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लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वॉल राइटिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने वाले उन प्रत्याशियों का पर्चा खारिज हो जाएगा, जिन्होंने प्रचार-प्रसार के लिए गांव की दीवारों का सहारा लिया है। वहीं पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को नामांकन पत्र में झूठी सूचना देने से बचने को कहा गया है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को प्रचार-प्रसार करने की सीमाएं निश्चित की गई हैं। ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य के लिए 75,000-75000 रुपए, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए दस हजार रुपए और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 1,50,000 रुपए खर्च करने की सीमा निश्चित की गई है। प्रचार-प्रसार के लिए निश्चित धनराशि से अधिक खर्च करने वालों पर चुनाव आयोग की गाज गिर सकती है। वहीं पंचायत चुनाव में वॉल राइटिंग कराने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। गांव की दीवारों पर प्रत्याशियों के नाम, चुनाव चिन्ह, वोट देने की अपील लिखवाने वाले दावेदारों का पर्चा खारिज हो सकता है। स्पष्ट आदेश हैं कि चुनाव घोषित होने के पहले अगर वॅाल राइटिंग कराई गई है, तो नामांकन से पहले उसे मिटाना होगा। नामांकन पत्र में झूठी सूचना देने वाले उम्मीदवारों का पर्चा निरस्त किया जा सकता है। 

नामांकन के दिन से शुरू हो जाएगी खर्च की गणना 
प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही खर्च की गणना भी शुरू हो जाएगी। सभी प्रत्याशियों को अपने ब्लाक के एआरओ को अपने खर्च का हिसाब देना होगा। प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी सदस्य के लिए अलग से खर्च का रजिस्टर बनाना होगा। 

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