिससे गांव को वैश्विक पहचान मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ने कारिकोट के साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘कारिकोट गांव को मिला सम्मान विभागीय प्रयासों का प्रतिफल है। गांव ने ग्रामीण पर्यटन में विशेष पहचान बनाई है। सीमा पर्यटन जैसी अभिनव पहल भी की है। इन प्रयासों से स्थानीय समुदाय, खासकर युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिला है। साथ ही गांव की संस्कृति, व्यंजन, हस्तशिल्प और लोक कलाओं को नई पहचान मिली है। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा प्रदान किए गए पुरस्कार को बहराइच के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मुकेश चन्द्र, ग्राम सचिव सुशील कुमार सिंह और ग्राम प्रधान पार्वती ने ग्रहण किया।’
‘शांति एवं आपसी समझ’ श्रेणी में मिला सम्मान
इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म (आईसीआरटी) द्वारा कारिकोट गांव को ‘शांति एवं आपसी समझ’ श्रेणी में प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया है। निर्णायक मंडल द्वारा इस उपलब्धि के लिए गांव को सिल्वर श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया। आईसीआरटी द्वारा दिए जाने वाले ये पुरस्कार जिम्मेदार और सतत पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कारिकोट गांव के लिए यह उपलब्धि ग्रामीण पर्यटन मॉडल को और मजबूत करने तथा शांति, सद्भाव और समावेशिता के मूल्यों को आगे बढ़ाने में प्रेरणा बनेगी।
कारिकोट बना रिस्पांसिबल टूरिज्म का मॉडल
कारीकोट गांव भारत-नेपाल सीमा और हरे-भरे कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के पास स्थित है। यह गांव जिम्मेदार पर्यटन (रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म) के एक वैश्विक मॉडल के रूप में उभरा है। कारीकोट गांव के किसान ग्रामीण पर्यटन के अलावा बड़े पैमाने पर हल्दी की खेती करते हैं। उन हल्दी को तैयार करने की जिम्मेदारी ग्रामीण महिलाओं पर है। हल्दी की खेती से महिलाएं जहां आत्मनिर्भर हुई हैं, इससे उन्हें अच्छा मुनाफा भी होता है। स्थानीय थारू समुदाय सहित समाज के अन्य लोगों की भागीदारी क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है।
‘ग्रामीण पर्यटन में विशेष स्थान दिलाना उद्देश्य’
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ग्रामीण पर्यटन को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। विभाग का उद्देश्य राज्य को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में भी विशिष्ट पहचान दिलाना है। राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश के गांव केवल कृषि और परंपराओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और सामाजिक समरसता के भी प्रतीक हैं। रूरल टूरिज्म के माध्यम से इन विशेषताओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित-प्रसारित किया जा रहा है।’
‘रूरल टूरिज्म को मिल रहा प्रोत्साहन’
विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने कहा, ‘प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘उत्तर प्रदेश ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे नीति-2025’ सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रूरल टूरिज्म को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कारिकोट गांव को मिला सम्मान विभागीय प्रयासों और ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में सफलता का परिणाम है।’
प्रकृति की गोद में बसा है कारिकोट- ग्राम पंचायत सचिव
कारिकोट के ग्राम पंचायत सचिव सुशील कुमार सिंह ने पुरस्कार ग्रहण करने के पश्चात बताया कि ‘कारीकोट सेंक्चुरी एरिया से घिरा क्षेत्र है, जहां विभागीय सहयोग से ग्रामीण पर्यटन और होम स्टे ने गांव की तस्वीर बदल दी है। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई है। सिंह ने बताया कि कारिकोट के पास नेपाल की दो नदियों गेरुआ और कोरियाला का संगम अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। यहां सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए डैम को देखने का भी पर्यटकों में खास आकर्षण है। आगंतुकों को क्षेत्र की विविध जीवनशैली, स्थानीय व्यंजन और हल्दी की फसल तैयार होते देखने का सुखद अनुभव मिलता है। प्रदेश और पड़ोसी राज्यों से यहां बड़े पैमाने पर पर्यटक पहुंच रहे हैं।’
चुनो ऐसा, जिसको तलाशने न लगाने पड़ें दिल्ली मुंबई के चक्कर
बिजनौर के दारानगर गंज में मजबूत उम्मीदवार की तलाश
पंचायत चुनाव में संचित अग्रवाल की दावेदारी से राजनीतिक सरगर्मी तेज
~भूपेन्द्र निरंकारी
बिजनौर, यूपी – बिजनौर जिले में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के लिए उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश करना शुरू कर दिया है। इसी बीच, दारानगर गंज पंचायत क्षेत्र में एक खास चेहरे की दावेदारी ने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों की नींद उड़ा दी है।
कैसा हो प्रतिनिधि? जनता की राय
दारानगर गंज के लोग अब एक ऐसे उम्मीदवार की तलाश में हैं जो अपने गांव के विकास पर ध्यान दे सके और हमेशा लोगों के बीच मौजूद रहे। नुक्कड़ चौपाल पर होने वाली चर्चाओं में साफ दिख रहा है कि जनता एक ऐसे चेहरे को चुनना चाहती है, जिसके पास अपनी समस्याएं लेकर दिल्ली-मुंबई के चक्कर न लगाने पड़ें।
लोगों का मानना है कि उनका प्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो स्थानीय स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान कर सके। वे एक ऐसे नेता को चुनना चाहते हैं जो क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हो, न कि अपने निजी हितों के लिए।
संचित अग्रवाल की दावेदारी
इस चुनावी माहौल में, संचित अग्रवाल का नाम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी दावेदारी को लेकर राजनीतिक प्रतिद्वंदियों में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि उनकी उम्मीदवारी से इस क्षेत्र का चुनावी समीकरण बदल सकता है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि यह सीट सामान्य, पिछड़ी जाति, महिला या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होगी।
संचित अग्रवाल के समर्थकों का कहना है कि वह एक मजबूत उम्मीदवार हैं और दारानगर गंज के विकास के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
सेवा में परिवार, 20 वर्ष लगातार
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत निजामतपुरा के चुनावी समीकरण अभी तक मतदाताओं को असमंजस में डाले हुए थे क्योंकि जितने भी उम्मीदवार अब तक सामने आए वे मतदाताओं के गले नहीं उतर रहे थे। किसी भी उम्मीदवार की क्षेत्र में मजबूत पकड़ नहीं नजर आ रही थी। परंतु अब एक नए दावेदार संचित अग्रवाल एडवोकेट के सामने आने से बाकी उम्मीदवारों के दिलों की धड़कन तेज हो गई हैं क्योंकि संचित अग्रवाल एडवोकेट ग्राम पंचायत निजामतपुरा गंज में एक ऐसा नाम है, जिसकी क्षेत्र में अभूतपूर्व पकड़ है। संचित अग्रवाल एडवोकेट एवं उनके परिवार का क्षेत्र के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। वह लोग यहां के मूल निवासी हैं और प्रत्येक वर्ग, धर्म, जाति में उनके परिवार की विशेष पकड़ है। लोग उन्हें भरपूर प्यार और सम्मान प्रदान करते हैं। लोगों के सुख-दुख में काम आते हैं। लगातार 20 वर्षों तक उनके परिवार द्वारा वार्ड के सदस्य के रूप में क्षेत्र की जनता की भरपूर सेवा की गई है। उनकी दावेदारी से संभावित प्रत्याशियों में खलबली मच गई है एवं क्षेत्र की जनता उनकी दावेदारी से खुश है कि क्षेत्र के विकास को एक नए आयाम उनके द्वारा स्थापित किए जाएंगे।
समाजसेवी, संचित अग्रवाल
एकमात्र मकसद है क्षेत्र का विकास
संचित अग्रवाल एडवोकेट का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत निजामतपुरा की सीट सामान्य हुई तो उनके द्वारा चुनाव लड़ा जाएगा एवं ग्राम पंचायत निजातपुरा के विकास कार्य को पंख दिए जाएंगे। उनका राजनीति में मकसद पैसे कमाना या दलाली करना नहीं है। उनका मकसद है क्षेत्र का विकास करना, जिस विकास से उनके क्षेत्र अभी तक अछूता है। यदि वह ग्राम प्रधान बनते हैं तो क्षेत्र के विकास एवं मूलभूत समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना है की राजनीति में आने का उनका मकसद पैसे कमाना नहीं बल्कि सेवा भाव से कार्य करना है। उन्होंने कहा कि यदि वह ग्राम प्रधान बनते हैं तो क्षेत्र से दलाली, गुंडागर्दी को बंद कर क्षेत्र के विकास में चार चांद लगाए जाएंगे। उनका मकसद स्वच्छ एवं स्वस्थ राजनीति के साथ-साथ क्षेत्रवाद, जातिवाद, भाई भतीजावाद और जो लोग पैसे को महत्व देते हैं उन्हें राजनीति से बाहर कर क्षेत्र का संपूर्ण विकास करना है। इसमें सभी का जन सहयोग जरूरी है। उनका कहना है कि पैसे के दम पर चुनाव लड़कर जीतने वाले उम्मीदवारों को उनकी उम्मीदवारी एक आईना दिखाएगी।
कैशलेस चिकित्सा के लिए जताया आभार, सेवा सुरक्षा बहाली की मांग
माध्यमिक शिक्षक संघ ने की शिक्षकों से मुलाकात, उठाईं उनकी समस्याएं
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर, यूपी – उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आज चांदपुर क्षेत्र के कई इंटर कॉलेजों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से उनकी मौजूदा समस्याओं पर बात की और संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा की। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की परेशानियों को समझना और उन्हें दूर करने का आश्वासन देना था।
कैशलेस चिकित्सा पर आभार और सेवा सुरक्षा की मांग
संघ के जिलाध्यक्ष गय्यूर आसिफ ने बताया कि उनके संगठन के लगातार संघर्ष के बाद ही प्रदेश सरकार ने अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हमें अपनी सेवा सुरक्षा भी वापस लेने के लिए अभी और कड़ा संघर्ष करना होगा।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि शिक्षकों के मन में सेवा सुरक्षा को लेकर जो डर है, उसे खत्म करने के लिए सरकार को जल्द ही इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।
संगठन की एकजुटता पर जोर
जिला मंत्री विनोद कुमार ने कहा कि अगर सभी शिक्षक एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे तो न केवल उनकी सभी मांगें पूरी होंगी, बल्कि उनके छीने गए अधिकार भी उन्हें वापस मिलेंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने हितों की रक्षा के लिए एक साथ आएं।
इन विद्यालयों का किया दौरा
संघ के पदाधिकारियों ने जिन विद्यालयों का दौरा किया, उनमें जनता इंटर कॉलेज बागड़पुर, सार्वजनिक आर्य इंटर कॉलेज फिना, खालसा इंटर कॉलेज, अशरफ जकरिया इंटर कॉलेज नूरपुर, और एमक्यू इंटर कॉलेज स्योहारा शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने कई प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
मुलाकात में शामिल प्रमुख शिक्षक
इस मौके पर प्रधानाचार्य हामिद हुसैन, जगराम सिंह, सुनीत प्रकाश त्यागी, नसरीन जहां, और इशरत मंसूर सहित कई शिक्षक और शिक्षिकाएं मौजूद थीं, जिनमें पल्लव माहेश्वरी, जयप्रकाश शास्त्री, गुरचरण सिंह, योगेश कुमार, विवेक पांडे, धर्मप्रकाश गंगवार, नन्हे सिंह, आत्माराम यादव, जनमेजय सिंह, गौरव कुमार, नवनीत कुमार, ऋतुराज सिंह, एमपी सिंह, संजीव कुमार, भूपेंद्र सिंह, जयपाल सिंह और प्रदीप राणा शामिल थे।
गैंग का पर्दाफाश कर 9 लोगों की तलाश में जुटी बिजनौर पुलिस
चार आरोपियों को पहले ही किया जा चुका है गिरफ्तार
एसआर हेल्थकेयर सेंटर से नवजात की चोरी के बाद एक्शन में पुलिस
बच्चा चोर गिरोह: डॉक्टर और नर्स गिरफ्तार
बिजनौर, (यूपी)। नूरपुर पुलिस ने एक बड़े बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसआर हेल्थकेयर सेंटर के दो मुख्य आरोपियों, डॉ. रीना चौधरी और नर्स वंदना को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मु.अ.सं. 284/2025 से संबंधित है, जिसमें एक नवजात शिशु की चोरी का आरोप है।
क्या है पूरा मामला ?
यह घटना 19 अगस्त, 2025 को तब सामने आई जब, करन सिंह पुत्र निहाल सिंह ग्राम छोईया नंगली थाना हीमपुर दीपा जनपद बिजनौर ने नूरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 मई, 2025 को उनकी पत्नी श्रीमती रुकमेश ने एसआर हेल्थकेयर सेंटर में एक बच्चे को जन्म दिया था। अस्पताल के कर्मचारियों ने इलाज के बहाने उनके बच्चे को ले लिया और फिर वापस नहीं दिया। 28 मई, 2025 को जब उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई, तो एक कर्मचारी सलमान ने उनसे कुछ कागजों पर अंगूठे लगवा लिए। करण सिंह को शक है कि उनका बच्चा बेच दिया गया है।
गिरफ्तारियां और आगे की जांच
शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में थाना नूरपुर पर मु. अ. सं. 284/2025 धारा 137 (1) (बी)/61 (2)/351 (3) बीएनएस पंजीकृत किया। विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान उपरोक्त अभियोग में धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/61(2)/3 (5) बीएनएस एवं धारा 75/80/81 किशोर न्याय अधिनियम की वृद्धि की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो बच्चों की चोरी और खरीद-फरोख्त में शामिल है। इस मामले में वांछित अभियुक्तों 1. सलमान पुत्र उस्मान निवासी मौ0 हजरतनगर कस्बा व थाना नूरपुर जनपद बिजनौर, 2. रवि अग्रवाल पुत्र राजेन्द्र सिंह, 3. प्रियता पत्नी रवि अग्रवाल निवासीगण जीएमसीटी कॉलोनी कर्मचारी नगर थाना इज्जतनगर जनपद बरेली व 4. गोपाल पुत्र दीनदयाल निवासी सराय आलम थाना नांगल जनपद बिजनौर को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।
हाल ही में, पुलिस टीम ने इस मामले के दो और प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया:
1. डॉ. रीना चौधरी, पत्नी स्वर्गीय राजवीर सिंह, निवासी ग्राम इस्माइलपुर, थाना चांदपुर, बिजनौर। 2. कुमारी वंदना, पुत्री स्वर्गीय अरविंद, निवासी ग्राम तुरावनगर, थाना नहटौर, बिजनौर। ये दोनों आरोपी बच्चा चोरी की योजना में सक्रिय रूप से शामिल बताई गई हैं।
…वो, जिनको तलाश रही है पुलिस
पुलिस अभी भी इस मामले में कई अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है, जिनमें शामिल हैं: 1. माखन पुत्र रामरतन निवासी ग्राम इलाबास थाना नहटौर जनपद बिजनौर। 2. राकेश पुत्र गुलाब निवासी ग्राम इलाबास थाना नहटौर जनपद बिजनौर। 3. धर्मेन्द्र पुत्र जगराम निवासी ग्राम इलाबास थाना नहटौर जनपद बिजनौर। 4. डा. सूरज पुत्र हरपाल सिंह निवासी ग्राम राहतपुर थाना मण्डावली जनपद बिजनौर। 5. रूपा पत्नी गोपाल निवासी ग्राम राहतपुर थाना मण्डावली जनपद बिजनौर। 6. विनिता अग्रवाल पत्नी राजेश अग्रवाल निवासी मोहल्ला चौक बाजार कस्बा व थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर। 7. अजय बंगाली पुत्र नामालूम निवासी चौक बाजार (जेवर जोड़ने की दुकान) कस्बा व थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर। 8. आरती पत्नी पुष्पेन्द्र निवासी ग्राम खेरूला नगर (वर्णिका हॉस्पिटल नजीबाबाद) थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर। 9. प्रदीप पुत्र नामालूम हाल निवासी धनवन्तरी हास्पिटल धनौरा रोड कस्बा व थाना चांदपुर जनपद बिजनौर।
पुलिस ने बताया कि इन सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। 👮♀️
इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली थाना नूरपुर, जनपद बिजनौर की पुलिस टीम
नींबू और बेकिंग सोडा दिलाएंगे पीली गंदगी और जिद्दी दागों से छुटकारा
गंदे वॉश बेसिन को चमकाएं कैसे ?
अक्सर घर के वॉश बेसिन पर पानी, साबुन और टूथपेस्ट के जमाव से पीले और जिद्दी दाग पड़ जाते हैं। ये दाग इतने पक्के होते हैं कि इन्हें सामान्य तरीकों से साफ करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, अब आपको इन दागों से परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप घर पर ही एक आसान और असरदार घोल बनाकर अपने वॉश बेसिन को बिलकुल नया जैसा चमका सकते हैं।
क्यों जमते हैं वॉश बेसिन पर दाग?
लगातार पानी के इस्तेमाल से वॉश बेसिन पर कैल्शियम की परत जम जाती है। इसके अलावा, साबुन और टूथपेस्ट के कण भी बेसिन की सतह पर चिपक जाते हैं, जो समय के साथ उसे पीला बना देते हैं। इन दागों को हटाने के लिए महंगे क्लीनर की जगह, नींबू और बेकिंग सोडा का घरेलू उपाय बहुत कारगर साबित होता है।
वॉश बेसिन साफ करने का मुफ्त घोल: सामग्री और विधि इस घोल को बनाने के लिए आपको बस कुछ चीजें चाहिए, जो घर में आसानी से मिल जाती हैं: * 2 नींबू * 1 चम्मच बेकिंग सोडा * 1 कप गुनगुना पानी
बनाने की विधि:
1. सबसे पहले, दोनों नींबू का रस एक कटोरी में निकाल लें। 2. अब इस नींबू के रस में बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें, जब तक कि एक गाढ़ा पेस्ट न बन जाए। 3. इस पेस्ट को वॉश बेसिन पर जहां-जहां पीले दाग और गंदगी है, वहां अच्छी तरह से लगा दें। 4. पेस्ट लगाने के बाद इसे 10-15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें, ताकि यह अपना काम कर सके। 5. आखिर में, वॉश बेसिन को गुनगुने पानी से धो लें और एक साफ कपड़े से पोंछ दें। आपका वॉश बेसिन एक ही बार में चमक उठेगा।
यह उपाय क्यों है फायदेमंद?
1. नींबू का एसिड: नींबू में मौजूद एसिडिक गुण गंदगी और दागों को ढीला कर देते हैं, जिससे उन्हें हटाना आसान हो जाता है। 2. बेकिंग सोडा: बेकिंग सोडा एक प्राकृतिक स्क्रब की तरह काम करता है, जो बिना ज्यादा रगड़े ही दागों को साफ कर देता है।
इस घरेलू और मुफ्त के उपाय से आपका वॉश बेसिन न सिर्फ साफ होगा, बल्कि चमकदार भी बनेगा।
खाली हाफ, क्वाटर, नकली ढक्कन क्यूआर कोड और अवैध शराब बरामद
7 के खिलाफ मुकदमा, 85 लीटर अवैध शराब जब्त, 50 किलोग्राम लहन की गई नष्ट
राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी
आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध शराब कारोबारियों पर शिकंजा
लखनऊ के कई इलाकों में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इन अभियानों के दौरान नकली शराब बनाने के अड्डे पकड़े गए, जिसमें हाई ब्रांड की बोतलों में नकली शराब भरने और अवैध लहन व शराब बरामद होने के मामले सामने आए। विभाग ने इन मामलों में मुकदमे दर्ज कर तस्करों को गिरफ्तार किया है और आगे भी यह अभियान जारी रखने की बात कही है।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने व्यापक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, आबकारी टीमों ने गाजीपुर, इंदिरानगर, मदेयगंज, हसनगंज, आलमबाग, हुसैनगंज, पारा, ठाकुरगंज, आशियाना, कृष्णानगर, काकोरी, और दुबग्गा जैसे इलाकों में पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध स्थानों और गांवों पर छापेमारी की।
इस कार्रवाई में, संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम के तहत 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके पास से 85 लीटर अवैध शराब जब्त की गई और 50 किलोग्राम लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
नकली शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़
आबकारी विभाग को एक गुप्त सूचना मिली थी कि हाई-ब्रांड की शराब की बोतलों में निम्न-ब्रांड की शराब भरकर बेचने की कोशिश की जा रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के नेतृत्व में एक टीम ने हुसैनगंज थाना क्षेत्र के छितवापुर पजवा में एक घर पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान, टीम ने घर से विभिन्न ब्रांडों की खाली बोतलें (750ml, 375ml), नकली ढक्कन, नकली क्यूआर कोड और लगभग 3 लीटर अवैध शराब बरामद की। मौके से राम पाल नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ हुसैनगंज थाने में BNS की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
हाईवे और ढाबों पर भी सघन चेकिंग अभियान
अवैध शराब के परिवहन को रोकने के लिए, आबकारी निरीक्षक विजय राठी, शिखर मल्ल और अभिषेक सिंह के नेतृत्व में टीमों ने देर रात सीतापुर-लखनऊ मार्ग पर चलने वाले ट्रकों, टैंकरों और अन्य वाहनों की गहनता से जांच की। इसके अलावा, हाईवे और शहर के ढाबों का भी औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान, ढाबा संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई कि वे किसी भी ग्राहक को शराब नहीं परोसें। इस तरह की कार्रवाई से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह से बंद हो।
लखनऊ एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा: टेकऑफ के दौरान रुकी इंडिगो की दिल्ली फ्लाइट
पूर्व मुख्यमंत्री की सांसद पत्नी डिंपल यादव भी थीं मौजूद
विमान में सवार 151 यात्रियों में फैली दहशत
उड़ने से पहले ही रनवे पर रुक गई इंडिगो की फ्लाइट
लखनऊ, (उत्तर प्रदेश)। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। इंडिगो की लखनऊ-दिल्ली फ्लाइट (संख्या 6E 2727) टेकऑफ के दौरान रनवे पर ही रुक गई, जिससे विमान में सवार 151 यात्रियों की जान बच गई। इस विमान में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी मौजूद थीं।
कैप्टन की सूझबूझ से बची जान
विमान रनवे पर तेजी से दौड़ रहा था, लेकिन वह हवा में नहीं उठ पाया। सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन ने स्थिति को भांपते हुए रनवे के अंतिम छोर से पहले ही विमान को रोक दिया। इस सूझबूझ से एक गंभीर दुर्घटना को टाला जा सका। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई, लेकिन सभी सुरक्षित रहे। बाद में, इंडिगो एयरलाइंस ने सभी यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से दिल्ली भेजा।
हाल ही में हुई एक और घटना
यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल ही में, सूरत से दुबई जा रही इंडिगो की एक अन्य फ्लाइट में भी तकनीकी खराबी आ गई थी। उस फ्लाइट को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डायवर्ट करना पड़ा था। उस विमान में 170 से ज्यादा यात्री सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि यह एक एहतियाती कदम था ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बाद में, सभी यात्रियों को दूसरे विमान से दुबई भेजा गया।
सुरक्षा सर्वोपरि
इन घटनाओं से विमानन सुरक्षा की गंभीरता सामने आती है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि एयरलाइंस और पायलट यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं, और किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए तुरंत कार्रवाई करते हैं। इन मामलों में पायलटों ने अपनी कुशलता और सूझबूझ से बड़े हादसों को टाल दिया।
भारतीय संस्कृति में भोजन के नियम केवल पोषण तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका गहरा संबंध धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक व्यवहार से भी है। इसी कड़ी में, थाली में एक साथ तीन रोटियां परोसने से जुड़ी एक पुरानी परंपरा है, जिसे कई घरों में आज भी निभाया जाता है। अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि थाली में तीन रोटियां एक साथ नहीं रखनी चाहिए। लेकिन इसके पीछे की असली वजह क्या है? आइए जानते हैं।
धार्मिक और आध्यात्मिक कारण
भारतीय धर्म और संस्कृति में, तीन की संख्या को अक्सर अशुभ माना जाता है, खासकर जब यह भोजन से जुड़ी हो। कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, थाली में तीन रोटी रखना मृतक के भोजन के समान माना जाता है। तेरहवीं संस्कार के दौरान मृतक के लिए जो भोजन निकाला जाता है, उसमें कुछ जगहों पर तीन रोटियां रखने का रिवाज है। यही कारण है कि जीवित व्यक्ति के लिए तीन रोटी एक साथ परोसना अशुभ माना जाता है।
इसके अलावा, कुछ लोगों का मानना है कि तीन रोटियां परोसने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। इसका असर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है, जिससे वे बीमार हो सकते हैं।
सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण
धार्मिक मान्यताओं के अलावा, इस परंपरा के कुछ सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं: 1. शत्रुता का भाव: कुछ मान्यताओं के अनुसार, एक थाली में तीन रोटियां खाने से व्यक्ति के मन में दूसरों के लिए शत्रुता का भाव उत्पन्न हो सकता है। यह भावना लड़ाई-झगड़े का कारण बन सकती है और आपसी रिश्तों में कड़वाहट ला सकती है। 2. आंकड़ों का महत्व: हिंदू धर्म में खाने-पीने की चीजों को अक्सर सम संख्या में देने और लेने का चलन है। तीन की विषम संख्या को इस संदर्भ में शुभ नहीं माना जाता है।
क्या कहता है विज्ञान?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि थाली में तीन रोटियां न परोसने की ये सभी मान्यताएं धार्मिक आस्था और लोक परंपराओं पर आधारित हैं। इनका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार, भोजन की संख्या का व्यक्ति के स्वास्थ्य या मानसिक स्थिति पर कोई सीधा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। अतः, यह एक ऐसी परंपरा है जो हमारी संस्कृति और आस्था से जुड़ी है। इसका गहरा संबंध हमारे रीति-रिवाजों और विश्वासों से है। यद्यपि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी यह भारतीय घरों में एक महत्वपूर्ण परंपरा बनी हुई है। इसे मानना या न मानना पूरी तरह से व्यक्ति की अपनी सोच और विश्वास पर निर्भर करता है।
लखनऊ के डीसीपी ट्रैफिक ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
टीएसआई को हाईवे पर अवैध वसूली करते पत्रकारों ने पकड़ा
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में कानपुर हाईवे पर तैनात टीएसआई (ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर) अजय कुमार सिंह पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं! वाहन चालकों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने टीएसआई को रंगे हाथ वसूली करते हुए पकड़ा! इस दौरान टीएसआई ने पत्रकारों के साथ बदसलूकी की, हाथापाई की और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
टीएसआई अजय कुमार सिंह
वसूली का खुलासा और टीएसआई की बदसलूकी
टीएसआई अजय कुमार सिंह के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायतें स्थानीय पत्रकारों को कई दिनों से मिल रही थीं। शिकायतें मिलने पर जब पत्रकार मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि टीएसआई वाहनों से पैसे ले रहा था। पत्रकारों ने वसूली का वीडियो बनाना शुरू किया और उन वाहन चालकों से भी बात की जिन्होंने पैसे दिए थे। जब टीएसआई अजय कुमार सिंह को इस बारे में पता चला तो वह भड़क उठे। उन्होंने पत्रकारों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने मौके पर खड़ी गाड़ियों के फर्जी ऑनलाइन चालान भी काट दिए और पत्रकारों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने पत्रकारों को जान से मारने की धमकी भी दी।
सूत्रों के अनुसार, टीएसआई अजय कुमार सिंह अक्सर अपनी ड्यूटी के बजाय वसूली में व्यस्त रहते हैं। शिकायतें हैं कि वह अपनी ड्यूटी सही से नहीं करते और अक्सर सिविल चौकी में बैठकर आराम फरमाते हैं। पत्रकार जब उन्हें हाइडिल चौकी मोड़ पर वसूली करते हुए पकड़े, तो उन्होंने अपना वीडियो बनाकर पत्रकारों पर उल्टा आरोप लगाने की कोशिश की।
डीसीपी ट्रैफिक ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
अवैध वसूली का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे ट्रैफिक पुलिस की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पत्रकारों ने इस पूरे मामले की शिकायत डीसीपी ट्रैफिक से की। डीसीपी ट्रैफिक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि टीएसआई अजय कुमार सिंह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर करती है।
लखनऊ में दबंगों की करतूत: वकील को धमकी और छात्र की तलाश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में दबंगों द्वारा दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया गया। एक मामले में एक वकील को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी दी गई, जबकि दूसरे मामले में एक छात्र को कॉलेज परिसर में तलाश कर धमकी दी गई। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है।
वकील को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी
आशियाना थाना क्षेत्र के औरंगाबाद जागीर निवासी पेशे से वकील कुलदीप पांडेय ने आरोप लगाया है कि बीते बुधवार रात को उन्हें उनके परिचित श्यामू ने बातचीत के बहाने अपनी कार में बैठाया। कार में श्यामू के कुछ साथी भी मौजूद थे। कुलदीप का आरोप है कि कार में बैठते ही श्यामू ने उनकी कनपटी पर रिवॉल्वर रखकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
धमकाने का कारण कुलदीप द्वारा पूर्व में की गई एक शिकायत थी, जिसके बाद पुलिस ने श्यामू को फोन किया था। कुलदीप के अनुसार, उन्हें लगभग 40 मिनट तक बंधक बनाए रखा गया। श्यामू अपने साथियों के साथ उन्हें बंथरा के एक सुनसान इलाके में ले जाकर हत्या करने की बात कर रहा था। किसी तरह मौका पाकर कुलदीप वहां से भाग निकले और आशियाना थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। कुलदीप की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्यवाही कर रही है।
कॉलेज परिसर में बीयूएमएस छात्र की तलाश, विरोध पर धमकी
दूसरी घटना भी आशियाना थाना इलाके के एक निजी कॉलेज में हुई। राजकीय तकमील उत तिब कॉलेज के 2021 बैच के बीयूएमएस छात्र अमन पुत्र दिवारीलाल ने बताया कि 8 सितंबर को बुलेरो सवार दो अज्ञात लोग उसके कॉलेज परिसर में आए। वे अमन की फोटो दिखाकर उसे तलाश कर रहे थे और कह रहे थे कि अमन को देख लेंगे। जब कॉलेज के अन्य छात्रों ने इसका विरोध किया, तो उन लोगों ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। इस घटना के बाद अमन ने आशियाना थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
खजूरी गांव के पास हुआ हादसा, मृतक छात्रों में 11वीं का स्टूडेंट भी शामिल
रोडवेज बस की टक्कर से दो की मौत, दो घायल
बिजनौर। नूरपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। खजूरी गांव के पास एक रोडवेज बस ने पहले एक बाइक और फिर एक पैदल यात्री को टक्कर मार दी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे हीमपुर दीपा के गांव पिलाना के रोहन (19) अपने दोस्तों साजन (26) और दीपक (22) के साथ बाइक से स्योहारा से लौट रहे थे। तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इसी दौरान, वहां से गुजर रहे खासपुरा गांव के रहने वाले वीर सिंह (52) को भी बस ने अपनी चपेट में ले लिया।
उपचार के दौरान दो लोगों की मौत
हादसे के बाद, स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने रोहन को मृत घोषित कर दिया। रोहन 11वीं कक्षा का छात्र था और अपने परिवार में चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। साजन और दीपक की गंभीर हालत को देखते हुए, उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं, हादसे में घायल हुए वीर सिंह ने भी बिजनौर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वीर सिंह मजदूरी का काम करते थे और उनके तीन बेटे और एक बेटी है। घायल साजन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
बस चालक फरार, तलाश कर रही पुलिस
हादसे के बाद रोडवेज बस का चालक मौके से फरार हो गया। गोरक्ष धाम चौकी इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फरार बस चालक की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
आमा (amã) स्टेज़ एंड ट्रेल्स के तहत कन्नौज में आनंद भवन पैलेस का अनावरण
यूपी में विरासत आधारित पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा, राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा में उठा रहे कदम- जयवीर सिंह
हेरिटेज-आधारित पर्यटन में एक अग्रणी मॉडल
