
कोटेदारों द्वारा किए जा रहे गबन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नया फरमान, किसी भी प्रकार की धांधली होने पर इस नंबर पर करें संपर्क….
Posted by “Shubham Vishwakarma”
लखनऊ। पीडीएस यानी कि सामाजिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सभी सरकारी गल्लों की दुकान पर अब बायोमैट्रिक सेवा द्वारा राशन का वितरण किया जाता है। ..परंतु कोटेदारों द्वारा अपनी दुकानों पर माप तौल के लिए अभी भी बटकरें और तराजू का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में कई स्थानों से लगातार शिकायतें प्राप्त हुई थी कि कोटेदार राशन में मिलावट और वजन में हेराफेरी करते हैं। बात जब मुख्यमंत्री तक पहुंची तो उन्होंने कोटेदारों द्वारा किए जा रहे इस गबन पर लगाम लगाने हेतु एक फरमान जारी किया।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि अगर अब वह किसी कोटेदार को वजन या राशन की गुणवत्ता में धांधली करते हुए पकड़ते हैं तो तुरंत 1076 या 1075 पर अपनी शिकायत तुरंत दर्ज करें। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस मामले की त्वरित सुनवाई कर दोषी को तुरंत दंडित किया जाएगा।
कैसे होती है कमाई कोटेदारों की:-
सरकारी अनाज के गोदाम से कोटेदार के दुकान तक राशन उत्तर प्रदेश सरकार अपने खर्च से पहुंचाती हैं। कोटेदार को राशन पर 70 पैसा प्रति किलो की दर से कमीशन मिलता है। उदाहरण से समझ जाए तो किसी पात्र व्यक्ति का सिर्फ एक यूनिट है यानी 5 किलो तो कोटेदार का कमीशन होगा 5×70पैसा=3 र 50 पैसा। किसी पात्र परिवार जिसके 4 यूनिट उसमे कोटेदार को 14 रुपया मिलते हैं। ऐसे में ज्यादा कमाई करने के उद्देश्य से कोटेदार राशन की गुणवत्ता में मिलावट करते हैं या फिर राशन की तौल करते वक्त हेराफेरी करते हैं
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