लखनऊ। हाईकोर्ट के 15 मार्च के आदेश पर पंचायतों में दोबारा तय हुए आरक्षण के बाद आपत्तियों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ी है। 11 फरवरी को तय किए गए आरक्षण के क्रम में 3 मार्च को प्रकाशित हुई पहली सूची के मुकाबले इस बार 20 से 22 मार्च के बीच प्रकाशित पहली सूची पर कई जिलों में दोगुना आपत्तियां और दावे दाखिल किये गये हैं। आरक्षण और सीटों के आवंटन से कई जिलों के ग्रामीण जनप्रतिनिधि खुश नहीं हैं।
इनमें से सबसे ज्यादा आपत्तियां व दावे ग्राम प्रधान पद के लिए हैं, इसके बाद जिला पंचायत सदस्य के पद के लिए दावे व आपत्तियां दाखिल हुई हैं। इनके निस्तारण की प्रक्रिया जारी है। गुरूवार से शुक्रवार के बीच इनका निस्तारण कर अंतिम सूचियां प्रकाशित कर दी जाएंगी।
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी नए कार्यक्रम के अनुसार आज और कल इन दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। कुछ जिलों में कल से ही अंतिम सूचियों का प्रकाशन भी शुरू हो जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के तहत इन अंतिम सूचियों को 26 मार्च तक जारी किया जाना है। उसी दिन सभी जिलों से आरक्षित व अनारक्षित की गयी सीटों का पूरा ब्यौरा पंचायतीराज निदेशालय को भेज दिया जाएगा और निदेशालय भी उसी दिन राज्य निर्वाचन आयोग को यह ब्यौरा सौंप देगा।
कहां कितनी आईं दावे और आपत्तियां
जिला पिछली बार इस बार
प्रयागराज 900 2000
लखनऊ 671 1000 से अधिक
बाराबंकी 537 936
बहराइच 357 704
गोण्डा 907 953
मेरठ 475 370
शामली 140 128
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