इत्र नगरी में इतिहास की खुशबू – कन्नौज के आनंद भवन पैलेस में शुरू हुआ यूपी का पहला लग्जरी हेरिटेज होमस्टे
~ शैली सक्सेना
लखनऊ/कन्नौज, (13 सितंबर 2025)। एक ऐतिहासिक पहल के तहत, उत्तर प्रदेश पर्यटन ने कन्नौज के तिरवा स्थित आनंद भवन पैलेस को राज्य के पहले लक्जरी हेरिटेज होमस्टे के रूप में पेश किया है। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के आमा (amã) स्टेज़ एंड ट्रेल्स के सहयोग से विकसित इस पहल से, आमा के राष्ट्रीय पोर्टफोलियो में 150वाँ बंगला तो शामिल हुआ ही है, साथ ही यह भारत की इत्र राजधानी कन्नौज के लिए अनुभवात्मक पर्यटन में एक नए युग की शुरुआत भी है। 1929 में बना और पाँच एकड़ में फैला आनंद भवन पैलेस, दिग्विजय नारायण सिंह की एक भव्य ज़मींदारी-युग की संपत्ति है। कन्नौज रेलवे स्टेशन से सिर्फ 4 किमी और लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 136 किमी दूर स्थित, इस महल को अब एक ऐसे सांस्कृतिक प्रवास स्थल के रूप में फिर से तैयार किया गया है, जो कन्नौज की विरासत और इत्र की परंपराओं को उजागर करता है। 2024 में कन्नौज में 13,04,754 पर्यटकों का स्वागत हुआ, और इस संपत्ति के लॉन्च से भारत की इत्र राजधानी में पर्यटन को एक शक्तिशाली नया केंद्र मिल गया है।
इस महल में छह हेरिटेज सुइट हैं, जिनका नाम कन्नौज के कालातीत इत्रों – जैस्मीन, पैचौली, ऊद, नेरोली, गुलाब और बख़ूर के नाम पर रखा गया है। यहाँ विशाल बरामदे, सुंदर बगीचे और हेरिटेज गैलरी हैं, जिनके साथ कई अनुभव भी जोड़े गए हैं: क्षेत्रीय और नेपाली व्यंजनों के साथ ‘खेत से मेज तक’ (farm-to-table) भोजन, तारों के नीचे बारबेक्यू रातें, स्विमिंग पूल में आराम, एक पुराने खेल कक्ष में बिलियर्ड्स, लाख बहोसी पक्षी अभयारण्य में पक्षी-दर्शन, और कन्नौज की इत्र बनाने की परंपराओं के निर्देशित दौरे।
इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “यूपी पर्यटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परिकल्पना के अनुरूप हेरिटेज-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने और उत्तर प्रदेश को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। आनंद भवन पैलेस इस बात का प्रतीक है कि कैसे हमारी पैतृक घरों को संस्कृति, आतिथ्य और आर्थिक विकास के स्थानों के रूप में संरक्षित और पुनर्जीवित किया जा सकता है।”
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव, पर्यटन, मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा, “कन्नौज को दुनिया भर में भारत की इत्र राजधानी के रूप में जाना जाता है और पिछले साल यहाँ 13 लाख से अधिक पर्यटक आए थे। आनंद भवन पैलेस के हेरिटेज होमस्टे के रूप में खुलने से, हम पर्यटन आकर्षण में एक नया आयाम जोड़ रहे हैं। मैं पूरे उत्तर प्रदेश के संपत्ति मालिकों को हमारे साथ मिलकर चलने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ, ताकि हम मिलकर विरासत का संरक्षण कर सकें, आजीविका उत्पन्न कर सकें और आगंतुकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बना सकें।”
होमस्टे के मालिक और आनंद भवन पैलेस के परिवार से संबंधित दिव्यौदित सिंह और श्रुति शांडिल्य ने यूपी पर्यटन को उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। दिव्यौदित सिंह ने कहा, “हम अपनी पारिवारिक विरासत को आगंतुकों के लिए एक जीवंत स्थान के रूप में देखकर गर्व महसूस करते हैं। यूपी पर्यटन के सहयोग से, आनंद भवन पैलेस अब कन्नौज की विरासत को दुनिया के साथ साझा कर सकता है।” श्रुति शांडिल्य ने आगे कहा, “यह पहल केवल एक होमस्टे के बारे में नहीं है, बल्कि इतिहास को संरक्षित करने और यात्रियों को एक सच्चा सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने के बारे में है। हम इसे संभव बनाने के लिए यूपी पर्यटन के आभारी हैं।”
यूपी पर्यटन (ईको) के निदेशक प्रखर मिश्रा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में कई ज़मींदारी घर, हवेलियाँ और महल हैं, जिन्हें व्यावसायिक होटलों के रूप में विकसित नहीं किया जा सकता है, लेकिन विरासत स्थलों के रूप में उनका बहुत अधिक महत्व है। आनंद भवन पैलेस इस बात का एक आदर्श उदाहरण है कि ऐसी संपत्तियों को उनकी आत्मा को बरकरार रखते हुए और यात्रियों को इतिहास व संस्कृति का प्रामाणिक अनुभव देते हुए लक्जरी होमस्टे में कैसे बदला जा सकता है।”
उद्घाटन समारोह में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा फीता काटा गया। इस दौरान कन्नौज के जिला मजिस्ट्रेट आशुतोष अग्निहोत्री, यूपी पर्यटन (ईको) के निदेशक प्रखर मिश्रा, आमा होमस्टेज़ के उपाध्यक्ष सुमित बजाज, और आईएचसीएल के क्लस्टर महाप्रबंधक विनोद पांडे भी उपस्थित थे।
इस लॉन्च के साथ, उत्तर प्रदेश ने हेरिटेज होमस्टे का एक नेटवर्क बनाने की दिशा में पहला कदम उठाया है। यूपी पर्यटन ने निजी विरासत संपत्ति मालिकों और संभावित निवेशकों को भी इस प्रयास में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया है, ताकि राज्य भर के महलों, हवेलियों और ज़मींदारी घरों को पर्यटन के लिए अनुभवात्मक स्थानों के रूप में पुनर्जीवित किया जा सके।
अयोध्या में दीपोत्सव-2025 के दौरान होगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आतिशबाजी शो
पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण मुक्त ग्रीन आतिशबाजी शो होगा मुख्य आकर्षण
10 मिनट अवधि की होगी कोरियोग्राफ्ड आतिशबाजी
प्रदूषण मुक्त पटाखों की रोशनी से जगमगाएगा अयोध्या- मंत्री जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (13 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग अयोध्या में दीपोत्सव-2025 की तैयारियों में जुटा है। इस बार 19 अक्टूबर को होने वाले दीपोत्सव में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रदूषणमुक्त ग्रीन आतिशबाजी शो आयोजित किया जाएगा। राम की पैड़ी पर होने वाला यह दीपोत्सव हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ऐतिहासिक रूप लेगा। 14 वर्षों के वनवास के उपरांत प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में सरयू नदी का आकाश आतिशबाजी से आलोकित होगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘विभाग ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की दिव्य अनुभूति कराने के लिए पूरे शहर को भव्य रूप से सजाने-संवारने की योजना बनाई है। इस वर्ष दीपोत्सव में सरयू घाटों पर 26 लाख से अधिक मिट्टी के दीप प्रज्वलित होंगे और नदी तट को विशेष सजावट से संवारकर आकर्षक बनाया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ पूरा शहर झिलमिलाती रोशनियों से आलोकित होगा। इसी श्रृंखला में कोरियोग्राफ्ड ग्रीन एरियल आतिशबाजी शो मुख्य आकर्षण होगा।’
दीपोत्सव-2025 को देगा नया आयाम
ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो में संगीत और आधुनिक तकनीकों का अद्भुत मिश्रण होगा। इस शो को पूरी तरह संगीत की धुन पर तैयार किया जाएगा, जो अयोध्या के दीपोत्सव को नया आयाम देगा। दीपोत्सव-2025 की शाम सरयू नदी के तट पर आतिशबाजी और संगीत का भव्य संगम आगंतुकों को देखने को मिलेगा। आतिशबाजी की औसत ऊंचाई कम से कम 200 मीटर होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन, 10 मिनट का शो
पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो को कई किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता है। यह आतिशबाजी सरयू नदी की शांत लहरों पर चमकदार परछाइयों के साथ अद्भुत दृश्य उत्पन्न करेगी। यह शो 10 मिनट का होगा, जिसे पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड तकनीक से संचालित किया जाएगा। शो का डिजाइन अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों जैसे- रियो डी जेनेरियो (ब्राज़ील) के रेबेलियन आतिशबाजी शो, फ्रांस के बैस्टिल डे और ब्रिटेन की गाई फॉक्स नाइट की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। आतिशबाजी में ऊंचाई और विविधता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि अयोध्या के आसमान में निरंतर रंग-बिरंगे नजारे दिखाई दें।
सरयू नदी के तट पर 26 लाख से अधिक दीप होंगे प्रज्ज्वलित, भव्य कार्यक्रम में देशी-विदेशी पर्यटकों का होगा आगमन
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘अयोध्या में दीपोत्सव-2025 का भव्य-दिव्य आयोजन होने जा रहा है। राम की पैड़ी पर एक नया कीर्तिमान स्थापित होगा। 19 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में 26 लाख से अधिक दीपों की रोशनी और आतिशबाजी के अद्भुत रंग अयोध्या नगरी को प्रकाशमान करेंगे। दीपोत्सव भव्यता, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ विशेष रूप से मनाया जाएगा, जो अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए यादगार बनेगा।’
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि ‘दीपोत्सव-2025 हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का अद्वितीय प्रदर्शन है। रामनगरी अयोध्या में आयोजित होने वाला यह उत्सव, पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य एवं आकर्षक होगा। इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की आतिशबाजी इसका विशेष आकर्षण बनेगी। यह वैश्विक स्तर पर पर्यटन और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।’
डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया, कैसे बनें ‘अपना डॉक्टर अपने आप’
सदाबहार अस्पताल में प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन
हम कैसे कर सकते हैं बिना किसी दवा के स्वयं अपनी चिकित्सा
बिजनौर। सदाबहार अस्पताल, बख्शीवाला, बिजनौर में योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट, साकेत कॉलोनी, सिविल लाइन द्वितीय द्वारा एक दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को बिना दवाओं के प्राकृतिक तरीकों से स्वस्थ रहने के बारे में जागरूक करना था।
शिविर का शुभारंभ ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश कुमार ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. नरेंद्र सिंह ने ‘अपना डॉक्टर अपने आप’ विषय पर गहनता से प्रकाश डाला और बताया कि कैसे हम बिना किसी दवा के स्वयं अपनी चिकित्सा कर सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शरीर की सभी बीमारियों का मुख्य कारण एसिडिक भोजन है। यदि हम एसिडिक से अल्कलाइन (क्षारीय) भोजन की ओर बढ़ते हैं, तो हम सभी बीमारियों से मुक्त हो सकते हैं। उन्होंने प्रकृति की ओर लौटने और स्वस्थ रहने का संदेश दिया।
प्रयागराज से आए राजीव यादव ने क्षारीय और अम्लीय भोजन के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने क्षारीय परीक्षण कर रोगों से मुक्ति पाने के उपाय बताए और प्राकृतिक वनस्पतियों से अल्कलाइन वॉटर बनाने की विधि भी सिखाई।
सदाबहार अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मसूद जावेद सिद्दीकी ने शिविर में आए सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने डॉ. नरेंद्र सिंह और श्री राजीव यादव को जलपान और नाश्ता कराकर धन्यवाद दिया और अनुरोध किया कि वे भविष्य में भी इसी तरह समाज को बिना दवाओं के स्वस्थ रहने के तरीकों से लाभान्वित करते रहें।
इस अवसर पर, सदाबहार अस्पताल के कई डॉक्टर और कर्मचारी उपस्थित थे, जिनमें डॉ. राहत, डॉ. ताल्हा, डॉ. अफीफा, डॉ. उसरा, अल्मास फातिमा, डॉ. आसिफ मलिक, डॉ. नीलम, आरिफ, विवेक, रोहित, अश्विनी, लकी, राजा, मोहम्मद शमशेर, और मीर हसन शामिल थे। शिविर का समापन सभी को धन्यवाद देकर किया गया।
जैत गांव: ग्रामीण पर्यटन का वैश्विक मॉडल, कृष्ण की धरती से दुनिया को संदेश
श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने अनुभव की ब्रज की संस्कृति और विरासत
~ शैली सक्सेना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित जैत गांव अब ग्रामीण पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। ‘एग्री-रूरल’ और ‘गंगेय ग्राम’ ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत बुधवार को श्रीलंका का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय ‘फैम ट्रिप’ (फैमिलियराइजेशन ट्रिप) पर जैत पहुंचा। इस यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के गांवों की सांस्कृतिक और ग्रामीण शक्ति को दुनिया के सामने लाना है। प्रतिनिधिमंडल ने गांव के पारंपरिक जीवन, लोक कला और संस्कृति को गहराई से समझा और स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित किया।
ब्रज की पारंपरिक शैली में हुआ स्वागत
जैत गांव पहुंचने पर श्रीलंकाई दल का ब्रज की रंगीन और पारंपरिक शैली में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अतिथियों को चंदन का तिलक लगाया गया, फूलों की मालाएं पहनाई गईं और मधुर लोकगीतों के साथ उनका अभिनंदन किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान कालिया नाग मंदिर का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें भगवान कृष्ण और सर्प कालिया की पौराणिक कथा सुनाई गई, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मिट्टी के दीये और तुलसी माला बनाने का अनुभव
श्रीलंकाई अतिथियों ने इस यात्रा के दौरान न केवल ब्रज की कला को देखा, बल्कि उसे स्वयं अनुभव भी किया। उन्होंने स्थानीय कारीगरों के साथ मिलकर पारंपरिक मिट्टी के दीयों का निर्माण किया। यह उनके लिए केवल एक शिल्प अनुभव नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण कला और परंपरा की एक जीवंत झलक थी। इसके अलावा, उन्होंने तुलसी माला बनाने और तुलसी की खेती को भी देखा। प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक जय कुंड का दौरा किया, जो ब्रज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा है। उन्होंने भाग्यश्री तुलसी आउटलेट में स्वयं सहायता समूहों द्वारा चलाए जा रहे स्थानीय शिल्प के व्यावसायिक मॉडल को भी समझा।
स्वाद और आध्यात्म का संगम
मेहमानों ने ब्रज के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा। रात्रिभोज के दौरान उन्होंने मेजबानों के साथ बातचीत की और कृष्ण भजनों में शामिल होकर इस अनुभव को एक सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया। दल ने मथुरा के इस्कॉन मंदिर का भी भ्रमण किया और ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत पंजीकृत फार्म स्टे में रात बिताई।
मैनपुरी और दिल्ली की यात्रा
जैत के बाद, प्रतिनिधिमंडल मैनपुरी की ओर रवाना हुआ। रास्ते में उन्होंने आगरा के ताजमहल का भी भ्रमण किया। मैनपुरी के भावंत गांव में अतिथियों ने जखदर महादेव मंदिर के दर्शन किए और पानी-सिंघाड़ा की खेती देखी। सहन गांव में उन्होंने बैलगाड़ी और घोड़ागाड़ी की सवारी की और पारंपरिक शिल्प जैसे ‘टकासी’ का अनुभव किया, जिससे उन्हें ग्रामीण उद्यमिता को समझने का अवसर मिला। यह तीन दिवसीय यात्रा 12 सितंबर को दिल्ली में समाप्त होगी।
‘जैत ने दिखाया, गांव बन सकते हैं वैश्विक पर्यटन का केंद्र’ – पर्यटन मंत्री
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जैत गांव को एक उदाहरण बताते हुए कहा कि यह साबित करता है कि उत्तर प्रदेश के गांव अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखते हुए भी वैश्विक पर्यटन का केंद्र बन सकते हैं। डॉ. निर्मला राणासिंघे, एसोसिएट प्रोफेसर, जो यात्रा का हिस्सा थीं, ने जैत गांव के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह एक ‘जीवंत क्लासरूम’ की तरह है, जहाँ संस्कृति, समुदाय और स्थिरता साथ-साथ चलते हैं।
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा
यह फैम ट्रिप उत्तर प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों का एक हिस्सा है। राज्य सरकार ने 240 गांवों को पर्यटन केंद्र के रूप में चिह्नित किया है। इसके अलावा, 103 फार्म स्टे और 750 से अधिक होमस्टे पंजीकृत किए गए हैं। ग्रामीण आतिथ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 285 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। पिछले वर्ष, उत्तर प्रदेश में 65 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे, जिसमें ग्रामीण और अनुभवात्मक यात्राओं में लगभग 10% की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
संभल में धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई दिशा, पर्यटन विकास परियोजनाओं के लिए राशि स्वीकृत
विभागीय प्रयास से संभल के प्राचीन तीर्थ स्थलों और कूपों का होगा पर्यटन विकास
वर्ष 2024 में संभल में 43,58,329 पर्यटक आए, मौजूदा वर्ष 50 लाख तक पहुंच सकता है यह आंकड़ा
कल्कि धाम से पर्यटन हब तक, 05 करोड़ रुपए से संवरेगा संभल का धार्मिक पर्यटन- जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (12 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश सरकार सम्भल जिले में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। जिले के प्राचीन तीर्थ स्थलों और ऐतिहासिक कूपों के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 05 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत प्राचीन धार्मिक स्थलों के आसपास सुधार, सौंदर्यीकरण और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए कहा, विभागीय प्रयासों से सम्भल के धार्मिक स्थलों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया, कि ‘पौराणिक मान्यता है कि भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि रूप में संभल में होगा। कल्कि पुराण में विस्तार से भगवान विष्णु के कल्कि अवतार और संभल के बारे में बताया गया है। धार्मिक मान्यता ये भी है कि कल्कि अवतार के बाद कलयुग का अंत हो जाएगा। कल्कि पुराण के अनुसार, अधर्म को खत्म करने और सतयुग के पुनरुत्थान के लिए भगवान विष्णु का यह अवतार होना है। इसी को ध्यान में रखते हुए संभल के प्राचीन तीर्थों एवं कूपों का पर्यटन विकास किया जाएगा।’
पर्यटकों के लिए होगी बेहतर सुविधा
परियोजना के तहत प्राचीन स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, शौचालय, पेयजल व मार्गदर्शन केंद्र जैसी व्यवस्था विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए स्थानीय कला, ओडीओपी उत्पाद आदि को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल संभल को राज्य के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगी। पर्यटन विकास योजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और पर्यटन से जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
ऐंचोड़ा कंबोह में बन रहा श्री कल्कि धाम मंदिर
सम्भल के ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम मंदिर का निर्माण हो रहा है। श्री कल्कि धाम मंदिर के निर्माण से देश-दुनिया के आस्थावानों का ध्यान संभल की ओर आकर्षित हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि मंदिर का निर्माण उसी गुलाबी पत्थर से किया जा रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर और सोमनाथ मंदिर में इस्तेमाल हुआ है। कल्कि धाम को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण है।
संभल में बढ़ी पर्यटक संख्या
क्षेत्रफल की दृष्टि से संभल छोटा जिला है। मगर, पर्यटन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2024 में जनपद में जहां 43,58,329 पर्यटक आए, वहीं 2025 के शुरुआती महीने जनवरी से मार्च तक यहां तकरीबन 13,05,970 पर्यटक पहुंचे। पर्यटन विभाग को वर्षांत तक पर्यटकों का आंकड़ा 45 से 50 लाख के बीच रहने का अनुमान है। पर्यटन दृष्टि से सम्भल प्रमुख स्थल के रूप में उभर रहा है। यहां मनोकामना मंदिर, माता कैला देवी मंदिर, ऐतिहासिक घंटाघर, पृथ्वीराज चौहान द्वारा निर्मित तोता-मैना की कब्र सहित कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। धार्मिक आस्था और पर्यटन के संगम से सम्भल जिले की पहचान और मजबूत हुई है।
बिजनौर में गुरुवार की रात गूंजी शेरों-शायरी की सदा, श्रोताओं ने दी जमकर दाद
नुमाइश मुशायरे की ऐतिहासिक सफलता से आयोजन मंडल गदगद
जो डाल लेते हैं घुटने मोड़कर सोने की आदत… उन्हें फिर जिंदगी में कम नहीं पड़ती कोई चादर
बिजनौर। जिला कृषि, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के तहत बृहस्पतिवार की रात इंदिरा बाल भवन में एक भव्य अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। देश-विदेश के जाने-माने शायरों और शायराओं की शिरकत ने इस महफ़िल को यादगार बना दिया। आयोजन समिति की कोशिशों से पहली बार सभी शायर और शायरात समय पर यानी ठीक 8 बजे मंच पर मौजूद थे, हालांकि श्रोताओं और अतिथियों के विलंब से पहुंचने के कारण मुशायरा 9:30 बजे के बाद ही शुरू हो सका।
प्रमुख अतिथियों ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
मुशायरे का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर किया। इस मौके पर सांध्य दैनिक ‘चिंगारी’ के मुख्य संपादक डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी, नगर पंचायत झालू के अध्यक्ष लोकेंद्र चौधरी, चेयरपर्सन इंदिरा सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह, कार्यक्रम संयोजक मरगूब रहमानी और सतवीर त्यागी, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, जुबैर अहमद, मोहम्मद वसीम, प्रभाकर कुमार गौतम सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी अतिथियों का बुके, बैज और माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
शायरों ने बांधा समां, श्रोता बोल उठे वाह भाई वाह
कार्यक्रम की शुरुआत में आरजेपी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता गय्यूर आसिफ ने अपनी अदबी गुफ्तगू से श्रोताओं को जोड़े रखा। इसके बाद विश्व विख्यात नाजिम ए मुशायरा नदीम फर्रुख को संचालन के लिए आमंत्रित किया गया। नदीम फर्रुख ने अपनी शानदार आवाज़ और खूबसूरत लहजे से मुशायरे का माहौल बनाया। बुरहानपुर के वरिष्ठ शायर डॉ. जलीलुर्रहमान ने नाते पाक पढ़कर मुशायरे का आगाज़ किया।
रात 4 बजे तक चले इस मुशायरे में शायरों ने अपनी ग़ज़लों, गीतों और नज़्मों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरी रात इंदिरा बाल भवन तालियों की गड़गड़ाहट और ‘वाह वाह’ की सदाओं से गूंजता रहा। अफ़ज़ल इलाहाबादी, शबीना अदीब, अल्तमश अब्बास, डॉ. नदीम शाद, डॉ. जलीलुर्रहमान, अल्ताफ जिया, हाशिम फिरोजाबादी, पॉपुलर मेरठी, हिमांशी बाबरा, नईम अख्तर और डॉ. नवाज देवबंदी की शायरी को दर्शकों ने खूब सराहा।
शायरों के लोकप्रिय शेर और पंक्तियां
डॉ. नवाज़ देवबंदी को उनके इस शेर पर खूब दाद मिली:
जो घुटने मोड़कर सोने की आदत डाल लेते हैं, उन्हें फिर जिंदगी में कोई चादर कम नहीं पड़ती।
राहुल शर्मा ने कहा: अगर लिखोगे वसीयत अपनी तो जान पाओगे ये हकीकत, तुम्हारी अपनी ही मिल्कियत में तुम्हारा हिस्सा कहीं नहीं है।
युवा शायर अल्ताफ जिया ने पढ़ा: झूठ को मसनद-ए-शाही पे बिठाया गया है, और सच्चाई हवालात में रक्खी गई है।
युवा शायरा हिमांशी बाबरा की पंक्तियों को खूब पसंद किया गया: बात रुखसार की होती तो कोई बात न थी, आज तो रूह पे मारा है तमाचा तूने।
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायरा शबीना अदीब के इस शेर पर जोरदार तालियां बजीं: वतन बचाने का वक्त है, ये मकान बचाने की फिक्र छोड़ो, मेरे भी हाथों में दे दो परचम मेरे बुजुर्गों, हिना से पहले।
हास्य-व्यंग्य के शायर पॉपुलर मेरठी ने अपने मुक्तक से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया: खुद तीस का है और दुल्हन साठ बरस की, गिरती हुई दीवार के साए में खड़ा है।
आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान
मुशायरे को सफल बनाने में मैराज बिजनौरी, कारी इम्तियाज़ अज़हर, अथर सऊद, अरबाब रहमानी, पत्रकार शकील अहमद और शेख आदिल का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के पहले हिस्से की अध्यक्षता वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह ने की, जबकि दूसरे हिस्से में वरिष्ठ शायर डॉ. नवाज़ देवबंदी की सदारत में प्रोग्राम आगे बढ़ा।
लायंस क्लब बिजनौर सिटी की नई टीम ने ग्रहण किया पदभार
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। लायंस क्लब बिजनौर सिटी के तत्वावधान में जैन धर्मशाला में एक भव्य एवं ऐतिहासिक अधिष्ठापन समारोह बड़े ही धूमधाम एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन डॉ. विनय सिसोदिया के आह्वान पर तथा उनके सम्मान में क्लब द्वारा 6 नए सदस्यों का इंडक्शन संपन्न कराया गया। साथ ही, लायंस क्लब्स इंडिया फाउंडेशन को सहयोग राशि स्वरूप ₹86,000 प्रदान कर क्लब ने 07 मेल्विन जॉन्स फेलो (MJF) बनवाए। यह उल्लेखनीय उपलब्धि क्लब को पूरे 41 वर्ष बाद प्राप्त हुई है।
MJF की उपाधि प्राप्त करने वाले सदस्य
लायन डॉ. शूरवीर सिंह, लायन डॉ. योगेंद्र सिंह, लायन डॉ. अक्षय गोयल, लायन पारस अग्रवाल, लायन जयवीर सिंह राठी, लायन डॉ. सीपी सिंह, लायन अजय अग्रवाल।
इस अधिष्ठापन समारोह की विशेष उपलब्धि यह रही कि क्लब के समर्पित सदस्य लायन आशीष जैन ने डेढ़ सौ गज भूमि लायन भवन एवं आई विज़न सेंटर निर्माण हेतु उदारतापूर्वक दान की। यह योगदान न केवल क्लब बल्कि संपूर्ण डिस्ट्रिक्ट के लिए गर्व का विषय है। उनके इस परोपकारी कार्य के लिए सभी सदस्यों एवं उपस्थित अतिथियों ने उन्हें हार्दिक आभार एवं सम्मान प्रदान किया
कार्यक्रम का संचालन लायन संजीव बबली एडवोकेट एवं लायन प्रशांत गोयल एडवोकेट ने अत्यंत कुशलता एवं सजीवता के साथ किया।
इस अवसर के मुख्य अतिथि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन डॉ. विनय सिसोदिया रहे। उन्होंने क्लब की उल्लेखनीय उपलब्धियों का विस्तारपूर्वक उल्लेख करते हुए कहा कि इन सफलताओं के कारण लायंस क्लब बिजनौर सिटी आज पूरे जिले का एक आदर्श क्लब बन गया है। अधिष्ठापन समारोह का संचालन एमजेएफ लायन अरविंद संगल ने किया।
इस अवसर पर वर्ष 2025-26 की नई टीम ने पदभार ग्रहण किया —
अध्यक्ष: लायन डॉ. शूरवीर सिंह,
सचिव: लायन डॉ. योगेंद्र सिंह,
कोषाध्यक्ष: लायन डॉ. अक्षय गोयल।
साथ ही, प्रथम उपमंडलाध्यक्ष पीएमजेएफ लायन सीए आदित्य गुप्ता ने 6 नए सदस्यों को विधिवत सदस्यता ग्रहण कराई।
समारोह में गरिमामयी उपस्थिति देने वाले विशिष्ट अतिथिगण में लायन कुंज बिहारी अग्रवाल, पीएमजेएफ लायन पंकज बिजलवान, पीएमजेएफ लायन नवनीत अग्रवाल, डिस्ट्रिक्ट कैबिनेट सेक्रेटरी लायन विशाल मल्होत्रा, रीजन चेयरपर्सन लायन विवेक अग्रवाल, नवनिर्वाचित ज़ोन चेयरपर्सन लायन पारस अग्रवाल शामिल रहे। कार्यक्रम के समापन पर क्लब अध्यक्ष लायन डॉ. शूरवीर सिंह ने सभी आगंतुकों एवं अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।
बिजनौर में गंगा बैराज पर कार्यों के निरीक्षण को पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह
देहरादून/हरिद्वार/बिजनौर, [12/09/2025]: उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री, स्वतंत्र देव सिंह गंगा नदी से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण करने जिला बिजनौर पहुंचे। इसके बाद वह बिजनौर में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे। शुक्रवार को उनका व्यस्त कार्यक्रम सुबह 7:30 बजे लखनऊ स्थित शासकीय आवास से शुरू हुआ। वे 8:00 बजे चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, अमौसी, लखनऊ पहुँचे और 08:55 बजे देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान किया।
जॉली ग्रांट हवाई अड्डे से श्री सिंह वाया-हरिद्वार-भागुवाला होते हुए कार द्वारा बिजनौर के लिए रवाना होंगे। दोपहर 12:35 बजे वे चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज पहुँच कर सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, पश्चिमी भूमि विकास, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा चल रहे फलड फाइटिंग कार्य का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। बिजनौर में 13:00 बजे से 13:45 बजे तक, जल शक्ति मंत्री सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, जनपद बिजनौर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में सिंचाई विभाग की विभिन्न परियोजनाओं और आगामी योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद, 13:45 बजे श्री सिंह बिजनौर से वाया-हरिद्वार-भागुवाला होते हुए मायापुर निरीक्षण भवन (सिंचाई विभाग, उ.प्र.), हरिद्वार, उत्तराखंड के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद 15:30 बजे से 18:30 बजे तक स्थानीय योजनानुसार निर्धारित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे एवं रात्रि विश्राम करेंगे। श्री सिंह का यह दौरा गंगा नदी से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जब जम जाएं बाल्टी, फर्श और नलों पर सफेद रंग के जिद्दी दाग
पानी के निशान छुड़ाएं कैसे?
हर रोज इस्तेमाल होने वाला बाथरूम साफ-सुथरा दिखे, यह हम सबकी चाहत होती है। लेकिन अक्सर हार्ड वाटर यानी कठोर पानी के कारण बाल्टी, फर्श और नलों पर सफेद रंग के जिद्दी दाग जम जाते हैं। ये दाग न सिर्फ बाथरूम की खूबसूरती बिगाड़ते हैं, बल्कि देखने में भी गंदे लगते हैं। कई बार इन्हें साफ करने में हम घंटों मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी ये दाग आसानी से नहीं छूटते हैं।
हालांकि थोड़ी-सी समझदारी और घरेलू चीजों की मदद से इन दागों को आसानी से हटाया जा सकता है। इससे समय और मेहनत दोनों बचेंगे साथ ही आपका बाथरूम भी चमकता नजर आएगा।
ऐसे में आज हम जीवन को आसान बनाएं कॉलम में जानेंगे कि- 1. कैसे पता करें कि घर में आने वाला पानी हार्ड है? 2. ये दाग कैसे लगते हैं? 3. हार्ड वाटर के दागों से छुटकारा कैसे पा सकते हैं?
Lucknow गोमतीनगर में यहां रोजाना रोड पर लगता है घंटों जाम
VIP छात्रों की वजह से यातायात और राहगीरों की परेशानी
CMS: “सैंया भये कोतवाल, तो अब डर काहे का…”
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) के सामने का नजारा हर सुबह और दोपहर एक ही कहानी बयां करता है- अव्यवस्थित यातायात, राहगीरों की परेशानी और पुलिस प्रशासन की चुप्पी। स्कूल में पढ़ने वाले आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों के बच्चे और उनका रसूख इतना हावी है कि सड़क पर गाड़ियां मनमाने ढंग से खड़ी होती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम हो जाता है। इससे स्कूल के सामने से गुजरने वाले वाहन चालक और पैदल यात्री घंटों जाम में फंसे रहते हैं। लोगों को न सिर्फ अपनी मंजिल तक पहुंचने में देरी होती है, बल्कि इस अव्यवस्था से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। हैरानी की बात यह है कि यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी इस मनमानी को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि कुछ बच्चों का भविष्य संवारने के लिए सैंकड़ों राहगीरों की मुश्किलें नजरअंदाज की जा रही हैं।
गोमतीनगर के विशाल खंड में स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) के सामने रोज सुबह और दोपहर के समय यातायात की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। इसका मुख्य कारण स्कूल में पढ़ने वाले आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों के बच्चों का होना बताया जा रहा है। प्रशासनिक मेलजोल और रसूख की वजह से स्कूल प्रबंधन का रवैया मनमाना हो गया है, जिसका खामियाजा आम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
स्कूल के बाहर सड़कों पर गाड़ियाँ अव्यवस्थित और गलत तरीके से खड़ी रहती हैं, जिससे यातायात बुरी तरह से बाधित होता है। पुलिस प्रशासन और यातायात पुलिस की निष्क्रियता इस समस्या को और भी बढ़ा रही है। आरोप है कि पुलिस और प्रशासन भी स्कूल प्रबंधन के आगे नतमस्तक हैं और कोई कार्रवाई करने में असमर्थ हैं।
क्या कानून से ऊपर है सीएमएस?
