अपनी जिंदादिली का परिचय दे रहे बिजनौरवासी
“नर सेवा ही नारायण सेवा” के सिद्धांत पर अमल
बिजनौर से पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद की पहल: मानवता की मिसाल
– भूपेंद्र निरंकारी, पत्रकार
बिजनौर। पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अनेक प्रांतों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपनी जान, खाने और रहने की जगहों को बचाने के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में, पूरा देश पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहा है, और इसमें उत्तर प्रदेश का बिजनौर जनपद भी अपनी जिंदादिली का परिचय दे रहा है।
बिजनौर के लोग न केवल अपने स्थानीय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचा रहे हैं, बल्कि पंजाब के भाई-बहनों के लिए भी खुलकर सहायता सामग्री भेज रहे हैं। यह उनकी उदारता और मानवीय भावना को दर्शाता है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के सिद्धांत पर चलते हुए, बिजनौरवासी राहत सामग्री जुटाने और भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
एकजुट होकर मदद को आगे आए लोग
पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी जा रही राहत सामग्री में दवाइयां, खाने-पीने का सामान और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। इस नेक काम में बिजनौर का हर वर्ग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। इसमें भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्य, मुस्लिम समुदाय के लोग, और कई अन्य सामाजिक संगठन व व्यक्ति शामिल हैं। ये सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।
यह पहल दिखाती है कि आपदा के समय, सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर कैसे काम कर सकते हैं। यह आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल है, जो यह साबित करती है कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। बिजनौर वासियों का यह प्रयास उनकी मानवता को उजागर करता है और दूसरों को भी प्रेरित करता है।

सामाजिक योगदान का महत्व
यह सहयोग इस बात का भी प्रमाण है कि सामाजिक कार्यों में योगदान देना कितना महत्वपूर्ण है। जैसा कि कहा जाता है, दूसरों का भला करने में ही हमारा अपना भला छिपा है। ऐसे समय में जब लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, थोड़ी सी मदद भी उनके लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। यह पहल केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि हमें हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए और इंसानियत की भलाई के लिए काम करना चाहिए।
भूपेंद्र निरंकारी, एक पत्रकार के रूप में, बिजनौर की विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं, साथ ही पत्रकार बंधुओं से भी अपील करते हैं कि वे इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दें। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयासों से मिलने वाली दुआएं व्यक्ति की तकदीर बदल सकती हैं।
बिजनौर के लोगों की यह पहल सराहनीय है और यह दर्शाती है कि मुश्किल घड़ी में हम सब एक हैं। यह मानवता की जीत है, जो हर आपदा को पार करने की शक्ति देती है।
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