सीडीओ ने दिए औद्योगिक आस्थानों की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस की व्यवस्था दुरस्त करने के निर्देश।

बिजनौर। मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिला उद्योग बन्धुओं की बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग, अग्रणी जिला बैक प्रबन्धक, संबंधित विभागीय अधिकारी सहित अन्य उद्योग बन्धु एवं व्यापार बन्धु मौजूद थे।
कानून व्यवस्था बिन्दु की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह से उद्योग बंधुओं द्वारा औद्योगिक आस्थानों में सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस की व्यवस्था दुरस्त करने के निर्देश दिये तथा बिजनौर चीनी मिल रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम की स्थिति से निपटने के लिऐ आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। औद्योगिक आस्थानों के रख-रखाव, रिक्त भूखण्डों, भूखड हस्तांतरण, अवैध कब्जों की समीक्षा के द्वौरान यह संज्ञान में आया कि औद्योगिक आस्थान बिजनौर की पानी की टंकी बहुत जीर्णक्षीण है। उक्त के सन्दर्भ में हाइड्रिल से वाटर सप्लाई की सम्भावनाओं पर विचार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निवेश मित्र पोर्टल पर सूचना तकनीकी विभाग की आई शिकायतों का समाधान यथा शीघ्र करने को कहा। ओडीओपी योजना की समीक्षा के अन्तर्गत हुई धीमी प्रगति के लिये बैंक संबंधी कारणों से एलडीएम को यथाशीघ्र निस्तारण के निदेश दिये। उन्होंने प्रधान मन्त्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, जैम पोर्टल, मुख्य मंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुद्रा योजना की प्रगति पर सन्तुष्टि जाहिर की। साथ ही उद्योग बन्धुओं से 4 अक्टूबर को आयोजित रोजगार मेले में प्रतिभाग करने तथा अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर उपलब्ध करवाने का आवाह्न किया। व्यापार संघ द्वारा नगीना रोड में गढढे होने की शिकायत के सन्दर्भ में कहा कि यह रोड यथाशीघ्र गढढा मुक्त हो जायेगी।
इसके अलावा उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उद्योग बन्धुओं की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें, किसी भी शिकायत की पुनरावृत्ति न होने पाये और आने वाली बैठक से पहले इन शिकायतों का शत प्रतिशत रूप से एवं गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण हो जाना चाहिए। उन्होंने बैंकों में लम्बित पड़े प्रकरणों को अग्रणी बैक प्रबन्धक के साथ सामजस्य स्थापित कर यथाशीघ्र निस्तारित कराने के निर्देश दिये। मुख्य विकास अधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र में योजनाओ के लक्ष्यों को वरीयता के आधार पर पूरा करना सुनिश्चित करें और जिले के आमजन को नए उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित करें ताकि जिले का औद्योगिक विकास सम्भव हो सके।
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