स्कूल के इस रवैये को देखते हुए बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) और डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) भी लाचार नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासनिक अधिकारियों के बच्चों के पढ़ने की वजह से सीएमएस स्कूल को नियमों का उल्लंघन करने की छूट मिली हुई है? और क्या आम जनता को इस तरह की परेशानियों का सामना करते रहना पड़ेगा? यह स्थिति प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करती है। जब बीएसए और डीआईओएस जैसे अधिकारी भी स्कूल पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं, तो यह सोचना लाज़मी है कि क्या लखनऊ में कोई भी संस्था नियमों से ऊपर हो सकती है। अगर कानून सभी के लिए समान है, तो फिर इस तरह की मनमानी को क्यों बर्दाश्त किया जा रहा है? जब तक प्रशासन सख्ती से कदम नहीं उठाता, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। यह न सिर्फ यातायात की समस्या है, बल्कि यह कानून के राज पर भी एक बड़ा सवाल है।
पर्यटन मंत्री ने भातखाण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षान्त समारोह में मेधावियों को प्रदान किये 40 स्वर्ण, रजत तथा कांस्य पदक
अंशिका कटारिया को मिले सर्वाधिक 08 पदक
दीक्षान्त समारोह में 09 शोधार्थी पीएचडी उपाधि से अलंकृत
विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब उत्तर प्रदेश का हर जिला विकसित होगा -जयवीर सिंह
लखनऊ, (10 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के कला मण्डपम् प्रेक्षागृह में आयोजित 15 वें दीक्षान्त समारोह में मेधावियों को 40 पदक प्रदान कर छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने में मेधावी छात्र-छात्राओं की प्रमुख भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य बदल रहा है। आज देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में नई-नई उपलब्धियां हासिल की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के साथ ही विश्वगुरू भी बनाना है।उत्तर प्रदेश तभी विकसित होगा, जब प्रदेश का हर जनपद विकसित होगा और प्रदेश की जनता इसमें अपना सकारात्मक योगदान देगी।
पर्यटन मंत्री मेधावियों को स्वर्ण, रजत तथा कांस्य पदक वितरित करने के बाद उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न स्कूलों के बच्चों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग 100 वर्ष पहले पं0 विष्णु नारांयण भातखण्डे ने इस संस्था की स्थापना की थी। राज सरकार ने वर्ष 2022 में इसे राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा देते हुए पठन-पाटन के सभी संसाधन उपलब्ध कराये। अब यह संस्थान उतरोत्तर प्रगति के पद पर अग्रसर है। विश्वविद्यालय द्वारा संगीत, नाट्य, कला आदि के क्षेत्र में नई-नई विभूतियों को पैदा किया है। उन्होंने कहा कि मेडल पाने में 51 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही है। महिला शक्ति ने बाजी मारने का कार्य किया है। सभी विधाओं में बालिकाओं का उत्कृष्ठ प्रदर्शन रहा है। भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी को इस पीढ़ी के संगीत के साथ जोड़ कर अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं और कला के क्षेत्र में अपना श्रेष्ठतम योगदान दे सकते हैं। विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विधानसभा एवं विधानपरिषद में लगातार 26 घंटे की चर्चा करके प्रदेश के विकास का विजन डॉक्यूमेंट पेश किया गया।
पर्यटन मंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 40 पदक प्रदान किये, जिसमें 25 स्वर्ण पदक, 07 रजत पदक तथा 08 कांस्य पदक शामिल है। पदक पाने वालों में अंशिका कटारिया को एमपीए कथक नृत्य में सर्वाधिक 08 पदक, वैभवी को एमपीए 02 रजत पदक, अभय सिंह एमपीए गायन में 04 पदक, शिवम कुमार बीपीए तबला में 05 पदक, स्वणिर्मा वर्मा बीपीए गायन में 05 पदक, शिवंशी श्रीवास्तव बीपीए गायन में 02 पदक, याशिका गौड़ एमपीए गायन में 01 पदक, सहस उपाध्याय एमपीए गायन 01 पदक, ओमकार तिवारी बीपीए 01 पदक, मनसा तिवारी बीपीए गायन 01 पदक, राजर्षी मिश्रा एमपीए तबला में 02 पदक, गौरव मिश्रा एमपीए तबला में 01 पदक, सक्षम श्रीवास्तव एमपीए तबला में 01 पदक, अमित कुमार बीपीए तबला में 01 पदक, प्रशान्त भारती बीपीए तबला में 01 पदक, अनंत शर्मा एमपीए भरतनाट्यम में 03 पदक तथा दैवांश प्रसाद एमडीए नाट्यकला में 01 पदक प्रदान किये गये।
इसके अलावा 09 शोधार्थियों को वर्ष 2025 के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान की गयी। इनमें रश्मि उपाध्याय, अमिता चौहान, पूजा द्विवेदी, शिवरूचि सिंह, अस्मिता श्रीवास्तव, अर्चना तिवारी, मंजू मलकानी, शैलजा शुक्ला तथा उपासना दीक्षित शामिल हैं। दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ शोभा यात्रा से हुआ। इसी क्रम में राष्ट्रगीत एवं विश्वविद्यालय के कुल गीत विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह ने विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय के संस्थापक को श्रद्धासुमन पेश किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की तथा विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री उच्च शिक्षा श्रीमती रजनी तिवारी रही। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि महिलाओं को प्राप्त मेडल यह संकेत देता है कि बेटियों को मौका मिले तो नई ऊंचाइयां छू सकती हैं। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल समारोह में वर्चुअली उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर हरदोई जनपद के आंगनबाड़ी केन्द्रों को किट का वितरण किया गया एवं सीडीओ हरदोई सान्या छाबड़ा को स्मृति चिन्ह तथा प्राथमिक विद्यालयों के प्रचार को पुस्तक भेंट की गई। मुख्य अतिथि डॉ. विनय सहस्त्र बुद्धे ने वर्चुअल रूप से दीक्षान्त समारोह को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन ने अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
19 महिला ड्राइवर समेत 310 टैक्सी चालकों को प्रशिक्षण
स्टोरी टेलिंग, महिला सशक्तिकरण, कैशलेस ट्रांजेक्शन और सड़क सुरक्षा पर जोर
महिला टैक्सी चालकों के हाथ होगी सुरक्षित पर्यटन की कमान
अब टैक्सी चालक सुनाएंगे आपके शहर की कहानियां- जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
लखनऊ/वाराणसी, (10 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित करने की श्रृंखला जारी है। इसी क्रम में वाराणसी में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ऑटो, टैक्सी और बस चालकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 310 चालकों ने हिस्सा लिया, जिनमें 19 महिला ड्राइवर भी शामिल रहीं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाया जा सकेगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि ‘ऑटो, टैक्सी और बस चालक पर्यटकों के लिए सारथी की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रयास ऐतिहासिक नगरी वाराणसी और उसके आसपास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक सुनियोजित पहल है। इस योजना का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर पर्यटक अनुभव प्रदान करना है। पर्यटन विभाग द्वारा जुलाई माह में संत रविदास मंदिर, राजघाट में नाविकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था।’
स्टोरी टेलिंग देगा विशेष अनुभव
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘प्रशिक्षण कार्यक्रम में चालकों को पर्यटकों के प्रति व्यवहार, स्वच्छता, सुरक्षा और शहर की सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहर से संबंधित जानकारी दी गई। यह पहल वाराणसी आने वाले पर्यटकों को सकारात्मक अनुभव दिलाने में मददगार सिद्ध होगी। ऑटो, टैक्सी और बस चालकों को स्टोरीटेलिंग (कहानी कहने की कला) के बारे में बताया गया। यात्रा के दौरान चालक कहानियों के माध्यम से पर्यटकों के अनुभव को अविस्मरणीय बनाने में मदद करेंगे। चालकों को वाराणसी से जुड़ी कहानियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण दिया गया।’
सड़क सुरक्षा और कैशलेस ट्रांजेक्शन की जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान चालकों को पर्यटकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें आपात स्थित से निपटने जैसे- प्राथमिक उपचार और सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की व्यावहारिक जानकारी दी गई, जिससे किसी की जान बचाई जा सके। इसी प्रकार, पर्यटकों से व्यवहार के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों और सुरक्षित ड्राइविंग के उपाय बताए गए। चालकों को यातायात नियम एवं सड़क सुरक्षा संबंधी नसीहत भी दी गई। चालकों को डिजिटल लेन-देन और धोखाधड़ी से बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई। कैशलेस ट्रांजेक्शन के दौर में यूपीआई एवं ऑनलाइन भुगतान सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशिक्षण के दौरान वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी, सामान्य पर्यटन संवेदनशीलता और व्यक्तित्व विकास संबंधी जानकारी भी दी गई।
‘पर्यटकों को मिले अविस्मरणीय अनुभव’
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘पर्यटन विभाग की यह पहल समुदाय की भागीदारी को प्रदेश की पर्यटन विकास यात्रा से जोड़ने वाला परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि जब चालक और नाविक कहानीकार, सुरक्षा दूत और आतिथ्य के संरक्षक बनते हैं, तो उत्तर प्रदेश आने वाले हर पर्यटक का अनुभव अविस्मरणीय हो जाएगा।’
‘यादगार अनुभव लेकर जाएं पर्यटक’
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि ‘वाराणसी और उसके आसपास के जिलों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। घरेलू श्रद्धालुओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक, सभी की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यटकों की यात्राएं सुरक्षित और यादगार हो। पर्यटक अपने साथ विशेष अनुभव लेकर जाए।’
विभिन्न सत्रों का संचालन
पर्यटन संवेदनशीलता को बढ़ावा देने हेतु आयोजित प्रशिक्षण सत्रों का संचालन विभिन्न विशेषज्ञों ने किया। टैक्सी एसोसिएशन वाराणसी के अध्यक्ष शैलेन्द्र त्रिपाठी ने धरोहर कथन और स्टोरीटेलिंग पर व्याख्यान दिया। वहीं, एसोसिएशन के सचिव अमन आनंद चतुर्वेदी ने पर्यटन संवेदनशीलता और चालक आचरण पर मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में यातायात निरीक्षक, वाराणसी ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियम और अतिथि प्रबंधन पर जानकारी दी। इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के सहायक निदेशक पावस प्रसून शर्मा ने राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्थानीय प्रथाओं को जोड़ने पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया।
महिला सशक्तिकरण में सहायक
एमकेआईटीएम द्वारा कुल 310 चालकों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें 19 महिला चालक भी शामिल थीं। महिला सहभागिता ने इस प्रशिक्षण को विशेष महत्व दिया। प्रतिभागी रश्मि सिंह ने बताया कि ‘मैंने न केवल प्राथमिक उपचार और डिजिटल भुगतान के बारे में सीखा, बल्कि यह भी जाना कि पर्यटकों को सुरक्षित और स्वागतयोग्य कैसे महसूस कराया जाए। मुझ जैसी सामान्य महिला के लिए यह प्रशिक्षण विशेष रहा। यह काशी के पर्यटन विकास में मदद करेगा।’
अब रिहायशी इलाकों, घरों के बाहर भी हमला कर रहे गुलदार
नाराज भाकियू का डीएफओ कार्यालय पर धरना
वन विभाग: बिजनौर में अभिनव राज या ‘गुलदार राज’
~ सतेंद्र चौधरी
बिजनौर। जनपद बिजनौर में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आम जनता में भारी दहशत है। वर्तमान डीएफओ अभिनव राज के कार्यकाल में अब तक गुलदार के हमलों में करीब 10 लोगों की जान जा चुकी हैं। इनमें से चार मौत तो इसी सप्ताह हुई हैं, जिसने लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। गुलदार अब रिहायशी इलाकों और घरों के बाहर भी हमला कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग की उदासीनता से नाराज भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने बुधवार को डीएफओ कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। भाकियू के जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही ने आरोप लगाया कि वन विभाग के मुखिया अभिनव राज गुलदार और हाथियों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
न मिलते हैं और न ही कॉल रिसीव करते हैं डीएफओ
धरने पर बैठे नितिन सिरोही ने बताया कि डीएफओ अभिनव राज न तो कार्यालय में मिलते हैं और न ही फोन उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई अधिकारी जनता से संपर्क में नहीं रहेगा, तो वह उनकी पीड़ा को कैसे समझेगा? सिरोही ने अमानगढ़ रेंज की रेंजर पर भी आरोप लगाया कि वह किसानों की समस्या सुनने की बजाय कार्यालय में ताला लगवा देती हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि वन विभाग ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उनका विरोध जारी रहेगा। भाकियू ने मांग की है कि पीड़ित किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए।
कई क्षेत्र में हाथियों का भी आतंक
नितिन सिरोही ने बताया कि गुलदार के अलावा अफजलगढ़, बढ़ापुर कुंजेटा और इनायतपुर जैसे क्षेत्रों में हाथियों का भी आतंक है। हाथी फसलों और नलकूपों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, लेकिन बार-बार सूचित करने के बाद भी पीड़ित किसानों को अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। धरने में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल बालियान सहित समर पाल सिंह, शुभम चौधरी, डैनी, गौरव जंघाला, कुलबीर सिंह, धर्मपाल सिंह और कपिल भी उपस्थित थे। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।
प्रमोशन पा कर यूपी के 79 इंस्पेक्टर बने डिप्टी एसपी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में 79 इंस्पेक्टरों को डिप्टी एसपी के पद पर पदोन्नति मिली है। इनमें 70 इंस्पेक्टर और 9 आरआई (रिजर्व इंस्पेक्टर) शामिल हैं। पदोन्नति का आदेश जारी होने के बाद इन अधिकारियों के लिए खुशी की लहर है।
इन सभी अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक 29 अगस्त को हुई थी। पदोन्नत हुए सभी अधिकारियों को अभी उनके वर्तमान पदों पर ही तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही उनकी नई तैनाती के आदेश जारी किए जाएंगे।
पदोन्नत हुए अधिकारियों की पूरी सूची
* एपीटीएस चुनार, मीरजापुर विनोद कुमार दुबे * मुरादाबाद विपिन कुमार * सुलतानपुर राकेश कुमार शर्मा * सोनभद्र भैया संतोष कुमार सिंह * लखनऊ कमिश्नरेट विकास राय * हमीरपुर सुनील कुमार सिंह * चंदौली शेषधर पांडेय * रामपुर धर्मेंद्र कुमार यादव और राजेश सिंह * जौनपुर मुकेश कुमार * कुशीनगर धर्मेंद्र सिंह यादव * हाथरस गंगा प्रसाद * मेरठ सीआईडी श्रीमती जिज्ञासा पाराशर * बस्ती उमाशंकर यादव * लखनऊ रेलवे रामकृष्ण द्विवेदी * कानपुर कमिश्नरेट कुशल पाल सिंह और रवींद्र प्रताप सिंह * गाजीपुर भरत कुमार गौतम * लखनऊ अभिसूचना मुख्यालय प्रदीप कुमार पालीवाल, विवेक वार्ष्णेय और रेखा कपूर * ईओडब्ल्यू मुख्यालय लखनऊ बृजेश कुमार और रमेश चंद्र यादव * सीतापुर राकेश कुमार सिंह * लखनऊ एडीजी जोन कार्यालय राजेश दीक्षित * एसीओ मुख्यालय लखनऊ शैलेंद्र सिंह * मुरादाबाद रेलवे नवरत्न गौतम * उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ रिजवान अब्बास * उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर वीरेंद्र कुमार सिंह * गोरखपुर रवींद्र कुमार सिंह * खीरी सुरेश कुमार मिश्र * खाद्य प्रकोष्ठ लखनऊ दया शंकर * गोंडा पवन कुमार वर्मा * नोएडा कमिश्नरेट देवकी नंदन * बुलंदशहर अजय कुमार * पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ मनोज कुमार सिंह * सोनभद्र राज कुमार सिंह * एसीओ मुख्यालय लखनऊ प्रमोद कुमार शुक्ल * बिजनौर राजीव कुमार शर्मा * अलीगढ़ जितेंद्र कमार * वाराणसी कमिश्नरेट बृजेश कुमार मिश्रा * कासगंज राजीव यादव * मैनपुरी सलीम खान * पीलीभीत इंद्र मोहन बड़ोला * फतेहगढ़ अमर पाल सिंह * उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी संजय कुमार सिंह * बुलंदशहर राजेश चतुर्वेदी * अयोध्या अनिल कुमार राय * लखनऊ कमिश्नरेट तेज प्रकाश सिंह (न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन) * बांदा राजेश नारायण * उत्तर प्रदेश अधिष्ठान मेरठ छोटे सिंह * श्रावस्ती राज कुमार सिंह * चंदौली रमेश यादव * हरदोई अशोक कुमार सिंह * फिरोजाबाद रमेश सिंह यादव * चंदौली वेदव्यास मिश्रा * बलरामपुर प्रेम प्रकाश पाण्डेय * बाराबंकी अरुण कुमार सिंह * कानपुर देहात अनिल कुमार * मुजफ्फरनगर नीरज सिंह * नोएडा कमिश्नरेट विद्युत गोयल * उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या राय साहब यादव * बलिया सुनील चंद्र तिवारी और मनीष कुमार शर्मा * भदोही राकेश कुमार राय * बरेली सतीश कुमार राय * सहारनपुर प्रवीन कुमार यादव * बहराइच सुरेंद्र कुमार शर्मा * सीआईडी (सह) खंड मेरठ श्रीमती उर्मिला चौधरी * सोनभद्र देवीवर शुक्ल * नोएडा 49वीं वाहिनी पीएसी बबलू प्रसाद गुप्ता * 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर आनंद कुमार ओझा * द्वितीय वाहिनी पीएसी सीतापुर दिनेश कुमार पांडेय * 49वीं वाहिनी पीएसी नोएडा पवन कुमार * 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर हारून रशीद * उत्तर प्रदेश विशेष परिक्षेत्र सुरक्षा वाहिनी लखनऊ सत्येंद्र कुमार राय * 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ अजय कुमार सिंह * लखनऊ कमिश्नरेट विपिन कुमार पांडेय * सुरक्षा मुख्यालय लखनऊ राजेश कुमार सिंह
पत्रकारों पर हो रहे हमलों से लोकतंत्र खतरे में: भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले और उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं पर चिंता जताते हुए जनपद बिजनौर के पत्रकार भूपेंद्र निरंकारी ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिस पर न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका टिकी हुई है। अगर यह स्तंभ कमजोर होता है तो पूरा सिस्टम खतरे में पड़ जाएगा।
भूपेंद्र निरंकारी ने बताया कि पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। वे सरकार, प्रशासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। पत्रकार समाज का आईना होते हैं, जो सच्चाई को सामने लाने का काम करते हैं। वे जनता की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाते हैं और सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक लाते हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी ईमानदारी और निष्पक्षता के बावजूद पत्रकारों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन पर जानलेवा हमले हो रहे हैं, मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं, झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उनकी हत्याएं भी हो रही हैं। यह सब बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। निरंकारी ने सरकार से अपील की कि वह पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अधिकार मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर के अपना कर्तव्य निभा सकें। उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने हमेशा जनहित में काम किया है और सरकार को उनके हित में कार्य करना चाहिए।
तीर्थयात्री बस हादसे की कवरेज से लौटते वक्त की वारदात
विधायक और नगर पंचायत चेयरमैन को करना पड़ा हस्तक्षेप
पत्रकार पर जानलेवा हमला: F.I.R. में पुलिस को लगे तीन दिन
लखनऊ। इटौंजा के राजापुर गांव में रविवार रात एक पत्रकार पर तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। पत्रकार अनिल कुमार सिंह, जो कठवारा गांव के निवासी हैं, पर यह हमला तब हुआ जब वह नेपाली तीर्थयात्रियों के बस हादसे को कवर करके घर लौट रहे थे। हमलावरों ने उनकी बाइक तोड़ दी, उनके साथ मारपीट की और 110 रुपए भी लूट लिए।
हैरानी की बात यह है कि घटना के तीसरे दिन तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो अनिल कुमार सिंह और अन्य पत्रकार इटौंजा थाने में धरने पर बैठ गए। आखिरकार, स्थानीय विधायक योगेश शुक्ला और नगर पंचायत चेयरमैन अवधेश कमल अवस्थी के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार शाम को पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया।
क्या हुआ था उस रात?
पत्रकार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार रात करीब 10:30 बजे राजापुर गांव के पास एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने उनकी बाइक क्षतिग्रस्त कर दी और उनसे मारपीट की। इस दौरान बदमाशों ने उनके पास से 110 रुपए भी लूट लिए। जब कुछ दूरी पर मजदूरों की आवाज आई, तो बदमाशों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और कहा, “ज्यादा पत्रकारिता दिखाओगे तो जान से हाथ धो बैठोगे।” इसके बाद वे मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद, अनिल कुमार सिंह ने सोमवार को ही इटौंजा के प्रभारी निरीक्षक मार्कंडेय यादव को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण पत्रकारों को थाने पर बैठना पड़ा।
विधायक को सौंपा गया मांग पत्र
पुलिस की ढिलाई से नाराज पत्रकारों ने विधायक योगेश शुक्ला को पांच सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा है। मांग पत्र में उन्होंने कवरेज के दौरान पुलिस द्वारा की जाने वाली टोका-टोकी बंद करने और पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
किसानों को खेत तालाब योजना के तहत मिलेगा 50% अनुदान!
बिजनौर, (09 सितंबर 2025)। किसानों की आय बढ़ाने और खेती-बाड़ी को बेहतर बनाने के लिए सरकार सजग और प्रयासरत है। इसी मकसद से भूमि संरक्षण अधिकारी/जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया की अध्यक्षता में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना जैसी सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
खेत तालाब योजना: 54 तालाबों का मिला लक्ष्य
बैठक में सबसे बड़ी खबर किसानों के लिए थी ‘खेत तालाब योजना’। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत बिजनौर को इस साल 54 तालाब बनाने का लक्ष्य मिला है। अब तक 18 किसानों ने इसके लिए बुकिंग करा ली है, और बाकी किसान भी इसका फायदा उठा सकते हैं। इस योजना में 22x20x3 मीटर का तालाब बनाने पर ₹1,05,000 की कुल लागत आएगी, जिसमें से सरकार ₹52,500 का अनुदान देगी। इतना ही नहीं, किसानों को तालाब के लिए पंपसेट खरीदने पर ₹15,000 का अतिरिक्त अनुदान भी मिलेगा।
“किसानों की समृद्धि ही हमारी प्राथमिकता है”
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने सभी किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि बिजनौर का हर किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सके। किसानों की तरक्की और उनकी समृद्धि ही हमारे विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” बैठक का समापन किसानों को इन योजनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए किया गया। बैठक में किसानों के लिए प्रेरणा बने शरद कुमार, यूट्यूबर राहुल जवान, पूर्व कृषि अधिकारी योगेंद्र पाल और कई अन्य अनुभवी किसान भी मौजूद थे।
पर्यटन और कृषि को जोड़ने तथा ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की पहल
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं रोजगार सृजन हेतु फॉर्म-स्टे योजना में निवेश के लिए निवेशकों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे
पर्यटन और कृषि को जोड़कर ग्रामीण अंचलों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की पहल -जयवीर सिंह
विकसित उत्तर प्रदेश में गांव होंगे पर्यटन की धड़कन- पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (09 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन निदेशालय ने राज्य में पहली बार फार्म स्टे आवास विकसित व संचालित करने के लिए निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस पहल को राज्य को कृषि-पर्यटन का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘इस प्रयास से पर्यटकों को खेती-बाड़ी, ग्रामीण संस्कृति और गांवों में आतिथ्य सत्कार का विशेष अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि फार्म स्टे से न केवल पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।’
मंत्री ने बताया, ‘योजना के तहत परिभाषित फार्म स्टे ऐसा पर्यटक आवास है, जो खेत या उसके निकट बनाया जाएगा। यह आवास मालिक के घर से अलग होगा। इसमें कम से कम दो किराए पर देने योग्य कमरे तथा एक रिसेप्शन क्षेत्र अनिवार्य रूप से होगा। हर फार्म स्टे में पर्यटकों को ग्रामीण जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव देने के लिए कृषि कार्य, बागवानी, मत्स्य पालन, डेयरी फार्मिंग, पशुपालन, फार्म टूर या अन्य स्वीकृत ग्रामीण गतिविधियां उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इस प्रकार आगंतुक के लिए पूरा गांव ही आकर्षण का केंद्र बनेगा।’
योजना के तहत प्रोत्साहन पैकेज
योजना के तहत प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान है। पूंजी निवेश पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जो इस प्रकार है- 10 लाख रुपए से 10 करोड़ रुपए के बीच 25 प्रतिशत (अधिकतम 02 करोड़ रुपए), 50 करोड़ तक 20 फीसदी (अधिकतम 07.5 करोड़ रुपए), 200 करोड़ रुपए तक 15 फीसद (अधिकतम 20 करोड़ रुपए), 500 करोड़ रुपए तक 10 प्रतिशत (अधिकतम 25 करोड़ रुपए) और 500 करोड़ रुपए से अधिक पर 10 फीसदी (अधिकतम 40 करोड़ रुपए) होगी।
अधिकतम 30 प्रतिशत तक सब्सिडी
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘निवेशकों को सामान्य प्रोत्साहनों के अलावा अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के निवेशकों को विशेष रियायतें मिलेंगी। इसी तरह फोकस टूरिज्म डेस्टिनेशन में स्थापित किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स को भी 05 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाएगी। हालांकि, यह सब्सिडी अधिकतम 30 प्रतिशत की सीमा तक ही सीमित रहेगी।’
स्टाम्प ड्यूटी एवं विकास शुल्क पर सौ फीसदी छूट
पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ब्याज सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 05 करोड़ रुपए तक के बैंक ऋण पर 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। एक निवेशक को प्रति वर्ष अधिकतम 25 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल सकेगी, जो अधिकतम 5 वर्षों तक लागू रहेगी। निवेशकों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए भी बड़े कदम भी उठाए गए हैं। नई घोषणा के तहत स्टाम्प ड्यूटी, भूमि रूपांतरण शुल्क और विकास शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इस निर्णय से निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ राज्य में औद्योगिक और पर्यटन परियोजनाओं को गति मिलेगी।’
मिलेंगी अन्य प्रोत्साहन सुविधाएं
औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने और युवाओं को अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था के तहत ऐसी इकाइयों जो 50 या उससे अधिक स्थानीय कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगी, उन्हें नियोक्ता द्वारा जमा किए जाने वाले ईपीएफ योगदान की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी। यह सुविधा अधिकतम 5 वर्षों तक उपलब्ध रहेगी। दिव्यांग जनोन्मुखी इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए नई सुविधा लागू की है। इसके तहत यदि कोई इकाई दिव्यांग कर्मचारियों को रोजगार देती है, तो उसे प्रति कर्मचारी 1,500 रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सुविधा अधिकतम 5 कर्मचारियों तक मान्य होगी।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा ‘राज्य सरकार ग्रामीण पर्यटन को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ फार्म स्टे बनाने की योजना नहीं है, बल्कि गांवों को संस्कृति, आजीविका और सीखने के जीवंत केंद्र बनाने का अभियान है। वर्तमान समय में पर्यटक शहरों की भीड़-भाड़ से दूर ग्रामीण जीवन का अनुभव करना चाहता है। राज्य सरकार ने पहले ही ऐसे गांवों की पहचान कर ली है, जिनमें पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यह कार्यक्रम होमस्टे और बेड-एंड-ब्रेकफास्ट नीति को और सशक्त करेगा। किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए यह योजना आय के नए स्रोत खोलेगी। साथ ही, उनकी पारंपरिक जीवनशैली को भी संरक्षित रखेगी। इससे स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।’
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि ‘फार्म स्टे पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रोजेक्ट को प्रोत्साहन और पारदर्शी प्रक्रियाओं के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ग्रामीण पर्यटन केवल संदेश न रह जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर एक सफल और सशक्त स्वरूप में सामने आए।’
बिजनौर, (9 सितंबर 2025)। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में गंगा नदी का पानी विकराल रूप ले रहा है। ऐसे में मेरठ पौढ़ी मार्ग स्थित रावली तटबंध के समीप के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। रावली तटबंध के कटान को रोकने के लिए क्या कर रहा है प्रशासन.. क्या की गई है व्यवस्था? बिजनौर डीएम जसजीत कौर ने दी पूरी जानकारी।
रावली बंधे पर कटान को रोकने के लिए संबंधित विभाग दिन रात जुटे हुए हैं। मौके पर मौजूद जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने जिले के तटबंधों की स्थिति पर जनता को आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि सभी तटबंध सुरक्षित हैं और उन्हें मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि आज ही तटबंध की मरम्मत पूरी करके पानी को पूरी तरह रोका जा सके। उन्होंने बताया कि इस कार्य में जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी पूरी लगन से सहयोग कर रहे हैं।
अफवाहों पर न दें ध्यान
श्रीमती जसजीत कौर ने जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी खबर पर विश्वास न करें। उन्होंने बताया कि नदी में पानी का स्तर लगातार कम हो रहा है और वर्तमान में समस्त आबादी सुरक्षित है। उन्होंने यह भी बताया कि मौके पर वे स्वयं, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, सिंचाई विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी मौजूद हैं, जो लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
फोटो, वीडियो या रील्स बनाने से बचें लोग
जिलाधिकारी ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि वे तटबंध के करीब जाने का प्रयास न करें। उन्होंने आग्रह किया कि वहां की फोटो, वीडियो या रील्स बनाने से बचें, क्योंकि इससे मरम्मत कार्य में बाधा आती है और यह स्वयं उनके लिए भी खतरनाक हो सकता है। जिला प्रशासन जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है और किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
गौरतलब है कि रविवार को गंगा की तेज धारा ने रावली तटबंध का तेजी से कटान करते हुए करीब 14 फीट चौड़े इस तटबंध के एक बड़े भाग को गंगा के बेकाबू पानी ने काट दिया था। प्रशासन द्वारा आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया था। फ्लड लाइट की रोशनी में पूरी रात मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी रहा। कटान रोकने के लिए वायर क्रिएट बोल्डर क्रेट गेट बोल्डर और साथ ही पेड़ों को काटकर डाला जा रहा है। सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं।
