
🙏बुरा मानो या भला🙏
जागो ब्राह्मण जागो। ब्राह्मणों को वेदों की ओर लौटना ही होगा: मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
ब्राह्मण समाज की आज स्थिति ठीक वैसी ही है जैसे कि उस रस्सी की होती है जो पूरी जल जाने के बाद भी बल नहीं छोड़ती। ब्राह्मण समाज अभी तक भगवान श्री परशुराम के नाम की दुहाई देता है, जिन्होंने 21 बार इस पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन किया था। …परन्तु यहां वह यह भूल जाता है कि भगवान श्री परशुराम स्वयं भगवान श्रीराम के सामने शांत हो गए थे, जबकि श्रीराम सूर्यवंशी क्षत्रिय थे।
अपने अंदर के परशुराम को जगाओ- ब्राह्मणों को लगता है कि फिर कोई परशुराम पैदा होंगे और फरसा लेकर आतताईयों का नाश करेंगे। ब्राह्मणों को समझ लेना चाहिए कि अब कोई परशुराम उनकी रक्षा के लिए नहीं आएंगे क्योंकि परशुराम तो प्रत्येक ब्राह्मण में है, आवश्यकता केवल उसे जगाने मात्र की है। इसलिए अपने अंदर के परशुराम को जगाओ।अपने अंदर के परशुराम को जगाने के लिए ब्राह्मण को शस्त्र और शास्त्र दोनों में ही पारंगत होना चाहिए, क्योंकि ब्राह्मण श्री परशुराम के वंशज हैं, जो कि स्वयं शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता थे। इसलिए ब्राह्मणों को चाहिए कि वह सम्पूर्ण समाज को शस्त्र और शास्त्र की विधिवत शिक्षा दें।
आज ब्राह्मण वेद को भूल बैठा है, अपने वास्तविक कर्म को भूल गया है, वह सरस्वती को भूल लक्ष्मी का दास बनने का प्रयास कर रहा है, इसीलिए वह उल्लू की तरह होकर रह गया है, क्योंकि लक्ष्मी का दास उल्लू ही होता है।
आर्य का अर्थ श्रेष्ठ है- ब्राह्मणों को पाखंड और अंधविश्वास के काले मार्ग को छोड़कर वेदों की ओर वापस लौटना होगा, क्योंकि जो वेदों को जानता है वही ब्राह्मण है। ब्राह्मण ही आर्य है और आर्य ही ब्राह्मण है। आर्य का अर्थ श्रेष्ठ है। ब्राह्मणों का यह कर्तव्य बनता है कि वह सम्पूर्ण जगत को आर्य बनाएं।
जब तक हिंदुत्व है तभी तक ब्राह्मणत्व- हिन्दू समाज जिस प्रकार से अपने धर्म से विमुख होकर अन्य धर्मों की शरण ले रहा है, उस सबके लिए भी ब्राह्मण समाज ही उत्तरदायी है। हिंदुत्व की रक्षा के लिए ब्राह्मणों को आगे आना होगा, क्योंकि जब तक हिंदुत्व है तभी तक ब्राह्मणत्व है। यदि ब्राह्मण स्वयं हिंदुत्व की रक्षा नहीं कर सकते तो उस प्रत्येक व्यक्ति को सहयोग और उसका उत्साहवर्धन तो कर ही सकते हैं जो हिन्दू, हिंदुत्व और हिन्दुराष्ट्र की रक्षा के लिए प्रयास कर रहा है।
🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-
(नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)
विशेष नोट- उपरोक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। उगता भारत समाचार पत्र एवं newsdaily24 के सम्पादक मंडल का उनसे सहमत होना न होना आवश्यक नहीं है।
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