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युवक के पड़ोसी गांव की युवती से प्रेम प्रसंग का मामला 

बिजनौर। पुलिस उत्पीडऩ से तंग एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने गुरुवार सुबह जहर खा लिया। तीनों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में तीनों को मेरठ रेफर कर दिया गया है। पीडि़त परिवार का लडक़ा पड़ोस के गांव की एक लडक़ी को लेकर फरार हो गया था। इसके बाद से ही पुलिस परिवार से पूछताछ कर रही थी। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ सिटी को सौंपी है। मंडावर थाना क्षेत्र के गांव नारायणपुर निवासी धर्मपाल, उसकी पत्नी जगवती और बेटी रविता ने गुरुवार की सुबह जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर मेरठ रैफर कर दिया गया है। आरोप है कि पुलिस और युवती के परिजनों के युवक के परिवार पर दबाव बनाने के कारण परेशान होने पर यह कदम उठाया। बुधवार की रात भी पुलिस आरोपी पक्ष के घर गई थी। दूसरे पक्ष के दवाब और तानों से तंग आकर यह कदम उठाया गया।

आर्थिक स्थिति कमजोर-धर्मपाल की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। अस्पताल में पीडि़तों के साथ आए धर्मपाल के दूसरे पुत्र ने बताया कि वह मजदूरी करता है। कई दिन से पुलिस घर आ रही थी। बार बार थाने ले जाया जाता था लेकिन उसे मालूम नहीं था कि पिता जी जहर खा लेंगे। अभी इन्हें मेरठ लेकर जा रहा हूं।

दरोगा देता था रेप की धमकी! भतीजे शीशपाल ने आरोप लगाया कि तीन दिन में दो बार पुलिसवाले घर वालों को उठा कर ले गए। घर पर आकर मारपीट करते थे। बहन के साथ दरोगा रेप करने की धमकी भी दे रहा था। इस कारण तीनों ने जहर खा लिया। शीशपाल ने दोषी पुलिसकर्मियों को सजा देने की मांग की।

पंचायत में नहीं हो सका फैसला-ग्राम प्रधान पति संजीव कुमार ने बताया कि 7 जून को धर्मपाल का बेटा रवि समीप के गांव की एक लडक़ी को लेकर फरार हो गया था। इस मामले में 2 दिन पहले हुई पंचायत में कोई नतीजा नहीं निकल पाया। लडक़ी के परिजन धर्मपाल और उसके परिवार पर अपनी बेटी को तत्काल देने की मांग पड़े थे। इसी बीच पंचायत में पहुंची मंडावर पुलिस धर्मपाल को उठाकर अपने साथ ले गई। पुलिस ने धर्मपाल को प्रताडि़त किया और अपमानित किया। कुछ ग्रामीणों की मिन्नतें करने पर देर रात धर्मपाल को छोड़ दिया। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर उसके बेटे ने लडक़ी नहीं लौटाई तो वे उसे परिवार सहित जेल भेज देंगे। इससे परेशान होकर धर्मपाल ने अपने और पूरे परिवार जान देने के इरादे से जहर खा लिया।

अपने बचाव में जुटी पुलिस- मामला जगजाहिर होते ही थाना पुलिस अपने बचाव में जुट गई। बताया जाता है कि पुलिस ने आनन-फानन लडक़ी के परिजनों की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने बिना मुकदमा दर्ज किए ही युवक के परिजनों पर दबाव बनाया था। ग्रामीण पुलिस की कार्यशैली से गुस्से में है।

एएसपी सिटी ने नकारे आरोप- एएसपी सिटी प्रवीण रंजन के अनुसार घटना की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया पुलिस द्वारा धर्मपाल के परिवार को प्रताड़ित किये जाने के आरोप बेबुनियाद हैं। फिर भी घटना की बारीकी से जांच की जायेगी, जो भी सच सामने आयेगा, उसके अनुसार पुलिस कार्रवाई करेगी।

CO सिटी ने स्वीकारा दबाव-सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं में पुलिस पर लड़की वालों का खासा दबाव रहता है। पुलिस पर पूछताछ करने और लड़की को बरामद करने की जिम्मेदारी होती है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस पीड़ितों के घर जरुर गई थी, लेकिन किसी को प्रताड़ित नहीं किया गया, केवल पूछताछ की गई। रवि के पिता धर्मपाल से भी पुलिस ने सामान्य रूप से पूछताछ की थी। उससे लड़का लड़की को सौंपने में मदद करने को कहा गया था।

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