घरेलू कलह और प्रताड़ना से तंग आकर किया था आत्महत्या का प्रयास
इलाज के दौरान मेरठ के एक अस्पताल में मौत
पुलिस विभाग में शोक की लहर
जहर खाने वाले सिपाही ने दम तोड़ा
बिजनौर। घरेलू विवाद और एक युवती द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन करने वाले सिपाही का उपचार के दौरान निधन हो गया।
जनपद बिजनौर की पुलिस लाइन में तैनात वर्ष 2021 बैच के एक युवा आरक्षी, अमित कुमार (पीएनओ- 212141267) ने घरेलू विवाद और एक युवती द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार (08.09.2025) को उनका निधन हो गया। मूल रूप से बुलंदशहर के डोमला हसनगढ़ के निवासी युवा आरक्षी, अमित कुमार के आकस्मिक निधन से पुलिस विभाग में शोक की लहर है।
घटना का विवरण
यह दु:खद घटना 02 सितंबर 2025 की सुबह की है। पुलिस को सीएचसी समीपुर, नजीबाबाद से एक मेमो के जरिए जानकारी मिली कि आरक्षी अमित कुमार को जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद अस्पताल लाया गया है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
जांच में पता चला कि आरक्षी अमित ने नजीबाबाद स्थित अपने किराए के मकान, सरस्वती विहार कॉलोनी में पारिवारिक विवाद से तंग आकर सल्फास का सेवन कर लिया था। उनकी हालत की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया। स्थानीय पुलिस ने उन्हें तत्काल मेरठ के आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उनके समुचित इलाज की व्यवस्था की गई और उनके परिजनों को भी सूचित किया गया।
सुसाइड नोट में प्रताड़ना का उल्लेख
पुलिस ने घटनास्थल की गहनता से जांच की, जहां से सल्फास के पैकेट और एक सुसाइड नोट/रजिस्टर बरामद हुआ। बरामद सुसाइड नोट में आरक्षी अमित ने अपनी आत्महत्या का कारण घरेलू कलह और दीप्ति नामक एक युवती व उसके परिवार द्वारा की जा रही प्रताड़ना को बताया है। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
उपचार के दौरान निधन
पिछले एक सप्ताह से जीवन-मृत्यु के बीच जूझ रहे आरक्षी अमित कुमार का रविवार 08 सितंबर 2025 को आनंद हॉस्पिटल, मेरठ में इलाज के दौरान दु:खद निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना से एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और पुलिसकर्मियों पर बढ़ते तनाव का मुद्दा सामने आया है।
ब्रह्म मुहूर्त को माना जाता है रात का 14वाँ मुहूर्त
सूर्य उगने से ठीक 96 मिनट पहले शुरू होता है ब्रह्म मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त हिंदू धर्म में एक बहुत ही शुभ समय माना जाता है। यह सूर्य उगने से ठीक 96 मिनट पहले शुरू होता है और सूर्योदय तक रहता है। इस समय को ध्यान, पूजा, अध्ययन और योग जैसे आध्यात्मिक कार्यों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान मन शांत और एकाग्र होता है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है, जो इन कार्यों में मदद करती है।
इस समय के कुछ प्रमुख लाभ : * बेहतर एकाग्रता: इस समय का शांत वातावरण ध्यान और अध्ययन के लिए बहुत अच्छा होता है। * शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य: सुबह जल्दी उठने से शरीर की घड़ी सही रहती है, जिससे अच्छी नींद और बेहतर स्वास्थ्य मिलता है। * सकारात्मकता: सुबह की ताज़ी हवा और शांत माहौल मन को शांत और सकारात्मक बनाता है। ब्रह्म मुहूर्त का समय हर दिन थोड़ा बदलता रहता है, क्योंकि यह सूर्योदय पर निर्भर करता है।
सूर्योदय से 96 मिनट पहले
सूर्योदय से 96 मिनट पहले ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने का एक निश्चित पैमाना है। यह पैमाना प्राचीन भारतीय समय-गणना प्रणाली पर आधारित है। मुहूर्तों का पैमाना प्राचीन भारतीय ज्योतिष में, एक पूरे दिन (24 घंटे) को 30 मुहूर्तों में विभाजित किया गया है। * एक मुहूर्त की अवधि 48 मिनट की होती है (24 घंटे × 60 मिनट ÷ 30 मुहूर्त = 48 मिनट)। * रात में कुल 15 मुहूर्त होते हैं। ब्रह्म मुहूर्त रात का 14वाँ मुहूर्त माना जाता है। * इसलिए, ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से ठीक 2 मुहूर्त पहले शुरू होता है (48 मिनट × 2 = 96 मिनट)। * यह 96 मिनट पहले शुरू होता है और सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त हो जाता है, जिससे इसकी कुल अवधि 48 मिनट की होती है। यह गणना इस बात पर आधारित है कि एक दिन में कुल कितने मुहूर्त होते हैं, जिससे यह एक तयशुदा पैमाना बन जाता है। हालाँकि, चूंकि सूर्योदय का समय हर दिन बदलता रहता है, इसलिए ब्रह्म मुहूर्त का समय भी उसी के अनुसार बदलता है। ब्रह्म मुहूर्त का रहस्य यह वीडियो ब्रह्म मुहूर्त के समय और उसके पीछे के रहस्य को समझाने में सहायक है…
बिना स्नान के भी ब्रह्म मुहूर्त में की जा सकती है ध्यान और पूजा
हिंदू धर्म में, शुद्धता को बहुत महत्व दिया जाता है, और स्नान को शारीरिक और मानसिक शुद्धता के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। इसलिए, यह आदर्श माना जाता है कि पूजा और ध्यान से पहले स्नान किया जाए। हालाँकि, अगर किसी कारण से स्नान संभव न हो, तो भी ध्यान और मंत्र जाप किया जा सकता है।
स्नान के बिना अगर आप बीमार हैं, यात्रा पर हैं, या सुबह बहुत ठंड है, तो आप इन विकल्पों को अपना सकते हैं: * हाथ-पैर और मुँह धोना: आप सिर्फ अपने हाथ, पैर और मुँह धोकर खुद को तरोताज़ा महसूस करा सकते हैं। यह एक तरह से प्रतीकात्मक शुद्धता को दर्शाता है। * मानसिक शुद्धता: पूजा और ध्यान का मुख्य उद्देश्य मन को शुद्ध और शांत करना है। अगर आप शारीरिक रूप से शुद्ध नहीं हैं, तो भी आप मानसिक रूप से भगवान का ध्यान कर सकते हैं। * आसन पर बैठकर ध्यान: आप एक साफ आसन पर बैठें, मन को शांत करें और ईश्वर का ध्यान करें। आप अपने मन में मंत्रों का जाप कर सकते हैं। पूजा और ध्यान में मन की शुद्धता सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए, यदि शारीरिक रूप से स्नान करना संभव न हो तो भी आप मानसिक रूप से ईश्वर से जुड़ सकते हैं। यह आपकी भक्ति और समर्पण पर निर्भर करता है।
अगर रात में स्त्री संसर्ग हुआ है, तो स्नान के बाद ही करना चाहिए पूजा और ध्यान
धार्मिक कारण हिंदू धर्म और अन्य कई परंपराओं में, संसर्ग को शारीरिक और ऊर्जा के स्तर पर एक महत्वपूर्ण क्रिया माना जाता है। इस क्रिया के बाद, शरीर को फिर से शुद्ध करने और ऊर्जा को संतुलित करने के लिए स्नान को बहुत आवश्यक माना गया है। इसे धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं में एक शौच (शुद्धि) क्रिया के रूप में देखा जाता है। * शारीरिक शुद्धि: स्नान शरीर को शुद्ध करता है, जो पूजा-पाठ के लिए एक अनिवार्य शर्त है। * ऊर्जा की शुद्धि: माना जाता है कि स्नान करने से संसर्ग के दौरान हुई ऊर्जा का आदान-प्रदान संतुलित हो जाता है और मन पूजा के लिए शांत व एकाग्र हो पाता है। निष्कर्ष इसलिए, ब्रह्म मुहूर्त में या किसी भी समय पूजा या ध्यान करने से पहले, अगर आपने संसर्ग किया है, तो स्नान करना सबसे उचित और अनिवार्य माना जाता है। यह केवल एक धार्मिक नियम नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक शुद्धि से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण पहलू है।
शराब और मांस का सेवन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शराब और मांस के सेवन के बाद पूजा या ध्यान करना पूरी तरह वर्जित है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं: 1. शारीरिक और मानसिक शुद्धि का अभाव * तामसिक भोजन और पदार्थ: हिंदू धर्म में भोजन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है: सात्विक, राजसिक और तामसिक। शराब और मांस को तामसिक माना जाता है। तामसिक भोजन और पदार्थ मन को अस्थिर, बेचैन और हिंसक बनाते हैं। * एकाग्रता में बाधा: पूजा और ध्यान का मुख्य उद्देश्य मन को शांत और एकाग्र करना है। शराब या मांस के सेवन से मन अशांत हो जाता है और ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है। 2. ऊर्जा का स्तर और आध्यात्मिक हानि * नकारात्मक ऊर्जा: माना जाता है कि शराब और मांस के सेवन से शरीर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आध्यात्मिक कार्यों के लिए सकारात्मक और शुद्ध ऊर्जा की आवश्यकता होती है। * धार्मिक ग्रंथों के अनुसार: कई धार्मिक ग्रंथ और संत, जैसे कि प्रेमानंद महाराज, स्पष्ट रूप से कहते हैं कि मांस और शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति की भक्ति और पूजा का कोई महत्व नहीं रह जाता। वे कहते हैं कि सच्चे मन से पूजा करने वाले व्यक्ति का मन इन चीजों में लगेगा ही नहीं। क्या करना चाहिए? अगर आपने शराब या मांस का सेवन किया है, तो पूजा या ध्यान करने से पहले आपको खुद को पूरी तरह से शुद्ध करना चाहिए। * पूर्ण स्नान: सबसे पहले, एक पूर्ण स्नान करें। यह शारीरिक शुद्धि के लिए अनिवार्य है। * वस्त्र बदलें: स्वच्छ और धुले हुए कपड़े पहनें। * अंतरात्मा की शुद्धि: केवल शारीरिक शुद्धि ही काफी नहीं है। अपने मन में पश्चाताप का भाव लाएं और भविष्य में ऐसे सेवन से बचने का संकल्प लें। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पूजा और भक्ति का संबंध सिर्फ कर्मकांड से नहीं, बल्कि आपके मन की शुद्धता और इरादों से है। इसलिए, यदि आपने इन पदार्थों का सेवन किया है, तो खुद को शुद्ध करके ही आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ना उचित है।
बिजनौर से पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद की पहल: मानवता की मिसाल
– भूपेंद्र निरंकारी, पत्रकार
बिजनौर। पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अनेक प्रांतों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपनी जान, खाने और रहने की जगहों को बचाने के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में, पूरा देश पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहा है, और इसमें उत्तर प्रदेश का बिजनौर जनपद भी अपनी जिंदादिली का परिचय दे रहा है। बिजनौर के लोग न केवल अपने स्थानीय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचा रहे हैं, बल्कि पंजाब के भाई-बहनों के लिए भी खुलकर सहायता सामग्री भेज रहे हैं। यह उनकी उदारता और मानवीय भावना को दर्शाता है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के सिद्धांत पर चलते हुए, बिजनौरवासी राहत सामग्री जुटाने और भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
एकजुट होकर मदद को आगे आए लोग
पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी जा रही राहत सामग्री में दवाइयां, खाने-पीने का सामान और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। इस नेक काम में बिजनौर का हर वर्ग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। इसमें भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्य, मुस्लिम समुदाय के लोग, और कई अन्य सामाजिक संगठन व व्यक्ति शामिल हैं। ये सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। यह पहल दिखाती है कि आपदा के समय, सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर कैसे काम कर सकते हैं। यह आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल है, जो यह साबित करती है कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। बिजनौर वासियों का यह प्रयास उनकी मानवता को उजागर करता है और दूसरों को भी प्रेरित करता है।
भूपेंद्र निरंकारी, पत्रकार
सामाजिक योगदान का महत्व
यह सहयोग इस बात का भी प्रमाण है कि सामाजिक कार्यों में योगदान देना कितना महत्वपूर्ण है। जैसा कि कहा जाता है, दूसरों का भला करने में ही हमारा अपना भला छिपा है। ऐसे समय में जब लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, थोड़ी सी मदद भी उनके लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। यह पहल केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि हमें हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए और इंसानियत की भलाई के लिए काम करना चाहिए। भूपेंद्र निरंकारी, एक पत्रकार के रूप में, बिजनौर की विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं, साथ ही पत्रकार बंधुओं से भी अपील करते हैं कि वे इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दें। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयासों से मिलने वाली दुआएं व्यक्ति की तकदीर बदल सकती हैं। बिजनौर के लोगों की यह पहल सराहनीय है और यह दर्शाती है कि मुश्किल घड़ी में हम सब एक हैं। यह मानवता की जीत है, जो हर आपदा को पार करने की शक्ति देती है।
अयोध्या दीपोत्सव-2025 में 26 लाख से ज्यादा दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी
सरयू तट, राम की पैड़ी सहित अन्य घाटों पर जलेंगे लाखों दीये, छात्र-स्वयंसेवक करेंगे सहयोग
19 अक्टूबर को दीपोत्सव-2025 का आयोजन, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की तैयारियां तेज
~शैली सक्सेना
लखनऊ, (08 सितंबर 2025)। अयोध्या में 19 अक्टूबर को दीपोत्सव-2025 के दौरान 26 लाख से अधिक दीये जलाकर ऐतिहासिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा सरयू तट, राम की पैड़ी सहित अन्य घाटों पर दीयों की श्रृंखला से अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। राम नगरी का दीपोत्सव एक बार फिर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगा। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘अयोध्या में वर्ष 2017 से भव्य और दिव्य दीपोत्सव मनाया जा रहा है। इसे बरकरार रखते हुए दीपोत्सव-2025 के दौरान भी सरयू नदी पर सबसे बड़े दीप प्रज्वलन एवं सबसे बड़े आरती समारोह का आयोजन होगा। इस वर्ष 26 लाख से अधिक दीयों के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव केवल अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव को ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर इसकी पहचान को और मजबूत करेगा।’ उल्लेखनीय है कि अयोध्या दीपोत्सव के दौरान हर वर्ष दीप प्रज्ज्वलन का अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित करती है।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद दूसरे दीपोत्सव को भव्यता और दिव्यता से मनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राम की पैड़ी सहित अन्य घाटों पर इस बार 26 लाख से अधिक दीयों को प्रज्वलित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। सरयू तट पर अब तक की सबसे बड़ी आरती का आयोजन भी होगा, जिसमें 1,100 से अधिक धर्माचार्य, संत-महात्मा और नगरवासी सम्मिलित होंगे। आयोजन से तीन दिन पहले से स्थल पर तैयारी शुरू होगी। गिनीज मानकों के अनुसार डिजाइन आदि से संबंधित समन्वय स्थापित किया जाएगा।’
इस दौरान छात्र-स्वयंसेवक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के सफल संचालन में सहयोग करेंगे। ये स्वयंसेवक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मानकों के अनुरूप दीयों की सजावट, प्रज्वलन, गिनती और सत्यापन की जिम्मेदारी निभाएंगे। आयोजन के दौरान दीयों की संख्या को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया तकनीकी और पारदर्शी ढंग से पूरी की जाएगी, ताकि रिकॉर्ड का सफल क्रियान्वयन संभव हो सके।
अयोध्या दीपोत्सव-2025 के दौरान गिनीज रिकॉर्ड प्रयासों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, अयोध्या जिला प्रशासन, अवध विश्वविद्यालय और अन्य संस्थाओं के बीच लगातार समन्वय किया जाएगा। कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक मंडल की उपस्थिति में प्रक्रिया, साक्ष्यों आदि का मिलान किया जाएगा। रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद मा0 मुख्यमंत्री को पर्यटन मंत्री सहित अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘अयोध्या दीपोत्सव केवल राज्य ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का विश्वस्तरीय प्रतीक बन चुका है। भगवान श्रीराम की नगरी में दीपोत्सव का यह पर्व हमारे लिए गर्व का अवसर है, जहां परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। दीयों की श्रृंखला न केवल श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कराती है, बल्कि विश्व बंधुत्व का संदेश भी देती है।’
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा, ‘दीपोत्सव हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को प्रदर्शित करता है। इस वर्ष अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य बनाने की तैयारियां की जा रही है। अद्भुत झांकियों और मनोरम दृश्यों के साथ विभागीय प्रयास है कि यह आयोजन न केवल देशवासियों बल्कि दुनियाभर के पर्यटकों के लिए भी एक यादगार अनुभव बने।’
एम-पैक्स सदस्यता महाभियान में 50 हजार नए सदस्य बनाने का लक्ष्य
12 सितंबर से 12 अक्टूबर 2025 तक चलेगा महाभियान
जिला सहकारी बैंक बिजनौर की कार्यशाला में निर्णय
सहकारिता मजबूत और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम
~ सतेंद्र चौधरी
बिजनौर। सहकारिता को मजबूत बनाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, बिजनौर ने शासन के निर्देशों के अनुरूप एम-पैक्स सदस्यता महाभियान 2025 के लिए एक जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। विकास भवन सभागार में सोमवार 8 सितंबर, 2025 को सुबह 11:00 बजे आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने की।
बनाए जाएंगे 50 हजार नए सदस्य
कार्यशाला के दौरान, बैंक के सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण कुमार ने 12 सितंबर 2025 से 12 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले इस महाभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 50 हजार नए सदस्य बनाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस लक्ष्य को पूरा करने और नए सदस्यों के बैंक खाते खोलने, उन्हें ऋण वितरित करने तथा सहकारिता की अन्य गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।
“सहकार से समृद्धि” योजना
मुख्य अतिथि भूपेन्द्र चौहान ने “सहकार से समृद्धि” योजना का उल्लेख करते हुए सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे सरकार की मंशा के अनुरूप काम करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को 100% पूरा करें।
सरकार की मंशानुरूप कार्य करने की अपील
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, राजवीर सिंह ने भी शासन की मंशा के अनुरूप पूरी लगन से काम करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए। अध्यक्ष दिनेश कुमार ने अपने संबोधन में सहकार से समृद्धि योजना को सफल बनाने के लिए बिंदुवार निर्देश दिए:
1. एम-पैक्स से उर्वरक लेने वाले सभी किसानों की सूची तैयार की जाए, जिसमें सदस्य और गैर-सदस्य दोनों शामिल हों। 2. पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को एम-पैक्स से जोड़ना इस अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु है। इसके लिए, पीएम किसान लाभार्थियों की न्याय पंचायत/विकास खंडवार सूची ए.डी.सी.ओ./ए.डी.ओ. द्वारा कृषि विभाग से प्राप्त करके पैक्स को उपलब्ध कराई जाएगी। 3. बैंक शाखा के सभी कर्मचारियों द्वारा सदस्यों से संपर्क किया जाए और उनके खाते अनिवार्य रूप से खोले जाएं। 4. बैंक/शाखा प्रबंधकों द्वारा सेविंग खातों के लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, और सदस्यों को खातों पर दी जाने वाली ब्याज दरों के बारे में जानकारी दी जाए।
प्रवीण कुमार, सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भूपेन्द्र चौहान मौजूद रहे। उनके साथ-साथ जनपद-बिजनौर के समस्त अपर जिला सहकारी अधिकारी, जिला सहकारी बैंक के सभी उप महाप्रबंधक/तहसील प्रभारी, सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता), अनुभाग अधिकारी, शाखा प्रबंधक और बी-पैक्स सचिवों ने भी इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाग लिया।
अंत में, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, बिजनौर के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का सफल आयोजन सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण कुमार की देखरेख में हुआ।
kidney stones: खान-पान में कुछ विशेष सावधानियां ज़रूरी
~ शैली सक्सेना
पथरी (kidney stones) होने पर खान-पान में कुछ विशेष सावधानियां बरतना बहुत ज़रूरी है, ताकि पथरी का आकार न बढ़े और नई पथरी बनने का खतरा कम हो जाए। जानिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां :
1. खूब पिएं पानी
~ क्या करें: दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास (लगभग 2 से 3 लीटर) पानी पिएं। पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और यूरिन को पतला बनाता है, जिससे पथरी बनाने वाले मिनरल्स शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
~ क्या न करें: पानी कम पीने से बचें, खासकर गर्म मौसम में या ज़्यादा शारीरिक गतिविधि के बाद।
2. कम करें नमक (सोडियम)
~ क्या करें: अपने खाने में नमक की मात्रा कम करें। ज़्यादा नमक यूरिन में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ा देता है, जिससे पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
~ क्या न करें: डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड फूड, पैकेट वाले स्नैक्स, अचार और पापड़ खाने से बचें, क्योंकि इनमें सोडियम ज़्यादा होता है।
3. कैल्शियम की सही मात्रा
~ क्या करें: कैल्शियम युक्त भोजन जैसे दूध, दही और पनीर का सेवन करें, लेकिन नियंत्रित मात्रा में। अचानक कैल्शियम लेना बंद न करें, क्योंकि यह शरीर के लिए ज़रूरी है और ऑक्सालेट को बांधने में मदद करता है।
~ क्या न करें: कैल्शियम सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
4. ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों से बचें
~ क्या करें: ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें जिनमें ऑक्सालेट की मात्रा ज़्यादा होती है, खासकर अगर आपकी पथरी कैल्शियम ऑक्सालेट की है।
~ क्या न करें: पालक, टमाटर के बीज, बैंगन, चुकंदर, चॉकलेट, चाय, कॉफी और नट्स (बादाम, काजू) का ज़्यादा सेवन न करें। अगर आप इन्हें खाते भी हैं, तो साथ में पानी खूब पिएं।
5. प्रोटीन पर दें ध्यान
~ क्या करें: प्रोटीन को संतुलित मात्रा में लें।
~ क्या न करें: ज़्यादा मांसाहारी भोजन जैसे रेड मीट, चिकन, और मछली से बचें, क्योंकि ये यूरिन की एसिडिटी बढ़ाते हैं और पथरी बनने में मदद कर सकते हैं।
6. विटामिन-C और यूरिक एसिड
~ क्या करें: विटामिन-C वाले खट्टे फल जैसे नींबू और संतरा का सेवन करें, क्योंकि ये यूरिन को अल्कलाइन बनाते हैं।
~ क्या न करें: ज़्यादा विटामिन-C सप्लीमेंट्स लेने से बचें, क्योंकि यह कुछ मामलों में पथरी के खतरे को बढ़ा सकता है।
यूरिक एसिड पथरी: अगर आपकी पथरी यूरिक एसिड की है, तो दाल, राजमा, छोले, और मांसाहारी भोजन का सेवन कम करें।
कुछ अतिरिक्त सुझाव ~ डॉक्टर से सलाह: किसी भी बड़े बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से ज़रूर सलाह लें। ~ दवाईयों का ध्यान: अगर आप कोई दवाई ले रहे हैं, तो उसके बारे में डॉक्टर को बताएं, क्योंकि कुछ दवाएं भी पथरी का कारण बन सकती हैं।
क्या आप अपनी पथरी के प्रकार (जैसे कैल्शियम, यूरिक एसिड आदि) के बारे में जानते हैं?
अगर आपको पता है कि आपकी पथरी किस प्रकार की है, तो खान-पान में और भी सटीक बदलाव किए जा सकते हैं।
पथरी के प्रकार
1. कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी: यह सबसे आम प्रकार की पथरी है। 2. कैल्शियम फॉस्फेट पथरी: यह भी एक तरह की कैल्शियम पथरी है। 3. यूरिक एसिड पथरी: यह तब बनती है जब यूरिन में यूरिक एसिड की मात्रा ज़्यादा होती है। 4. सिस्टीन पथरी: यह एक आनुवंशिक स्थिति (genetic condition) के कारण बनती है।
क्या होता है ऑक्सालेट (Oxalate)
ऑक्सालेट (Oxalate) एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला केमिकल कंपाउंड है। यह पौधों, जानवरों और मनुष्यों में मौजूद होता है। जब हम ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो हमारा शरीर उसे पचाता है और बचा हुआ ऑक्सालेट यूरिन (पेशाब) के रास्ते बाहर निकाल देता है। पथरी से संबंध ऑक्सालेट का संबंध पथरी से सबसे ज़्यादा है क्योंकि, पथरी के 80% मामले कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी के होते हैं। 1. कैसे बनती है पथरी: जब शरीर में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत ज़्यादा हो जाती है और पेशाब कम बनता है, तो ऑक्सालेट यूरिन में मौजूद कैल्शियम से जुड़कर क्रिस्टल बना लेता है। 2. क्रिस्टल से पथरी: ये छोटे-छोटे क्रिस्टल एक साथ मिलकर धीरे-धीरे एक बड़ा और कठोर पत्थर जैसा पदार्थ बना लेते हैं, जिसे हम पथरी कहते हैं।
कहाँ पाया जाता है ऑक्सालेट ?
कुछ खाद्य पदार्थों में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत अधिक होती है। पथरी के मरीजों को इन चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है।
उच्च ऑक्सालेट वाले खाद्य पदार्थ: 1. हरी सब्जियाँ: पालक, चुकंदर, बैंगन 2. फल: रसभरी, स्ट्रॉबेरी, कीवी 3. मेवे (Nuts): बादाम, काजू, मूंगफली 4. अन्य: चॉकलेट, कोको, सोया उत्पाद, शकरकंद, चाय और कॉफी
खान-पान में बरतें क्या सावधानी
अगर आपको कैल्शियम ऑक्सालेट की पथरी है या पहले हो चुकी है, तो आपको ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों के साथ कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए: ~ पानी ज़्यादा पिएं: पर्याप्त पानी पीने से यूरिन पतला रहता है और ऑक्सालेट बाहर निकल जाता है। ~ कैल्शियम लें, पर संतुलित मात्रा में: खाने के साथ कैल्शियम लेने से ऑक्सालेट पेट में ही कैल्शियम से जुड़ जाता है और पेशाब में जाने से पहले ही मल के रास्ते बाहर निकल जाता है। दूध, दही, और पनीर का सेवन करें, लेकिन सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह पर ही लें। ~ उच्च ऑक्सालेट खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें: अगर आप ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो उनकी मात्रा कम रखें। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ऑक्सालेट केवल एक कारक है। पथरी के लिए कई अन्य कारक भी जिम्मेदार होते हैं, जैसे पानी कम पीना और आनुवंशिक कारण। इसलिए, किसी भी बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है।
“पथरी” (स्टोन) और “किडनी स्टोन” (गुर्दे की पथरी) में अंतर
“पथरी” (स्टोन) और “किडनी स्टोन” (गुर्दे की पथरी) में कोई खास अंतर नहीं है। वास्तव में, “किडनी स्टोन” एक प्रकार की पथरी है। “पथरी” एक सामान्य शब्द है जो शरीर के किसी भी अंग में बनने वाले कठोर, कंकड़ जैसे जमाव के लिए इस्तेमाल होता है, जैसे: * गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन): यह सबसे आम प्रकार की पथरी है। यह गुर्दे में बनती है और मूत्र प्रणाली (मूत्रवाहिनी, मूत्राशय) से होकर गुजरती है। * पित्ताशय की पथरी (गॉलब्लैडर स्टोन): यह पित्ताशय (गॉलब्लैडर) में बनती है। यह कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन से बनी होती है। * मूत्राशय की पथरी (ब्लेडर स्टोन): यह मूत्राशय में बनती है।
गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) के बारे में जानकारी: गुर्दे की पथरी को “रेनल लिथियासिस” या “नेफ्रोलिथियासिस” भी कहा जाता है। ये खनिज और नमक के जमाव से बनती हैं। कैसे बनती है गुर्दे की पथरी : 1. कैल्शियम स्टोन (Calcium Stones): यह सबसे आम प्रकार की पथरी है। यह कैल्शियम ऑक्सालेट या कैल्शियम फॉस्फेट से बनी होती है। 2. यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stones): यह उन लोगों में बनती है जिनका मूत्र बहुत अम्लीय होता है, खासकर जो अधिक मात्रा में पशु प्रोटीन (मांस, मछली आदि) का सेवन करते हैं। 3. स्ट्रुवाइट स्टोन (Struvite Stones): यह मूत्र पथ के संक्रमण (Urinary Tract Infection) के कारण बनती है। 4. सिस्टीन स्टोन (Cystine Stones): यह एक दुर्लभ प्रकार की पथरी है जो सिस्टीनुरिया नामक वंशानुगत स्थिति के कारण बनती है।
लक्षण:
जब तक पथरी छोटी होती है, तब तक इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन जब यह मूत्रवाहिनी (ureter) में अटक जाती है, तो ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं: * पीठ, पेट के निचले हिस्से या बाजू में तेज दर्द। * पेशाब में खून आना। * पेशाब करते समय जलन या दर्द होना। * बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना। * बुखार और ठंड लगना। * मतली और उल्टी। * बदबूदार या मटमैला पेशाब।
क्या है इलाज:
इलाज पथरी के आकार, प्रकार और स्थान पर निर्भर करता है। 1. छोटे स्टोन: अधिक पानी पीकर और दर्द निवारक दवाओं की मदद से ये स्टोन प्राकृतिक रूप से बाहर निकल जाते हैं। 2. बड़े स्टोन: ~ शॉकवेव लिथोट्रिप्सी (SWL): इसमें शॉकवेव की मदद से स्टोन को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है। ~ युरेटेरोस्कोपी (Ureteroscopy): इसमें एक पतली ट्यूब डालकर स्टोन को निकाला या लेजर से तोड़ा जाता है। ~ परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL): यह बड़े स्टोन के लिए एक सर्जिकल प्रक्रिया है। ~ ओपन सर्जरी: यह बहुत ही दुर्लभ मामलों में की जाती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रस्तुत की गई है। योग्य चिकित्सक से परामर्श आवश्यक है।)
चंद्र ग्रहण: हर कष्ट से मुक्ति को लाल किताब के उपाय
लाल किताब के अनुसार कमजोर चंद्रमा को मजबूत करने और शुभ फल पाने के लिए चंद्रमा को अर्ध्य देना, मां का आशीर्वाद लेना, बरगद के पेड़ की जड़ों में जल देना, चांदी के बर्तन में पानी पीना, घर में चांदी का चौकोर टुकड़ा रखना और मजदूरों को दूध पिलाना जैसे उपाय किए जा सकते हैं. साथ ही, शराब और जुआ खेलने से बचना, हरे रंग से परहेज करना और पवित्र नदियों में बहते हुए पानी में तांबे के सिक्के या पानीदार नारियल प्रवाहित करना भी शुभ माना जाता है.
चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय
अर्ध्य दें: चांदी के लोटे में गंगाजल, दूध, चावल और शक्कर मिलाकर प्रतिदिन रात में चंद्रमा को अर्घ्य दें. मां का आशीर्वाद लें: प्रतिदिन सुबह उठकर मां के चरण स्पर्श करें और उनकी सेवा करें. बरगद के पेड़ की जड़ में जल दें: कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने पर बरगद के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें. चांदी के बर्तन में पानी पिएं: चांदी के बर्तन में पानी भरकर उसका सेवन करने से चंद्रमा मजबूत होता है. घर में चांदी का टुकड़ा रखें: अलमारी में चांदी का एक चौकोर टुकड़ा रखने से चंद्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. मजदूरों को दूध पिलाएं: मजदूर वर्ग को दूध पिलाने से भी चंद्रमा का शुभ प्रभाव मिलता है. नदी में तांबे के सिक्के बहाएं: बच्चों के साथ यात्रा करते समय नदी में तांबे के सिक्के बहाने से चंद्र दोष दूर होता है. पानीदार नारियल प्रवाहित करें: चंद्र ग्रहण के दिन पानीदार नारियल को सिर से 21 बार वारकर बहते हुए पानी में प्रवाहित करें.
अन्य महत्वपूर्ण उपाय
नकारात्मक आदतों से बचें: शराब, जुआ और अनैतिकता से बचें, ये चंद्रमा को कमजोर करते हैं. हरे रंग से बचें: हरे रंग के वस्त्रों और वस्तुओं के उपयोग से बचें. पूजा स्थल में दान करें: पूजा स्थल में चना और दाल दान करें. धर्म स्थान में माथा टेकें: धर्म स्थान में जाकर माथा टेकने और कुछ प्रसाद चढ़ाने से मानसिक शांति मिलती है.
