
जेष्ठ माह के इस बार 4 बड़े मंगल हैं। 1, 8, 15 और 22 जून। एक जून को द्विपुष्कर योग, 8 और 15 जून को सर्वार्थ सिद्धि योग और 22 जून को त्रिपुष्कर योग रहेगा। पहले बड़े मंगल पर घनिष्ठा नक्षत्र स्वामी मंगल का संयोग, दूसरे बड़े मंगल पर भरणी नक्षत्र स्वामी शुक्र का संयोग, तीसरे बड़े मंगल पर अश्लेषा नक्षत्र स्वामी बुध का संयोग और चौथे बड़े मंगल पर विशाखा नक्षत्र स्वामी गुरु का संयोग विशेष फलदाई सिद्ध होगा। 24 जून को जेठ माह समाप्त हो जाएगा।
✒️ आचार्य डॉ. प्रदीप द्विवेदी लखनऊ
आज 01 जून 2021 को जयेष्ठ माह, मंगलवार, कृष्ण पक्ष, सप्तमी तिथि 12:46 तक फिर अष्टमी तिथि शुरू होगी। सूर्योदय प्रातः 05:28, सूर्यास्त 07:10, चन्द्रोदय 12:49, चन्द्रास्त अगले दिन 11:12 बजे तक, आज वैधृति नक्षत्र के साथ विष्टि करन अर्थात भद्रा (बकरी) के स्वभाव की तरह दिन का स्वभाव होगा। चन्द्र्मा कुम्भ राशि मे संचार करेगा, शुभ अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:47, राहुकाल 03:45 से 05:28 बजे तक, आज द्विपुष्कर योग के साथ आज 01 जून 2021 से पंचक प्रारंभ हो रहे है, जो 05 जून तक चलेंगे। यह मंगलवार को प्रात: 03:59 पर प्रारंभ होगा जो 5 जून 2021 शनिवार को प्रात: 11:28 पर समाप्त होगा। मंगलवार से प्रारंभ होने वाले पंचक अग्नि पंचक कहे जाते हैं। अग्नि पंचक के दौरान औजारों की खरीद, निर्माण या मशीनरी कार्यों को करने से बचना चाहिए। इस अवधि में आग लगने का भय रहता है इसीलिए इन्हें अग्नि पंचक कहा गया है। हालांकि अग्नि पंचक के दौरान कुछ विवादित कामों में सफलता भी मिल सकती है। इस अवधि में कोर्ट-कचहरी आदि के फैसले पक्ष में आ सकते हैं। अग्नि पंचक के दौरान अपने अधिकार प्राप्त करने वाले काम भी किए जा सकते हैं। इस दौरान कोई शुभ कार्य नही किये जाते हैं। ऐसे समय में इष्टदेव की आराधना करना अच्छा होता है और साथ ही मजदूरों, सफाईकर्मी व मालियों को मिठाई भी खिलाना अच्छा होता है।
डॉ. ब्रह्म भाटिया, हस्तरेखा विशेषज्ञ
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