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बिजनौर में खो नदी किनारे बसे गांवों के मजरों को बाढ़ से बचाव के लिए कटाव निरोधक कार्य का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्मित होने वाली 1800 करोड़ से अधिक लागत की बाढ़ नियंत्रण 146 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 170 परियोजनाओं का वर्चुअल रूप से किया गया शिलान्यास, बाढ़ की विभीषिका से प्रदेश के नागरिकों की जान-माल को सुरक्षित रखने के लिए 15 मई से पूर्व पूर्ण समयबद्वता और गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के दिए निर्देश

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में बाढ़ सुरक्षित परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री आज दोपहर 12:00 बजे प्रदेश को बाढ़ से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से वर्चुअल रूप से 146 परियोजनाओं का लोकार्पण और 170 परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इनमें जिला बिजनौर में खो नदी के दाएं किनारे पर स्थित ग्राम इब्राहीपुर, हसनपुर पालकी, सरकथल सानी एवं उनके मजरों को बाढ़ से बचाव के लिए कटाव निरोधक कार्य लागत ₹9.31 करोड़ का लोकार्पण तथा खो नदी के दाएं किनारे पर स्थित ग्राम मुकरपुरी, सिपाही वाला एवं मुकरपुरी बन्ध को बाढ़ से बचाव के लिए क्यूनेट बनाने का कार्य लागत ₹1.11 करोड़, खो नदी के बाएं किनारे स्थित ग्राम नन्दगांव, नाथाडोई एवं नयागांव को बाढ़ से बचाने के लिए कटाव निरोधक कार्य लागत ₹1.25 करोड़ तथा खो नदी के बाएं किनारे पर स्थित गांव तिपरजोत, उमरपुर आशा एवं तिपरजोत बन्ध लागत ₹2.88 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
एनआईसी के माध्यम से प्रसारित होने वाले इस वर्चुअल कार्यक्रम में जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी वि/रा अवधेश कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता सिंचाई रामबाबू के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार प्रदेश में बाढ़ की विभीषिका से जनसामान्य की जान व माल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्व है, जिसके लिए धरातल पर प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से समुचित सुरक्षा के लिए आज उनके द्वारा जिन 146 परियोजनाओं का लोकार्पण और 170 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, प्रदेश में बाढ़ की विभीषिका को समाप्त करने में सहायक सिद्व होंगी। उन्होंने कहा कि 1800 करोड़ से अधिक लागत से तैयार होने वाली उक्त सभी परियोजनाओं को 15 मई,21 से पूर्व समयबद्व रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बरसात से पूर्व समस्त प्रदेश बाढ़ के संकट से सुरक्षित रहे और आमजन के धन-जन की हानि न हो पाए।

उन्होंने कहा कि इससे पूर्व बरसात के मौसम में बाढ़ सुरक्षा के लिए कार्य योजनाएं बनाई जाती थीं और आननफानन उनका क्रियान्वयन किया जाता था, जिसके कारण जन सामान्य को उसका लाभ नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि उक्त स्थिति को मद्देनजर रखते हुए शासन द्वारा माह जनवरी में ही बाढ़ से सुरक्षा के लिए परियोजनाओं का संचालन किया गया। इसमें 146 का लोकार्पण उनके द्वारा किया गया, जबकि 170 परियोजनाएं, जिनका आज शिलान्यास किया गया है, उन्हें समयबद्वता और पूर्ण गुणवत्ता के साथ 15 मई तक पूरा करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने और समयबद्वता के साथ कार्य पूरा करने के लिए जिलाधिकारी एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा समय समय पर सत्यापन किया जाना सुनिश्चित किया जाए और कार्य पूर्ण होने के बाद जन प्रतिनिधियों द्वारा परियोजना का उद्घाटन कराएं।

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