चंद्र ग्रहण के दिन लाल किताब के इन उपाय से मिलेगी हर कष्ट से मुक्ति चंद्र ग्रहण के दिन करें लाल किताब के ये उपाय, मिलेगी हर कष्ट से मुक्ति 5 मई दिन शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण तुला राशि में लगने जा रहा है और इस दिन भद्रा का भी […]
महाभारत सर्किट के तहत 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत
उत्तरी पांचाल प्रदेश की राजधानी रहा है अहिच्छत्र
बरेली के अहिच्छत्र को मिलेगा नया स्वरूप
~शैली सक्सेना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बरेली के पौराणिक स्थल अहिच्छत्र को धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाने के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। यह मंजूरी महाभारत सर्किट के अंतर्गत दी गई है। राज्य सरकार का यह कदम बरेली में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और इसे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, जयवीर सिंह ने दी।
अहिच्छत्र: धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का संगम
अहिच्छत्र का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। यह प्राचीन स्थल उत्तरी पांचाल प्रदेश की राजधानी था। बरेली मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर आंवला तहसील के रामनगर में स्थित यह विशाल किला द्वापर युग के वैभव का गवाह है। इसके बाद भी गुप्त, पाल और सेन राजाओं ने यहां शासन किया, और हर दौर में इसका गौरव बना रहा।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अहिच्छत्र में पर्यटन सुविधाओं का विकास तेजी से किया जाएगा। इसमें प्रवेश द्वार का निर्माण, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, सूचना केंद्र, पेयजल व्यवस्था और विश्राम स्थल जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं।
विभिन्न धर्मों के लिए एक पवित्र स्थल
अहिच्छत्र सिर्फ महाभारतकालीन इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी एक बेहद महत्वपूर्ण स्थल है। * जैन धर्म: जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ को यहीं कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। हर साल बड़ी संख्या में जैन अनुयायी इस पवित्र स्थल की यात्रा करने आते हैं। * बौद्ध धर्म: माना जाता है कि भगवान बुद्ध भी यहां आए थे और उन्होंने नाग राजाओं को धर्म की दीक्षा दी थी। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी अपने यात्रा विवरण में अहिच्छत्र में बड़े बौद्ध विहारों का उल्लेख किया है। मौर्य शासक सम्राट अशोक ने भी यहां कई बौद्ध स्तूपों का निर्माण करवाया था। 19वीं और 20वीं सदी में हुई पुरातात्विक खुदाई में यहां कई बेशकीमती वस्तुएं मिली हैं, जो बताती हैं कि यह प्राचीन समय में एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र था।
बरेली में बढ़ रहा है पर्यटकों का आकर्षण
बरेली में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। 2024 में यहां 1 करोड़ 15 लाख से अधिक पर्यटक आए थे। 2025 में भी यह संख्या उत्साहजनक बनी हुई है, और पर्यटन विभाग का अनुमान है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 1.25 करोड़ तक पहुंच सकता है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और भी मजबूत तरीके से स्थापित किया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी पहचान बना सके।
दुबई के भक्त ने भेंट किए ‘ओम साईं राम’ के दो सुनहरे पत्र
शिरडी के साईं बाबा को 1.58 करोड़ रुपए का गुप्त स्वर्ण दान
शिरडी, महाराष्ट्र (एजेंसी)। साईं बाबा के भक्तों की आस्था और दान का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। शिरडी में साईं बाबा के एक अज्ञात भक्त ने 1 करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक का सोना गुप्त रूप से दान किया है। यह दान 17 साल पहले हैदराबाद के आदिनारायण रेड्डी द्वारा दिए गए स्वर्ण सिंहासन के बाद सबसे बड़ा माना जा रहा है।
गुप्त दान और भक्त की साईं बाबा में अटूट आस्था
दुबई में रहने वाले इस साईं भक्त ने अपनी पहचान गुप्त रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने 1 किलो 623 ग्राम और 600 मिलीग्राम वजन के दो सुनहरे ‘ओम साईं राम’ पत्र साईं बाबा को अर्पित किए। साईं बाबा संस्थान के सूत्रों के मुताबिक, यह भक्त कई सालों से हर महीने शिरडी आते हैं और आरती में भी शामिल होते हैं। वे हर बार लगभग 1 लाख रुपए का दान भी देते हैं। उनकी लंबे समय से इच्छा थी कि वे बाबा को सोने की कोई वस्तु दान करें और आखिरकार, गुरुवार के शुभ दिन उन्होंने अपनी यह इच्छा पूरी की।
दान पत्रों की स्थापना
साईं बाबा संस्थान ने दान में मिले इन सुनहरे ‘ओम साईं राम’ पत्रों को समाधि मंदिर के उन दोनों द्वारों पर स्थापित किया है, जहां से दर्शन करने के बाद भक्त बाहर निकलते हैं। इस तरह भक्त अब मंदिर से बाहर निकलते समय ‘साईं राम’ का जाप करते हुए निकलेंगे। संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गोरक्ष गाडिलकर ने बताया कि भक्त ने अपना नाम गुप्त रखने का अनुरोध किया था, इसलिए उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। संस्थान ने भक्त को शॉल, साईं मूर्ति और उदी भेंट कर सम्मानित किया।
74 डिब्बों में 9.768 किलोग्राम प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद
बिजनौर पुलिस को मिली शानदार कामयाबी
प्रतिबंधित कैप्सूल की स्विफ्ट कार से तस्करी, एक गिरफ्तार
बिजनौर। रेहड़ पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक स्विफ्ट कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत रेहड़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना रेहड़ पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि उत्तराखंड की ओर से एक स्विफ्ट कार में नशीले पदार्थ ले जाए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर, उपनिरीक्षक भीम सिंह, मुख्य आरक्षी पुरुषोत्तम और आरक्षी ललित कुमार की टीम ने तत्काल जाल बिछाया। चेकिंग के दौरान, पुलिस ने एक संदिग्ध स्विफ्ट कार (पंजीकरण संख्या- यूपी14 बीवी-3527) को रोका। कार की तलाशी लेने पर, पुलिस टीम को उसमें रखे 74 डिब्बे प्रतिबंधित कैप्सूल मिले, जिनका कुल वजन 9.768 किलोग्राम था।
पुलिस ने तत्काल कार चला रहे आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम इबरान, पुत्र रहमतुल्ला, निवासी ग्राम महुआ डावरा नादेई, थाना जसपुर, जिला उधम सिंह नगर, उत्तराखंड बताया। आरोपी के पास इन कैप्सूलों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था।
बरामदगी के आधार पर, पुलिस ने आरोपी इबरान के खिलाफ थाना रेहड़ में मुकदमा संख्या 66/2025, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह प्रतिबंधित सामग्री कहाँ से लाई गई थी और इसे कहाँ पहुँचाया जाना था।
शिक्षक दिवस: विदुर कुटी और वरिष्ठ नागरिक समिति ने मनाया उत्सव
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। शिक्षक दिवस के अवसर पर विदुर कुटी के श्री विदुर गुरु गृह इंटर कॉलेज और बिजनौर की वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण समिति द्वारा अलग-अलग समारोह आयोजित कर शिक्षकों का सम्मान किया गया। दोनों ही कार्यक्रमों में गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के समाज निर्माण में योगदान पर जोर दिया गया।
श्री विदुर गुरु गृह इंटर कॉलेज में पुष्पांजलि और सम्मान
श्री विदुर गुरु गृह इंटर कॉलेज, दारानगर विदुर कुटी में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह का आरंभ देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर प्रधानाचार्य कैलाशचंद और सभी शिक्षकों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्य कैलाशचंद ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के प्रति गहरी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “शिक्षक स्वयं दीपक के समान जलकर समाज और दुनिया को रोशनी देते हैं। वे ही सभ्यता और संस्कृति के असली शिल्पी होते हैं।” कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक अरुण त्यागी ने किया, और अंत में प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों को उपहार देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य अखिलेश कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, निरंजन लाल, ओम प्रकाश, दिनकर सिंह, अखिलेश चंद्र शर्मा, रवि प्रकाश आर्य, अनिल कुमार, जसवीर सिंह, सुशील चौधरी, राहुल कुमार, देवेंद्र कुमार, अरविंद शर्मा, सुमित कुमार, संजय सक्सेना, अंशुल कुमार, श्रीमती बबीता सिंगल, मेघना शर्मा, प्रेरणा शर्मा, दीना रानी, विकासना, छवि और शिव नंदन यादव सहित अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण समिति द्वारा सम्मान समारोह
इसी क्रम में, वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण समिति द्वारा एक स्थानीय धर्मशाला में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष एम. एस. भारद्वाज, संरक्षक वैद्य अजय गर्ग और अन्य सदस्यों द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने और ईश वंदना के साथ हुआ।
अजय माहेश्वरी ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला, जबकि अन्य वक्ताओं ने सभ्यता और संस्कृति के विकास में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। समारोह में डॉ. चंद्र प्रकाश आर्य (पूर्व अध्यक्ष, वर्धमान कॉलेज बिजनौर), सुरेंद्र प्रकाश भटनागर, डॉ. एन. के. अग्रवाल, ए. के. दुबे, प्रीतम सिंह, विनोद कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार पाठक और श्रीमती शशि जैन जैसे अनुभवी शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। अनिल कुमार दुबे को ‘समयबद्धता पुरस्कार’ से नवाजा गया। इस कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष एम. एस. भारद्वाज, कोषाध्यक्ष के. के. खन्ना, सचिव गिरधारी सिंह खन्ना, संरक्षक वैद्य अजय गर्ग, संजय जैन और एस. पी. रस्तौगी सहित सभी सदस्यों ने भाग लिया। भजन-वंदना और स्वादिष्ट भोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी और डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन का विशेष कार्यक्रम
फतेहपुर में सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान
फतेहपुर। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, फतेहपुर और डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश के चेयरमैन और कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने इन शिक्षकों को उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया।
कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे हुआ, जहाँ डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने अपनी माता श्रीमती पद्मिनी श्रीवास्तव से आशीर्वाद लेकर समारोह की शुरुआत की। श्रीमती पद्मिनी श्रीवास्तव, जो स्वयं निरंकारी बालिका इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त संस्कृत की प्रवक्ता हैं, के प्रति डॉ. श्रीवास्तव ने अपने जीवन में उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प दोहराया।
इस सम्मान समारोह में चार शिक्षकों को सम्मानित किया गया: * श्रीमती पद्मिनी श्रीवास्तव: सेवानिवृत्त संस्कृत प्रवक्ता, श्री निरंकारी बालिका इंटर कॉलेज। * डॉ. ओमप्रकाश अवस्थी: पूर्व प्रवक्ता, हिंदी साहित्य, महात्मा गांधी महाविद्यालय। * डॉ. श्रीमती अरुणा श्रीवास्तव: पूर्व प्रवक्ता, हिंदी साहित्य और योग शिक्षिका, श्री निरंकारी गर्ल्स इंटर कॉलेज। * श्री श्रवण कुमार पांडेय: वरिष्ठ साहित्यकार और सेवानिवृत्त अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय जैनपुर।
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने इन सभी शिक्षकों को माल्यार्पण किया, मोतियों की माला पहनाई, शॉल ओढ़ाई और श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने सभी शिक्षकों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया और उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य अभिनव श्रीवास्तव और होम्योपैथिक केमिस्ट प्रकोष्ठ के संयोजक प्रशांत अवस्थी भी उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया। यह आयोजन शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर ई-रिक्शा के अनधिकृत संचालन के खिलाफ एक बड़ा अभियान
बिजनौर यातायात पुलिस ने जब्त किए 3 ई-रिक्शा, 10 के चालान
बिजनौर, (5 सितंबर 2025)। बिजनौर की यातायात पुलिस ने आज पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर ई-रिक्शा के अनधिकृत संचालन के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान तीन ई-रिक्शा जब्त किए गए और 10 ई-रिक्शा का चालान किया गया।
यातायात पुलिस ने बिजनौर-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा चालकों को सख्त चेतावनी दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई भी ई-रिक्शा राष्ट्रीय या राज्य राजमार्गों पर चलता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ जब्ती और चालान की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा का संचालन केवल शहर और कस्बों की सड़कों तक ही सीमित होना चाहिए। इस संबंध में यातायात पुलिस ने सभी ई-रिक्शा चालकों और उनके यूनियन पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे बिना सत्यापन और रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा को सड़कों पर न चलने दें।
यह कदम सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है। यातायात पुलिस ने आम जनता से भी यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित सड़क यातायात बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी प्रतापगढ़ को पहचान
धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास को 8 करोड़ की परियोजनाएं
~ शैली सक्सेना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन विभाग ने प्रतापगढ़ जिले में 8 करोड़ रुपए की लागत से 8 प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को मंजूरी दी है। इस पहल के तहत इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
परियोजना का उद्देश्य
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य प्रतापगढ़ के प्रमुख मंदिरों, धामों और बौद्ध स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा, सुरक्षित और आधुनिक वातावरण प्रदान करना है। उनका मानना है कि इस पहल से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। मंत्री ने कहा कि यह प्रयास प्रतापगढ़ को प्रदेश की पर्यटन आय में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में मदद करेगा।
इन स्थलों का होगा विकास
इस परियोजना में जिन 8 स्थलों को शामिल किया गया है, उनमें प्रत्येक के लिए 1-1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन स्थलों की सूची इस प्रकार है: 1. सुगता नंद बौद्ध vihar: नगर पालिका बेल्हा, रंजितपुर चिलबिला में स्थित। 2. राम जानकी मंदिर: वार्ड संख्या-08, जगापुर में स्थित। 3. बौद्ध विहार: ग्राम सभा बुआपुर (रूपपुर), विकासखंड मान्धाता में स्थित। 4. बाबा घुईसरनाथ धाम: विकासखंड सांगीपुर में स्थित। 5. मां दुर्गा मंदिर: ग्राम सर्वजीत, तहसील पट्टी में स्थित। 6. नरसिंह धाम मंदिर: ग्राम पंचायत नौबस्ता (वि०ख० कुण्डा) में गंगा तट पर स्थित। 7. बाबा अवधेश्वरनाथ धाम मंदिर: ग्राम पंचायत शाहपुर (वि०ख० कुण्डा) में गंगा तट पर स्थित। 8. मां ज्वाला देवी धाम सिद्धपीठ: नगर पंचायत मानिकपुर में स्थित।
आस्था, परंपरा और आधुनिकता का संगम
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। प्रतापगढ़ में शुरू होने वाले इन विकास कार्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नई सुविधाएं और आकर्षण मिलेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंगा तट के धामों, प्राचीन बौद्ध विहारों और मंदिरों का विकास इस तरह किया जाएगा कि वहां आस्था, परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिले। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि यह परियोजना प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत धार्मिक स्थलों के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, प्रतापगढ़ धार्मिक-पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
ईश्वर को जानना हमारे लिए बहुत ज़रूरी: बहन हर्ष चावला
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर के तत्वावधान में कालिका मंदिर रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में एक विशाल महिला समागम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली से पधारीं बहन हर्ष चावला जी ने सत्संग भवन में उपस्थित सभी लोगों को संबोधित किया।
अपने प्रवचन में बहन हर्ष चावला जी ने कहा कि चंद्रमा का काम शीतलता देना, सूर्य का काम गर्मी देना, अग्नि का काम जलना और पहाड़ का काम अडिग रहना है, लेकिन ये सब परिवर्तनशील हैं। जो भी चीज़ें परिवर्तनशील होती हैं, वे परमात्मा नहीं हो सकतीं। यह सब माया है, जो बहुत शक्तिशाली होती है। उन्होंने समझाया कि जिस चीज़ में भी हमें परिवर्तन नज़र आता है, वह नाशवान है। केवल एक प्रभु ही अजर, अमर और अविनाशी है, जिसकी जानकारी हमें पूर्ण सतगुरु के माध्यम से ही मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि ईश्वर को जानना हमारे लिए बहुत ज़रूरी है। उसकी भक्ति और पूजा के लिए उसके ज्ञान का होना आवश्यक है, जो हमें सतगुरु द्वारा दिए गए ज्ञान-चक्षु से प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि हमें ईश्वर की याद तब आती है, जब हमारे अपने और सगे-संबंधी हमारा साथ छोड़ देते हैं।
सतगुरु पर विश्वास
बहन हर्ष चावला जी ने सतगुरु पर पूर्ण विश्वास रखने की बात पर ज़ोर दिया। उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एक बच्चा अपने माता-पिता के हवा में उछालने पर भी मुस्कुराता रहता है क्योंकि उसे पूरा भरोसा होता है कि वे उसे चोट नहीं लगने देंगे, उसी तरह हमें भी अपने सतगुरु पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए। वे हमेशा हमारा कल्याण ही करेंगे और कभी हमारा अहित नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि सतगुरु दूध का दूध और पानी का पानी कर देते हैं।
प्रेम और सद्भाव का संदेश
उन्होंने सभी से आपस में प्रेम और सहनशीलता के साथ रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “प्यार गुलशन को सजाता है और नफरत वीरान करती है।” प्रेम ही ईश्वर का दूसरा रूप है।
कार्यक्रम के अंत में, बरेली जोन 58-ए के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल जी ने सभी का आभार व्यक्त किया। सेवादल संचालक विनोद जी ने भी सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद अदा किया।
बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर द्वारा आयोजित जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के तहत बीती रात ‘रूहानियत शाम ए गजल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने संगीत और शायरी की खूबसूरती से सबका मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में मशहूर प्लेबैक सिंगर कमाल खान ने अपनी शानदार आवाज से समां बांध दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जिलाधिकारी जसजीत कौर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह, डॉ. अभिनव सिंह और अधिशासी अधिकारी विकास कुमार द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. पंकज भारद्वाज, ज्योति लाल शर्मा, सभासद जुल्फिकार बेग (बेबी) और प्रिंस रवि सिद्धार्थ ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
कमाल खान ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भगवान राम पर आधारित एक भजन से की, जिसके बाद उन्होंने नायब तहसीलदार राजकुमार चौधरी को श्रद्धांजलि देते हुए ‘चिट्ठी ना कोई संदेश जाने वो कौन सा देश’ गीत गाया। इसके बाद, उन्होंने एक के बाद एक कई मशहूर गजलें प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। इनमें ‘तुझको देखा तो ये ख्याल आया’, ‘होठों से छू लो तुम’, ‘हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह’ और ‘कोई फरियाद तेरे दिल में दबी हो’ जैसी गजलें शामिल थीं। कमाल खान ने अपनी प्रस्तुति से पंडाल में मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह उल्लेखनीय है कि उन्होंने सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर’ में एक गीत को अपनी आवाज दी है, जिसे उन्हीं पर फिल्माया गया था। वे कई अन्य फिल्मों में भी प्लेबैक सिंगिंग कर चुके हैं।।
कार्यक्रम का निर्देशन संगीतकार और अभिनेता मदन मोहन ने किया, जबकि इसका संचालन डॉ. पंकज भारद्वाज ने किया। इस मौके पर डॉ अनिल चौधरी, गौरव भारद्वाज, सुधांशु वत्स, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आसिफ गयूर सहित शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी जसजीत कौर ने संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे तनावपूर्ण माहौल में एक औषधि बताया। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष इंदिरा सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि धर्म ग्रंथों में भी संगीत का महत्वपूर्ण स्थान है। डॉ. बीरबल सिंह ने गजल के इतिहास पर चर्चा की। अंत में, सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जनपद फर्रूखाबाद में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह उन्नाव, फिरोजाबाद, मैनपुरी तथा फर्रूखाबाद के भ्रमण पर
~ शैली सक्सेना
लखनऊ: (04 सितम्बर, 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह जनपद उन्नाव, फिरोजाबाद, मैनपुरी तथा फर्रूखाबाद के तीन दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार कल शुक्रवार अपराह्न 03 बजे अरोड़ा रिसार्ट उन्नाव स्थित स्व. अजीत सिंह जी की 31वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे। इसके उपरान्त 06 सितम्बर को पूर्वाहन 09 बजे से अपराह्न 01 बजे तक ट्रांजिट हास्टल पीडब्लूडी पुलिस लाइन में आम जनता की समस्याओं की सुनवाई करेंगे। इसके उपरान्त घंटाघर मैनपुरी में थिमैटिक गेट आदि के पर्यटन विकास संबंधित परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
अगले दिन रविवार 07 सितम्बर को कैम्प कार्यालय सिरसागंज फिरोजाबाद में जनता की समस्याएं सुनेंगे। इसके पश्चात ठाकुर जी महाराज मंदिर प्रांगण शिकोहाबाद थाना अराव सिरसागंज में आयोजित पर्यटन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। निरीक्षण भवन फर्रूखाबाद के सभागार में लोगों से मुलाकात करेंगे तथा 12 से 01 बजे तक बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार फर्रूखाबाद में जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे तथा सायं 06 बजे कलेक्टेट सभागार फर्रूखाबाद में मीडिया को सम्बोधित करेंगे। इसके उपरान्त लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।
‘ईको टूरिज्म, नेचर एंड कल्चर सेलिब्रेशन’ होगी महोत्सव की थीम
दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी
दुधवा वन्यजीव प्रेमियों, शोधकर्ताओं और फोटोग्राफर्स को कर रहा आकर्षित
दुधवा महोत्सव का पहला संस्करण नवंबर में, तीन दिन तक होगा भव्य आयोजन
~ शैली सक्सेना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और दुधवा टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया तक पहुंचाने के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार पहली बार दुधवा महोत्सव का आयोजन करने जा रही है। यह तीन दिवसीय भव्य आयोजन नवंबर 2025 में लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व में होगा। पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव की थीम ‘ईको टूरिज्म, नेचर एंड कल्चर सेलिब्रेशन’ रखी गई है।
महोत्सव का उद्देश्य और मुख्य आकर्षण
इस अनोखे महोत्सव का मुख्य उद्देश्य ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और स्थानीय थारू जनजाति की संस्कृति को दुनिया के सामने लाना है। इस आयोजन में आवासीय, सांस्कृतिक और वन्यजीव आधारित गतिविधियां शामिल होंगी, जो पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में ये शामिल हैं:
वन्यजीव सफारी और गाइडेड टूर: पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे और गाइडेड टूर के माध्यम से दुधवा की जैव विविधता को करीब से जान पाएंगे। स्थानीय संस्कृति का अनुभव: थारू जनजाति की अनोखी संस्कृति, उनके खानपान, हस्तशिल्प और जीवनशैली को देखने और समझने का मौका मिलेगा। प्रकृति के बीच गतिविधियाँ: नेचर वॉक, बर्ड वाचिंग सेशन, ग्रामीण कल्चरल टूर और प्रकृति के साथ योग जैसे अनुभव पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ेंगे। साहसिक खेल और मनोरंजन: एडवेंचर एवं इको स्पोर्ट्स जैसे वाल क्लाइम्बिंग, साइकिल ट्रैक और इंडोर गेम्स की व्यवस्था होगी। आरामदायक रहने की व्यवस्था: महोत्सव के दौरान 50 लक्जरी और 200 डीलक्स टेंट की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पर्यटक आराम से रुक सकें।
दुधवा को मिलेगी वैश्विक पहचान
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, यह महोत्सव न केवल दुधवा टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। महोत्सव में देश-विदेश से पर्यटकों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकेगा। इस आयोजन का उद्देश्य दुधवा राष्ट्रीय उद्यान को देश के प्रमुख ईको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
यूपी टूरिज्म (इको) के निदेशक प्रखर मिश्रा ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से दुधवा की प्राकृतिक विरासत, जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी। यह महोत्सव रोजगार सृजन और राज्य की पहचान को विशिष्टता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हाल के वर्षों में दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। वन्यजीव प्रेमी, शोधकर्ता, छात्र और फोटोग्राफर लगातार इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी बढ़ते रुझान को देखते हुए, यह महोत्सव ईको-टूरिज्म को और अधिक सुलभ और आकर्षक बनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
बिजनौर। जिला मुख्यालय बिजनौर सदर तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात राजकुमार ने कथित तौर पर अपने सरकारी आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय वे अपने परिवार के साथ थे। आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
राजकुमार नायब तहसीलदार (फाइल फोटो)
सुबह इलाहाबाद से लौटे थे घर
राजकुमार बागपत जिले के रहने वाले थे और अपने परिवार, जिसमें उनकी पत्नी, दो छोटी बेटियाँ और माता-पिता शामिल हैं, के साथ कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में रहते थे। अधिकारियों के मुताबिक, वे एक सरकारी काम के सिलसिले में इलाहाबाद गए थे और सुबह करीब 9 बजे ही घर लौटे थे।
बताया जाता है कि घर आने के बाद उनकी परिवार के सदस्यों से किसी बात पर बहस हो रही थी। बातचीत के दौरान ही वे अपने कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद करके अपनी पिस्टल से कनपटी पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही घर में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई।
अस्पताल में तोड़ा दम
परिजनों और मौके पर पहुँची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर राजकुमार को बाहर निकाला। वे खून से लथपथ थे और उनकी हालत बेहद नाजुक थी। उन्हें तुरंत सिविल लाइंस स्थित बीना-प्रकाश हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल के डॉ. प्रकाश के अनुसार, जब उन्हें लाया गया था, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी। घटना की सूचना मिलते ही जिला मजिस्ट्रेट जसजीत कौर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा सहित कई अधिकारी अस्पताल पहुँचे। उन्होंने डॉक्टरों से राजकुमार के इलाज में कोई कमी न छोड़ने का आग्रह किया था।।
अभिषेक झा एसपी बिजनौर
पहले भी विवादों में रहे थे नायब तहसीलदार।
राजकुमार एक होनहार और मिलनसार व्यक्ति थे। नायब तहसीलदार बनने से पहले उनका चयन पैरामिलिट्री फोर्स में सब-इंस्पेक्टर के पद पर भी हुआ था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उनका परिवार छोटा था और वे अपनी दो छोटी बेटियों से बहुत प्यार करते थे। यह भी सामने आया है कि राजकुमार कुछ समय पहले तब सुर्खियों में आए थे जब एक महिला ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उस समय यह मामला किसी तरह शांत हो गया था। चर्चा है कि वही महिला उन्हें फिर से परेशान कर रही थी, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया? हालाँकि, एसपी अभिषेक झा ने बताया कि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सच उजागर: शिकायतें बंद, समस्याएं जस की तस
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़े अधिकारी शिकायतों का समाधान करने के बजाय मनमाने ढंग से “स्पेशल क्लोज़” कर रहे हैं। यह आरोप जिला अल्मोड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने लगाया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को “जनता की उम्मीदों से विश्वासघात” बताते हुए इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संजय पाण्डे का कहना है कि जिस हेल्पलाइन का मकसद जनता को त्वरित और पारदर्शी समाधान दिलाना था, वह अब काग़ज़ी औपचारिकता बनकर रह गई है। शिकायतों का समाधान करने के बजाय अधिकारियों द्वारा मनमाने ढंग से उन्हें “स्पेशल क्लोज़” कर दिया जा रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्यपाल के अनु सचिव द्वारा L4 स्तर पर भेजी गई शिकायत को L3 स्तर के अधिकारी ने बिना कार्रवाई के स्पेशल क्लोज़ में डाल दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी गई दो शिकायतें भी इसी तरह ठंडे बस्ते में डाल दी गईं।
दो साल से लटकी शिकायतें
संजय पाण्डे ने बताया कि…CHML 0820238432564 (24 अगस्त 2023), CHML 0920238448554 (26 सितम्बर 2023) पिछले दो साल से लंबित हैं। जबकि, CHML 032025870316 (8 मार्च 2025) शिकायत का भी अब तक कोई हल नहीं निकला है और जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने इस पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
सुनी जातीं हैं चुनिंदा शिकायतें
पाण्डे का आरोप है कि मुख्यमंत्री केवल चुनिंदा लोगों की शिकायतें सुनते हैं, जबकि आम जनता की समस्याओं को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिले के अधिकारी हेल्पलाइन की समीक्षा तक नहीं कर रहे, जिससे लोगों में गहरी नाराज़गी है।
सरकार की साख पर सवाल !
