
गेहूं खरीद में बिचौलिए व वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं। भुगतान में न किया जाए अनावश्यक विलंब। वरना होगी संबंधित अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज। डीएम ने किया क्रय केंद्र का निरीक्षण।
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने गेहूॅ क्रय केन्द्र के निरीक्षण के दौरान सभी केन्द्र व्यवस्थापकों को सचेत करते हुए कहा कि गेहूं क्रय कार्य में बिचौलिए की संलिप्तता तथा वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा कर सख्त दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। किसानों को गेहूं क्रय केन्द्र पर कोई समस्या होनी चाहिये।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा शुक्रवार पूर्वान्ह 10 बजे ग्राम फरीदपुर भोगी स्थित गेहूॅ क्रय केन्द्र का औचक रूप से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह, उप खाद्य विपणन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने गेहूॅ क्रय केन्द्र के निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था एवं अभिलेखों का मुआयना किया, जो सभी दुरूस्त और अद्यतन पाई गईं। उन्होंने उप खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिए कि गेहॅू विक्रय के लिए गेहूं क्रय केन्द्रों पर आने वाले किसान बन्धुओं के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए तथा केन्द्र पर उनके लिए स्वच्छ पेयजल तथा बैठने की समुचित व्यवस्था का प्रबन्ध सुनिचित किया जाए तथा भीषण गर्मी के दृष्टिगत उनके पशुओं के लिए पानी आदि की व्यवस्था का प्रबंध केन्द्र पर जरूर किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारी को सचेत करते हुए कहा कि गेहूं क्रय के कार्य में किसी भी प्रकार से बिचौलिए अथवा दलाल की संलिप्तता तथा वित्तीय अनियमितता प्रकाश में आती है, तो केन्द्र व्यवस्थापक के साथ जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि गेहूं किसानों को उनके गेहूं मूल्य का भुगतान समयपूर्वक करने की व्यवस्था करें और किसी भी अवस्था में भुगतान के मामले अनावश्यक रूप से विलम्ब न किया जाए।उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न के अवैध रूप से विक्रय का मामला प्रकाश में आता है तो जांच कर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए सख्त दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी केंन्द्र पर अनियमितता प्रमाणित होने पर केन्द्र व्यवस्थापक के विरूद्व तत्काल प्राथमिकी दर्ज करा कर उसके विरूद्व भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी केन्द्र व्यवस्थापकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि केन्द्रों पर बारदाना सहित किसी भी सामग्री की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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