सीएमओ व सीएमएस से नाराज हुए डीएम लेटलतीफी पर कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश। अवर अभियन्ता की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि का अंकन करने के निर्देश। आरटीपीसीआर जांच लैब निर्माण में विलंब का मामला।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले को पूर्णतय: कोरोना वायरस मुक्त बनाने और सम्भावित तीसरी लहर का निपुणता एवं सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए प्रयासों के दृष्टिगत जिला अस्पताल परिसर में कोविड-19 वायरस की आरटीपीसीआर जांच के लिए निर्मित होने वाली लैब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनावश्यक रूप से विलम्ब होने के कारण अभी तक कार्य अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने विभागीय अवर अभियन्ता की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि का अंकन करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के प्रति नाराजग़ी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं किया जाता है तो उसको ब्लैक लिस्ट में डाला जाए और भविष्य में कोई शासकीय कार्य उनसे न कराया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 वायरस की जांच के नमूने जिले से बाहर भेजे जाते हैं, जिसकी वजह से जांच परिणाम देरी से उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि उक्त समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल परिसर में शासन द्वारा कोविड-19 वायरस टेस्टिंग लैब बनाने की स्वीकृति प्रदान करते हुए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई थी ताकि समयपूर्वक जिलावसियों को स्थानीय स्तर पर कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध हो सके।

उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य में अनावश्यक रूप से किए जा रहे विलम्ब पर अपनी कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को यथाशीघ्र पूर्ण गुणवत्ता के साथ लेब के निर्माण का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके निगम, मुख्य चिकित्साधीक्षक सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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