संजय पाण्डे ने मुख्यमंत्री से मांग की कि हेल्पलाइन प्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो जनता का भरोसा सरकार से पूरी तरह उठ जाएगा और यह सरकार की साख पर सीधा हमला होगा।
मेरी काशी क्रिएटर्स पाठशाला परंपरा और तकनीक का संगम है- मंत्री जयवीर सिंह
सोशल मीडिया और स्टोरीटेलिंग के जरिए युवा पहुँचाएंगे काशी की विरासत दुनिया तक
यूपी पर्यटन की नई पहल: युवाओं की आवाज़ से दुनिया तक गूँजेंगी काशी की कहानियाँ
~ शैली सक्सेना
लखनऊ/वाराणसी, 3 सितम्बर 2025: उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन हब बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी कड़ी में पर्यटन विभाग ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी जिला प्रशासन के सहयोग से ‘मेरी काशी क्रिएटर्स पाठशाला’ का आयोजन किया। आयुक्त कार्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को काशी का सांस्कृतिक राजदूत बनाने की दिशा में एक और अहम कदम साबित हुआ।
इस पाठशाला में 275 से अधिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, क्रिएटर्स और विद्यार्थी (बीएचयू, काशी विद्यापीठ और डीएवी कॉलेज से) तथा काशी सांसद टूरिस्ट गाइड प्रतियोगिता के विजेता शामिल हुए। प्रतिभागियों को काशी और सारनाथ की 170 कहानियों पर प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें सोशल मीडिया व नई तरह की स्टोरीटेलिंग तकनीकें सिखाई गईं, ताकि वे इन कहानियों को देश-विदेश के दर्शकों तक पहुँचा सकें।
युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पहल
कार्यक्रम में वाराणसी गुरु ने युवाओं को कहानी कहने की अनोखी तकनीकें जैसे इमोशनल ग्राफिंग, पर्सनलाइजेशन और ‘थिएटर ऑफ माइंड’ सिखाईं, जिससे वे काशी की कहानियों को और असरदार बना सकें। वहीं यूट्यूब विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को रील्स निर्माण, डिजिटल पहुँच बढ़ाने, दर्शकों से जुड़ाव और मोनेटाइजेशन के व्यावहारिक गुर सिखाए। युवाओं को लगातार जोड़े रखने और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए यूपी पर्यटन और जिला प्रशासन ने ‘मेरी काशी एंबेसडर्स प्रोग्राम’ के तहत एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप भी तैयार किया।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, “मेरी काशी क्रिएटर्स पाठशाला’ उत्तर प्रदेश पर्यटन की उस पहल का प्रतीक है, जहाँ विरासत और आधुनिकता साथ-साथ चलते हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम युवाओं को काशी का सांस्कृतिक दूत बना रहे हैं, ताकि वे नई तकनीकों के जरिए हमारी धरोहर की कहानियाँ दुनिया तक पहुँचा सकें और वैश्विक पर्यटकों को काशी की ओर आकर्षित कर सकें।”
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि, “इस पाठशाला ने साबित किया है कि स्थानीय युवाओं की रचनात्मकता पर्यटन को नई दिशा दे सकती है। जब ये युवा काशी की कहानियों को अपने अंदाज़ में दुनिया तक पहुँचाएंगे, तो न केवल पर्यटकों का अनुभव और समृद्ध होगा बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।
वैश्विक जुड़ाव की ओर कदम
मंडलायुक्त एस. राजालिंगम ने घोषणा की कि यूपी पर्यटन के तहत 4 घंटे का विशेष ‘मेरी काशी कोर्स मॉड्यूल’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रतिभागी #MeriKashi हैशटैग के साथ आकर्षक रील्स बनाकर ‘मेरी काशी एंबेसडर’ के रूप में प्रमाणित होंगे। इन एंबेसडर्स को यूपी पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर स्थान मिलेगा, जिससे देशी और विदेशी पर्यटक सीधे स्थानीय और असली आवाज़ों से जुड़ सकेंगे।
यह पहल एक बार फिर यूपी पर्यटन की उस प्रतिबद्धता को मज़बूत करती है, जिसके तहत वाराणसी को एक वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में गढ़ा जा रहा है, जहाँ परंपरा और तकनीक का संगम है और स्थानीय युवाओं की आवाज़ें काशी की कहानियों को दुनिया के हर कोने तक पहुँचा रही हैं।”
अयोध्या में आगामी 19 अक्टूबर को होगा भव्य दीपोत्सव का आयोजन
स्वदेशी ड्रोन रामनगरी के आसमान में पौराणिक गाथा करेंगे चित्रित
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा पिछले वर्ष से अधिक भव्य दीपोत्सव की तैयारियां
वीर मुद्राओं में दिखेंगे प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान, लेजर लाइट्स, वॉयस ओवर दर्शकों को करेंगे मंत्रमुग्ध
दीपोत्सव-2025 में दुनिया देखेगी भारत की आस्था और तकनीक का अद्भुत संगम- मंत्री जयवीर सिंह
अयोध्या में दीपोत्सव- 2025 पर 1,000 से अधिक ड्रोन से होगा भव्य शो
~शैली सक्सेना
लखनऊ, 03 सितंबर 2025। उत्तर प्रदेश सरकार इस वर्ष भी अयोध्या में दीपावली को भव्य रूप देने के लिए ‘दीपोत्सव 2025’ का आयोजन करने जा रही है। इस अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा एक भव्य एरियल ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। रामनगरी के आसमान में 1,000 से अधिक रंग-बिरंगे ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर भक्ति, अध्यात्म और आधुनिकता का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ड्रोन शो दीपोत्सव की आध्यात्मिक भव्यता को और भी आकर्षक बनाएगा। पिछले वर्ष से भव्य दीपोत्सव की तैयारियां की जा रही है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘अयोध्या में 19 अक्टूबर 2025 को भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर रामनगरी लाखों दीयों की रोशनी से आलोकित होगी।भव्य आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की पौराणिक स्मृतियों को जीवंत करना है। इसके तहत पूरे नगर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा और सरयू नदी के घाटों पर लाखों दीप प्रज्वलित होंगे। दीपोत्सव में शोभायात्रा के साथ विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक आयोजन भी होंगे, जो आगंतुकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।’
वीर मुद्राओं में दिखेंगे श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान
मंत्री ने बताया कि ‘अयोध्या में इस बार होने वाले दीपोत्सव में दर्शकों को भव्य एरियल ड्रोन शो का दिव्य अनुभव मिलेगा। मंत्री ने बताया कि लगभग 15 मिनट तक चलने वाले इस शो में 1,000 से अधिक मेड इन इंडिया ड्रोन रामायण की पौराणिक एवं आध्यात्मिक गाथा को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करेंगे। ड्रोन शो में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी की वीर मुद्राओं का सजीव चित्रण होगा।
लेजर लाइट्स, वॉयस ओवर करेंगे मंत्रमुग्ध
ड्रोन शो को और आकर्षक बनाने के लिए लेजर लाइट्स, वॉयस ओवर और संगीतमय नैरेशन का विशेष संयोजन किया जाएगा, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।’ ज्ञात कि, दीपोत्सव-2024 में 500 ड्रोन के जरिए भव्य एरियल ड्रोन शो का आयोजन हुआ था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगा ड्रोन शो
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ही ड्रोन शो का आयोजन होगा। प्रभु रामलला के भव्य मंदिर में विराजित होने के बाद दूसरी बार आयोजित होने जा रहे दीपोत्सव कार्यक्रम को भव्य और सुंदर बनाने के लिए पर्यटन विभाग कोई कसर नहीं छोड़ रहा। दीपोत्सव कार्यक्रम से पूर्व ड्रोन शो का रिहर्सल भी किया जाएगा, जिससे ड्रोन शो के सही क्रम को परखा जाएगा। राम की पैड़ी पर इस ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा।’
‘विश्व बंधुत्व का संदेश’
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘अयोध्या दीपोत्सव केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का विश्वस्तरीय प्रतीक बन चुका है। प्रभु श्रीराम की नगरी में दीपोत्सव का यह पर्व हमारे लिए गर्व का अवसर है, जहां परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। दीपों की यह श्रृंखला न केवल श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कराती है, बल्कि ‘विश्व बंधुत्व’ और ‘सबका साथ-सबका विश्वास’ का संदेश भी देती है।’
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा, ‘दीपोत्सव हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर है। इस वर्ष अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव को पिछले वर्षों की तुलना में और भी भव्य बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा, विभाग का प्रयास है कि यह आयोजन न केवल देशवासियों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटकों के लिए भी एक यादगार अनुभव बने।’
उल्लेखनीय है कि कल 02 सितम्बर को पर्यटन भवन में दीपोत्सव अयोध्या तथा देव दीपावली काशी को भव्य ढंग से आयोजित करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में की गई थी।
सपना बन कर रह गया आशियाना में आशियाना बनाने का सपना
~ by Shalie
लखनऊ। आशियाना क्षेत्र के शारदा नगर रश्मि खंड में एक प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ प्लॉट देने के नाम पर लाखों रुपए हड़पने का आरोप लगा है। पीड़ित ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई! शिकायत के बाद, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मूल रूप से बिहार के महाराजगंज, सीवान जिले के रहने वाले अंकित कुमार सिंह से जुड़ा है। अंकित के मुताबिक, उन्होंने साल 2017 में एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा था, जिसमें लखनऊ में आशियाना बनाने का सपना दिखाया गया था। विज्ञापन देखकर उन्होंने आशियाना के रश्मि खंड में स्थित एचके इन्फ्राविजन नामक कंपनी से संपर्क किया।
कंपनी में उनकी मुलाकात मालिक प्रमोद कुमार उपाध्याय और विनोद कुमार उपाध्याय से हुई। उनके भरोसे में आकर अंकित ने उनकी ‘कान्हा उपवन वैली’ परियोजना में 1000 वर्ग फुट का प्लॉट बुक कराया। बुकिंग के समय उन्होंने 5 लाख रुपए का एडवांस पेमेंट किया था। इसके बाद, उन्होंने किश्तों में और भी भुगतान किया, जिससे कुल रकम 7.29 लाख रुपए हो गई।
प्लॉट नहीं मिला, पैसे मांगने पर मिली धमकी
इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी, अंकित को कंपनी की ओर से प्लॉट नहीं दिया गया। जब भी उन्होंने प्लॉट के बारे में बात की, कंपनी के मालिक उन्हें टालते रहे। पीड़ित अंकित का आरोप है कि बीते अप्रैल महीने में जब वह लखनऊ वापस आए और कंपनी के ऑफिस पहुंचकर अपने पैसे वापस मांगे, तो प्रमोद और विनोद उपाध्याय ने उन्हें पैसे लौटाने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने ऑफिस में असलहा निकालकर अंकित को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
इस घटना के बाद, अंकित कुमार सिंह ने हार कर आशियाना थाने में एचके इन्फ्राविजन कंपनी के मालिकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
एचके इन्फ्राविजन प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप
लखनऊ के रश्मि खंड में स्थित एचके इन्फ्राविजन प्राइवेट लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है। यह कंपनी कथित तौर पर प्लॉट और अन्य रियल एस्टेट परियोजनाओं से संबंधित काम करती है। हाल ही में इस कंपनी पर कई ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं, जिसमें प्लॉट का पैसा लेकर भी उन्हें न तो प्लॉट दिया गया और न ही उनका पैसा वापस किया गया।
कंपनी के बारे में जानकारी
1. पंजीकृत पता: कंपनी का पंजीकृत पता 1/44, रश्मि खंड, शारदा नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, 226002 है। 2. आरोप: कंपनी के मालिकों पर ग्राहकों से लाखों रुपए हड़पने और वापस मांगने पर धमकाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में लखनऊ के आशियाना थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। 3. संबधित मामले: मिली जानकारी के अनुसार, इस कंपनी पर सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि कई अन्य धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिनमें मोहनलालगंज में जमीन का बैनामा करने के बाद कब्जा न देने का मामला भी शामिल है।
यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी के खिलाफ लगे आरोप अभी जांच के दायरे में हैं, लेकिन ये मामले रियल एस्टेट में निवेश करने से पहले सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर करते हैं। किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले, उसकी वैधता और कंपनी की विश्वसनीयता की अच्छी तरह से जांच कर लेना बहुत महत्वपूर्ण है।
समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व से है अयोध्या और वाराणसी की पहचान
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
दीपोत्सव और देव दीपावली से यूपी की सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा नया आयाम
लखनऊ (शैली सक्सेना)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज दीपोत्सव-2025 और देव दीपावली की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने इन आयोजनों को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए, ताकि ये पर्व न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बनें, बल्कि राज्य के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करें।
राज्य की ब्रांडिंग का एक बड़ा अवसर
बैठक के दौरान, मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव और देव दीपावली जैसे आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल पर नए आयाम देंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये आयोजन केवल पर्व नहीं, बल्कि राज्य की ब्रांडिंग का एक बड़ा अवसर हैं, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भुनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से प्रचार-प्रसार की व्यापक रणनीति बनाने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक इन अद्वितीय आयोजनों का हिस्सा बन सकें।
अयोध्या और काशी में भव्यता की तैयारी
मंत्री ने निर्देश दिया कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली का आयोजन खास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों की झलक इतनी अद्वितीय हो कि हर आगंतुक के मन पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ जाए। इस दौरान, अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से तैयारियों का विवरण दिया। जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या और वाराणसी की पहचान उनकी समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व से है। इन पर्वों के माध्यम से इस विरासत को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन आयोजनों के दौरान आगंतुकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए और तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
पर्यटन निदेशालय में हुई इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य मुकेश मेश्राम, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया और पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की और मंत्री के निर्देशों के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।
राज्य की सांस्कृतिक छवि वैश्विक स्तर पर होगी स्थापित
इस बैठक से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार दीपोत्सव और देव दीपावली को केवल एक धार्मिक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पर्यटन और आर्थिक संवर्धन के अवसर के रूप में देख रही है, जिसका लक्ष्य राज्य की सांस्कृतिक छवि को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।
मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने जन्मदिन पर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
‘शिक्षक स्वयं भी पेड़ लगाएं और छात्रों को भी प्रेरित करें’ : रुचि वीरा
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। मुरादाबाद की लोकसभा सांसद और बिजनौर की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, कुंवरानी रुचि वीरा ने अपना जन्मदिन मंगलवार को राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज, बिजनौर में मनाया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि शिक्षकों से भी हर शुभ अवसर पर वृक्षारोपण करने और छात्रों को इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
भव्य स्वागत और सम्मान
सुबह 11 बजे रुचि वीरा अपनी बेटी स्वाति वीरा (रेडियो 89.6 की सचिव) और अन्य समर्थकों के साथ विद्यालय पहुंचीं। विद्यालय के मुख्य द्वार पर ढोल-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय में प्रवेश के बाद, उन्होंने सबसे पहले अपने दादा ससुर राजा ज्वाला प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, राजा ज्वाला प्रसाद हॉल में उन्होंने केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया, जहां उपस्थित सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
पौधारोपण और प्रेरणा
इस अवसर पर रुचि वीरा ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे न सिर्फ अपने जन्मदिन या अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाएं, बल्कि छात्रों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा को समय की आवश्यकता बताया और कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने की प्रशंसा
विद्यालय के प्रधानाचार्य बिशनलाल ने रुचि वीरा को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि रुचि वीरा बिजनौर ही नहीं, बल्कि समूचे पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में जानी जाती हैं। उप प्रधानाचार्य और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गय्यूर आसिफ ने भी उन्हें बधाई दी। आसिफ ने कहा कि अपने मात्र एक वर्ष के कार्यकाल में कुंवरानी जी ने मुरादाबाद के संपूर्ण लोकसभा क्षेत्र में जिस प्रकार से लोकप्रियता और आम जनता का प्रेम एवं स्नेह प्राप्त किया है, वह किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए गौरव और गरिमा की एक जीती-जागती मिसाल है।
सांसद ने जताया आभार
अपने संबोधन में सांसद रुचि वीरा ने कहा कि यद्यपि वह मुरादाबाद की सांसद हैं, लेकिन अपने क्षेत्र और लोगों से उनका आज भी वही स्नेह और लगाव है जो पहले था। उन्होंने अपने सम्मान में जन्मदिन कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रधानाचार्य और सभी स्टाफ का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान, शिक्षकों ने सांसद की नातिन वृंदा महाजन को भी माला पहनाकर और केक खिलाकर अभिनंदन किया। वृंदा ने भी माइक पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अपनी नानी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, जिस पर उपस्थित सभी लोगों ने तालियां बजाकर उसके लिए दीर्घायु की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय के स्टाफ के लिए प्रीति भोज की भी व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में मनोज यादव, सुधांशु कुमार, बृजेश राजपूत, सुभाष राजपूत, चंद्रहास, सत्य प्रकाश गंगवार, करणवीर सिंह, प्रदीप कुमार, जितेंद्र कुमार, जयप्रकाश, अमन यादव, विनोद यादव, सुनील बाबू, तेजपाल सिंह, मोहम्मद अनस, रश्मि चौहान, अलका अग्रवाल, राजेंद्र कुमार, अनुराग भारद्वाज सहित सभी शिक्षकों ने अपनी संरक्षक को शुभकामनाएं दीं।
लखनऊ के हुसैनगंज और बासमंडी इलाके में की गई कार्रवाई
तंबाकू नियंत्रण टीम ने 14 दुकानों से वसूला जुर्माना ₹ साढ़े 4 हजार
लखनऊ। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लखनऊ में तंबाकू नियंत्रण टीम ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, हुसैनगंज चौराहा और बासमंडी इलाके में अचानक निरीक्षण किया गया, जिसमें कोटपा अधिनियम 2003 का उल्लंघन करते पाए जाने पर 14 दुकानों पर जुर्माना लगाया गया।
कार्रवाई का विवरण
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ और जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी, डॉ. निशांत निर्वाण के निर्देश पर की गई। इस टीम में डॉ. मयंक चौधरी (जिला सलाहकार) और विनोद सिंह यादव (सामाजिक कार्यकर्ता) शामिल थे। इनके साथ, संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, लखनऊ के कार्यालय से एक प्रवर्तन दल भी मौजूद था, जिसमें एस.आई. रविंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सतीश कुमार, आरक्षी नीतेश कुमार और राधा शामिल थे। इस संयुक्त टीम ने हुसैनगंज चौराहा से लेकर बासमंडी नगरीय क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, 14 दुकानें कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाई गईं। इन दुकानों पर कुल 4400 रुपए का जुर्माना लगाया गया। किन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई?
जुर्माने की यह कार्रवाई मुख्य रूप से कोटपा अधिनियम की दो धाराओं के तहत की गई:
धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध के उल्लंघन के लिए 12 दुकानों पर 4000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
धारा 6बी: शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के उल्लंघन के लिए 2 दुकानों पर 400 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
जागरूकता और शिक्षा का भी अभियान
जुर्माना लगाने के साथ-साथ, टीम ने लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर रोगों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने तंबाकू उन्मूलन केंद्र और कोटपा अधिनियम 2003 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी, ताकि लोग कानून का पालन करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। यह अभियान दर्शाता है कि प्रशासन तंबाकू नियंत्रण को लेकर गंभीर है और आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
क्या है कोटपा अधिनियम 2003
‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003’, जिसे संक्षेप में कोटपा अधिनियम 2003 (COTPA – Cigarettes and Other Tobacco Products Act, 2003) भी कहा जाता है, भारत में तंबाकू के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कानून है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना और विशेष रूप से युवाओं को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाना है। इस अधिनियम के मुख्य प्रावधान और उनके उल्लंघन इस प्रकार हैं:
1. धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध * प्रावधान: यह धारा सार्वजनिक स्थानों जैसे होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, मॉल, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, और शैक्षणिक संस्थानों में धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाती है। इन स्थानों के मालिकों को “धूम्रपान निषेध क्षेत्र” का बोर्ड लगाना अनिवार्य है। * उल्लंघन: सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करना इस धारा का उल्लंघन है। इसका उल्लंघन करने पर ₹200 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। 2. धारा 5: तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध * प्रावधान: यह धारा सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन, प्रचार और प्रायोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाती है। * उल्लंघन: तंबाकू उत्पादों का किसी भी माध्यम से विज्ञापन करना (जैसे टीवी, रेडियो, प्रिंट मीडिया या बैनर), या किसी कार्यक्रम को प्रायोजित करना इस धारा का उल्लंघन है। इसका उल्लंघन करने पर ₹1000 से लेकर ₹5000 तक का जुर्माना या 1 से 5 साल तक की कैद हो सकती है। 3. धारा 6: नाबालिगों को बिक्री और शैक्षणिक संस्थानों के पास बिक्री पर प्रतिबंध * प्रावधान: इस धारा के दो भाग हैं: * धारा 6 (क): 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाती है। * धारा 6 (ख): किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज (लगभग 91 मीटर) के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाती है। * उल्लंघन: * नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचना या शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में ऐसी बिक्री करना इस धारा का उल्लंघन है। * दुकानों को यह बोर्ड प्रदर्शित करना भी अनिवार्य है कि “तंबाकू उत्पादों की बिक्री 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को नहीं की जाती है”। इस बोर्ड का न लगाया जाना भी उल्लंघन माना जाता है। इस धारा का उल्लंघन करने पर ₹200 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। 4. धारा 7: स्वास्थ्य चेतावनी का अनिवार्य प्रदर्शन * प्रावधान: यह धारा अनिवार्य करती है कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के हर पैकेट पर निर्दिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी (चित्रित चेतावनी सहित) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए। * उल्लंघन: बिना स्वास्थ्य चेतावनी या गलत चेतावनी वाले पैकेट में तंबाकू उत्पादों का उत्पादन, आपूर्ति या बिक्री करना इस धारा का उल्लंघन है। कोटपा अधिनियम का उद्देश्य सिर्फ जुर्माना लगाना नहीं है, बल्कि लोगों को तंबाकू के सेवन से दूर रखकर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
लखनऊ। विश्व दलित परिषद और उसके सहयोगी संगठनों के प्रयासों से मुरादाबाद मंडल में अनुसूचित जाति (SC) के लोगों की कृषि योग्य भूमि को अवैध रूप से खरीदने का मामला सामने आया है। इन संगठनों ने इस गंभीर मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिससे कई गांवों में हुई अवैध बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की उम्मीद जगी है।
क्या है पूरा मामला?
मुरादाबाद मंडल में कुछ लोग अनुसूचित जाति के सीधे-साधे और गरीब लोगों को बहला-फुसलाकर या धमकाकर उनकी जमीन कम कीमत पर खरीद रहे हैं। यह खरीद-फरोख्त बिना कलेक्टर, मुरादाबाद की अनुमति के की जा रही है, जो कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 104 और 105 का सीधा उल्लंघन है। नियमानुसार, अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को गैर-अनुसूचित जाति के लोग कलेक्टर की अनुमति के बिना नहीं खरीद सकते। यदि ऐसा होता है, तो कलेक्टर के पास यह अधिकार है कि वह बेची गई जमीन को राज्य सरकार के अधीन कर दे।
कानूनी कार्रवाई और सफलता
विश्व दलित परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, भूपेंद्र पाल सिंह चमार साहब, और उनके सहयोगी संगठनों जैसे अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा और दि चमार रेजीमेंट की ओर से ओंकार सिंह एडवोकेट ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने ग्राम सिरसा इनायतपुर, समाथल, रतनपुर कला, शाहपुर तिगरी, संभल तहसील के मखदुमपुर, फुलसिंगा और अन्य गांवों में हुई अवैध बिक्री के खिलाफ शिकायत दर्ज की।
जांच में ये आरोप सही पाए गए। इसी के परिणामस्वरूप, ग्राम सिरसा इनायतपुर की गाटा संख्या 1209 पर हुई अवैध बिक्री के खिलाफ खरीदार जाहिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा अपर उप जिलाधिकारी, मुरादाबाद के न्यायालय में चल रहा है, जिसका उद्देश्य इस जमीन को सरकार के अधीन करना है। अन्य गांवों में हुई ऐसी ही अवैध बिक्री पर भी कार्रवाई जारी है।
संगठनों की बड़ी कामयाबी
भारतीय लोकतंत्र बचाओ मोर्चा और विश्व दलित परिषद ने इस कानूनी लड़ाई को अपनी एक बड़ी कामयाबी माना है। वर्ल्ड दलित काउंसिल यूथ सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, हर्षवर्धन सिंह के अनुसार, यदि इस तरह की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगती है, तो दि चमार रेजीमेंट और अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा अपने सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन करेंगे। यह कार्रवाई न केवल अनुसूचित जाति के लोगों को भूमिहीन होने से बचाएगी, बल्कि कानून के उल्लंघन करने वालों को भी एक कड़ा संदेश देगी।
12.5 फीट ऊंची ब्रास की भव्य मूर्ति होगी स्थापित – मंत्री जयवीर सिंह
लखनऊ में मराठी समाज के गणेश पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए जयवीर सिंह
चौक चौराहे पर लगेगी छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारोही मूर्ति
लखनऊ, (01 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सोमवार शाम राजधानी लखनऊ के चौक स्थित राममनोहर लोहिया चौक पर मराठी समाज द्वारा आयोजित श्री गणेश पूजा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मंत्री ने प्रथम पूज्य भगवान श्री गणपति जी की विशेष आरती कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने चौक चौराहे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की 12.5 फीट ऊंची अश्वारोही भव्य मूर्ति स्थापित करने की घोषणा की। यह मूर्ति ब्रास की होगी, जिसका निर्माण जयपुर में किया जा रहा है।
पूजन के बाद कार्यक्रम में गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुति हुई, जिसमें मराठी समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मंत्री जयवीर सिंह ने सभी को गणेश उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और हमारी संस्कृति व परंपरा को सशक्त बनाते हैं।
मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मराठी समाज द्वारा लखनऊ में भव्य रूप से आयोजित श्री गणेश उत्सव में सम्मिलित होकर मुझे अत्यंत आनंद और गर्व की अनुभूति हुई। प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी की कृपा से हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सद्भावना बनी रहे। मराठी समाज की सांस्कृतिक परंपराएं और सामाजिक एकता अनुकरणीय हैं। यह उत्सव समाज को जोड़ने, हमारी संस्कृति को सशक्त बनाने और भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने का कार्य करता है।’
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से कार्यक्रम का आनंद लिया और पूजा-अर्चना की। मंत्री ने विशेष रूप से शिवभूषण सिंह प्रदेश मंत्री, उमेश कुमार पाटिल (संयोजक), विकास पाटिल (अध्यक्ष) गजानन माने, सचिन माली, किसन डिसले, विष्णु चव्हाण. तथा स्थानीय मराठी मानुष एवं भक्त गण के साथ मीडिया के साथियों का आभार प्रकट किया।
राजधानी में उत्तर प्रदेश बेड एण्ड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति 2025
बड़ी संख्या में आवेदकों ने दिखाई रुचि
लखनऊ में पर्यटकों के ठहरने को अब होटल नहीं, होमस्टे होंगे नए आकर्षण के केन्द्र – जयवीर सिंह
लखनऊ (01 सितम्बर, 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में पर्यटकों को किफायती और बेहतर ठहरने की सुविधा देने के लिए सकारात्मक पहल की है। ‘उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होमस्टे नीति 2025’ के तहत लखनऊ वासियों ने बड़े पैमाने पर अपने घरों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत कराने में रुचि दिखाई है। पर्यटन विभाग के इस प्रयास से धार्मिक एवं अन्य पर्यटन स्थलों पर आने वाले आगंतुकों को सस्ती दरों पर होटल का विकल्प उपलब्ध होगा।
यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया नई नीति से प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को भी आय के नए अवसर मिलेंगे। पर्यटकों को होटल के मुकाबले सस्ती सुविधाओं के साथ पारिवारिक माहौल भी प्राप्त होगा। उन्होंने बताया, कि प्रमुख धार्मिक या पर्यटन स्थलों पर होटल रूम खाली नहीं मिलते, जिससे पर्यटकों को रुकने में परेशानी होती है। इसी समस्या के समाधान के लिए यह नई नीति तैयार की गई है।
‘उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होमस्टे नीति 2025’
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होमस्टे नीति 2025’ के तहत राजधानी लखनऊ में करीब 800 होमस्टे तैयार किये जाने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में होमस्टे बनने से एक ओर पर्यटकों के ठहरने की समस्या का समाधान होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि इस नीति में वित्तीय प्रोत्साहन और अनुदान की भी व्यवस्था की गई है, ताकि राज्य के निवासियों को प्रोत्साहित किया जा सके कि वे अपने घरों से आमदनी प्राप्त करने का प्रयास करें। उन्होंने बताया, कि बीएंडबी एवं होमस्टे नीति 2025 के तहत अब पर्यटन स्थलों के आसपास कोई भी व्यक्ति अपने 01 से 06 कमरों तक के आवासीय भवन (जिसमें वह स्वयं निवास करता हो) को होमस्टे के रूप में रजिस्टर करा सकता है। इसके अंतर्गत अधिकतम 12 बेड की अनुमति होगी। सम्पत्तिधारक द्वारा उसके आवासीय भवन के अधिकतम दो तिहाई कक्षों को ही किराये पर दिया जा सकेगा। इच्छुक आवेदक इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल up-tourismportal.in पर आवेदन कर सकते हैं। यह योजना दो श्रेणियों गोल्ड और सिल्वर में वर्गीकृत की गई है।’
राज्य में पहले ऐसी कोई नीति न होने के कारण होमस्टे संचालकों को केंद्र सरकार के निधि प्लस पोर्टल पर पंजीकरण कराना पड़ता था। अब राज्य सरकार की नई नीति के तहत वे स्थानीय निकायों की अनापत्ति लेकर सरल प्रक्रिया से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ज्ञात हो कि, अनुमति की प्रक्रिया जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अगुवाई वाली कमेटी के माध्यम से पूरी की जाएगी।
हरिद्वार में चित्रांश बंधुओं को मिला ‘भगवान श्री चित्रगुप्त घाट’
हरिद्वार। समस्त चित्रांश बंधुओं के लिए यह एक बेहद गौरव और खुशी का क्षण है। सरवानंद घाट के पास अब भगवान श्री चित्रगुप्त जी के नाम पर एक अलग घाट होगा।
दरअसल 24 अगस्त 2025 को हरिद्वार में हुई एक बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुद्रपुर और हल्द्वानी से आए कायस्थ बंधुओं ने हिस्सा लिया।
इस निर्णय से कायस्थ समाज को अब हरिद्वार में अपनी एक विशेष पहचान और स्थान मिल गया है। यह घाट न केवल पूजा-अर्चना के लिए एक पवित्र स्थल बनेगा, बल्कि यहां आने वाले चित्रांश परिवार के सदस्यों के लिए विश्राम करने की भी सुविधा होगी।
भव्य कार्यक्रम की घोषणा
इस शुभ अवसर को यादगार बनाने के लिए, 4 और 5 अक्टूबर को द्वितीय भगवान श्री चित्रगुप्त जी की पूजा, कथा और एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन इसी नए ‘भगवान श्री चित्रगुप्त घाट’ पर किया जाएगा। आयोजकों ने सभी चित्रांश परिवारों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।
यह जानकारी देते हुए मुरारी प्रसाद श्रीवास्तव ने सभी कायस्थ बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे इस खुशखबरी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि हर चित्रांश परिवार को इस नए घाट के बारे में पता चले और वे इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिसका लाभ सभी को उठाना चाहिए। संपर्क जानकारी: मुरारी प्रसाद श्रीवास्तव– मोबाइल नंबर: 8788489569
बांदा विकास प्राधिकरण में ठेका दिलाने का दिया झांसा
धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
ठेका दिलाने के नाम पर दोस्त ने ठगे ₹ 75 लाख
लखनऊ। आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाले एक शख्स ने अपने दोस्त पर बांदा विकास प्राधिकरण में ठेका दिलाने के नाम पर 75 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया है।
आलमबाग थाना क्षेत्र के औरंगाबाद खालसा निवासी आसिफ खान पुत्र वासिद खान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी दोस्ती बांदा निवासी अब्दुल रहीम अहमद से थी। अब्दुल रहीम ने आसिफ को बांदा विकास प्राधिकरण में ठेका दिलाने का झांसा दिया और साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव रखा। आसिफ के अनुसार, पिछले साल दिसंबर महीने में अब्दुल रहीम ने उनसे अलग-अलग किस्तों में 75 लाख रुपये लिए। इसमें से 8 लाख रुपये के.जी.एन. प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अपने बैंक अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए, जबकि 42 लाख रुपये नकद लिए गए।
धोखाधड़ी का खुलासा:
जब ठेका नहीं मिला तो आसिफ ने अपने दोस्त अब्दुल रहीम से पैसों के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि पैसों की बात सुनते ही अब्दुल रहीम गाली-गलौज करने लगा और पैसे वापस देने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही, उसने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित आसिफ खान ने अपनी शिकायत में बताया कि ठगी का एहसास होने के बाद उन्होंने आशियाना थाने में अब्दुल रहीम अहमद के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
आँखों की समस्या से ग्रस्त बच्चों के लिए वरदान साबित होगा अभियान
बच्चों की आंखों के लिए रेड क्रॉस का सराहनीय कदम
फ़तेहपुर। बच्चों की आंखों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, फतेहपुर और जगदम्बा आई क्लीनिक ने मिलकर एक स्कूल नेत्र परीक्षण अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का शुभारंभ आज, 1 सितंबर 2025 को प्राथमिक विद्यालय पनी द्वितीय से किया गया।
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश के कार्यकारी सदस्य और फतेहपुर के चेयरमैन डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने इस पहल का नेतृत्व किया। अभियान के पहले दिन, जगदम्बा आई क्लीनिक के नेत्र विशेषज्ञ विवेक कुमार अग्निहोत्री ने 33 बच्चों की आँखों की जांच की।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभियान उन बच्चों के लिए एक वरदान साबित होगा, जिन्हें आँखों की समस्या है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन बच्चों को परीक्षण के बाद चश्मे की जरूरत होगी और जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें जगदम्बा आई क्लीनिक द्वारा निःशुल्क चश्मा प्रदान किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर, प्रमुख सहयोगी अंजली, इंचार्ज प्रधानाध्यापक रोहित सिंह और विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे। इस तरह की पहल से न केवल बच्चों की आँखों की समस्याओं का समय पर पता चलेगा, बल्कि उन्हें सही इलाज और देखभाल भी मिल सकेगी।
बिजनौर। जिले में किसानों को गन्ने की फसल में फैल रहे लाल सड़न रोग (Red Rot) के प्रकोप से बचाने के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को इस बीमारी से बचाव के उपाय सुझाए हैं।
क्या है लाल सड़न रोग?
लाल सड़न रोग गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुँचाता है। इस रोग से प्रभावित पौधों की पत्तियों पर लाल धब्बे दिखाई देने लगते हैं और धीरे-धीरे पत्तियाँ पीली होकर सूख जाती हैं। अगर प्रभावित गन्ने को बीच से काटा जाए तो अंदर का हिस्सा लाल दिखाई देता है और उसमें से अल्कोहल जैसी तेज गंध आती है।
रोग पर नियंत्रण कैसे करें?
कृषि विभाग ने किसानों को इस रोग से निपटने के लिए निम्नलिखित सलाह दी है: 1. बीमार पौधों को हटाएँ: सबसे पहले, रोग से ग्रसित पौधों को पहचानकर उन्हें उखाड़ लें और उन्हें खेत से दूर किसी गहरे गड्ढे में दबा दें। 2. मिट्टी का उपचार करें: जिस जगह से पौधा उखाड़ा गया है, वहाँ की मिट्टी में ब्लीचिंग पाउडर छिड़कें ताकि संक्रमण आगे न फैले। 3. रासायनिक छिड़काव: किसान एजोक्सीस्ट्रोबिन 11% + टेबुकोनाजोल 18.3% SC का 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा, थायोफिनेट मिथाइल 70% की 500 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ के हिसाब से भी इस्तेमाल की जा सकती है।
कृषि विभाग से कैसे संपर्क करें?
अगर किसानों को अपनी फसल में किसी भी तरह की कीट या रोग से जुड़ी समस्या है, तो वे कृषि विभाग से सीधे मदद ले सकते हैं। इसके लिए, किसान अपना पंजीकरण नंबर या नाम, गाँव, विकास खंड और जिले का नाम लिखकर समस्या की फोटो के साथ 9452247111 और 9452257111 नंबरों पर SMS या WhatsApp कर सकते हैं। विभाग 48 घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान देगा।
यह भी रखें ध्यान….
