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लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बहुजन समाज पार्टी बड़ी टूट की कगार पर है। बागी विधायक नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। फिलहाल 11 विधायकों का साथ मिल चुका है। एक और विधायक मिलते ही नई पार्टी बन जाएगी। 

बसपा के बागी विधायक असलम राइनी का दावा है कि सभी बागी नई पार्टी बनाएंगे। निष्कासित लालजी वर्मा नई पार्टी के नेता होंगे। नई पार्टी बनाने के लिए 12 विधायकों की जरूरत है। फिलहाल 11 विधायकों का साथ मिल चुका है। एक और विधायक का साथ मिलते ही नई पार्टी का ऐलान कर दिया जाएगा।

इससे पहले बसपा से बगावत करने वाले विधायकों ने मंगलवार सुबह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की तो कयासों का बाजार तेज हो गया। बसपा विधायकों के सपा में जाने की चर्चा होने लगी थी। 

अखिलेश यादव से हालांकि छह विधायकों ने ही मुलाकात की थी। इनमें असलम राइनी (विधायक, भिनगा-श्रावस्ती), मुजतबा सिद्दीकी (विधायक प्रतापपुर-इलाहाबाद), हाकिम लाल बिंद (विधायक हांडिया-प्रयागराज), हरगोविंद भार्गव (विधायक सिधौली-सीतापुर), असलम अली चौधरी (विधायक, ढोलाना-हापुड़), सुषमा पटेल (विधायक, मुंगरा बादशाहपुर) शामिल बताए गए हैं। यह भी सूचना है कि तीन और विधायक बाद में पहुंचे।

लालजी-रामअचल के निष्कासन से तेज हुई कवायद
पिछले हफ्ते मायावती ने अपने दो विधायकों राम अचल राजभर और लालजी वर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसी के बाद बागी विधायकों की गतिविधियां अचानक तेज हो गईं। आरोप है कि पंचायत चुनावों के दौरान दोनों विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे। दोनों बसपा सुप्रीमो मायावती के काफी करीबी थे। दोनों के निष्कासन के बाद बसपा ने तेजी से इस्तीफों का भी दौर शुरू हो गया। वाराणसी में बड़ी संख्या में बसपा पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था। दोनों विधायक अम्बेडकरनगर जिले में बसपा कटेहरी एवं अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में काबिज थे। पूर्व मंत्री राम अचल राजभर के विरुद्ध शासन स्तर पर विभिन्न जांचें भी चल रही हैं। दोनों लोगों से बसपा छुटकारा भी पाना चाहते थी। संभवतः उनके निष्कासन की एक यह भी बड़ी वजह रही। दोनों नेता बसपा के स्थापना के समय से पार्टी से जुड़े थे।

सपा की सेंध हुई कारगर? पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव के लिए पहले बीएसपी के खेमे में सेंध लगाने की कोशिश की थी। उस दौरान बसपा के 7 विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया गया था और हाल ही में बसपा ने अपने दो वरिष्ठ विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया है। 

इसीलिए मची हलचल- इन हालात में यूपी की सियासत में हलचल मची हुई है। बताया जा रहा है कि बसपा पूरी तरह टूटने की कगार पर है। सूत्रों का। दावा यह भी है कि सभी बागी विधायक बहुत जल्द सपा का दामन थाम कर आगामी विधानसभा चुनाव सपा के बैनर तले लड़ेंगे। अखिलेश यादव का कहना है कि बसपा के बागी विधायकों के आने से सपा को बहुत बड़ा बल मिलेगा। सब के सहयोग से मिशन 2022 को पूरा कर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएंगे।

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