
बिजनौर (दीपक कुमार)। सहकारी गन्ना विकास समिति में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गन्ना किसानों को गन्ने की बुआई और बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी गई।
गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र मुरादाबाद के तत्वावधान में आयोजित शिविर में किसानों को गन्ने की फसल संबंधी विभिन्न जानकारी दी गई। इसके अलावा सहफसली खेती पर भी जोर दिया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों को गन्ने की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीज की बुआई करनी चाहिए। उर्वरकों का प्रयोग भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दलेश्वर मिश्र ने बताया की वैज्ञानिक विधि से गन्ने की खेती करने से और भी अच्छी पैदावार होती है। उन्होंने फसल को लगने वाली बीमारियों व उसके बचाव के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामान्य गन्ने की बुवाई से जमीन मजबूत होती है। प्रत्येक किसान को चाहिए की एक बीघा में पांच कुंतल गन्ने की बुवाई करें। किसानों को गन्ने की पैदावार लेने के लिए अच्छे बीज की बुवाई करनी चाहिए तथा उर्वरकों का प्रयोग भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

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