1. गन्ने की नई किस्मों पर दें ध्यान: गन्ना अनुसंधान संस्थानों ने रोग-प्रतिरोधी नई किस्में विकसित की हैं। किसानों को इन किस्मों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। 2. अपनाएँ फसल चक्र : खेत में बार-बार गन्ना लगाने से बचें। बीच-बीच में दूसरी फसलें लगाने से मिट्टी की सेहत अच्छी रहती है और रोगों का प्रकोप कम होता है।
बारां, राजस्थान। शाहाबाद तहसील का ढिकवानी गाँव इन दिनों एक गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से बनी पानी की टंकी शोपीस बनकर रह गई है और ‘हर घर नल से जल’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएँ प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं। ग्रामीण, जिनमें महिलाएँ सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, आज भी दूर-दराज से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि सरकार और अधिकारियों की ओर से केवल खोखले आश्वासन और निष्क्रियता ही मिल रही है।
करोड़ों की योजना, परिणाम शून्य
ग्राम ढिकवानी में निर्मित पानी की टंकी का उद्घाटन 21 अप्रैल 2022 को किया गया था। शुरुआत में कुछ दिनों के लिए पानी की आपूर्ति हुई, लेकिन फिर टंकी बंद हो गई। गाँव के निवासी आशीष मेहता बताते हैं कि ग्रामीणों को कभी भी नियमित रूप से पानी नहीं मिला। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 12 फरवरी 2024 को बिजली कनेक्शन काट दिया गया और जल स्वच्छता समिति पर ₹1,85,000 का भारी-भरकम बिजली बिल थोप दिया गया, जबकि ग्रामीणों को कभी भी योजना का लाभ नहीं मिला।
यह केवल पैसे की बर्बादी का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे सरकारी परियोजनाओं को भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण जनता तक पहुँचने से रोका जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही और ‘सूचना का अधिकार’ का मखौल ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर हर संभव दरवाजा खटखटाया है। जिला कलेक्टर, एसडीओ, तहसीलदार, PHED विभाग और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक को विस्तृत शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन किसी भी स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय विधायक के निर्देशों के बावजूद ठेकेदार और विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
आशीष मेहता ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) 2005 के तहत जानकारी माँगी, लेकिन 35 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। यह सूचना के अधिकार का सीधा उल्लंघन है, जो अधिकारियों की मनमानी और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।
सड़कों पर जनता, अधिकारी मौन
यह समस्या सिर्फ ढिकवानी तक सीमित नहीं है। शाहाबाद तहसील के कई अन्य गाँवों में भी ऐसी ही स्थिति है। ग्रामीण पिछले 3-4 महीनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है। भीषण गर्मी में, जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, महिलाएँ मीलों चलकर पानी लाने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल ग्रामीणों के जीवन को कठिन बना रही है, बल्कि उनके संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 21: जीवन का अधिकार) का भी सीधा उल्लंघन है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
1. ढिकवानी पानी की टंकी और अन्य क्षेत्रीय योजनाओं की उच्च स्तरीय जाँच हो। 2. दोषी विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई की जाए। 3. ‘हर घर नल से जल योजना’ को तुरंत लागू कर ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराया जाए। 4. RTI और शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए। 5. जल स्वच्छता समिति पर थोपे गए ₹1,85,000 के बिजली बिल की निष्पक्ष जाँच हो।
यह मामला केवल स्थानीय प्रशासनिक विफलता का नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा है। यह जरूरी है कि सरकार इस मामले का संज्ञान ले और ग्रामीणों की समस्या का समाधान करे, ताकि ढिकवानी और आस-पास के गाँवों को पीने के पानी के लिए इस तरह संघर्ष न करना पड़े।
‘हर घर नल से जल’
‘हर घर नल से जल’ योजना भारत सरकार द्वारा चलाई गई एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे जल जीवन मिशन (JJM) के तहत शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य लक्ष्य 2024 तक भारत के हर ग्रामीण घर में नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
मुख्य उद्देश्य और विशेषताएँ
1. हर घर तक नल का कनेक्शन: योजना का प्राथमिक उद्देश्य देश के सभी ग्रामीण घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुँचाना है। 2. पर्याप्त और नियमित जल आपूर्ति: यह सुनिश्चित करना कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 55 लीटर पानी मिले। 3. स्वच्छ और सुरक्षित पानी: आपूर्ति किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता उच्च स्तर की हो ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ न हों। 4. सामुदायिक भागीदारी: पानी समितियों (ग्राम जल तथा स्वच्छता समिति) के माध्यम से योजना के प्रबंधन और रखरखाव में स्थानीय समुदायों को शामिल करना। 5. जल संरक्षण को बढ़ावा: वर्षा जल संचयन (rainwater harvesting) और पानी के कुशल उपयोग जैसे तरीकों को प्रोत्साहित करना।
कुल मिलाकर इस योजना का उद्देश्य सिर्फ पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और महिलाओं तथा बच्चों को पानी लाने के बोझ से मुक्त करना भी है।
फर्जी जाति प्रमाण पत्रों पर मुजफ्फरनगर में हुई महत्वपूर्ण बैठक
फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कराएंगे कड़ी कार्रवाई
अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है अनुसूचित जाति समाज
लखनऊ। अनुसूचित जाति समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। यह संदेश पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर में संपन्न हुई बैठक में निकल कर आया है।
दरअसल शाहवली/वार्ड नंबर-2 मुजफ्फरनगर में, 31 अगस्त, 2025 को नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के सभासद पति सुंदर सिंह के आवास सह कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ।
इस बैठक में अनुसूचित जाति समाज के जागरूक और बुद्धिजीवी लोग शामिल थे, जिन्हें विश्व दलित परिषद/ वर्ल्ड दलित काउंसिल के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, भूपेंद्र पाल सिंह चमार साहब और विश्व दलित काउंसिल यूथ सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने संबोधित किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य फर्जी और कूटरचित अनुसूचित जाति प्रमाण पत्रों के मुद्दे पर चर्चा करना था। वक्ताओं ने समाज के लोगों को इन प्रमाण पत्रों को रद्द कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में समझाया।
भूपेंद्र पाल सिंह चमार साहब अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व दलित परिषद/ वर्ल्ड दलित काउंसिल
बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
बैठक में फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के तीन मुख्य मामलों पर चर्चा की गई: 1. 485 फर्जी प्रमाण पत्र: ये प्रमाण पत्र हिंदू जुलाहा समाज के भुईयार और कोरी के नाम पर बनाए गए हैं। 2. 1408 फर्जी प्रमाण पत्र: ये प्रमाण पत्र पिछड़े वर्ग (ओबीसी) की गडरिया/पाल/बघेल जातियों के लोगों को “धनगर” के नाम से जारी किए गए हैं। 3. 3 फर्जी प्रमाण पत्र: ये प्रमाण पत्र मुस्लिम महिलाओं को जारी किए गए हैं।
कार्रवाई की मांग और आगे की योजना
कुल मिलाकर, लगभग 1493 फर्जी प्रमाण पत्रों के धारकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में शामिल वक्ताओं और समाज के लोगों ने जिला स्तरीय कास्ट स्क्रूटनी कमेटी, मुजफ्फरनगर से इन सभी फर्जी प्रमाण पत्रों को तुरंत निरस्त कराने की मांग की। यह कमेटी जिलाधिकारी महोदय, मुजफ्फरनगर की अध्यक्षता में गठित है। इसके साथ ही, उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने और जारी करने में शामिल सभी व्यक्तियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।
इनमें शामिल हैं:
1. सर्टिफिकेट जारी करने वाले तत्कालीन तहसीलदार,
2. लेखपाल, कानूनगो, नाज़िर और क्लर्क (नाम और पता अज्ञात)।
3. लोकवाणी केंद्रों के संचालक (नाम और पता अज्ञात)।
4. फर्जी तस्दीक करने वाले और झूठे तथ्य व साक्ष्य देने वाले अन्य सभी दोषी कर्मचारी और अधिकारी।
5. झूठे हलफनामे (affidavits) देने वाले व्यक्ति।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन सभी दोषियों के खिलाफ समुचित आपराधिक कार्रवाई (क्रिमिनल प्रोसीडिंग)/एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
भूपेंद्र पाल सिंह चमार साहब ने समाज के लोगों को इस लड़ाई में एकजुट रहने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के लिए प्रेरित किया। हर्षवर्धन सिंह ने युवाओं से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया ताकि समाज के वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार मिल सके। यह बैठक इस बात पर जोर देती है कि अनुसूचित जाति समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
ऊपर से नीचे तक सभी सुनियोजित भ्रष्टाचार में लिप्त !
“आखिर कौन है इसका ‘सुपर चीफ” ?
LDA में अवैध निर्माणों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों का सिंडिकेट !
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण का खेल एक बड़ा और संगठित सिंडिकेट चला रहा है, जिसमें लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के विभिन्न अधिकारी शामिल हैं? यह कोई साधारण मिलीभगत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित भ्रष्टाचार है, जिसमें प्रवर्तन अधिकारी, अवर अभियंता, सहायक अभियंता, जोनल अधिकारी और यहां तक कि विहित प्राधिकारी भी लिप्त हैं! ‘अवध की आवाज़’ समाचार पत्र की एक विस्तृत जांच में यह सामने आया है कि ये अधिकारी लोकहित और जनहित की परवाह किए बिना अपनी दूषित कार्यशैली से करोड़ों के राजस्व का नुकसान कर रहे हैं।
नोटिस से लेकर सीलिंग तक, हर कदम पर ‘डीलिंग’
खबर के अनुसार, LDA के प्रवर्तन अधिकारी अवैध निर्माणकर्ताओं के साथ मिलकर काम करते हैं। वे न केवल नोटिस जारी करने में ढिलाई बरतते हैं, बल्कि सीलिंग के मामलों में भी ‘डीलिंग’ करते हैं। इनकी भ्रामक कार्यशैली का नतीजा यह है कि अवैध निर्माण पूर्ण हो जाते हैं और उनमें लोग रहने भी लगते हैं। विभाग को मिलने वाला करोड़ों का राजस्व सुविधा शुल्क की भेंट चढ़ जाता है। जब समाचार पत्रों में इन अवैध निर्माणों की खबरें छपती हैं या शिकायतकर्ता शिकायत करते हैं, तो कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। यह सबसे बड़ा विरोधाभास है कि ये सभी मामले LDA के मुखिया, यानी उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और अन्य उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती! सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों इस ‘संयुक्त खेल’ में शामिल अधिकारियों, के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की जाती?
प्रवर्तन ज़ोन-3 का एक चौंकाने वाला मामला
इस सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए, ‘अवध की आवाज़’ ने एक-एक मामले को उजागर करने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में, प्रवर्तन ज़ोन-3 का एक मामला सामने आया है। यहाँ सभी नियमों और मानकों को ताक पर रखकर लगभग 400 अवैध रो हाउस का निर्माण किया गया। इन रो हाउस से जुड़ी शिकायतें भी थीं, लेकिन सिंडिकेट ने उन्हें संरक्षण दिया और निर्माण को पूरा करवाकर उनमें लोगों को रहने भी दिया।
झूठी और भ्रामक रिपोर्ट देकर शिकायत का निपटारा
तत्कालीन अवर अभियंता संजय शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने झूठी और भ्रामक रिपोर्ट देकर शिकायत का निपटारा कर दिया! उन्होंने मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और राजीव कुमार जैसे उच्च अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेशों का भी उल्लंघन किया। यह स्पष्ट रूप से एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसमें तत्कालीन सभी प्रवर्तन अधिकारियों ने जनता के साथ धोखाधड़ी की। भविष्य में इन अवैध निर्माणों के कारण जनता को आर्थिक, मानसिक या जान-माल की हानि हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी कोई नहीं लेगा।
अधिकारियों की चुप्पी: कौन है इस सिंडिकेट का ‘सुपर चीफ’?
खबर में इस बात पर जोर दिया गया है कि तत्कालीन और वर्तमान दोनों ही उपाध्यक्षों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है! …न तो दोषियों के खिलाफ कोई विभागीय कार्यवाही की गई है और न ही ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं? यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। इस सिंडिकेट को आखिर कौन संचालित कर रहा है? कौन है वह ‘सुपर चीफ’, जिसके इशारे पर सारे मामले बंद फाइलों में दब जाते हैं?
इस खबर ने लखनऊ के अवैध निर्माणों और अधिकारियों की मिलीभगत की एक परत खोली है। ‘अवध की आवाज़’ ने घोषणा की है कि अगले समाचार में उन अधिकारियों के नाम और खुलासे किए जाएंगे, जो इन 400 अवैध रो हाउस से जुड़े हैं। जारी रहेगी यह खबर ..…
राधा अष्टमी पर ब्रज में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 07 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए राधारानी के दर्शन
होटल, दुकानदारों और हस्तशिल्पियों को मिला बड़ा सहारा
50 से अधिक पार्किंग और लाइव स्ट्रीमिंग से आसान हुए दर्शन
पर्यटन का उत्सव, आस्था संग रोज़गार और समृद्धि: जयवीर सिंह
राधे-राधे की गूंज से सराबोर हुआ पूरा ब्रज, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और स्वागत द्वारों ने बढ़ाई भव्यता
मथुरा, 31 अगस्त। राधे-राधे की गूंज, नगाड़ों की थाप, फूलों की वर्षा और भक्ति की तरंगों से सराबोर गलियां… रविवार को राधा अष्टमी पर पूरा ब्रजभूमि आस्था के रंग में रंगा दिखा। रावल, बरसाना और वृंदावन में भक्तों का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि हर ओर भक्ति और उल्लास का दृश्य नजर आया। लगभग 07 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने राधारानी के दर्शन कर दिव्यता का अनुभव किया। सुबह से ही रावल स्थित जन्मस्थली पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। यहां विशेष पूजा-अर्चना और भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें दूर-दराज से आए भक्तों ने भक्ति रस का आनंद लिया। बरसाना का राधारानी मंदिर आयोजन का केंद्र रहा, जहां बूढ़ी लीला महोत्सव की शुरुआत हुई। वहीं वृंदावन के बांके बिहारी और राधा रमण मंदिरों में भव्य झांकियां और संध्याएं हुईं, जिनमें हजारों श्रद्धालु डूबते-उतराते दिखे।
बरसाना इस बार भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सबसे ज्यादा सराबोर रहा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने छह स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगवाईं, जिनसे लाखों भक्तों ने लाइव दर्शन किए। लोक कलाकारों की छह टीमों ने बीन, नगाड़ा, ढोल और तबले की धुनों से ऐसा वातावरण रचा कि पूरा बरसाना राधे-राधे के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए गोवर्धन-बरसाना और बरसाना-छाता मार्ग पर बने भव्य स्वागत द्वार आकर्षण का केंद्र बने। गलियों और मंदिर प्रांगण को फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे ब्रज की सांस्कृतिक छवि और निखरकर सामने आई।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिली नई रौनक
त्योहार ने आस्था और पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्त्रां, परिवहन सेवाओं, दुकानदारों और हस्तशिल्प विक्रेताओं को जबर्दस्त लाभ हुआ। भीड़ ने हजारों लोगों के लिए अस्थायी रोजगार पैदा किया। दुकानें, प्रसाद विक्रेता और हस्तशिल्प की छोटी-छोटी दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसा माहौल केवल ब्रज में ही देखने को मिलता है, जहां भक्ति और संस्कृति साथ-साथ चलती है।
सरकार का संकल्प: भक्ति संग सुविधा
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “राधा अष्टमी केवल आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की समृद्धि और रोजगार का माध्यम भी है। सरकार और विभाग का संकल्प है कि ब्रज आने वाले हर श्रद्धालु को सुविधा और आत्मीयता मिले।” प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि जब देश-विदेश से आए श्रद्धालु यहां की संस्कृति और बेहतर व्यवस्थाओं का अनुभव लेकर लौटते हैं, तो यह ब्रज पर्यटन की पहचान को और सशक्त करता है।
व्यापक व्यवस्थाओं की सराहना
सहायक पर्यटक अधिकारी हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से स्वच्छता, पेयजल और पार्किंग की व्यवस्थाओं की सराहना की। बरसाना में कई पार्किंग स्थलों का निर्माण किया गया। अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए गए और अस्थायी शौचालय लगाए गए। भीड़ में किसी को परेशानी न हो, इसके लिए दिशा-निर्देश केंद्र बनाए गए। मंदिरों में लाइव स्ट्रीमिंग से हजारों श्रद्धालुओं ने बिना भीड़ के शांतिपूर्वक दर्शन किए।
भक्ति, पर्यटन और समृद्धि का संगम
राधा अष्टमी पर ब्रजभूमि का हर कोना भक्ति में डूबा दिखा। राधे-राधे की गूंज से गलियां जीवंत हो उठीं। भक्तों की भीड़, सजावट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और व्यवस्थाओं ने मिलकर इस पर्व को आस्था, पर्यटन और समृद्धि का ऐसा उत्सव बना दिया, जिसने हर किसी के दिल पर अमिट छाप छोड़ी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने ई-रिक्शा में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। आयोग ने सभी 75 जिलों में ई-रिक्शा चालकों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है।
डॉ. बबिता सिंह चौहान, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग
प्रमुख निर्देश
चालक का नाम और मोबाइल नंबर: अब सभी ई-रिक्शा पर चालक का नाम और मोबाइल नंबर साफ-साफ लिखा होना अनिवार्य होगा। यह कदम महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
महिला हेल्पलाइन्स: महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने 1090 और 181 जैसी महिला हेल्पलाइन्स की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा करने का आश्वासन दिया है, ताकि पीड़ित महिलाओं को तुरंत मदद मिल सके।
महिला डेस्क को मज़बूती: आयोग ने सभी थानों में महिला डेस्क को और भी मजबूत करने का निर्देश दिया है, ताकि महिलाएं बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन्हें त्वरित न्याय मिल सके।
महिला सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम
यह फैसला बाराबंकी में अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में लिया गया। महिला आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा पर ड्राइवर और मालिक की जानकारी लिखने का अभियान चलाया था, लेकिन इसमें ढिलाई बरती गई थी। महिला आयोग के इस नए निर्देश के बाद उम्मीद है कि इस पर सख्ती से अमल होगा। यह कदम महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
कार में मिला इंस्पेक्टर का शव, शरीर पर चोट के निशान
कानपुर। सेंट्रल स्टेशन के बाहर पार्किंग में एक लग्जरी कार में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर का शव मिला है, जिसके शरीर पर चोट के निशान हैं. जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
घटना का विवरण
मृतक की पहचान: मृतक की पहचान उत्तराखंड निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर निर्मल के रूप में हुई है.
शव की स्थिति: शव कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के कैंट साइड पार्किंग में मिली एक लग्जरी कार में मिला. उनके गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर खरोंच और चोट के निशान मिले हैं.
पत्नी का बयान: निर्मल की पत्नी ने बताया कि उनके पति को शराब की लत थी, जिस वजह से परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था. बीती रात भी इसी बात पर पति-पत्नी में झगड़ा हुआ था.
जांच: जीआरपी और फोरेंसिक यूनिट ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए हैं. जीआरपी ने कहा है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी.
अनसुलझे सवाल
घटना से जुड़े कुछ सवाल अभी भी अनसुलझे हैं, जिन पर जांच चल रही है:
1. कानपुर शताब्दी सुबह 6 बजे रवाना होती है, लेकिन कार सुबह 7 बजे सेंट्रल की पार्किंग में क्यों खड़ी थी?
2. निर्मल ससुराल से कुछ घंटे पहले निकले थे, तो रास्ते में क्या हुआ, जिसके बाद उनका शव मिला?
3. कार में उनकी सीट के पास शराब का क्वार्टर, नमकीन और गिलास क्यों पड़ा था?
4. उनकी पत्नी को शाम 5 बजे सूचना दी गई थी, लेकिन वह डेढ़ घंटे बाद जीआरपी थाने क्यों पहुंची?
5. पत्नी ने बताया कि उनके पति कार नहीं चला पाते थे, तो ड्राइवर कार को पार्किंग में क्यों छोड़कर चला गया?
6. जिस कार में शव मिला, उसका पता साकेत नगर का है, जबकि मृतक का स्थायी पता दिल्ली का है.
इस मामले की जांच जारी है और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि सच्चाई का पता चल सके.
मेक माई ट्रिप ऐप से बुक किया था बाराबिरवा में होटल
होटल में भतीजी और उसकी सहेली से छेड़छाड़
लखनऊ, (30 अगस्त)। कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में एक निजी होटल के मैनेजर और दो अन्य के खिलाफ छेड़छाड़ और धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पांचवीं मंजिल का रेस्टोरेंट
मिर्ज़ापुर के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मेक माई ट्रिप ऐप के जरिए लखनऊ के बाराबिरवा स्थित एक होटल में कमरा नंबर 309 बुक किया था। शुक्रवार की शाम उन्होंने अपनी भतीजी और उसकी सहेली को मिलने के लिए बुलाया। वे सभी होटल की पांचवीं मंजिल पर स्थित रेस्टोरेंट में बैठे थे। इसी दौरान, पास की टेबल पर बैठे दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी भतीजी के साथ अश्लील इशारे और छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब पीड़ित ने इसकी शिकायत होटल के मैनेजर आलोक प्रकाश से की, तो मैनेजर ने आरोपियों का ही साथ दिया। उन्होंने पीड़ित को धमकाया और तुरंत बिल चुकाकर होटल छोड़ने को कहा।
मैनेजर समेत तीन पर केस दर्ज
पीड़ित चाचा ने कृष्णा नगर थाने में होटल मैनेजर आलोक प्रकाश और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ छेड़छाड़ और धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रोडवेज से यात्री का बैग चोरी, क्रेडिट कार्ड से 2 लाख की ठगी
लखनऊ, (30 अगस्त)। आलमबाग बस अड्डे पर एक यात्री का बैग चोरी होने और कृष्णा नगर में क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इन दोनों वारदातों में पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है।
बस अड्डे से यात्री का बैग चोरी
आजमगढ़ के रहने वाले शिवचरण भगत का बैग आलमबाग बस अड्डे से चोरी हो गया। शिवचरण 23 अगस्त की रात करीब 11:20 बजे आजमगढ़ जाने वाली बस में बैठे थे। वे पानी लेने के लिए बस से उतरे, और जब वापस लौटे, तो पाया कि उनका बैग गायब था। बैग में एक मोबाइल फोन और 3,000 रुपए नकद थे। आलमबाग कोतवाली में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की तलाश शुरू कर दी है।
क्रेडिट कार्ड से 2 लाख रुपए की ठगी
कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले राजेंद्र कुमार प्रजापति को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया। राजेंद्र ने अपने क्रेडिट कार्ड का वार्षिक शुल्क हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। 8 अगस्त को उन्हें एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाली ने खुद को पूजा शर्मा बताया। बातचीत के दौरान, जालसाज ने उनके क्रेडिट कार्ड से दो बार में 1 लाख 97 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
काम्पिल्य में प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर धर्मावलंबियों का आस्था स्थल
काम्पिल्य बनेगा महाभारत सर्किट की विशिष्ट पहचान, त्रेता-द्वापर युगीन स्थलों का विकास हमारी प्राथमिकता- जयवीर सिंह
फर्रुखाबाद में पर्यटन को नई उड़ान, 2025 वर्षांत तक 35-40 लाख पर्यटकों तक पहुंच सकता है आंकड़ा
04 करोड़ से होगा द्रौपदी के जन्म और स्वयंवर स्थल का विकास
लखनऊ, (30 अगस्त 2025) उत्तर प्रदेश सरकार ने महाभारत सर्किट अंतर्गत फर्रुखाबाद जिले के पौराणिक स्थल काम्पिल्य (कंपिल) के पर्यटन विकास की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है। रामायण और महाभारत काल के साक्षी रहे काम्पिल्य के समेकित विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से 04 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। यह कदम जिले को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राज्य के धार्मिक स्थलों के आसपास पर्यटक सुविधाओं का तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्राचीन स्थल काम्पिल्य का विशेष धार्मिक महत्व है। त्रेता व द्वापर युग से जुड़ी इस पौराणिक भूमि को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। द्रौपदी की जन्मस्थली सहित अनेक सांस्कृतिक धरोहरों की धरती काम्पिल्य को संवारने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
विकास कार्यों से निखरेगा काम्पिल्य
पर्यटन विभाग काम्पिल्य के समेकित विकास के माध्यम से फर्रुखाबाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। पर्यटन विकास के अंतर्गत प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, विश्राम स्थल का निर्माण आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यहीं हुआ था द्रौपदी का जन्म और स्वयंवर
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘महाभारत काल में काम्पिल्य, पांचाल की राजधानी रही है। मान्यता है कि यहीं द्रौपदी का जन्म और बाद में स्वयंवर हुआ था। द्रौपदी कुंड आज भी यहां विद्यमान है, जिसे देखने प्रति वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर और गीता ज्ञान आश्रम प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। इतिहास में इस तीर्थ नगरी का प्राचीन नाम ‘द्रुपद गढ़’ भी मिलता है, जहां द्रौपदी के पिता राजा द्रुपद का राज था।’
रामायण से भी गहरा नाता
काम्पिल्य स्थित रामेश्वर नाथ मंदिर का विशेष महत्व है। किंवदंतियों के अनुसार, यहां स्थापित शिवलिंग को प्रभु श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद लंका से लाए थे। अशोक वाटिका में माता सीता इसी शिवलिंग की पूजा किया करती थीं। बाद में श्रीराम के भाई शत्रुघ्न ने लवणासुर का वध करने के लिए जाते समय इसे काम्पिल्य में गंगा तट पर स्थापित कर दिया था। आज भी यहां सावन में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
जैन-बौद्ध अनुयायियों का भी तीर्थ स्थल
काम्पिल्य में जैन धर्मावलंबियों का प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर भी है, जिसमें 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ जी की प्रतिमा है। जैन धर्म ग्रंथों के अनुसार, प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव ने इस नगर को बसाया था। इसे 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ जी की जन्मस्थली भी बताया जाता है।
फर्रुखाबाद में बढ़ी पर्यटक संख्या
पर्यटन के लिहाज से फर्रुखाबाद लगातार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2024 में यहां 25.47 लाख से अधिक पर्यटक आए थे। वहीं, मौजूदा वर्ष 2025 की शुरुआत भी उत्साहजनक रही है। जनवरी से मार्च के बीच ही तकरीबन 10.41 लाख सैलानियों ने जिले का रुख कर चुके हैं। पर्यटन विभाग का अनुमान है, कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 35-40 लाख के बीच पहुंच सकता है।’
धार्मिक पर्यटन में निरंतर आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, धार्मिक पर्यटन में उत्तर प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद अपने पौराणिकता स्थलों के लिए विख्यात है। जनपद में सभी धर्मों से जुड़े पवित्र स्थल हैं। सरकार का प्रयास है कि इन स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त तरीके से स्थापित किया जाए, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की पहचान एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में मजबूत हो सके।’
PATA के मंच पर राज्य की बौद्ध विरासतों की भव्यता से प्रस्तुति
पाटा ट्रैवल मार्ट 2025 में यूपी पर्यटन पवेलियन आगंतुकों के बीच बना आकर्षण का केंद्र
‘एम्बार्क ऑन योर बोधि यात्रा इन उत्तर प्रदेश’ रहा विशेष आकर्षण
हमारा लक्ष्य हर आगंतुक की बोधि यात्रा उत्तर प्रदेश से हो शुरू – पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह
बैंकॉक में यूपी पर्यटन की दमदार प्रस्तुति, भारतीय दूतावास का भव्य रोड शो
लखनऊ (29 अगस्त 2025) उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने राज्य की बौद्ध विरासतों के साथ एशिया प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन मंच 47वें पैसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन (पाटा-2025) में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज कराई। राज्य पर्यटन अपनी विशेष प्रदर्शनी ‘एम्बार्क ऑन योर बोधि यात्रा इन उत्तर प्रदेश’ के साथ सबसे आकर्षक और सर्वाधिक देखे जाने वाले पवेलियनों में शामिल रहा। यहां राज्य के प्रमुख बौद्ध स्थलों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। विदेशी आगंतुकों को ‘बोधि यात्रा’ पर उत्तर प्रदेश आमंत्रण के साथ पाटा-2025 की भव्य विदाई हुई। यह जानकारी उ. प्र. के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
पर्यटन मंत्री ने बताया, ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन के स्टॉल का उद्घाटन थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह ने किया।26 से 28 अगस्त तक बैंकॉक के क्वीन सिरीकिट नेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, टूर एंड ट्रैवल क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों और साझेदारों के साथ सार्थक संवाद हुए। संवाद सत्र में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और आध्यात्मिकता को रेखांकित किया गया। यूपी पवेलियन में विदेशी आगंतुकों को ‘बुद्धा राइस’ (काला नमक चावल) विशेष रूप से भेंट की गई।’
नए साझेदारी समझौतों पर हस्ताक्षर
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ’47वां पैसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन, पर्यटन अर्थव्यवस्था से जुड़े हितधारकों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मंच सिद्ध हुआ। यह आयोजन राज्य के बौद्ध स्थलों की यात्रा और पर्यटन उद्योग की उत्साहजनक भागीदारी का साक्षी बना। सम्मेलन में 20 को-एग्जीबिटर्स ने बी-टू-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकें की और नए साझेदारी समझौतों पर हस्ताक्षर किए। अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के बौद्ध स्थलों- सारनाथ, कपिलवस्तु, संकिसा, कौशाम्बी, श्रावस्ती और कुशीनगर को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि यह वर्ष आसियान-भारत पर्यटन वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है।’
UP मंडप की पारंपरिक और आधुनिक प्रस्तुति शैली की सराहना
बैंकॉक में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने नेटवर्किंग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और साझेदारी को लेकर कई अहम पहल की। प्रतिनिधियों और मीडिया ने उत्तर प्रदेश मंडप की पारंपरिक और आधुनिक प्रस्तुति शैली की सराहना की। कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को राज्य के बौद्ध सर्किट, उन्नत सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और विभाग द्वारा आयोजित होने वाले फैम ट्रिप की जानकारी भी दी गई। यूपी पवेलियन में भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े वृत्तचित्रों और आधुनिक तकनीक से सजे प्रदर्शनी स्टॉल की सभी ने सराहना की।
प्रोमिला गुप्ता और जगप्रीत कौर सम्मानित
आयोजन के उपरांत बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास की ओर से भव्य रोड शो का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने बौद्ध सर्किट एवं प्रदेश के विविध पर्यटन अनुभवों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर आईआरसीटीसी की समूह महाप्रबंधक (पर्यटन) प्रोमिला गुप्ता और भारतीय दूतावास के वाणिज्य प्रकोष्ठ की प्रमुख जगप्रीत कौर को सम्मानित किया गया।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया, ‘पाटा में मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध पर्यटन का केंद्र बनाने के हमारे लक्ष्य को और मजबूत किया है।’
महाराजगंज में पिता के अंतिम संस्कार के लिए भटकते रहे अनाथ बच्चे
मुस्लिम भाइयों ने पेश की मानवता की मिसाल
समाज और सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े करती घटना
~भूपेंद्र निरंकारी
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नौतनवा में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ दो अनाथ बच्चों को अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए दो दिनों तक भटकना पड़ा। नौतनवा के राजेंद्र नगर निवासी लव कुमार पटवा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। छह महीने पहले ही उनकी पत्नी की भी मृत्यु हो चुकी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के कारण, उनके 14 वर्षीय बेटे राजवीर, 10 वर्षीय बेटे देवराज, और उनकी बहन पूरी तरह से अनाथ हो गए।
पत्रकार भूपेंद्र निरंकारी
रिश्तेदारों और मदद की कमी
परिवार का कोई भी रिश्तेदार या सरकारी संस्था उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। निराशा में, बच्चों ने अपने पिता की लाश को एक ठेले पर रखा और दो दिनों तक अंतिम संस्कार के लिए जगह और मदद की तलाश में भटकते रहे। वे कभी शमशान घाट तो कभी कब्रिस्तान गए, लेकिन पैसों की कमी के कारण अंतिम संस्कार नहीं कर पाए।
मुस्लिम भाइयों ने की मदद
जब हर तरफ से उम्मीद खत्म हो गई, तब दो मुस्लिम भाइयों राशिद कुरैशी एवं वारिस कुरैशी ने इन बच्चों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उन्होंने न सिर्फ बच्चों को सहारा दिया, बल्कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनके पिता का अंतिम संस्कार भी करवाया। इस घटना ने एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है।
सवाल खड़े करती यह घटना
यह घटना समाज और सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। लेखक भूपेंद्र निरंकारी ने इस घटना पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों, समाजसेवियों और जिम्मेदार लोगों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि “किसी की मदद करके सेल्फी लेने वाले लोग कहाँ चले गए?” उन्होंने समाज के सभी जागरूक लोगों और समाजसेवी संस्थाओं से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आगे आने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में इस तरह की हृदय विदारक घटनाएँ दोबारा न हों।
टाइल्स का काम, कार मैकेनिक,चिकन कारीगर और चाय की दुकान चलाने वालों का गिरोह
खुलासा: पुलिस के हत्थे चढ़ा टाइल्स कारीगर का चोर गैंग
~पीयूष द्विवेदी
लखनऊ। पुलिस ने बंद घरों में चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मड़ियांव थाना पुलिस ने इस गैंग के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक पंद्रह साल की नाबालिग भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर और चार हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
लखनऊ कमिश्नरेट के मड़ियांव थाना प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने गुरुवार को बंद घरों में चोरी करने वाले गैंग के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गैंग में एक पंद्रह साल की नाबालिग भी शामिल थी। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर, चार हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस सभी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने में लगी है। खास बात यह है कि सभी आरोपी अलग-अलग काम से जुड़े थे, पर अपराध से होने वाली आमदनी ने इन्हें नकबजनी की ओर खींचा।
उत्तरी जोन एडीसीपी जितेन्द्र दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, लगातार हो रही चोरी की घटना को लेकर पुलिस मड़ियांव थाना क्षेत्र अंतर्गत नौबस्ता मोड के पास चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी के सामान के साथ राधा डिग्री कॉलेज के पास बैठे हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास जेवर और नगदी मिली। पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करने लगे। कड़ाई से पूछताछ करने पर चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस टीम ने बताया कि मौके से करीब 15 वर्षीय एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया है।
पहचान: 1. असगर (21 वर्ष): मुजफ्फरपुर, बिहार का रहने वाला है और लखनऊ के अलीनगर में टाइल्स का काम करता है। 2. अदनान (20 वर्ष): मड़ियांव का निवासी है और पेशे से कार मैकेनिक है। 3. गुलाम अहमद रजा उर्फ अफरीदी (23 वर्ष): चिकन कारीगरी का काम करता है। 4. रिजवान अहमद (30 वर्ष): एक चाय की दुकान चलाता है।
चोरी और काम करने का तरीका
काम करने का तरीका: पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बंद घरों के ताले तोड़कर चोरी करते थे। चोरी का सामान: वे घरों से सोने-चांदी के गहने और नकदी चुराते थे। आगे का काम: चोरी के सामान को बाद में बाजार में बेचकर आपस में पैसे बांट लेते थे। गैंग का गठन: सभी आरोपी अपने-अपने काम के दौरान एक-दूसरे से मिले और फिर एक गिरोह बनाकर कई चोरियों को अंजाम दिया। आगे की जांच: पुलिस अब आरोपियों के पिछले आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।
राजधानी लखनऊ में जलभराव, टूटी सड़कें और बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था
बदहाली: सरकार और उसके अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
अपनी ही सरकार के कामकाज से त्रस्त विधायक की योगी से गुहार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जलभराव, टूटी सड़कों और बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ दल के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरकार और उसके अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि एक जनप्रतिनिधि को अपनी ही सरकार से समस्याओं के समाधान के लिए गुहार लगानी पड़ रही है।
सरोजनी नगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का कद और उनकी योग्यता सामान्य नहीं है। B.Tech (IIT Dhanbad), M.A, LL.B, और Ph.D जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त डॉ. सिंह सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति और पुलिस स्थाई समिति के सदस्य भी हैं। इसके बावजूद उन्हें नगर निगम और नगर विकास विभाग की कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
करोड़ों खर्च, फिर भी हालात बदतर
विधायक ने 26/08/2025 को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हर साल सड़क मरम्मत, नालियों की सफाई और ड्रेनेज सुधार के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। हाल ही में हुई तेज बारिश ने इन विभागों की अक्षमता को एक बार फिर उजागर कर दिया। सामान्य वर्षा में ही शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। इससे न सिर्फ लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है और शहरी ढाँचे को भी गंभीर नुकसान पहुँचता है।
समस्याओं का विवरण और विधायक की मांगें
डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी अपनी शिकायत में निम्नलिखित प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डाला: 1. नालियों की दुर्दशा: अधिकांश नालियाँ या तो जाम हैं या उन पर अतिक्रमण है, जिसकी वजह से मानसून से पहले उनकी नियमित सफाई नहीं हो पाती। 2. सड़कों की खस्ताहाली: हाल ही में बनी या मरम्मत की गई सड़कों पर भी पहली बारिश में ही बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं, जिससे काम की गुणवत्ता पर सीधा सवाल उठता है। 3. बार-बार जलभराव वाले क्षेत्र: आलमबाग, राजाजीपुरम, चारबाग, इन्दिरानगर, गोमतीनगर विस्तार, हजरतगंज और सरोजनी नगर जैसे प्रमुख इलाकों में हर साल जलभराव की गंभीर स्थिति बनती है। 4. जवाबदेही का अभाव: नगर निगम और नगर विकास विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों की कोई जवाबदेही तय नहीं होती, जिससे लापरवाही बनी रहती है।
तय हो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही
इन समस्याओं को दूर करने के लिए विधायक ने मुख्यमंत्री से तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया है। उनकी मांगों में एक उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग समिति का गठन शामिल है, जो नालों की सफाई, सड़क मरम्मत और ड्रेनेज सुधार के कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर निगरानी रखे। इसके साथ ही, उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और लापरवाही पर दंडात्मक कार्यवाही करने की भी मांग की है।
दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना बनाने का भी सुझाव
विधायक ने लखनऊ के लिए एक दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना बनाने का भी सुझाव दिया, जिसमें आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक, जीआईएस मैपिंग और वर्षा-जल निकासी का वैज्ञानिक आकलन शामिल हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस समीक्षा समिति में स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों जैसे सिविल इंजीनियरों और शहरी योजनाकारों को भी शामिल किया जाना चाहिए। अपने पत्र के अंत में, डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है और यहाँ की स्थिति पूरे राज्य की छवि को दर्शाती है। उन्होंने विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया है कि शहर की गरिमा को ठेस पहुँचने से बचाने के लिए इन मुद्दों पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाए।
रायबरेली, फिरोजाबाद, मैनपुरी में विकास योजनाओं का पर्यटन मंत्री करेंगे शिलान्यास
लखनऊ: (28 अगस्त, 2025) उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह 29 अगस्त, 2025 के पूर्वाह्न से रायबरेली, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा के भ्रमण पर रहेंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार पूर्वाह्न 11ः30 बजे विकासखंड दीनशाह गौरा प्रांगण विधानसभा ऊंचाहार जनपद रायबरेली में दुर्गा माता मंदिर में दर्शन पूजन के उपरांत पर्यटन विकास की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरान्त विशाल जनसभा कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे तथा मनोज कुमार पाण्डेय विधायक/पूर्व मंत्री के आवास पर भी जायेंगे। इसके उपरान्त फिरोजाबाद के लिए प्रस्थान करेंगे।
पर्यटन मंत्री शनिवार को पूर्वाहन 09 बजे से अपराह्न 01 बजे तक ट्रांजिट हॉस्टल पीडब्लूडी पुलिस लाइन के सामने मैनपुरी में जनसुनवाई करेंगे। इसके उपरान्त घंटाघर लेनगंज मैनपुरी के ग्राम सहन में थिमैटिक गेट आदि से संबंधित पर्यटन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद अपराह्न 02 बजे मेजर ध्यानचंद स्टेडियम सैफई जनपद इटावा में आयोजित सीबीएसई क्लस्टर एथेलीट वर्ष मीट-2025 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
अगले दिन रविवार 31 अगस्त को कैम्प कार्यालय सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद में सुबह 9ः30 बजे से अपराह्न 01 बजे तक जन समस्याओं की सुनवाई करेंगे। इसके उपरान्त सायं 05 बजे शिकोहाबाद मैनपुरी मार्ग थाना अरॉव तहसील सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद में ठाकुर जी महाराज मंदिर के पर्यटन विकास की परियोजना का शिलान्यास करेंगे। अगले दिन सोमवार 01 सितम्बर को लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।
मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना अंतर्गत अयोध्या मंडल के लिए धनराशि स्वीकृत
अम्बेडकरनगर एवं अमेठी जनपदों की 06 परियोजनाओं पर खर्च होंगे 05 करोड़ रुपए
लखनऊ: (28 अगस्त, 2025) मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 35,985 लाख रुपए की 350 नई परियोजनाएं अनुमोदित की गयी हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्राचीन धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास करके पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देना है। इसके तहत अयोध्या मण्डल के अंतर्गत आने वाले जनपद अम्बेडकरनगर तथा अमेठी के लिए कुल 05 करोड़ रुपए की 06 परियोजनाएं स्वीकृत की गयी हैं।
जयवीर सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उत्तर प्रदेश
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि ‘अम्बेडकरनगर स्थित आलापुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संत बाबा गोविंद साहब की तपोभूमि मठ अहिरौली का पर्यटन विकास 75 लाख रुपए की धनराशि से कराया जायेगा। इसी प्रकार कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भीटी में काली मंदिर दिलावलपुर का पर्यटन विकास के लिए 75 लाख रुपए की परियोजना अनुमोदित की गयी है।’
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘जनपद अमेठी के विधानसभा जगदीशपुर स्थित मुसाफिरखाना के महावीर मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 75 लाख, तिलोई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बाबा लख्खा दास कुटी सैदापुर विकासखण्ड तिलोई के पर्यटन विकास के लिए 01 करोड़ रूपये, गौरीगंज विधानसभा स्थित मुसाफिरखाना में बाबा महावीर दास मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 01 करोड़ रुपए तथा गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र स्थित विलेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 75 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गयी है।’
प्राचीन धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़़ाने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध- जयवीर सिंह
पर्यटन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु मूल बजट में 40 हजार लाख रुपए का प्राविधान किया गया है। इसमें नई परियोजनाओं हेतु अनुमानित लागत की धनराशि 35,985 लाख रुपए है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 की क्रियान्वित परियोजनाओं हेतु 28 हजार लाख रुपए की धनराशि रखी गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक मण्डल के कतिपय जनपदों की विधानसभाओं में स्थित प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प करके उसके आसपास बुनियादी सुविधायें सृजित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्राचीन धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़़ाने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है।’
हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं महिलाएं
बिजनौर। समाज में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान और उनकी उपलब्धियों को याद करने का दिन, 26 अगस्त को मनाया जाने वाला महिला समानता दिवस है। इस अवसर पर, पत्रकार भूपेन्द्र कुमार ने महिलाओं को हर क्षेत्र में मिल रही सफलता और उनके बढ़ते सम्मान पर प्रकाश डाला है।
उनका कहना है कि आज महिलाएं चिकित्सा, शिक्षा, और तकनीक जैसे हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ बराबरी से काम कर रही हैं। हमारे देश में सदियों से महिलाओं को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता रहा है और उन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है। यह दु:खद है कि कुछ जगहों पर उनके साथ हीन भावना का व्यवहार भी किया जाता है, जबकि परिवार और देश के विकास में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं का भी बहुत बड़ा योगदान है।
अनेक वीरांगनाओं की गौरवशाली गाथा
भारत के इतिहास में कई ऐसी वीरांगनाएं हुई हैं, जिन्होंने देश का गौरव बढ़ाया है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपने युद्ध कौशल से अंग्रेजों को परास्त किया। अंतरिक्ष के क्षेत्र में कल्पना चावला ने अपना अहम योगदान दिया। इसके अलावा, भारत की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का पदभार संभालना देश के लिए एक गौरव का क्षण है। महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले का नाम भी शिक्षा के क्षेत्र में आदर के साथ लिया जाता है। वहीं, माता सीता ने त्याग और तपस्या की अनूठी मिसाल पेश की, जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है।
हर भूमिका में सम्मान की पात्र हैं महिलाएं
कुल मिलाकर महिलाएं मां, पत्नी और बेटी के रूप में हर भूमिका में सम्मान की पात्र हैं और हमें उनका हमेशा सम्मान करना चाहिए। महिलाएं जीवन में कई संघर्षों का सामना करती हैं, लेकिन फिर भी बिना किसी शिकायत के अपने कर्तव्यों का पालन पूरी लगन के साथ करती हैं। इसलिए महिला समानता दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति सम्मान और उनके योगदान को स्वीकार करने की एक निरंतर प्रक्रिया है।
इस मामले में की जाएगी मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत
बिजनौर स्टेडियम की बदहाली से व्यथित हैं पूर्व खिलाड़ी
बिजनौर, (भूपेन्द्र कुमार)। किसी ज़माने में खिलाड़ियों के पसीने से सींचा गया बिजनौर का स्टेडियम आज अपनी पहचान खो रहा है। यह व्यथा किसी और की नहीं, बल्कि उसी ज़मीन पर खेलकर पुलिस सेवा में अनुशासन और शारीरिक बल हासिल करने वाले एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़े पूर्व खिलाड़ियों की है। उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कैसे सालों पहले का भाईचारे और मेहनत वाला माहौल अब पूरी तरह बदल चुका है। इसका सबसे बड़ा कारण खेल अधिकारी (स्पोर्ट्स ऑफिसर) का रवैया बताया जा रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की जाएगी।
खेल और भाईचारा, अब दोनों गायब
मॉर्निंग क्लब स्टेडियम बिजनौर के सदस्यों विजयदीप चौधरी बबलू भाई, दीपक गर्ग तिरुपति ऑटोमोबाइल्स, उपेंद्र चौधरी, डॉक्टर कर्मेंद्र, भंडारी जी आदि पूर्व खिलाड़ी बताते हैं कि उनके जमाने में स्टेडियम एक परिवार जैसा था। हर खिलाड़ी एक-दूसरे का सम्मान करता था, छोटे खिलाड़ियों को अपने भाई की तरह समझा जाता था। सब मिलकर वेटलिफ्टिंग करते, रस्सी पर चढ़ते और जमकर पसीना बहाते थे। इस मेहनत से शरीर में इतनी जान आ जाती थी कि लगता था जैसे भैंसों से भी लड़ लेंगे। लेकिन, आज यह ग्रुप और वह माहौल दोनों ही नदारद हैं। स्टेडियम में अब दोस्ती और सीनियर-जूनियर की इज्जत जैसी कोई बात नहीं बची है।
बदहाली की जड़: खेल अधिकारी का पद और गलत प्राथमिकताएँ
पूर्व खिलाड़ियों ने स्टेडियम की मौजूदा बदहाली का सारा दोष खेल अधिकारी के पद पर डाला है। उनका कहना है कि जब इस पद पर कोई ऐसा व्यक्ति आता है जो न तो पुराने खिलाड़ियों का सम्मान करता है और न ही उनकी सलाह लेता है, तो माहौल बिगड़ना तय है। वह बताते हैं कि आज स्टेडियम में खेल के बजाय सिर्फ उन युवाओं का जमावड़ा है जो किसी फौज या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। इस वजह से न तो खेलों को प्राथमिकता मिल रही है और न ही खिलाड़ियों के बीच आपसी रिश्ता बन पा रहा है।
अपने हाथों से संवारा था मैदान
पूर्व खिलाड़ियों ने भावुक होते हुए बताया कि कैसे उन्होंने और उनके साथियों ने मिलकर स्टेडियम की मिट्टी को संवारा था। उन्होंने खुद हाथों से घास साफ की, रोलर चलाकर क्रिकेट पिच ठीक की, फुटबॉल ग्राउंड की घास उखाड़ी और खो-खो ग्राउंड को शानदार बनाकर कई टूर्नामेंट करवाए। आज उसी जगह की बदहाली देखकर उनका मन दु:खी होता है।
समाधान का रास्ता: समूह बनाकर बात करें
इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई इस हालात को सुधारना चाहता है, तो उसे एक समूह बनाकर खेल अधिकारी से मिलना चाहिए। उन्हें समझाना होगा कि अगर सही कदम नहीं उठाए गए, तो यह माहौल और भी बिगड़ेगा। झगड़े और लड़ाई-झगड़े बढ़ेंगे, और हो सकता है कि किसी दिन स्टेडियम में कोई गंभीर घटना भी घट जाए। कुल मिलाकर किसी भी जगह का असली विकास वहाँ के लोगों के आपसी सम्मान, मेहनत और सही नेतृत्व पर निर्भर करता है।
जिला कृषि अधिकारी की टीम को देख ताले डालकर दुकानदार रफूचक्कर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने अपनी टीम के साथ धामपुर तहसील के अफजलगढ़ क्षेत्र में कई उर्वरक केंद्रों पर छापा मारा। यह निरीक्षण 27 अगस्त, 2025 को किया गया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को सही मात्रा और सही कीमत पर खाद मिल रही है। इस दौरान, उन्होंने कई दुकानों के रिकॉर्ड की जांच की और पाया कि कुछ दुकानें नियमों का पालन नहीं कर रही थीं।
क्या हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान, मै. कृषि सेवा केंद्र अफजलगढ़, मै. अफजलगढ़ खाद भंडार, मै. कृषक सेवा केंद्र, और मै. सरस्वती खाद भंडार भज्जावाला के रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने इन सभी प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके अलावा, मै. बिश्नोई खाद भंडार और मै. बद्री कृपा खाद भंडार के मालिक दुकानें बंद करके भाग गए, जिस पर उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस और निलंबन की कार्रवाई की गई।
उर्वरक की उपलब्धता
अधिकारियों ने बताया कि बिजनौर जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से यूरिया, डीएपी, और एनपीके जैसी खादें निर्धारित दरों पर दी जा रही हैं।
उपलब्धता के आंकड़े:
* यूरिया: लक्ष्य 1,03,241 मीट्रिक टन था, जिसमें से 83,421 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है और 9,376 मीट्रिक टन अभी भी उपलब्ध है। * डीएपी: लक्ष्य 14,717 मीट्रिक टन था, जिसमें से 11,910 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है और 4,264 मीट्रिक टन बचा हुआ है। * एनपीके: लक्ष्य 3,230 मीट्रिक टन था, जिसमें से 1,847 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है और 932 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
विक्रेताओं को चेतावनी
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे पीओएस मशीन के बिना खाद न बेचें। उन्हें यह भी बताया गया कि वे बड़ी मात्रा में (बल्क में) खाद न बेचें और किसानों की जोत बही या खतौनी के आधार पर ही वितरण करें।।
अधिकारियों ने विक्रेताओं को अधिक कीमत पर खाद बेचने और टैगिंग (एक खाद के साथ दूसरी वस्तु खरीदना अनिवार्य करना) से भी रोका। चेतावनी दी गई कि यदि कोई विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी विक्रेताओं को यह भी कहा गया कि वे किसानों को खाद खरीदने की रसीद जरूर दें।
पर्यटन मंत्री ने किया राज्य संग्रहालय के उच्चीकृत ऑडिटोरियम का लोकार्पण
मथुरा स्थित राजकीय संग्रहालय के 360 डिग्री वर्चुअल टूर का विमोचन
भावी पीढ़ी को दी जाए संग्रहालयों में संरक्षित पांडुलिपियों एवं अन्य दुर्लभ सामग्री की जानकारी – जयवीर सिंह
घर बैठे एक क्लिक से करें मथुरा संग्रहालय का वर्चुअल टूर
लखनऊ: 27 अगस्त, 2025 उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजकीय संग्रहालय लखनऊ एवं राजकीय संग्रहालय मथुरा में संरक्षित दुर्लभ पाण्डुलिपियों, प्रतिमाओं एवं अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं की घर बैठे भ्रमण कर सकता है। उन्होंने कहा कि मथुरा के संग्रहालय में संरक्षित की गई वस्तुओं का 360 डिग्री वर्चुअल टूर कर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों संग्रहालयों में संग्रहित प्राचीन एवं ऐतिहासिक धरोहरें हमारे विरासत का हिस्सा है। इनको संरक्षित करके युवा पीढ़ी का ज्ञानवर्धन करने के साथ ही शोधार्थियों को शोध सामग्री सुलभ कराना भी है।
पर्यटन मंत्री आज राज्य संग्रहालय, लखनऊ के उच्चीकृत ऑडिटोरियम के लोकार्पण एवं राजकीय संग्रहालय मथुरा के 360 डिग्री वर्चुअल टूर के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाण्डुलिपियां हमारी बहुमूल्य धरोहर है। इनका डिजिटलीकरण भी कराया गया है। वर्ष 2047 तक आजादी के 100 वर्ष पूरा होने पर भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। इसमें भावी पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने निदेशक संग्रहालय को निर्देश दिए कि आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग करके अपनी धरोहरों को संरक्षित रखते हुए भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए।
जयवीर सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि लखनऊ तथा अन्य स्कूलों के बच्चों का संग्रहालय में भ्रमण कराएं ताकि बच्चे संरक्षित धरोहरों के बारे में जान सकें। उन्होंने कहा कि दर्शकों एवं आगंतुकों को जानकारी देकर शोधकर्ताओं को भी जोड़ने के लिए साल भर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना बनाए। हमारी युवा पीढ़ी भविष्य की निर्माता है। वह वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, इतिहासविज्ञ, आदि बनकर विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठतम् योगदान दे सकते हैं।
पर्यटन सलाहाकार जेपी सिंह ने कहा कि आज के बाद दर्शक संग्रहालय की किसी भी गैलरी की घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते है। जेपी सिंह ने कहा कि इतिहास एवं धराहरों के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले लोग एक क्लिक से संग्रहालयों का 360 डिग्री वर्चुअल टूर भ्रमण कर सकते हैं।
इस अवसर पर संग्रहालय द्वारा आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोंगिताओं में शामिल बच्चों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। लखनऊ जनपद के विभिन्न विद्यालयों में राज्य संग्रहालय की उपयोगिता के बारे में बताया गया। इसमें प्राथमिक विद्यालय, अमानीगंज, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, मलिहाबाद आदि विद्यालयों में भाषण, गायन, चित्रकला, फैंसी ड्रेस एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
मंत्री जी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विजयी बच्चों खासतौर से प्रथम पुरस्कार पाने वाले आशी, हम्बिया अंसारी, रिद्धिमा सोनी तथा द्वितीय पुरस्कार पाने वाले कार्तिक, जोया आदि को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इसके अलावा अश्विनी आश्वि रावत, मानवी रावत, रूकसाना, हमदिया अंसारी, अनुष्का गौतम, बीरा, काव्या गुप्ता, मानसी, आशी, वंशिका मौर्या, तमन्ना मौर्या, हिफजा, रिद्धिमा सोनी, सुकन्या, कार्तिक, माही शर्मा, आस्था, जोया, नैन्सी, श्रद्धा, आन्या, नित्या, आयुषी, दिवांशु, सहनूर, रैययान, अंश, जैनब, अबु तालिब, अंश, अहम, नितिन कुमार, खुशी वर्मा, आयुष राजपूत, अंशिका यादव, हर्षिता, अंविका यादव, मो0 अवान हसीन, अलीशा, नीतू, आयजा रईस अंसारी, अखिल तिवारी आदि को सम्मानित किया गया। संग्रहालय की निदेशक, सृष्टि धवन ने अतिथियो का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अभिलेखाकार के निदेशक, अमित अग्निहोत्री के अलावा संग्रहालय के डॉ विनय सिंह, डॉ अरसाज फातिनी, डॉ मीनाक्षी खेमका, प्रोजेक्ट मैनेजर, अरविंद दूबे के अलावा बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों के बच्चे उपस्थित थे।
आध्यात्मिकता से विकास तक, पर्यटन का हर अवसर विकसित भारत के निर्माण में दे रहा है योगदान- जयवीर सिंह
लखनऊः (27 अगस्त, 2025) उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, ‘मिर्जापुर में बुधवार से शुरू हुई पहली कार्यशाला में 50 से अधिक स्कूली बच्चों, 15 से ज्यादा स्वयंसेवकों, शिक्षकों, धरोहर-प्रेमियों और वेलनेस विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बच्चों ने मिट्टी, ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) कालीन अपशिष्ट और चुनार संगमरमर पाउडर से गणेश प्रतिमाएं तैयार की है। यह अभिनव वेस्ट टू ब्यूटीट मॉडल गतिशील अर्थव्यवस्था की मिसाल बन रहा है, जिसमें अपशिष्ट को धरोहर और आध्यात्म से जोड़ा जा रहा है।’
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘यह कार्यक्रम केवल प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें संरक्षण, पुनर्स्थापन और धरोहर से जुड़ी जागरूकता संबंधी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कराना है, कि त्योहारों को जिम्मेदारी के साथ कैसे मनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गणेश जी को आध्यात्मिक शुद्धता और पारिस्थितिकी चेतना के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर यह संदेश देने का प्रयास है कि परंपराएं, पर्यावरण संरक्षण के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकती हैं।’
उन्होंने बताया, ‘हाल ही में बहराइच जिले के कारिकोट गांव को जिम्मेदार पर्यटन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। मिर्जापुर की यह पहल भी उसी भावना को नवाचार के साथ आगे बढ़ा रही है। हमारा मानना है, कि बचपन से ही इस प्रकार की जागरूकता पैदा करना भविष्य में पर्यटन के विविध आयामों जैसे-फार्म-स्टे, वेलनेस टूरिज्म और इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाएगा। मिर्जापुर की आध्यात्मिक भूमि से हम बच्चों में ऐसी सोच विकसित कर रहे हैं, जो भविष्य में उत्तर प्रदेश को सतत और जिम्मेदार पर्यटन की दिशा में आगे ले जाएगी।’
पर्यटकों की पसंद बनकर उभरा मिर्जापुर
निदेशक इको टूरिज्म प्रखर मिश्रा ने कहा, ‘मिर्जापुर इको टूरिज्म के प्रति जागरूक पर्यटकों की पसंद बनकर उभरा है। विंध्यधाम फॉल्स पर ही प्रतिदिन 2,000 से अधिक पर्यटक आते हैं। यहां स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और प्रशिक्षित गाइड की सुविधाएं आगंतुकों को मिलती है। उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड स्थानीय समुदाय और बच्चों को जोड़कर एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जो पर्यटन, पर्यावरण और आजीविका को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी योगदान देगा।’
बालों को स्वाभाविक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में भी करता है मदद
प्राचीन ज्ञान का नया अवतार: बालों की देखभाल में लौट रहा लकड़ी का कंघा
~ Shalie Saxena
लखनऊ, [27/02/2025] — आधुनिक प्लास्टिक के कंघों के बीच, सदियों पुराना लकड़ी का कंघा फिर से लोकप्रियता हासिल कर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के जानकार मानते हैं कि यह कंघा न केवल बालों की सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह बालों को स्वाभाविक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में भी मदद करता है। यह चलन, खासकर जापानी और चीनी परंपराओं से प्रेरित है, जहाँ बालों की देखभाल में लकड़ी के कंघे को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
बालों और स्कैल्प के लिए वरदान
विशेषज्ञों का कहना है कि लकड़ी के कंघे के कई फायदे हैं जो प्लास्टिक के कंघों में नहीं मिलते। सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बालों को नुकसान नहीं पहुंचाता। प्लास्टिक के कंघों से उत्पन्न होने वाला स्थैतिक आवेश (Static Electricity) बालों को रूखा और उलझा हुआ बनाता है, जबकि लकड़ी इस आवेश को कम करती है, जिससे बाल मुलायम और चमकदार बने रहते हैं।
बेहतर रक्त संचार
इसके अलावा, लकड़ी के कंघे के दांत प्लास्टिक की तरह नुकीले नहीं होते। ये सिर की त्वचा पर हल्के से मालिश करते हैं, जिससे रक्त संचार बढ़ता है। बेहतर रक्त संचार से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है, जिससे वे मजबूत होते हैं और बालों का टूटना कम होता है। यह कंघा बालों के प्राकृतिक तेलों को जड़ों से लेकर सिरों तक समान रूप से फैलाता है, जिससे बालों की नमी बनी रहती है और वे स्वस्थ दिखते हैं।
क्या लकड़ी का कंघा बालों को काला रखता है?
जापानी और चीनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में यह धारणा प्रचलित है कि लकड़ी के कंघे का नियमित उपयोग बालों को समय से पहले सफेद होने से बचा सकता है। हालांकि, यह सीधे तौर पर बालों को काला नहीं करता। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्कैल्प के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और रक्त संचार को बढ़ाता है। एक जानकार ने बताया, “स्वस्थ स्कैल्प और बालों की जड़ें स्वस्थ रहती हैं, जिससे बालों का प्राकृतिक रंग लंबे समय तक बना रहता है।” यह एक समग्र दृष्टिकोण है, जिसमें कंघी करने की प्रक्रिया को सिर्फ बाल सुलझाने तक सीमित न रखकर, सिर की मालिश और पोषण का हिस्सा माना जाता है।
पर्यावरण और टिकाऊपन का विकल्प
आज के समय में जब लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं, लकड़ी का कंघा एक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है। प्लास्टिक के कंघों की तुलना में यह बायोडिग्रेडेबल होता है और लंबे समय तक चलता है। यह चलन सिर्फ एक फैशन नहीं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक स्वास्थ्य लाभों का एक सुंदर मिश्रण है, जो लोगों को प्रकृति के करीब ले जा रहा है।
यूपी में गठबंधन की खटास: संजय निषाद का बीजेपी पर हमला
उनकी वजह से ही मिल रहा है बीजेपी को समाज का वोट
फायदा नहीं है, तो गठबंधन तोड़ दे बीजेपी: संजय निषाद
~ विनीत सिन्हा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने गोरखपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ-साफ कहा कि अगर बीजेपी को लगता है कि निषाद पार्टी से उन्हें कोई फायदा नहीं है, तो वे गठबंधन तोड़ सकते हैं। उन्होंने खुद को निषाद समुदाय का नेता बताते हुए दावा किया कि इस समाज का वोट बीजेपी को उनकी वजह से ही मिल रहा है।
किसी एक की नहीं, सबकी साझी होती है जीत
निषाद ने बीजेपी को चेताते हुए कहा कि सहयोगियों की ताकत को कम नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा, “जीत किसी एक की नहीं, सबकी साझी होती है।” उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें भरोसा है तो गठबंधन निभाएं, वरना साफ कह दें, “हम तैयार हैं।”
आरक्षण के मुद्दे पर भी बीजेपी को घेरा
संजय निषाद ने निषाद समुदाय के लिए अनुसूचित जाति (SC) के दर्जे की मांग को लेकर भी बीजेपी पर दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि निषादों को आरक्षण देना बीजेपी की जिम्मेदारी है और एक सहयोगी के तौर पर वे इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बेटे की हार: बीजेपी पर फोड़ा ठीकरा
लोकसभा चुनाव 2024 में अपने बेटे प्रवीण निषाद की हार पर सवाल पूछे जाने पर संजय निषाद ने कहा कि यह सवाल उनसे नहीं, बल्कि बीजेपी नेतृत्व से पूछा जाना चाहिए। प्रवीण निषाद संतकबीर नगर सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए। इससे पहले वे दो बार सांसद रह चुके थे, जिसमें से एक बार सपा के टिकट पर और दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के हैं कुल चार सहयोगी दल:
अपना दल (सोनेलाल)
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा)
राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी)
निषाद पार्टी इनमें से अपना दल, सुभासपा, आरएलडी और निषाद पार्टी के नेता, सभी को सरकार में जगह मिली है, लेकिन हाल के लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से सहयोगी दलों और बीजेपी के बीच की तनातनी सामने आ रही है!
विधायक ओपी श्रीवास्तव ने राम धर्म कांटा पर सुनीं वार्ड की जनता की समस्याएँ
शंकरपुरवा वार्ड-2 में सीवर और पेयजल की समस्या से मिलेगी राहत
~ By Geetanjali singh
लखनऊ, (26 अगस्त 2025)। लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शंकरपुरवा वार्ड-2 में आज विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव की पहल पर राम धर्म कांटा पर जनसुनवाई एवं स्थलीय निरीक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने पानी एवं सीवर संबंधी वर्षों से चली आ रही समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
जलकल विभाग के महाप्रबंधक, अधिशासी अभियंता और सुएज कंपनी के अधिकारी रहे मौजूद
मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश
जल निगम, नगर निगम और जलकल विभाग मिलकर करेंगे स्थलीय निरीक्षण और बनाएंगे ठोस कार्ययोजना
विधायक ने जलभराव और सीवर से जूझ रही जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और तत्काल समाधान हेतु जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता अनिल तथा सुएज कंपनी के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवर लाइन से संबंधित गंभीर समस्याओं के निवारण हेतु दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी और इसके लिए जल निगम, नगर निगम तथा जलकल विभाग संयुक्त निरीक्षण कर समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करेंगे ताकि जनता को स्थाई राहत मिल सके।
जनता की मांग पर खुद पहुंचे
जनता की मांग पर विधायक श्रीवास्तव स्वयं मौके पर पहुँचे और समस्याओं को प्रत्यक्ष देखा। निरीक्षण के समय विभागीय अधिकारी भी साथ में उपस्थित रहे। इस जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र के प्रबुद्धजन एवं नागरिक रामदयाल, आरके भदौरिया, सुदामा, अमित श्रीवास्तव, अरुण कुमार गुप्ता, गिरीश तिवारी, महेंद्र निगम, नागेंद्र प्रताप सिंह, हर्षित, बृजेश अवस्थी, डॉ. ज्ञानेश्वर सिंह तथा ओरी लाल ने अपनी समस्याएँ रखीं। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नरेंद्र देवड़ी, पार्षद प्रतिनिधि, दीपक तिवारी सहित मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
छेड़छाड़ और शारीरिक संबंध बनाने को दबाव डालने का आरोप
सास, जेठ और जेठ के बेटे ने मिलकर उसे घर से निकाला
पति की मृत्यु के बाद बहू को प्रताड़ित कर रहा जेठ
~ Geetanjali singh
बाराबंकी। पति की मौत के बाद संपत्ति के लालच में ससुराल वालों द्वारा एक बहू को बेरहमी से प्रताड़ित करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने जेठ पर छेड़छाड़ और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। विरोध करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई और झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश भी की गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, यह घटना बाराबंकी के कोतवाली नगर क्षेत्र की है। अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ रहने वाली पीड़िता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उनके जेठ पामेश उन पर बुरी नजर रखते थे। वह अक्सर जबरन उनके कमरे में घुस आते और छेड़छाड़ करते, साथ ही जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालते थे। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो जेठ ने कहा कि अगर वह उनकी बात मान लेगी तो वह उसे रानी बनाकर रखेंगे, नहीं तो उसे घर से निकाल देंगे और कोई उनका कुछ नहीं कर पाएगा। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर पामेश और उनके बेटे यश ने उसे मारा-पीटा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 28 जून 2025 को पीड़िता की सास, जेठ और जेठ के बेटे ने मिलकर उसे घर से निकाल दिया था। पीड़िता ने बताया कि वह अपने पति के कारोबार में भी शामिल थी और उसे बखूबी संभालती थी।
रिपोर्ट दर्ज, पुलिस कार्रवाई का इंतजार
पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली नगर थाने में ससुराल वालों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। चौकी इंचार्ज संजीव प्रकाश ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस इस मामले में आरोपियों के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाती है।
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